27/08/2022
एक उम्र के बाद जब नौकरियां नहीं लगते है तो ये किताबें अर्थिया लगती है और डिग्रियां कफ़न लगते है।
Founder @aagaazindia | Engineer | |Love 4 Poetry| #politics #economics #culture #religion
27/08/2022
एक उम्र के बाद जब नौकरियां नहीं लगते है तो ये किताबें अर्थिया लगती है और डिग्रियां कफ़न लगते है।
अपनी जिंदगी भी एक शतरंज की तरह है,
खेल खत्म होने के बाद राजा और सिपाही,
एक ही डब्बे में पड़े होते है।
02/08/2020
#बेरोजगारी
29/07/2020
हिटलर ने कहा था कि आम जनता को इतना निचोरों कि वो जिंदा रहना ही विकाश समझे वही हाल आज बिहार का है..
28/03/2020
मैंने शहर में बहुत गरीब देखा है,
जिनके पास सिर्फ़ "पैसा ही" है....😠😡
27/03/2020
No Words...🤐
Plz Read Again....🙏
27/03/2020
🙏
23/03/2020
5th Anniversary Of Our Aagaaz India Foundation
"अपना आग़ाज़ - सबका आग़ाज़"
..
ये वक़्त है आगाज़ का....
13/09/2019
28/06/2019
Epic...
26/06/2019
Just let it go...