11/12/2024
आरक्षी अधीक्षक, औरंगाबाद को ज्ञापन
प्रेषक: भाकपा (माले), जिला कमिटी औरंगाबाद दिनांक – 11/12/2024
प्रेषित: आरक्षी अधीक्षक, औरंगाबाद
विषय - बलात्कार और हत्या की घटना को थाना प्रभारी माली द्वारा बीमारी और आत्महत्या बता कर अपराधियों को बचाने का संबंध में I
इस सन्दर्भ में हमें कहना है की पीड़िता पूजा कुमारी (उम्र – 15 वर्ष) जिनके मां-बाप गुजर चुके उनके परिवार में उनके बड़े भाई दुखीराम, उम्र 30 वर्ष एवं अजय राम 16 वर्ष घटना के दिन उस वक्त धान काटने गए हुए थे, उस वक्त पीड़िता और दुखीराम का लड़का जिसकी उम्र 8 साल जो उस घटना का चश्मदीद गवाह है जो देखा कि दोनों लड़का विपुल सिंह और दीपू कुमार सिंह जो की गांजा पीने के लिए माचिस मांग कर ले गया फिर वे लोग माचिस वापस करने आए और धक्का देकर के पीड़िता को घर में धकेल दिए और दरवाजा बंद कर दिए, तत्पश्चात उन लोगों के द्वारा पीड़िता का बलात्कार किया गया और हत्या करके वापस चले गए I उन लोगों के जाने के बाद दुखीराम का 8 वर्षीय लड़का घर में गया और अपनी बुआ को बेहोश अवस्था में पाया और देखकर के वापस खेत में अपने पिता और चाचा को बताने के लिए गया तब वह लोग वहां से आए तब जाकर के देखा कि मेरी बहन मृत अवस्था में पड़ी हुई है और उसके साथ गलत हुआ है I इस आशय का सूचना देने के लिए जब दोनों भाई थाना पर गए तो थाना प्रभारी ने पुलिस बल भेजा, उसी क्रममें थाना प्रभारी और गाँव के कुछ सामंतवादी लोगों के द्वारा दबाव बनाकर के बीमारी से मृत्यु का केस दर्ज करने के लिए दवाब बनाया गया, इसी क्रम में ग्रामीणों के विरोध करने पर महिला पुलिस की भी टीम घटनास्थल पर पहुंची और उन लोगों ने महिला का प्राइवेट पार्ट का भी निरीक्षण किया और इसे बलात्कार का मामला बताया गया और तब ग्रामीणों द्वारा रमेश चौक औरंगाबाद पर शव को रख कर रमेश चौक को एक से डेढ़ घंटे तक जाम किया गया, तब औरंगाबाद नगर थाना के लोग आए और आश्वासन दिया गया की पीड़ित परिवार के फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होगा और ततपश्चात शव को लोग सदर अस्पताल ले गए और वहीँ पर प्राथमिकी दर्ज हुई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया I
इस पूरी घटना को जानने समझने के पश्चात थाना प्रभारी माली पूरी तरह से संदेह के घेरे में हैं और और यह अंदेशा जताया जा रहा है कि उनके द्वारा साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ किया जा सकता है इसलिए हम लोग मांग करते हैं कि अविलंब थाना प्रभारी माली को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और इस घटना की पूरी जांच SIT टीम गठित करके की जाए ताकि दोषी बचे नहीं और निर्दोष फंसे नहीं I