Business Training by Shahnawaz Chaudhary Bhartiya

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यदि आप चाहते हैं कि कोई आपका Record न तोड़े तो अपने Record खुद तोड़ते रहिए।

05/06/2026

ऐसे कर सकती है जनता आने वाली आर्थिक मंदी से मुक़ाबला। #कर्जामुक्ति

05/06/2026

मैं देश के व्यापारियों, युवाओं और क़र्ज़े के कारण परेशान लोगों का साथ देने पहुँच रहा हूँ 6 जून सुबह 11 बजे जंतर-मंतर। आप सभी पहुँचिए।

04/06/2026

सुनें और अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाइये यह अपील। #कर्जामुक्ति

04/06/2026

आप भी सुनें और देश के हर नागरिक तक पहुंचाएं।

04/06/2026

सरकार आखिर कब जागेगी और कब करेगी जनता की मदद? #कर्जामुक्ति

03/06/2026

हम भी यही कह रहे हैं। बस फर्क इतना है कि ये वही व्यक्ति हैं जो मोदी जी की सरकार में वित्त सचिव रह चुके हैं। उनके बयान का हिन्दी अनुवाद आप सभी के लिए प्रस्तुत है। पढ़िए और सतर्क हो जाइये।

उन्होंने कहा है कि

“ मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में भारत की अर्थव्यवस्था ‘फ्रैजाइल फाइव’ (Fragile Five) से आगे बढ़कर ‘वल्नरेबल वन’ (Vulnerable One) बन गई है। आज दुनिया की कोई भी बड़ी अर्थव्यवस्था विकास दर, महंगाई, निवेश, निर्यात और राजकोषीय घाटे के झटकों के प्रति भारत जितनी संवेदनशील नहीं है। आने वाले दिन कठिन और चिंताजनक हो सकते हैं। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और सुधारों ने भारत को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया है”

उनका पूरा लेख English में यहाँ जाकर पढ़ सकते हैं।

https://x.com/subhashgarg1960/status/2061727494202339455?s=46

03/06/2026

मेरा मानना है कि भारत में इस समय वे सभी कारण मौजूद हैं जो किसी भी क्रांति की शुरुआत करने के लिए चाहिए होते हैं।

इस समय देश के युवा परेशान हैं, लगातार पेपर लीक की घटनाएँ हो रही हैं और न तो सरकार पेपर लीक को रोकने में सफल हो पा रही और न ही किसी बड़े ज़िम्मेदार नेता या मंत्री को ही उसके पद से हटाकर यह दिखा पा रही कि वह इस मुद्दे की गंभीरता को समझ रही है।

लगातार देश में बेरोजगारी का बढ़ना, व्यापारियों और नागरिकों का कर्ज़ की दलदल में फँसते जाना और सरकार का इसपर कोई ध्यान न देना भी इस आग में घी का काम कर रहा है।

यह सब तो लगातार चल ही रहा था परन्तु इस वर्ष CBSE ने जो OSM की प्रक्रिया बिना तैयारी के शुरू की और उससे जो बच्चों के परिणाम ख़राब हुए उस घटना ने न केवल सरकार के विरोधियों बल्कि सरकार के समर्थकों को भी सरकार की आलोचना करने पर मजबूर कर दिया है।

यदि कोई और सरकार होती तो बहुत आसानी से इस मसले को हल कर सकती थी, बच्चों की मांग पर यदि तुरन्त शिक्षा मंत्री को बदल दिया जाता, CBSE ऐसे बच्चों को Grace Marks दे देती जिनके तीन या चार विषय में 90% अंक हैं और एक या दो विषय में बहुत कम अंक आए हैं, यदि सरकार CBSE को सख्ती के साथ यह आदेश देती कि सभी बच्चों के पेपर Teachers से चैक कराए जाए जिन भी बच्चों को अपने नम्बर कम लग रहे हैं तो शायद यह आग थोड़ी शांत हो जाती।

परन्तु सरकार ने बजाय यह सब करने के शिक्षा मंत्री को न हटाकर बच्चों और माता-पिता की नाराज़गी को और बढ़ा दिया। CBSE की Re Evaluation Portal ने भी समस्या को कम करने की बजाय उसे और बढ़ाने का ही काम किया और रही सही कसर CUET Exam में हुई गड़बड़ी ने पूरी कर दी।

ये घटनाएँ ऐसे समय और इतनी तेज़ी से हुई हैं कि उन्होंने बच्चों और माता पिता के मन में सरकार के बारे में यह छवी बना दी है कि सरकार को शिक्षा से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे समय में मुख्य न्यायाधीश का युवाओं को कॉकरोच की संज्ञा दिया जाना और उस मुद्दे पर युवाओं का एकजुट होकर कॉकरोच क्रांति शुरू कर देना यह बता रहा है कि क्रांति तो शुरू हो चुकी है ।

अब बस यह देखना बाकी है कि यह क्रांति सड़क पर जो 6 जून को उतरने वाली है उसमें कितने लोग शामिल होते हैं तथा यह क्रांति उस दिन क्या रूप लेती है।

जिन भी देशों में Gen Z क्रांति हुई है उन सभी देशों में हालात कुछ ऐसे ही बने हैं जब युवा संगठित हुए और देखते ही देखते एक छोटी चिंगारी ने क्रांति का रूप ले लिया।

शाहनवाज चौधरी भारतीय

03/06/2026

क़र्ज़े के कारण परेशान लोग अब ले सकते हैं बड़ा फ़ैसला। #कर्जामुक्ति

02/06/2026

ऐसे कर सकते हैं आप आने वाली आर्थिक मंदी से मुक़ाबला। #कर्जामुक्ति

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