19/03/2026
CRPF में 20 अतिरिक्त बटालियन सृजित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
BSF में दो अतिरिक्त सेक्टर मुख्यालय तथा 16 बटालियन सृजित किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
SSB में एक नए सेक्टर और 12 बटालियन तो वहीं असम राइफल AR में पांच बटालियन सृजित करने का प्रस्ताव MHA को भेजा गया है। #सीएपीएफ
13/03/2026
ड्यूटी हर तरह की चाहिए लेकिन सुविधा मांगे तो बिजली पानी भी मत दो
10/03/2026
स्थापना: CISF की स्थापना 10 मार्च 1969 को संसद के एक अधिनियम के तहत की गई थी।
उद्देश्य: शुरुआत में इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कारखानों और औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा प्रदान करना था, लेकिन अब यह एयरपोर्ट, मेट्रो, परमाणु संस्थानों और वीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभालता है।
समारोह: इस दिन भव्य परेड, साहसिक प्रदर्शन और उत्कृष्ट सेवा देने वाले जवानों को सम्मानित किया जाता है। हाल ही में (6 मार्च 2026 को) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के मुंडाली में आयोजित 57वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया था।
08/03/2026
सीएपीएफ (CAPF) के जवानों का जीवन चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों से भरा होता है। ड्यूटी की प्रकृति ऐसी है कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है।
जवानों की खुशहाली के लिए कुछ मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. परिवार से जुड़ाव
एक जवान के लिए उसका परिवार सबसे बड़ी ताकत होता है।
नियमित बातचीत: तकनीक के दौर में वीडियो कॉल या फोन के जरिए परिवार से जुड़े रहना मानसिक तनाव को कम करता है।
क्वालिटी टाइम: छुट्टियों के दौरान पूरी तरह से परिवार के साथ समय बिताना और काम की बातों को दूर रखना जरूरी है।
2. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन
लगातार कठिन क्षेत्रों में तैनाती से मानसिक थकान हो सकती है।
योग और ध्यान: प्रतिदिन 15-20 मिनट का ध्यान (Meditation) मन को शांत रखने में मदद करता है।
अपनी बात साझा करना: अपने साथियों या भरोसेमंद दोस्तों से मन की बात साझा करने से बोझ हल्का होता है।
3. स्वस्थ जीवनशैली
शारीरिक रूप से फिट रहने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से भी अधिक खुश रहता है।
संतुलित आहार: मेस के खाने में भी संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन ऊर्जा बनाए रखता है।
पर्याप्त नींद: ड्यूटी के घंटों के बीच जब भी संभव हो, गहरी नींद लेने की कोशिश करें।
4. शौक और मनोरंजन (Hobbies)
खाली समय में अपनी पसंद का काम करना तनाव कम करने का सबसे अच्छा तरीका है।
चाहे वह संगीत सुनना हो, किताबें पढ़ना हो, खेलकूद हो या सोशल मीडिया पर कुछ रचनात्मक करना, यह मन को तरोताजा रखता है।
5. साथियों के साथ भाईचारा
यूनिट और बटालियन में साथियों के साथ अच्छे संबंध एक 'दूसरे परिवार' जैसा अहसास कराते हैं।
साथ मिलकर त्यौहार मनाना या खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेना अकेलेपन को दूर करता है।
07/03/2026
केंद्र सरकार की बड़ी सौगात: NSG जवानों के लिए खुशखबरी!
गृह मंत्रालय (MHA) ने National Security Guard (NSG) में सेवा दे रहे वीर जवानों के हक में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब देश के 'ब्लैक कैट' कमांडो और भी अधिक समय तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
📌 मुख्य बिंदु:
अवधि में विस्तार: केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) और असम राइफल्स के जवानों की डेपुटेशन अवधि अब 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी गई है।
किसे होगा लाभ: यह नियम उन सभी जवानों पर लागू होगा जो प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर NSG में तैनात हैं।
उद्देश्य: जवानों के अनुभव का बेहतर उपयोग करना और देश की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना।
गृह मंत्रालय का यह कदम न केवल जवानों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उनकी विशेषज्ञता और ट्रेनिंग का लाभ भी लंबे समय तक देश को मिलेगा। 🇮🇳
04/03/2026
यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, नफरत पर प्यार की जीत और अंधेरे पर रोशनी की जीत का प्रतीक है। आइए, हम भी इस अवसर पर अपने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाएं और मिलजुल कर इस त्योहार को मनाएं। 🥰
इस होली पर, हम देश के उन वीर जवानों को भी याद करते हैं जो हमारी सुरक्षा के लिए सीमाओं पर तैनात हैं और देशवासियों को होली मनाने का मौका देते हैं। उनकी बहादुरी और बलिदान को नमन! 🇮🇳
आप सभी को एक बार फिर से होली की ढेरों शुभकामनाएं! आशा है कि यह त्योहार आपके जीवन में ढेर सारे रंग, खुशियां और समृद्धि लेकर आए। ✨💖 #होली
02/03/2026
केरल सरकार ने कल में विकल्प के रूप में एश्योर्ड पेंशन स्कीम शुरू की है। मतलब एक तरह की स्कीम। इसमें 50% एश्योर्ड पेंशन तभी मिलेगी जब नौकरी कम से कम 30 वर्ष की रही हो, अगर इसमें कर्मचारी अंशदान वापिस मिल रहा है तो ये UPS से कुछ बेहतर स्कीम हो सकती है
02/03/2026
🌈 “देश की सुरक्षा में तैनात वीर जवानों और उनके परिवारों को समर्पित – होली की हार्दिक शुभकामनाएं” 🇮🇳
जय हिंद 🇮🇳
01/03/2026
🧢 सीएपीएफ जवानों के लिए "खेल" क्यों है जीत की पहली सीढ़ी
एक जवान के लिए मैदान सिर्फ सरहद पर नहीं, बल्कि खेल के मैदान में भी होता है। जानिए क्यों हर जवान के लिए रोज़ाना खेलना ज़रूरी है:
1. मानसिक तनाव से मुक्ति (Stress Buster)
लगातार हाई-अलर्ट ड्यूटी और घर से दूरी मानसिक थकान पैदा कर सकती है। खेल के दौरान शरीर में 'एंडोर्फिन' हार्मोन रिलीज होता है, जो तनाव को कम कर चेहरे पर मुस्कान लाता है।
2. टीम भावना और सामंजस्य (Team Bonding)
मैदान पर साथ पसीना बहाने से जवानों के बीच आपसी भरोसा और तालमेल बढ़ता है। जो टीम खेल में एक-दूसरे का साथ देती है, वही मोर्चे पर भी अभेद्य दीवार बनकर खड़ी होती है।
3. फुर्ती और निर्णय लेने की क्षमता (Agility & Decision Making)
फुटबॉल, वॉलीबॉल या बैडमिंटन जैसे खेल न केवल शारीरिक मजबूती देते हैं, बल्कि पलक झपकते ही सही निर्णय लेने की क्षमता को भी निखारते हैं—जो एक जवान के लिए बेहद अहम है।
4. अकेलापन दूर करने का ज़रिया
जब जवान खेल में व्यस्त होते हैं, तो वे अकेलेपन या नकारात्मक विचारों से दूर रहते हैं। खेल उन्हें अनुशासन के साथ-साथ खुश रहने का नया नजरिया देता है।
"जो मैदान में पसीना बहाता है, उसे रणभूमि में खून बहाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।"
27/02/2026
8th पे कमीशन में परिवार यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग बहुत ही सही है, ये जरूर होना चाहिए
27/02/2026
सुरक्षा में सेंध की आशंका: बीएसएफ के ऑफिसर्स मेस से वाईफाई हटेगा, स्मार्ट टीवी भी किए जाएंगे बंद; मांगे विकल्प