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29/05/2026

फिरोजाबाद में महातूफान का अलर्ट: 100 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी

डीएम की अपील— अफवाहों से बचें, सतर्कता ही सुरक्षा है; घरों में ही रहें नागरिक'

फिरोजाबाद। जनपद फिरोजाबाद और इसके आस पास के इलाकों के लिए अगले 48 घंटे बेहद भारी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई भयानक चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आम जनता के नाम एक बेहद जरूरी और विस्तृत अपील जारी की है जिसमें लोगों से सावधानी बरतने को कहा गया है।

मौसम केंद्र लखनऊ के मुताबिक, 29 मई शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से लेकर 30 मई शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पूरे जिले में कुदरत का कहर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इस दौरान जिले में ये पांच बड़ी मुसीबतें एक साथ आ सकती हैं। 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और धूलभरी हवाएं, आसमान से कड़कड़ाती बिजली गिरना, भयंकर मेघगर्जन, मूसलाधार भारी बारिश और कई इलाकों में भारी ओले गिरना।

जिलाधिकारी ने सभी जनपदवासियों से कहा है कि इस चेतावनी को बिल्कुल भी हल्के में न लें। प्रशासन ने बचाव के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं।

आंधी तूफान के वक्त बरतें ये सावधानी: जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, घर से बाहर कदम न निकालें। कमजोर मकानों, कच्चे घरों, टिन शेड, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों और होर्डिंग्स के पास बिल्कुल खड़े न हों। बाइक सवार तुरंत हेलमेट पहनें और मौसम खराब होने पर किसी सुरक्षित छत के नीचे रुक जाएं। खुले में खड़ी अपनी गाड़ियों को सुरक्षित जगह पार्क करें। खिड़की दरवाजे बंद रखें और छत पर रखी ऐसी चीजें जो उड़ सकती हैं, उन्हें हटा लें।

बिजली कड़कने पर अगर आप खेत, छत या किसी मैदान में हैं, तो तुरंत वहां से हट जाएं। पेड़ के नीचे छिपने की गलती बिल्कुल न करें। मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करें और घर के टीवी, फ्रिज जैसे बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें। अगर खुले में फंस जाएं, तो सीधे जमीन पर लेटने के बजाय, दोनों पैर आपस में मिलाकर घुटनों के बल नीचे झुक जाएं।

किसानों और पशुपालकों के लिए खास सलाह: किसान भाई खेतों में काम तुरंत रोक दें। कटी हुई फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित कर लें। अपने गाय, भैंस और अन्य पशुओं को खुले आसमान के नीचे से हटाकर पक्के शेड में बांधें। मौसम ठीक होने तक खेतों की सिंचाई रोक दें।

भारी बारिश और जलभराव से बचें: जलभराव वाले रास्तों और नालों के पास न जाएं। बच्चों को बारिश में नहाने या बाहर घूमने के लिए न छोड़ें। कहीं भी बिजली का तार टूटा दिखे, तो उससे दूर रहें और तुरंत बिजली विभाग को खबर करें। घरों में खाने पीने का जरूरी सामान, साफ पानी और फर्स्ट एड बॉक्स तैयार रखें।

स्कूलों और संस्थानों को निर्देश: सभी स्कूल और कॉलेज प्रबंधन मौसम पर नजर रखें। खराब मौसम के दौरान बच्चों को किसी भी हाल में खुले मैदान में न ले जाया जाए और न ही कोई एक्टिविटी कराई जाए।

अफवाहों पर न दें ध्यान: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि, "सभी नागरिक सरकारी निर्देशों का पालन करें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर यकीन न करें। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, नजदीकी पुलिस थाने या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।"

29/05/2026

फिरोजाबाद

पिछले 15 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों की मिली राहत ,

देर रात्रि अचानक मौसम का बदला मिजाज ,

तेज आंधी के साथ कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी ,

15 दिनों से गर्मी की मार झेल रहे लोगों को मिली राहत ,

आगामी तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना ,

जिला अधिकारी संतोष शर्मा ने लोगों के लिए करी करीएडवाइज़री जारी ,

आगामी तीन दिनों तेज आंधी व वारिश के साथ बज्रपात होने की संभावना ,

लोगों से की अपील मौसम खराब होने पर ज्यादा जरूरी हो तभी निकले घरों से ,

अन्य सालों की अपेक्षा इस वर्ष 48.5 डिग्री तक चला गया था तापमान ।

28/05/2026

कुम्हारी कला से जुड़े परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट, कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

फिरोजाबाद। कुम्हारी कला से जुड़े लोगों की मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस द्वारा पकड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने पुलिस और प्रशासन पर गरीब कुम्हार परिवारों की रोजी-रोटी छीनने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस कार्यकर्ता और कुम्हार समाज के लोग जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे मोहल्ला अमृत नगर (वासठ) के कुम्हार समाज के लोगों ने बताया कि वे जिस मिट्टी से बर्तन बनाकर अपना जीवनयापन करते हैं, उसी मिट्टी से भरे ट्रैक्टर को बसई मोहम्मदपुर पुलिस पकड़कर थाने ले गई। लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक के पास मिट्टी ले जाने की अनुमति भी मौजूद थी, बावजूद इसके पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे सदर उप जिलाधिकारी से भी लोगों ने अपनी समस्या बताई, लेकिन उन्होंने ट्रैक्टर छुड़ाने के लिए थाने जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं क्षेत्रीय विधायक मनीष असीजा पर भी मदद न करने का आरोप लगाया गया।

रामनिवास यादव ने कहा कि एक तरफ जिले में बड़े स्तर पर अवैध मिट्टी खनन का कारोबार खुलेआम चल रहा है, जहां जेसीबी और बड़े वाहनों से मिट्टी का परिवहन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गरीब कुम्हारों को अपने पारंपरिक रोजगार के लिए मिट्टी तक नहीं लेने दी जा रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह रवैया कुम्हारी कला से जुड़े परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कुम्हार समाज के लिए मिट्टी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पकड़े गए ट्रैक्टर को तत्काल छोड़ा जाए, ताकि लोग अपना कामकाज जारी रख सकें।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि शुक्रवार को कुम्हार समाज के लोग जिलाधिकारी से मिलकर समस्या का समाधान मांगेंगे। यदि प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की तो जिला मुख्यालय पर धरना शुरू किया जाएगा, जो समस्या के समाधान तक जारी रहेगा।

इस दौरान भीकम सिंह, खेतपाल सिंह, लालाराम, मनोज कुमार, संतराम, रामसेवक, श्रीचंद, सतीश चंद्र, पप्पू प्रजापति, विजयपाल, कालीचरण, तिवारी लाल, हरवंश कुमार, रामवीर रोहित, राहुल, सनी प्रजापति, कृष्ण कुमार, आसाराम विलास, प्रेमचंद, रामशंकर, रामकुमार, सूरज, अरविंद, रामबेटी, गुड्डी देवी, महावीर सिंह, मुकेश चंद्र, रवि प्रजापति और अवनीश कुमार सहित बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग मौजूद रहे।

27/05/2026

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Photos from Firozabad News's post 27/05/2026

नियमों की अनदेखी पर 03 अवैध स्लीपर बसें सीज, चला विशेष प्रवर्तन अभियान

फिरोजाबाद। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी फिरोजाबाद द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में बुधवार, 27 मई 2026 को जनपद में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यह अभियान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन / प्रवर्तन) श्री प्रेम सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया।

अभियान के दौरान परिवहन नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित की जा रही 03 स्लीपर बसों को विभागीय टीम द्वारा सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहनों के दस्तावेजों एवं संचालन संबंधी मानकों की गहन जांच की गई।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्री प्रेम सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना वैध दस्तावेजों अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित होने वाले वाहनों के विरुद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग का यह विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

27/05/2026

अति आवश्यक / जनहित में जारी
प्रेस विज्ञप्ति एवं जनसामान्य हेतु विस्तृत अपील
कार्यालय जिलाधिकारी, फिरोजाबाद
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार दिनांक 29 मई 2026 प्रातः 08:30 बजे से 30 मई 2026 प्रातः 08:30 बजे तक जनपद फिरोजाबाद एवं आसपास के क्षेत्रों में निम्न मौसमीय घटनाओं की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है—
तेज आंधी एवं धूलभरी हवाएं
वज्रपात / आकाशीय बिजली
मेघगर्जन
भारी वर्षा
ओलावृष्टि
80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज हवाएं
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी फिरोजाबाद द्वारा समस्त जनपदवासियों से सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की जाती है।
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जनसामान्य हेतु आवश्यक सावधानियां
1. आंधी एवं तेज हवाओं के दौरान
अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
कमजोर मकानों, कच्चे भवनों एवं टिन शेड से दूर रहें।
पेड़, बिजली के खंभे, मोबाइल टावर, होर्डिंग एवं निर्माणाधीन भवनों के पास खड़े न हों।
वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।
मोटरसाइकिल चालक हेलमेट अवश्य पहनें एवं सुरक्षित स्थान पर रुकें।
खुले स्थानों पर खड़े वाहन सुरक्षित स्थान पर हटाएं।
घरों की खिड़कियां, दरवाजे एवं छत पर रखी ढीली वस्तुएं सुरक्षित कर लें।
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1. वज्रपात (आकाशीय बिजली) से बचाव
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, छत एवं ऊंचे स्थानों पर न रहें।

पेड़ के नीचे शरण न लें।
मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें एवं विद्युत उपकरणों के प्लग निकाल दें।
धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
यदि खुले में फंस जाएं तो दोनों पैर मिलाकर नीचे झुक जाएं एवं जमीन पर सीधे न लेटें।
किसान भाई खेतों में कार्य तत्काल बंद कर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
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3. भारी वर्षा के दौरान
जलभराव वाले क्षेत्रों एवं नालों के आसपास जाने से बचें।
बच्चों को बारिश के दौरान बाहर न जाने दें।
बिजली के कटे हुए तारों से दूर रहें एवं तुरंत सूचना दें।
घरों की छतों एवं जल निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें।
आवश्यक खाद्य सामग्री, पीने का पानी एवं प्राथमिक उपचार सामग्री सुरक्षित रखें।
4. किसानों हेतु विशेष सलाह
कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें एवं तिरपाल से ढक दें।
पशुओं को खुले स्थान से हटाकर सुरक्षित शेड में रखें।
कृषि यंत्र एवं उर्वरक/बीज को बारिश से सुरक्षित रखें।
मौसम सामान्य होने तक सिंचाई एवं अन्य जोखिमपूर्ण कृषि कार्य स्थगित रखें।
5. विद्यालयों एवं संस्थानों हेतु
विद्यालय प्रबंधन मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी रखें।
बच्चों को खराब मौसम में खुले मैदान में गतिविधियां न कराई जाएं।
आपातकालीन संपर्क नंबर सक्रिय रखें।
6. विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा
टूटे विद्युत तारों के संपर्क में न आएं।
बिजली चमकने के दौरान विद्युत उपकरणों का उपयोग सीमित करें।

“समस्त जनपदवासी मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें, अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन/नजदीकी पुलिस/स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।”
— जिलाधिकारी, फिरोजाबाद

27/05/2026

करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्मार्ट फुटपाथ आम जनता के किसी काम के नहीं, नगर निगम फिरोजाबाद की अनदेखी के चलते स्मार्ट फुटपाथों पर व्यापारियों ने किया कब्जा, फुटपाथ बने दुकान और सड़कें बनीं पार्किंग, पैदल राहगीरों के लिए चलना हुआ मुश्किल

फिरोजाबाद । नगर निगम प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी के चलते शहर में अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के उद्देश्य से बनाए गए फुटपाथ आज व्यापारियों और वाहन चालकों के कब्जे में दिखाई दे रहे हैं। फुटपाथों पर दुकानदारों द्वारा सामान सजाया जा रहा है, वहीं कई स्थानों पर इन्हें अवैध पार्किंग में तब्दील कर दिया गया है।
शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलने वाले लोगों को फुटपाथ छोड़कर सड़क पर चलना पड़ रहा है। इससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्मार्ट फुटपाथ अब आम जनता के किसी काम के नहीं रह गए हैं।

व्यापारियों ने फुटपाथों के अलावा सड़कों के किनारों तक अपना कब्जा जमा लिया है। कई स्थानों पर दुकानों के बाहर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं। राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम और प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है। कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रहती है, फिर दोबारा कब्जा शुरू हो जाता है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।

शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्मार्ट फुटपाथों और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो तथा नियमित अभियान चलाकर आम लोगों को राहत दिलाई जाए, ताकि पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।

खबर साभार

27/05/2026

निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से राहगीरों में दहशत, जानलेवा साबित हो सकते हैं बिना चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर लगाए फुटपाथ पर खुले छोड़े गए गड्ढे/ मैनहोल

फिरोजाबाद । शहर को आधुनिक और सुंदर बनाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे स्मार्ट फुटपाथ अब लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। रसूलपुर क्षेत्र में फुटपाथ निर्माण के दौरान जगह-जगह खुले छोड़े गए गड्ढे/ मेनहोल और अधूरे कार्य आम नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। व्यस्त सड़कों के किनारे बिना सुरक्षा इंतजाम के छोड़े गए ये गड्ढे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

शहर के कई प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट फुटपाथ निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन, निर्माण एजेंसियों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कहीं सीवर चैंबर खुले पड़े हैं तो कहीं पाइपलाइन और केबल डालने के बाद गहरे गड्ढों को बिना ढके छोड़ दिया गया है। कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात के समय खतरा और बढ़ जाता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि, सुबह-शाम टहलने वाले बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं इन गड्ढों की वजह से लगातार परेशान हो रहे हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालक भी फुटपाथ के किनारे चलते समय असंतुलित होकर गिर रहे हैं।

राहगीरों ने आरोप लगाया कि, निर्माण कार्य शुरू होने के बाद महीनों तक अधूरा छोड़ दिया जाता है। कई जगहों पर खुदाई के बाद कार्य बंद पड़ा है, जिससे धूल, गंदगी और जाम की समस्या भी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग केवल औपचारिक निरीक्षण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शहरी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण होता है। निर्माण स्थल के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, पर्याप्त रोशनी और अस्थायी सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना जरूरी होता है। लेकिन शहर में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा, जो गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।

सामाजिक संगठनों और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि, यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने खुले गड्ढों को तुरंत भरने, निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

उधर, नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्यों की निगरानी की जा रही है और जहां सुरक्षा संबंधी शिकायतें मिली हैं, वहां संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने दावा किया कि जल्द ही सभी अधूरे कार्य पूरे करा दिए जाएंगे।

फिलहाल शहरवासी यही सवाल उठा रहे हैं कि, स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर किए जा रहे निर्माण आखिर लोगों की सुविधा के लिए हैं या उनकी जान जोखिम में डालने के लिए।
खबर साभार

27/05/2026

वन विभाग के अधिकारियों ने सरकारी ट्रॉमा सेंटर में की जांच, गर्माया मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल द्वारा अवैध रूप से हरे पेड़ों को कटवाए जाने का मामला

फिरोजाबाद । सरकारी ट्रॉमा सेंटर परिसर में हरे पेड़ों की अवैध कटाई के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के आदेश पर वन विभाग की टीम ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के निर्देश पर बिना अनुमति कई हरे पेड़ों को कटवा दिया गया। जिसकी शिकायत आर टी आई एक्टिविस्ट राजीव शर्मा ने जिलाधिकारी से की।

आर टी आई एक्टिविस्ट राजीव शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं सरकारी संस्थानों में ही नियमों की अनदेखी कर हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। ट्रॉमा सेंटर परिसर में बीते दिनों अचानक पेड़ों की कटाई कराई गई थी। जिसकी कई बार शिकायत की गई लेकिन, हर बार शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया गया। उसके बाद उन्होंने, जिलाधिकारी आईएएस संतोष कुमार शर्मा के समक्ष पुनः शिकायत प्रस्तुत करते हुए दोषी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की। जांच के लिए वन विभाग को निर्देशित किया गया।

शिकायत मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों की टीम शिकायतकर्ता के साथ मौके पर पहुंची और कटे हुए पेड़ों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि पेड़ों के ठूंठ अब भी परिसर में मौजूद हैं। जिससे, हाल ही में कटाई किए जाने की पुष्टि होती है। वन विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से पेड़ों की कटाई संबंधी अनुमति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे। प्रारंभिक जांच में विभाग को वैध अनुमति से जुड़े स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिले हैं। ऐसे में मामला और अधिक संदिग्ध माना जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि, यदि बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन में भी हलचल मची हुई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रिंसिपल पर निर्माण कार्य के नाम पर पेड़ों को हटाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

वन विभाग ने कहा है कि, जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे

26/05/2026

1 बैरल कच्चा तेल = 159 लीटर कच्चा तेल।
1 बैरल कच्चा तेल से निकलता है 43% पेट्रोल, 23% डीजल, 9% एटीएफ, 5% पेट कोक, बाकी 20% में मरीन फ्यूल, एस्फाल्ट और कई अन्य पेट्रोकेमिकल।
कच्चा तेल का इंडिया बास्केट है 106.26 डॉलर पर। यह भारत सरकार का दिया हुआ भाव है 22 मई का। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज 92 डॉलर पर गिरा हुआ है। सरकार ने अभी 22 मई के बाद का भाव अपडेट नहीं किया है। जब करेगी तो इंडिया बास्केट भी 100 डॉलर के नीचे आ जायेगा। पर अभी सुविधा के लिए 100 डॉलर ही मान लेते हैं।
अभी एक डॉलर में आ रहे हैं 95.35 रुपये। यह आज दोपहर डेढ़ बजे का भाव है। इस हिसाब से इंडिया बास्केट का एक बैरल कच्चा तेल हो जाता है 9,535 रुपये का।
लेकिन एक बैरल कच्चे तेल में 43% ही पेट्रोल आ रहा है, तो इसकी लागत निकलती है 4,100.05 रुपये। एक बैरल कच्चे तेल से पेट्रोल निकला 68.37 लीटर। यानी प्रति लीटर पेट्रोल की लागत बैठी 59.97 रुपये।
अब इसमें क्रूड को भारत लाने का खर्च जोड़ते हैं। यह खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि तेल आ कहाँ से रहा है। अमेरिका के आदेश पर हम अब वेनेजुएला वाला तेल खरीदने जा रहे हैं। उसे आने में लगेंगे 56 दिन। लागत बैठेगी करीब 15%। रूस से तेल आने में लगते हैं 36 दिन। लागत बैठती है करीब 10%। पश्चिम एशिया से आने में लगते हैं 8-10 दिन। लागत बैठती है 5% से कम। इसे औसत में 10% मान लेते हैं। यानी अब 1 लीटर पेट्रोल की लागत हुई करीब 66 रुपये। क्रूड को रिफाइन करने की लागत आती है करीब 5%। यानी अब हो गया भाव 69.30 रुपये। पेट्रोल को रिफाइनरी से टंकी तक पहुँचाने की औसत दर है 25 पैसे लीटर। पेट्रोल पंप डीलरों का औसत मार्जिन है 4 रुपये लीटर। यानी एक-एक पाई लागत जोड़ने के बाद पेट्रोल का मूल भाव बैठ रहा है 73.55 रुपये लीटर।
लेकिन अभी गणित पूरा हो नहीं पाया है। पूरे देश में पेट्रोल में अब कम से कम 20% इथेनॉल है। इथेनॉल की भारत सरकार द्वारा तय औसत कीमत है 60 रुपये लीटर। इसे मिलाने के बाद प्रति लीटर गन्ना जूस मिश्रित पेट्रोल की कीमत आ रही है 70.84 रुपये। 26 पैसे का बेनेफिट ऑफ डाउट दे देते हैं। गोल-मटोल 71 रुपये लीटर।
अब अपने-अपने शहर में पेट्रोल की कीमत देख लीजिए। 71 रुपये से ऊपर जो भी आप भर रहे हैं, वो तेल कंपनियों के मुनाफे में और केंद्र-राज्य सरकारों के खजाने में जा रहा है। जैसे हमारे यहाँ अब भाव चल रहा है 113.54 रुपये प्रति लीटर। यानी हर लीटर पेट्रोल पर हम बिहार वासी 42-43 रुपये सरकारों को और तेल कंपनियों को दे रहे हैं।

ये हो गया मोटा-मोटी गणित। अब कुछ महीने पीछे चलते हैं। इस साल जनवरी में कच्चा तेल था 60 डॉलर पर। रुपया था 1 डॉलर के बराबर 92 पर। मतलब उस समय कच्चे तेल की ढुलाई, रिफाइनिंग, टंकी तक पहुँचाने की लागत, डीलर मार्जिन, इथेनॉल 20% सबको मिलाने के बाद लागत बैठ रही थी प्रति लीटर 40-41 रुपये। उस समय हमारे यहाँ पेट्रोल मिल रहा था 105 रुपये का। यानी तब सरकारी तेल कंपनियाँ और सरकारें मिलकर हर लीटर पेट्रोल से लगभग 65 रुपये खा रही थीं। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ फरवरी 2022 में। उस समय कच्चा तेल अभी की तरह ही भागा था। फिर 4-6 महीने में नीचे आ गया था। उसके बाद मार्च 2026 से पहले कभी 80 डॉलर के पार नहीं गया था। इस दौरान कई बार तो 40-50 डॉलर तक भी गिरा था। मतलब साढ़े तीन साल सरकार और सरकारी कंपनियों ने आम लोगों की जेब पर डाका डालकर हर लीटर पेट्रोल से 65 रुपये कमाये।

अभी इंडिया बास्केट का क्रूड मार्केट रेट से महँगा है, इसके लिए जिम्मेदार भी हमारी ही सरकार है। ट्रंप के आदेश के चलते रूसी तेल पर मिलने वाला डिस्काउंट चला गया। अब ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे, जिसे लाने में भी खर्च अधिक बैठेगा और उसे रिफाइन करने की लागत भी अधिक बैठेगी। यदि हमने अपनी विदेशी नीति को ट्रंप के हवाले नहीं किया होता, हमारा इंडिया बास्केट अब भी मार्केट रेट से सस्ता होता। लागत बढ़ने का दूसरा बड़ा कारण है कमजोर रुपया। दिसंबर में 1 डॉलर बराबर 89 रुपये था। इस महीने रुपया 97 तक गिरा। अब रिजर्व बैंक रोज 1-2 बिलियन डॉलर बेच रहा है, तो कुछ राहत मिली है और 95.35 तक आया है। लेकिन यह राहत भी चार दिनों की चाँदनी है। रुपया क्यों कमजोर हो रहा है? एससी गर्ग से पनगढ़िया तक कई ऐसे अर्थशास्त्री रुपये की कमजोरी के लिए कमजोर आर्थिक बुनियाद को कारण बता रहे हैं, जो इसी सरकार के साथ जुड़े रहे हैं। आरबीआई के पूर्व गवर्नर सुब्बाराव भी इसी तरह के कारण बता रहे हैं। कई इंडीपेंडेंट एनालिस्ट भी यही कारण गिना रहे हैं। मतलब रुपये की कमजोरी इस कारण नहीं है कि डॉलर जिम जाने लगा है। कमजोरी का वास्तविक कारण है कि रुपया कुपोषण का शिकार हो गया है। पाकिस्तानी रुपया, चीनी युआन, बांग्लादेशी टका... इन सबके सामने भी पिछले 2-4 महीने में रुपया 10-20% कमजोर हुआ है। कुपोषण क्यों आया? मोदीजी स्वयं बता चुके हैं पहले कि रुपया केंद्र सरकार की मूर्खतापूर्ण नीतियों से गिरता है।

सरल शब्दों में:- अभी भारत के लिए तेल बाकी दुनिया से महँगा होने के 2 कारण हैं। पहला इंडिया बास्केट में महँगा क्रूड, दूसरा कुपोषित रुपया। दोनों के लिए जिम्मेदार कौन? ऑफकोर्स नेहरू या मनमोहन सिंह नहीं, बल्कि वही, जो 12 साल से सरकार चला रहे हैं।

अभी दाम नहीं भी बढ़ाये जाते तो सरकारी तेल कंपनियाँ और सरकारें मिलकर हर लीटर पेट्रोल से करीब 35 रुपये कमातीं। लेकिन मुफ्त की रेवड़ियाँ बाँटने के लिए पैसे चाहिए, अपने नालायक बेटों-रिश्तेदारों को करोड़पति बनाने के लिए पैसे चाहिए, जिन पूँजीपतियों ने चुनावी चंदे दिये, उनका एहसान उतारने के लिए पैसे चाहिए। ये पैसे देगा कौन? निश्चित हमारे और आपके जैसे लोग, जो इन प्रिविलेज्ड हरामखोरों के लिए बस कॉक्रोच बराबर हैसियत रखते हैं।

(डेटा सरकारी पीपीएसी, सीसीआईएल, ओएमसीज से उठाये गये हैं। फोटो एनडीटीवी प्रॉफिट का है। कोई भक्त कुतर्क न करे। डेटारिच पोस्ट है। इसे डेटा से काट सकें तो स्वागत है। सरकारी दुमछल्ले फैक्टचेकर्स से फैक्टचेक करने का विशेष अनुरोध रहेगा। बाकी लोग इस पोस्ट को श्रद्धानुसार कॉपी-पेस्ट-शेयर करें। मुझे क्रेडिट देना-न देना आपकी श्रद्धा। नेट दो घंटे की मेहनत लगी है इसमें। अब कल इसका दूसरा हिस्सा लिखूँगा, उसमें डेटा से ही बताऊँगा किस तरह मोदी सरकार सुनियोजित तरीके से सरकारी तेल कंपनियों को बर्बाद कर एक खास पूँजीपति को बढ़ाने में लगी हुई है।)

26/05/2026

फिरोजाबाद

पेट्रोल पंप पर फटा फायर सिलेंडर 4 लोग हुए घायल ,

सपा नेता विजेन्द्र ठेकेदार के भाई समेत पंप कर्मचारी भी घायल ,

तेज धमाके से पूरे इलाके में फैली दहशत ,

पेट्रोल पंप पर लोगों की मची भगदड़ ,

थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के बटेश्वर रोड माधौगंज के पास का मामला ।

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