27/10/2026
"सूरा सो पहचानिए, जो लरै दीन के हेत!
पुर्जा-पुर्जा कट मरै, कबहू ना छाडै खेत।"
प्रथम सिख साम्राज्य के संस्थापक, महान योद्धा, अद्वितीय सेनापति और अन्याय व अत्याचार के विरुद्ध वीरता की मिसाल, बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!
बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने गुरु गोबिन्द सिंह जी के वचनों को अपना जीवन मंत्र बनाया और शोषितों, किसानों व गरीबों को उनके अधिकार दिलाकर एक धर्म-आधारित लोक-कल्याणकारी राज्य की स्थापना की। उनका अटूट साहस, धर्म के प्रति निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान हमें सदैव अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता रहेगा।
आइए, आज के इस पावन दिन पर हम उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लें और समाज में समानता, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।