04/09/2026
एक बेटी का घर टूटने से बचा — यही सबसे बड़ी सफलता है।
एक बेटी लंबे समय से अपने मायके में रहने को मजबूर थी। पति-पत्नी के बीच संबंध लगभग टूटने की स्थिति में पहुंच चुके थे। लड़की के परिवार वालों ने मुझसे संपर्क किया और बताया कि शायद मैं उनकी बेटी की मदद कर सकता हूँ।
मैंने मामले को समझकर अपनी ओर से हर संभव सहायता का प्रयास किया और लगातार पत्राचार हुआ। वरीय पुलिस अधीक्षक, गया के आदेश पर थाना द्वारा कार्रवाई हुई और अंततः लड़की को उसके ससुराल पहुंचाया गया। ससुराल पक्ष के लोगों ने भी उसे सम्मान के साथ अपने घर में स्वीकार किया।
मेरे लिए यह किसी पद या पहचान की उपलब्धि नहीं, बल्कि एक बेटी को उसका घर और सम्मान वापस मिलते देखना ही सबसे बड़ी संतुष्टि है। ईश्वर करे दोनों के बीच सब कुछ ठीक रहे और यह परिवार आगे सुख-शांति से अपना जीवन बिताए।