05/06/2025
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी महाराज (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार) को 53 वें जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ । , , ,
समाज सेवा में समर्पित। सत्य, न्याय और विकास के लिए हमेशा तत्पर। जनता की आवाज को सशक्त बनाना मेरा उद्देश्य। साथ मिलकर हम एक नया और सशक्त भारत बनाएंगे।"
05/06/2025
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी महाराज (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार) को 53 वें जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ । , , ,
*हिंदू युवा वाहिनी द्वारा भव्य शौर्य तिरंगा यात्रा*
https://nationalpresstimes.com/2025/05/13/हिंदू-युवा-वाहिनी-द्वार/
06/05/2025
7 मई को तेज सायरन सुनें तो घबराएं नहीं, यह युद्ध नहीं मॉक ड्रिल है ।
7 मई को यदि आप तेज सायरन की आवाज सुनें तो घबराएं नहीं, यह किसी आपात स्थिति या युद्ध की सूचना नहीं है। यह एक मॉक ड्रिल है, जिसे सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति, विशेष रूप से हवाई हमले या अन्य सैन्य खतरे की स्थिति में नागरिकों की तत्परता और प्रतिक्रिया की जांच करना है।
यह मॉक ड्रिल यानी युद्ध जैसी स्थिति की तैयारी का अभ्यास है. जिसमें विभिन्न स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे। जंग वाले सायरन की आवाज बेहद तेज होती है. आमतौर पर यह 2-5 किलोमीटर की रेंज तक सुनाई दे सकती है. सायरन बजने का मतलब है कि लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हों. लेकिन मॉक ड्रिल के दौरान आप पैनिक न हों. सिर्फ खुले इलाकों से हट जाएं. घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर जाएं.और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई जानकारी साझा न करें। यह ड्रिल पूरी तरह से योजनाबद्ध और नियंत्रित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सिर्फ जागरूकता और तैयारियों को परखना है।
आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मॉक ड्रिल में शामिल होंगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सहयोग करें और इस अभ्यास को गंभीरता से लें, ताकि किसी वास्तविक आपात स्थिति में उचित और समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
05/05/2025
*पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ अनोखा विरोध*
*किसान ने जलता कुर्ता पहनकर दर्ज कराई पीड़ा*
पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ अनोखा विरोध, किसान ने जलता कुर्ता पहनकर दर्ज कराई पीड़ा - National Press Times नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो । मोदीनगर, शनिवार को मोदीनगर तहसील मुख्यालय में आयोजित संपूर्ण समाधान दिव
05/05/2025
*बोली*…..
*तुझे नहीं बनने दूँगी किसी का हस्बैंड*
*और फिर*……
*दूल्हे को मंडप से उठा ले गई गर्लफ्रेंड*
तुझे नहीं बनने दूँगी किसी का हस्बैंड: दूल्हे को मंडप से उठा ले गई गर्लफ्रेंड - National Press Times नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो । मध्य प्रदेश के दतिया थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस वक्त हाईवोल्टेज
29/04/2025
"भगवान परशुराम जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ! धर्म की रक्षा और सत्य की राह पर सदैव अग्रसर रहें।"
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28/04/2025
*एक रिपोर्ट के अनुसार देश में*
*पत्नियों से प्रताड़ित पतियों की*
*संख्या बढ़ती ही जा रही है।*
*छलक उठा “मर्द का दर्द”*
*बोला “ अब हमे भी बचा लो सरकार*
*पूरा पढ़े*👉🏼
अब हमें भी बचा लो ‘सरकार’, कुछ हमें भी दे दो ‘अधिकार’। - National Press Times एनपीटी मोदीनगर ब्यूरो मोदीनगर। पिछले कुछ वर्षों से पुरुषों के द्वारा राष्ट्रीय पुरुष आयोग के गठन की
04/04/2025
भारतीय अभिनेता श्री मनोज कुमार जी जो "भारत कुमार" नाम से प्रसिद्ध थे उनके निधन की दुखद सूचना प्राप्त हुई। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उनका योगदान आने वाले युगों तक याद किया जाएगा।
ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।
|| ॐ शांति ||
27/02/2025
तजुर्वा बढ़ता गया , रफ़्तार घटती गई !
आज से 10 साल पहले बाइक हो या कार , रफ़्तार का शौक़ था ,
बाइक के एक्सीलेटर को कान की तरह पूरा मोड़ना , अलग एहसास दिलाता था ,
कोई पीछे से रफ़्तार से हमको ओवरटेक कर के निकल जाता था तो लगता था कि कैसे निकल गया ,
ऐसे ही कार को दौड़ाने का शौक़ था , मरने का डर नहीं था ,
फिर उम्र के साथ अनुभव मिले ,
ना जाने कितने मित्र निगल लिए इस रफ़्तार ने ,
ना जाने कितने पहचान वाले रफ़्तार के चक्कर में आज नहीं रहे ,
उस उम्र में समझ नहीं आता था कि माँ बाप कियूँ समझाते हैं ,
देर से ही सही पर हमको तो समझ आ गई लेकिन जो काल के गाल समा गये उनको भी समझ आ जाती कि रफ़्तार शौक़ नहीं है
अब कार चलाते वक़्त रफ़्तार 100 से ऊपर मुश्किल से जाता है , 80-90 की रफ़्तार बहुत लगती है ,
आज कोई ओवरटेक कर के निकल जाये तो निकल जाये , कोई जल्दबाज़ी नहीं है ,
घंटे , दो घंटे देरी से पहुँच जायें कोई दिक़्क़त नहीं है ,
ट्रेन , प्लेन छूट जाए कोई दिक़्क़त नहीं है ,
जान है तो जहाँन है !
इसलिए अब स्लो चलते हैं , परिवार को दिमाग़ में रखते हैं ,
रफ़्तार बढ़ाने से पहले दिमाग़ में “अगर” आजाता है
अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा !
मतलब अनुभव आता गया रफ़्तार थमती गई ,
यक़ीन करना , रफ़्तार कम हुई है उसका कोई नुक़सान नहीं हुआ , बस समय का मैनेजमेंट की सीख आ गई , अब ज़रूरी सफ़र होता है तो दो घंटे हाथ में लेकर चलते हैं बस !
ये पोस्ट इसलिए लिखी है कि जो समझ हमको नहीं थी और धीरे धीरे आयी , वो समझ उनको आजाए जो आज भी रफ़्तार का शौक़ पाले हुए हैं ! अभी भी देर ना हुई , परिवार सबका होता है , आपका भी है ,
कम रफ़्तार ही सही , पर मस्त चलो , सतर्क चलो
मनोज त्यागी ✍️