21/09/2024
*इस्लाम पार्टी हिन्द ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी जनपद इटावा को सौंपा*
*वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डॉ.भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान से खिलवाड़ नहीं करने देंगे*
इटावा।इस्लाम पार्टी हिंद के तत्वाधान में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी द्वारा नामित एस डी एम मलखान सिंह को सौंपा ।इस्लाम पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद तसलीम खान मंसूरी एडवोकेट के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ जिसमें कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास,बुनकर एकता समिति के अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश अंसारी , इंसानी भाईचारा प्रेम सदभाव समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अमीन भाई, मानव हिंद एकता समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अजहरुद्दीन एवं अति पिछड़ा महासंघ के संयोजक रमेश प्रजापति आदि ने अपने विचार व्यक्त किए ।
इस अवसर पर कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री आए दिन ढिंढोरा पीटते रहते है की सबका साथ सबका विकास लेकिन वह कार्य बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के विपरीत कार्य करते है लेकिन अब धर्मनिरपेक्ष जनता उन्हें संविधान के साथ छेड़छाड़ और खिलवाड़ नहीं करने देगी।
खादिम अब्बास ने कहा कि इस संविधान में सभी धर्म ,मजहब और वर्गों के कल्याण की व्यवस्था की गई है हमारा संविधान धर्मनिरपेक्षता,इंसानी भाईचारा, प्रेम सदभाव पर आधारित है ।
हर व्यक्ति को अपने धर्म और नियम कानून कायदे के साथ जीने का अधिकार प्राप्त है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम बिल लाई है यह असंंविधानिक और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है भारत का मुसलमान संविधान के विरुद्ध लाए गए किसी भी विल का विरोध करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतर कर अपना विरोध प्रदर्शन करेगा।
अति पिछड़ा महासंघ के संयोजक रमेश प्रजापति ने कहा कि मोदी सरकार में घुन लग गया है यह शीघ्र ही पतझड़ के पत्तों की तरह गिर जायेगी। अभी तो देश की जनता ने हुए लोकसभा के चुनाव में उत्तर प्रदेश में मोदी और योगी को हाफ किया है आने वाले चुनाव में वह भाजपा को साफ कर देगी।
इस्लाम पार्टी हिन्द के जिलाध्यक्ष मोहम्मद तस्लीम खान मंसूरी एडवोकेट ने कहा कि जिन राहुल गांधी और अखलेश यादव को मुस्लिम समाज वोट देता है लेकिन वह इस गम्भीर विल वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में मुखर होकर नही बोलते और न ही अभी तक इन्होंने और इनकी पार्टियों ने सड़कों पर आकर कोई जन आंदोलन व विरोध प्रदर्शन नही किया है।
इस दौरान शान मोहम्मद ,जहीर मंसूरी ,महमूद खान,राजू मंसूरी,सब्बीर मंसूरी ,सलमान राईन,मुमताज चौधरी,सगीर मसूरी,फैजान मंसूरी ,इमरान खान ,ताज खां, आविद, वारिस, समीर आदि की उपस्थिति रही।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में निम्नलिखित मांग की गई।
इस्लाम पार्टी हिंद आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता है कि वक्फ सम्पत्ति मुसलमानों की निजी सम्पत्ति है, इस सम्पत्ति का उपयोग और प्रयोग मुस्लिम हितों को ध्यान में रखकर किया जाता रहा है। जिसका प्रबन्धन सरकार की देख रेख में सफलता पूर्वक वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित होता रहा है।
अतः उक्त वक्फ संशोधन विधेयक 2024 मुसलमानों के हितों के विरूद्ध है और संविधान की मूल भावना के विरोध में है इसलिए इस्लाम पार्टी हिंद उक्त वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का पुरजोर विरोध करता है और उक्त विधेयक को वापस लिए जाने की मांग करता है।
इस्लाम पार्टी हिंद भारत में मुस्लिम समुदाय की एक राजनीतिक पार्टी है जिसमें समुदाय के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व है, जिसमें इस्लाम के विभिन्न विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले इस्लाम विद्वान कार्यकर्ता, लोक हितेषी व्यक्ति, बुद्धिजीवी, शिक्षा वादी, शिक्षाविद और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं।
इस्लाम पार्टी हिंद के कार्य के मुख्य क्षेत्र सांप्रदायिक सद्भाव,समुदाय और पूरे देश का उत्थान, अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय और अन्य पिछड़े वर्गों के अधिकारों और सुरक्षा, शैक्षिक उत्थान, आर्थिक प्रगति, राजनीतिक जागरूकता और सामुदायिक सुधार कार्य हैं।को इस्लाम पार्टी हिंद ने अपील में विभिन्न सरकारों, सरकारी विभागों सरकार द्वारा गठित विशेषऔर समितियां और अन्य प्राधिकरणों के समक्ष भारत के नागरिकों और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों
और मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक मूल्यों और अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी क्षमता से प्रतिनिधित्व किया है कि भारत के संविधान में निहित न्याय, समानता,स्वतंत्रता, बंधुत्व और लोकतांत्रिक मूल्य कायम रहे।
इस्लाम पार्टी हिंद लंबे समय से वक्फ के मुद्दों पर काम कर रही है और इसलिए हम अपने विचार, आपत्तियां, सुझाव और सिफारिशें प्रस्तुत करना चाहते हैं ताकि वक्त संशोधन विधेयक 2024 पर विचार विमर्श के दौरान जेपीसी द्वारा इन पर विचार किया जा सके।
अतः वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को वापस लिया जाए और इसका प्रबन्धन वक्फ बोर्ड के द्वारा किया जाय ताकि मुस्लिम हितों की हिफाजत हो सके ।इस दौरान शान मोहम्मद जहीर मंसूरी,महमूद खान ,राजू मंसूरी ,सब्बीर मंसूरी,ताज खान सलमान राईन,रिजवान खान ,जीशान,फैजान मंसूरी,आविद,वारिस,समीर , मुमताज़ चौधरी,सगीर मंसूरी ,समीम मंसूरी ,फैजान मंसूरी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।