दयार-ए-इल्म — जहाँ इल्म की रोशनी से ज़ेहनों के चिराग़ रोशन होते हैं
दयार-ए-इल्म सिर्फ़ एक लाइब्रेरी नहीं, बल्कि इल्म की वो सरज़मीन है जिसको हमने 2019 में सोचा था और इसी ख़ूबसूरत सोच के साथ और अच्छी नियत के साथ काम करने के ठाना था और अल्हमदुलिल्लाह तबरेज़ साहब का साथ मिला और वक़्त, मेहनत और सब्र के लंबे सफ़र के बाद यह ख़्वाब 24 दिसंबर 2023 को मुकम्मल हुआ। यहाँ किताबें सिर्फ़ अलमारियों में सजी नहीं, बल्कि ज़ेहनों को रोशन करने और सोच को नई उड़ान देने का ज़रिया बनीं। दयार-ए-इल्म ने बहुत कम वक़्त में तलबा और नौजवानों के दिलों में इल्म की मोहब्बत पैदा की है। यह सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि आने वाली नस्लों के लिए इल्म, तहज़ीब और रहनुमाई का एक रौशन मीनार है।पूरे गाँव के लोगों का ज़िंदगी भर के किए शुक्रगुज़ार रहूँगा ,आप हम और सब लोगों की मेहनत से ये लाइब्रेरी अपने वजूद में आई उसिया के सभी लागों को मेरा सलाम ।
उट्ठो मेरी दुनिया के ग़रीबों को जगा दो
ख़ाक-ए-उमरा के दर-ओ-दीवार हिला दो
अल्लामा इक़बाल
Photography by Md Jawed Ali
Dayar e ilm Library
kutub khane hamare muashre ke liye bahut zaroori hain. Ye ilm, saqafat, aur taraqqi ka markaz hain.
14/08/2025
یومِ آزادی مبارک! 🇮🇳
13/08/2025
Dayar e Ilm Library में तलबा बहुत concentration के साथ पढ़ रहे हैं, कोई किताबों के समुंदर से इल्म के मोती चुन रहा है। इनके चेहरों पर जो ग़ौर-ओ-फ़िक्र और लगन की झलक है, ये देखकर दिल में हौसला जाग उठता है। यूँ महसूस होता है मानो ये नौजवान अपने ख़्वाबों को यहीं, इन सफ़हात के दरमियान, हक़ीक़त का जामा पहना रहे हों और यही जद्द-ओ-जहद कल इनकी कामयाबी की दास्तान लिखेगी।
26/07/2025
The great president Emmanuel Macron आप एक ऐसे रहनुमा हैं जिन्होंने दुनिया को ऐसा पैग़ाम दिया कि इंसाफ़,अमन और इंसानियत की कोई सरहद नही होती ,जब अक्सर ताक़तवर ख़ामोशी अख़्तियार किए बैठे हैं , इस वक़्त आप ने मज़लूमों के हक़ में आवाज़ बुलंद की ।आप ने (Palestine) فلسطینको रियासत का दर्जा देकर ना सिर्फ़ इंसाफ़ की हिमायत की बल्कि दुनिया को ये सबक़ दिया की qyadat (قیادت) का असल म्यार ताक़त नहीं ,बल्कि सच्चाई और हमदर्दी है
Danish Khan
17/04/2025
02/04/2025
Waqf properties hold significant religious and cultural value, and any changes to their management should only be made with the full consent and participation of the community. The proposed amendments risk alienating the community and creating further distrust in the management of their religious endowments.
25/02/2025
Kutub khane muashre ki taraqqi mein aham kirdar ada karte hain. Ye logon ko taleem hasil karne, apni soch ko farogh dene, aur nai cheezon ko seekhne ka mauqa faraham karte hain.
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Basic Primary Maktab Islamia Village Usia
Ghazipur
232330
