Choti.si_asha

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"खुद भुखा रहकर किसी को खिलाकर तो देखिए, कुछ यूं इंसानियत का फर्ज निभाकर तो देखिए।"

01/06/2026

नंगे पाँव था, आँखों में कई सपने थे। ❤️कुछ खाने की चीज़ें, एक जोड़ी चप्पल और पढ़ाई की सीख देकर मन को सुकून मिला। 📚✨

01/06/2026

यह बच्चा दूर खड़ा होकर दूसरों को खाते हुए देख रहा था। ❤️मैं इसके पास गई, इसे कुछ खाने की चीज़ें और चप्पल दी, क्योंकि इसके पैरों में चप्पल भी नहीं थी। साथ ही इसे समझाया कि पढ़ाई ही वह रास्ता है जो ज़िंदगी बदल सकता है। 📚✨
एक छोटी-सी मदद और एक छोटी-सी सीख, शायद इसके कल को बेहतर बना दे। 🙏

01/06/2026

जगह हट गई, लेकिन हौसले नहीं। ❤️ दो साल की मेहनत भले बिखर गई हो, पर इन बच्चों की शिक्षा और सपनों के लिए मेरा संघर्ष अभी जारी है। 📚✨

01/06/2026

आइए, इन्हें भीख नहीं, शिक्षा दें। 📚❤️

Photos from Choti.si_asha's post 01/06/2026

इन मासूम बच्चों का भी सपना था कि वे पढ़ें, आगे बढ़ें और एक बेहतर जीवन जिएँ। 📚✨आज भले ही वह जगह हट गई हो जहाँ मैं उन्हें पढ़ाती थी, लेकिन बच्चों के सपने और मेरी उम्मीद अभी भी ज़िंदा हैं। ❤️दो साल की मेहनत मिट सकती है, लेकिन शिक्षा की लौ नहीं। मैं फिर से शुरुआत करूँगी, क्योंकि इन बच्चों का भविष्य किसी भी मुश्किल से बड़ा है। 💪📖

01/06/2026

मानसिक स्थिति भले ठीक न हो, लेकिन इंसानियत और अपनापन हर किसी का अधिकार है। ❤️
आज आश्रम में इन अम्मा के साथ कुछ समय बिताया और अपनी ओर से छोटी-सी मदद की। 🙏

01/06/2026

बच्चों ने मेरे लिए क्या बोला 🥹🥰🙏🏻

Photos from Choti.si_asha's post 01/06/2026

जब भी मुझे समय मिलता है, मैं निकल पड़ती हूँ ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने।जो अकेले हैं, जिनका कोई नहीं… उन्हें खाना देना ही मेरे दिल की सच्ची सेवा है।आज भी आप तस्वीर में देख सकते हैं—मैं उन्हीं के लिए खाना पैक कर रही हूँ।❤️

01/06/2026

आज इन दादाजी की कहानी सुनकर सच में दिल भर आया। 😔
जब मैंने पूछा, "दादाजी, आप क्या करते हैं?" तो उन्होंने कहा, "बेटा, मैं भीख माँगता हूँ।"
कारण पूछा तो बोले, "मेरा एक बेटा और एक बेटी है। बेटा कमाता है, लेकिन हमारी परवाह नहीं करता। मैं चाहता हूँ कि मेरी बेटी पढ़े-लिखे और उसका भविष्य बने, इसलिए मजबूरी में भीख माँगता हूँ।"
उनकी बात सुनकर एहसास हुआ कि एक पिता अपनी आख़िरी साँस तक अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करता है। ❤️

मेरी तरफ़ से जो छोटी-सी मदद हो सकी, मैंने राशन देकर करने की कोशिश की। 🙏

01/06/2026

आज जब मैं एक दादी की मदद करने पहुँची, तो उन्होंने कहा, "बेटा, कुछ पैसे दे दो।"

मैंने कहा, "दादी, पैसे नहीं देती, लेकिन खाना है, वो दे सकती हूँ।"

दादी मुस्कुराकर बोलीं, "बेटा, पैसे भी खाने के लिए ही माँग रही थी, अगर खाना दे रही हो तो पैसे की क्या ज़रूरत है।"

फिर उन्होंने पानी माँगा। उनकी प्यास देखकर एहसास हुआ कि इस भीषण गर्मी में किसी ज़रूरतमंद को एक बोतल पानी, थोड़ा-सा खाना या बिस्किट देना भी बहुत बड़ी मदद हो सकती है। ❤️🙏

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