17/02/2023
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17/02/2023
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सुप्रभात मित्रो ,
कल दिनांक १२फरवरी का दिन बहुजन समाज के जागरण का महत्वपूर्ण दिन था । दिल्ली में कुछ आयोजन बौद्ध परिवार मिलन बुद्धा गार्डन एक आयोजन समन संघियों का सिविक सेंटर में Dr उदित राज की अध्यक्षता में आयोजित गोल मेज सम्मेलन को देखने को मिले , सभी अपने अपने हिसाब से बहुजन समाज को जाग्रत करने के प्रयास करते दिखे । परंतु आरक्षण बचाओ आंदोलन की अपार जन समूह की रैली ने दो लाख से अधिक भीड़ इकट्ठा कर यह दिखा दिया कि यदि उनके नेता अपने कर्तव्य और दायित्वो के प्रति सच्चे और अच्छे होंगे तो जनता उनको सहयोग देने में कतराती नहीं है । केवल विडंबना बाबा साहिब Dr Ambedkar के बाद यह रही कि नेता जन समर्थन पाकर सत्ता और शौरत की ऊंचाइयां पाने पर पाला बदल गए और अपने अविश्वनीय होने का घिनौना प्रमाण दिया। ये नेता आंबेडकर का नाम लेकर भले ही काम किए आंबेडकर और कांशीराम के आदर्शो को छू नहीं पाए , लोगों ने कांशीराम के बाद के नेताओं पर इसी कारण भरोसा करना बन्द कर दिया, सभी बाबा साहिब अंबेडकर और कांशीराम तथागत बुद्ध का नाम लेकर स्वयं को चमकाने के प्रयास तो करते हैं, एक संगठन ने तो केवल संगठन को ही मजबूत करने पर जोर दिया है और उनके बुद्ध वादी दर्शन मै केवल और केवल संघ पर ही जोर है , बुद्ध धम्म त्रिरत्न में से गायब से लगते हैं । बुद्धि और सोच के बिना संघ उद्देश्य हीन होकर क्या करेगा समाज को क्या सीख देगा तो सोचने का विषय है ।
सबसे लोकप्रिय रैली भोपाल की रही जहां आरक्षण बचाओ अभियान के लिए दो लाख से अधिक भीड़ भोपाल में इकठ्ठा हुई जिससे यह स्पष्ट है कि बहुजन समाज जाग रहा है , चंद्रशेखर जैसे युवा नेताओं को साथ लेकर समाज एकजुट होकर अपने अधिकार प्राप्त करने के लिए व्यग्र है । यह शुभ संकेत है उम्मीद है चंद्र शेखर रावण बाबा साहिब अंबेडकर और कांशीराम जी के आदर्शों को लेकर इसी तरह आगे बढ़ते रहे तो बहुजन समाज अपनी सभी तरह की मानसिक, सामाजिक आर्थिक सांस्कृतिक गुलामी से आजाद स्वयं ही अपने संघर्ष के बल पर हो जाएगा बशर्ते वह ऐसे ही आयोजन कर समाज में ईमानदारी का प्रमाण देते रहें ।
लोगों को चंद्रशेखर जैसे युवाओं को प्रेरित करने का अपना काम भी करते रहना चाहिए ।
08/02/2023
Very good morning ,all my dear and near friends, Osho nursery GT road chithera,near Shiv Nadar University gate no 2, Dadri Gautam Buddha Nagar Uttar Pradesh pin 201314
17/09/2022
सुप्रभात मित्रों,
नए युग के पैगम्बर, दक्षिण पूर्व एशिया के सुकरात ,समाज सुधार आंदोलन के जनक तथा अज्ञान, अंधविश्वास, निरर्थक रिवाजो और निराधार अचारों के कट्टर शत्रु का आज १४३वा जन्म दिन है ।
नए युग के इस पैगम्बर को UNESCO द्वारा २७जून,१९७०को उपरोक्त विशेषणों से विभूषित किया गया था । कौन था वह सख्श जिसे अंतर राष्ट्रीय संस्था यूनेस्को ने एशिया का सुकरात कहा था । उत्तरभारत में उस विभूति को बहुत कम लोग जानते होंगे और यदि वह जानते भी होंगे तो उन्होंने उसके कृतित्व व्यक्तित्व को अपने जीवन मै उस तरह से अंगीकार नहीं किया होगा जिस तरह से वह तमिल लैंड के पिछड़े दलित लोगों के मन मस्तिष्क मै आज तक जमे हुए हैं ।
उनका नाम है इ वी रामस्वामी नायकर, जिनका जन्म तमिलनाडु के इरोड नगर में १७सितम्बर,१८७९ को हुआ था।
चलने फिरने में अपनी असमर्थता के बावजूद भी पेरियार अपनी मृत्यु से एक सप्ताह पहले तक सम्मेलनों में भाग लेते रहे । २५दिसम्बर, १९७३को उनका प्रनांत वेल्लोर क्रिश्चियन अस्पताल में प्रातःकाल मै हुआ था और९५_९६साल की उम्र में उन्होंने tamilvasiyon से विदा ली , २५तारीख को जब उनका शव मद्रास पहुंचा तो घंटों से लोग तीन मील की कतार में खड़े होकर अपने जन नायक को श्रद्धांजलि देने खड़े थे ।
आइए ऐसी विलक्षण प्रतिभा, तर्क मूर्ति बुद्धवाद के धनी मानवता के महान सेवक के बारे में कुछ और जानने की कोशिश करे यह जानते हुए कि हम समुद्र में से ली गई अंजुली भर भी नहीं जान पाएंगे , उनकी सेवाओं का ग्राफ ७५वर्षो में फैलता है , ९५साल में से इस महान विभूति ने दलित पिछड़े वर्गों के बीच आत्म सम्मान , शिक्षा जागरण, महिला विकास वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, तमिल लैंड को सामाजिक, आर्थिक सांस्कृतिक रूप से सुदृढ करने में लगाए ।
वह सभी तरह से आधुनिक युग के मनीषी , जैसा उचित देखते महसूस करते वा विचार व्यक्त करते ।वह कहते थे कि यदि लोगो के बीच anushasan हो तो सिनेमा आवश्यक नहीं, वकील के पेशे को समाप्त करने से न्याय और ईमानदारी बढ़ेगी,, ईमानदारी की जरूरत वहां है जहां बे इमानी हैं। उनका drastikon वास्तव मै ही बहुत मानव वादी था। ऐसे महान मनीषी को शत शत नमन।
01/03/2018
25/02/2018