08/07/2026
मूसलाधार बारिश में जीएमडीए के बाढ़ राहत उपायों की हुई सफल परीक्षा, 42 संवेदनशील स्थानों पर जलभराव से मिली राहत*
*-सेक्टर 1 से 80 तक प्रमुख सड़कों और चिह्नित जलभराव वाले क्षेत्रों में तेज़ी से हुई वर्षा जल निकासी*
* इस बार जीएमडीए द्वारा किए गए सुधारात्मक उपायों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।
-जीएमडीए के इंजीनियरिंग विंग ने पूर्व में सेक्टर 1 से 80 के बीच ऐसे 42 संवेदनशील स्थलों की पहचान की थी, जहां प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान न केवल भारी मात्रा में पानी भरता था, बल्कि कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती थी। इन स्थानों पर व्यापक स्तर पर ड्रेनेज सुधार, नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों को सुचारु करने तथा अन्य आवश्यक इंजीनियरिंग कार्य किए गए थे।
जिन प्रमुख स्थानों पर इस बार प्रभावी जल निकासी देखने को मिले , उनमें एआईटी चौक, सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने का क्षेत्र, ट्यूलिप चौक, मेदांता रोड, आर्टेमिस हॉस्पिटल रोड, रेजांगला चौक, सेक्टर-22/23, सेक्टर-45/46 रोड सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।मेदान्ता रोड के गुरुद्वारे वाली साइड के एक हिस्से में थोड़ा पानी कुछ देर के लिए भरा रहा क्योंकि वहाँ पर सरफेस ड्रेन की सफाई का कार्य अभी प्रगति पर है ।
-पूरे सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) अर्थात गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर कहीं भी जलभराव की सूचना नहीं मिली। इस मार्ग पर मानसून से पहले सतही नालियों (सरफेस ड्रेन) की व्यापक सफाई कराई गई, उन्हें मास्टर ड्रेन से जोड़ा गया तथा आवश्यक स्थानों पर नए चैंबर बनाकर वर्षा जल निकासी के मार्गों को सुचारु किया गया, जिसके कारण भारी वर्षा के बावजूद पानी का तेजी से निकास होता रहा।
-इसी प्रकार हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक सरफेस ड्रेन, जो लंबे समय से मिट्टी से अटी पड़ी थी , उनकी सफाई कर जल निकासी क्षमता बढ़ाई गई। इसका परिणाम यह रहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर भी वर्षा जल का शीघ्र निकास सुनिश्चित हुआ।
-उपरोक्त के अतिरिक्त सेक्टर-9 एवं सेक्टर-9ए के समीप, जहां पिछले वर्ष गंभीर जलभराव की स्थिति बनी थी, वहां भी जीएमडीए द्वारा किए गए ड्रेनेज सुधार कार्यों के कारण इस बार पानी नहीं ठहरा और वर्षा जल का निर्बाध निकास हुआ।