JDjansampark Gwalior

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Official Page JD Jansampark Gwalior, Government of Madhya Pradesh

Photos from JDjansampark Gwalior's post 04/06/2026

प्रशासन आपके द्वार
संभागायुक्त ने शिवपुरी के ग्राम गोरा टीला में रात्रि चौपाल लगाकर सुनी जनसमस्याएं
संभागायुक्त श्री मनोज खत्री ने शिवपुरी जिले के ग्राम गोरा टीला में रात्रि चौपाल लगाई। चौपाल में संभागायुक्त श्री मनोज खत्री ने ग्रामीणों से चर्चा की ओर उनकी समस्याओं को जाना। ग्रामीणों की कई समस्याओं को उन्होंने तत्काल मौके पर ही हल कराया। इस अवसर पर शिवपुरी कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा मौजूद रहे।


Jansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh

17/05/2026

स्नातक पाठ्यक्रमों में शहीदों की विधवाओं एवं संतानों के लिए एक सीट आरक्षित

उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को जारी किए निर्देश

उच्च शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के परिपालन में प्रदेश के सभी स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में पुलिस, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में शहीद होने वाले कर्मियों की विधवाओं तथा उनके आश्रित बच्चों के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की है। आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विभागीय निर्देशानुसार प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) सीट निर्धारित की गई है, इससे नियमित सीटों की संख्या प्रभावित नहीं होगी। इस आरक्षण का लाभ केवल पात्र अभ्यर्थियों को सक्षम प्राधिकारी (गृह विभाग अथवा संबंधित विभाग) द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर मिलेगा। पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पृथक श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करना होगा।


CM Madhya Pradesh

11/05/2026
11/05/2026

*अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी*

- *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण*
- *प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते*
- *अब देश में चीतों की संख्या हुई 57*
- *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना*

मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं।

*मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास*
भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं।

*वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय*
गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा।

*ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते*
वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है।

*कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते*
इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।


CM Madhya Pradesh

09/05/2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को 1189 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

गुना जिले को देंगे विकास की नई सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को गुना जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले में औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1059 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास करेंगे। साथ ही लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत के 144 विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इन विकास कार्यों से जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा।

जिले में मिलेगें रोजगार के अवसर

अंबुजा कांक्रीट नार्थ प्रा.लि. (अडानी ग्रुप) द्वारा मावन में 32 हैक्टेयर भूमि पर स्थापित की जाने वाली यह सीमेंट प्रोजेक्ट जिले के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना की उत्पादन क्षमता 2×2 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी। यह यूनिट गुना शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पर स्थापित की जा रही है।
सीमेंट प्रोजेक्ट के प्रारंभ होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं 1000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही शासन को प्रतिवर्ष लगभग 160 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व की प्राप्ति होने की संभावना है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित परियोजना से न केवल औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि परिवहन, व्यापार, सेवा एवं अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे गुना जिले की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।

CM Madhya Pradesh

Photos from JDjansampark Gwalior's post 06/05/2026

योजनाओं में तेजी लाने के लिए संभागीय आयुक्त के कड़े निर्देश

वृंदावन ग्राम योजना की विस्तृत कार्य योजना बनाकर चिन्हित किए गए ग्रामों को मॉडल गांव के रूप में विकसित कर दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी की जाए

इस योजना के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के साथ-साथ क्षमता वृद्धि करना हमारा प्रयास होना चाहिए – संभाग आयुक्त श्री खत्री

जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रगति लाएं। वृन्दावन ग्राम योजना अंतर्गत अधोसंरचना विकास के साथ साथ क्षमता वृद्धि पर हमारा जोर होना चाहिए। इस योजना के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी पर हमारा फोकस होना चाहिए। यह बात संभागीय कमिश्नर श्री मनोज खत्री ने बुधवार को ग्वालियर संभाग के दतिया जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक के दौरान कहीं ।
संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा कर प्रगति बढ़ाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए श्री खत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के साथ-साथ क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, पशुपालकों की क्षमता वृद्धि तथा मवेशियों की संख्या में बढ़ोतरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद एवं पशु चिकित्सा विभाग मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाएं और उसका प्रभावी क्रियान्वयन करें।
नल-जल योजना की समीक्षा में उन्होंने जलकर की नियमित वसूली सुनिश्चित करने तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। एकल नल-जल योजना में भी प्रगति लाने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना के तहत बैंक ऋण वितरण एवं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामूहिक दावों पर समयबद्ध सुनवाई एवं कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में जनपद सीईओ को भी अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आरसीएमएस के अंतर्गत नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रबी उपार्जन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डीएसओ को निर्देशित किया कि फसल का उपार्जन, परिवहन एवं भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। सर्वेयरों द्वारा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम को इसकी सतत मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया।
नरवाई प्रबंधन पर भी विशेष समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, टीकाकरण, एनआरसी बेड ऑक्यूपेंसी, टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग एवं उपचार, सिकल सेल एनीमिया आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
आयुक्त श्री खत्री ने जर्जर भवनों की वर्षा ऋतु से पूर्व मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित करने के सख्त निर्देश दिए। इसके लिए सभी एसडीएम, सीएमओ, डीईओ, डीपीसी एवं महिला बाल विकास अधिकारियों को अपने स्तर पर निगरानी कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।
इसके अतिरिक्त उन्होंने जनगणना के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग कार्य, स्वामित्व योजना, igot प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था के तहत संवेदनशील क्षेत्रों के जोनल प्लान, ncord बैठक, एससी/एसटी प्रकरणों के निराकरण, प्रधानमंत्री राहत, डीआरएससी बैठक के अंतर्गत सड़क सुरक्षा से जुड़े ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन एवं अन्य कार्यों की समीक्षा कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

CM Madhya Pradesh

04/05/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन

04/05/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्राम बेला, जिला ग्वालियर में आयोजित ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन समारोह

30/04/2026

जैविक उत्पादों की बायर-सेलर मीट के लिए खरीदारों से आवेदन आमंत्रित

ग्वालियर सहित मुरैना एवं शिवपुरी जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस क्रम में चयनित किसानों द्वारा उत्पादित जैविक कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंटरनेशनल कॉम्पिटेंस सेंटर फॉर ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर (ICCOA) द्वारा बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है। ज्ञात हो मौजूदा साल को प्रदेश सरकार द्वारा किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में यह आयोजन रखा गया है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री रणवीर सिंह जाटव से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम 6 मई 2026 को प्रातः 9:30 बजे से सेंट्रल पार्क होटल, ग्वालियर में आयोजित होगा। आयोजन में ग्वालियर, मुरैना एवं शिवपुरी जिलों के PGS ग्रीन-1 प्रमाणित किसानों द्वारा उत्पादित जैविक फसलें जैसे गेहूँ, चना, सरसों, सब्जियां एवं अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
इस मंच के माध्यम से खरीदारों, व्यापारियों एवं निर्यातकों को किसानों से सीधे जुड़ने और दीर्घकालीन व्यापारिक संबंध स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इच्छुक थोक एवं खुदरा विक्रेता, प्रोसेसर, निर्यातक एवं अन्य खरीदारों से अपील की गई है कि वे इस कार्यक्रम में भाग लेकर जैविक उत्पादों की खरीद हेतु किसानों से सीधे संपर्क स्थापित करें।
इच्छुक खरीदार 3 मई 2026 तक मोबाइल नंबर 7568758497 पर संपर्क कर अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से अपना पंजीयन सुनिश्चित कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए उपसंचालक कृषि, जिला ग्वालियर कार्यालय या उक्त मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
यह आयोजन किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और जैविक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

CM Madhya Pradesh

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