28/02/2026
प्रसन्नता का मानक क्या हो सकता है ?
यह यह नहीं हो सकता कि आपने क्या पाया है , यह, यह भी नहीं हो सकता कि आप सब पाने के हकदार हैं।
प्रसन्नता एक भाव है जो हमारे भीतर से जागृत होती है क्योंकि हमने समता के साथ ईश्वर पर भरोसा किया होता है कि जो है सब तुझसे और तेरा और जो मिलने वाला है वो भी तुझसे , पर है तेरा ही मेरा नहीं।
तब, फिर दुख की जगह कहां?
मेरे जीवन का यह उदाहरण मुझे हमेशा मुस्कुराते रहने की प्रेरणा देता है , आप क्या मानते हैं?
बताइएगा अवश्य।
जय हो
10/02/2026
जय गार्गी मां
यह चित्र आज से कमसे कम 9 वर्ष पूर्व का है जहां हम मां गार्गी (रानीबाग)की सेवा के संकल्प को एक अभियान बनकर उसकी सेवा के लिए संकल्पबद्ध थे।
जिस स्थान में हम बैठे हैं आज वो स्थान (चित्रशिला रानीबाग ) उपयुक्त बैठने का स्थान आने जाने वाले लोगों के लिए उपयोग में लाया जाता है यह उसी का भूमि पूजन है।
जन सहयोग से यह कार्य पूरा हुआ था जिसमें सबसे बड़ा योगदान स्वर्गीय श्री राकेश अग्रवाल जी का था।
16/11/2025
आज मां गार्गी की सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सुबह ही गार्गी की तट पर उसका पूजन किया। साथ ही विश्व विख्यात चित्रकला की पूजा की और समस्त जनों की शुभेच्छा हेतु प्रार्थना की । यह तीर्थ स्थल कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल और पौराणिकता का जीता जागता उदाहरण है। स्कंद पुराण के मानस खंड में इसकी दिव्यता और धार्मिकता पौराणिकता सहित ऐतिहासिक काल का वर्णन है । यह दिव्य क्षेत्र हमारे लिए गौरव करने का क्षेत्र है और यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को संजोने वाला क्षेत्र है l वर्ष 2014 में जब अभिनव भारत, हल्द्वानी के माध्यम से हमने माँ गंगा गार्गी स्वच्छता अभियान चलाया था, वह पल आज भी हम सभी को याद आता है और आज मां गंगा गार्गी को नमन करने के लिए मैं इस क्षेत्र में मां के पास आया हूं , उसका आभार करने के लिए की मुझे माँ गंगा की सेवा का अवसर मिला।
कभी आपको भी मौका मिले तो जरूर आइएगा