Amba Prasad

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वर्तमान में , वकालत के साथ साथ , अपने क्?

19/09/2018

गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है -
"तुलसी विरवा बाग के सींचत में मुरझाय."
“राम भरोसे जे रहें, पर्वत पे हू हरियांय."
इसका मतलब यह है कि कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें घर के आंगन में लगाया जाता है , पूरी देखभाल की जाती है , पानी दिया जाता है फिर भी वे सूख जाते हैं और कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो पहाड़ पर उगते हैं , कोई देखने वाला नहीं होता फिर भी वे हरे भरे रहते हैं क्योंकि उन पर राम की कृपा होती है. भगवान की कृपा बरसती है.
मेरे पिताजी और परिवार पर कहीं ना कहीं यह बात लागू होती हुई दिखाई पड़ती है.
गरीब , मेहनतकश परिवेश में मेरे पिता जी का जन्म हुआ था. क्योंकि संघर्ष करना विरासत में मिला था इसलिए वह तो करना ही था , पर मेरे पिताजी ने जो संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया वह केवल अपने लिए या अपने परिवार के लिए ही संघर्ष करना नहीं था बल्कि दूसरे असहाय जरूरतमंदों के लिए भी संघर्ष करना था.
उनके संघर्ष की स्थिति , परिवेश और दायरा बदलता चला गया और सन 2009 में वे बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. स्वतंत्रता के बाद से हमेशा भाजपा यहां से जीतती रही पर पहली बार 2009 में कांग्रेस यहां से विजय हुई.
उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया. उनका कार्यकाल बहुत ही उत्साहपूर्ण और संतोष जनक रहा.
बाद में एक षड्यंत्र कर विपक्षियों ने उन्हें झूठे केस में फंसा दिया. पर क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी इतनी लोकप्रियता थी और लोगों का उनके प्रति इतना स्नेह था की सन 2014 में जब चारों ओर भाजपा प्रेम की लहर चल रही थी तब भी मेरी माता जी श्रीमती निर्मला देवी कांग्रेस के सीट पर वहां से विजय हुई. माता जी की इस चुनावी लड़ाई में मेरी पूरी सहभागिता रही.
इस प्रकार बचपन से ही अपने आसपास घट रही घटनाओं ने मेरे मन को पुख्ता कर दिया कि मैं भी इसी रास्ते पर चलूं. गरीब, असहाय , लाचार और जुल्म सह रहे लोगों की आवाज बनूं और उनकी लड़ाई लड़ूं .

अन्य विवरणिका -
नाम - अम्बा प्रसाद
शिक्षा - BBA - BIT , RANCHI , MBA - XISS (HR) , LLB - VBU .
पिता - श्री योगेंद्र साव, पूर्व कृषि मंत्री झारखंड सरकार.
माता - श्रीमती निर्मला देवी - MLA,बड़कागांव.
पता - हुरहुरू , हजारीबाग.
फोन नंबर - 8700260827

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अम्बा प्रसाद

गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है -

"तुलसी विरवा बाग के सींचत में मुरझाय."

“राम भरोसे जे रहें, पर्वत पे हू हरियांय."

इसका मतलब यह है कि कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें घर के आंगन में लगाया जाता है , पूरी देखभाल की जाती है , पानी दिया जाता है फिर भी वे सूख जाते हैं और कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो पहाड़ पर उगते हैं , कोई देखने वाला नहीं होता फिर भी वे हरे भरे रहते हैं क्योंकि उन पर राम की कृपा होती है. भगवान की कृपा बरसती है.

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