03/10/2024
Bhaiya Gaurav Das
करोगे सेवा, मिलेगी मेवा
03/10/2024
16/07/2024
#शब्द' कितनी भी #समझदारी से प्रयोग किये जायें,*
*किंतु #सुनने वाला उनका #मतलब*
*अपनी #योग्यता और #विचारों के अनुसार*
*ही #समझता व #निकालता है !*
*' #भरोसा' और ' #उम्मीद' जीवन के वह #दृष्टिकोण हैं,*
*जिसमें सभी #अपने #नज़र आते हैं,*
*लेकिन*
*' #संदेह' और ' #अविश्वास' के भाव रखोगे,*
*तो #अपने भी #पराये ही #दृष्टिगोचर होते हैं !*
12/07/2024
पीतल अभिषेक पत्रम:
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पीतल अग्नि के देवता अग्नि से संबंधित है और इसे अग्नि आधारित अनुष्ठानों के संचालन के लिए एक शुभ धातु माना जाता है। अग्नि और पवित्रता के साथ यह संबंध पूजा के सार के साथ खूबसूरती से मेल खाता है, जो मन और आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास करता है।
यह अभिषेक पात्र, एक पवित्र वस्तु, देवी-देवताओं द्वारा उपयोग की जाने वाली स्नान ट्रे है। इसमें चोंच के आकार का एक बड़ा केंद्र कंटेनर है। अभिषेक एक धार्मिक प्रथा है जिसमें भगवान को पवित्र जल से नहलाना शामिल है। एक विस्तृत अभिषेक अनुष्ठान के दौरान एक पवित्र प्रतिमा को दूध, दही, छाछ, शहद, घी, चीनी और अन्य फलों के तरल पदार्थों से धोया जाता है। पवित्र आकृति को स्नान कराने के बाद, उसे कपड़े पहनाए जाते हैं, सजाया जाता है, पोषित किया जाता है और घंटियों, ड्रमों और अन्य वाद्ययंत्रों के साथ भजनों के साथ उसकी प्रशंसा की जाती है। इस पीतल के औपचारिक वाद्ययंत्र का आध्यात्मिक महत्व है और यह अभिषेक के समारोहों के लिए आवश्यक है।
पूजा की शक्ति: अभिषेक करना
अभिषेक पत्रम पीतल, स्टील, तांबा और कांस्य जैसी विभिन्न सामग्रियों से बना एक बर्तन है। इसका उपयोग मुख्य रूप से "अभिषेक" या "अभिषेकम" नामक अनुष्ठान करने के लिए किया जाता है। इस अनुष्ठान में, देवताओं को कपड़े पहनाने से पहले विभिन्न तरल सामग्रियों जैसे शहद, पानी, दूध आदि से स्नान कराया जाता है। यह स्थापित किए जाने वाले देवताओं की संख्या और आकार के आधार पर विभिन्न आकृतियों और आकारों में आता है। इसके ऊपर देवता को स्थापित करने के लिए एक सपाट प्लेट या ट्रे होती है। बर्तन को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि ट्रे में एक आउटलेट या मार्ग हो ताकि सभी तरल पदार्थ बाहर निकल जाएं और एक अलग बर्तन में एकत्र हो जाएं। इसलिए यह विभिन्न उद्देश्यों जैसे कि शिवलिंग अभिषेक या देवताओं की विभिन्न मूर्तियों का अभिषेक आदि को पूरा करता है।
पत्रम खरीदें और आशीर्वाद की पवित्रता महसूस करें।
Brass Abhishek Patram:
According to Hindu beliefs, brass is associated with Agni, the god of fire, and is considered an auspicious metal for conducting fire-based rituals. This connection with fire and purity aligns beautifully with the essence of Pooja, which seeks to purify the mind and soul.
This Abhishek Patra, a holy item, is a bathing tray used by Gods and Goddesses. It features a large center container shaped like a beak. Abhishek is a religious practice that involves washing a deity with sacred water. A sacred statue is washed in milk, yogurt, buttermilk, honey, clarified butter, sugar, and other fruit liquids during an elaborate Abhishek rite. After the sacred figure has been bathed, it is clothed, adorned, nourished, and praised with hymns accompanied by bells, drums, and other instruments. This brass ceremonial instrument has spiritual significance and is necessary for Abhishek's ceremonies.
The Power of Worship: Performing an Abhishek
Abhishek Patram is a vessel made of different materials such as brass, steel, copper, and bronze. It is mainly used for performing a ritual known as “Abhishek” or “Abhishekam”. In this ritual, the deities are bathed with various liquid ingredients such as honey, water, milk, etc before dressing them. It comes in various shapes and sizes depending upon the number and size of the deities to be placed. There is a flat plate or tray on the top for placing the deity on it. The vessel is designed in such a way that there is an outlet or passage in the tray so that all the liquids are poured out and collected in a separate vessel.Hence it serves various purposes like Shivling Abhishek or Abhishek of different idols of deities.
Purchase the Patram and Feel the piousness of blessings.
07/07/2024
आप सभी को जगन्नाथ रथ की हार्दिक शुभकामनाएं
25/06/2024
*किसी इंसान की वर्तमान स्थिति देखकर*
*उसके भविष्य का उपहास मत उड़ाओ,*
*क्योंकि*
*काल में इतनी शक्ति है,*
*कि वह एक साधारण से कोयले को भी*
*धीरे-धीरे हीरे में बदल देता है !*
*हौसला होना चाहिए,*
*ज़िंदगी तो कहीं से भी शुरू की जा सकती है !*
*जहाँ "प्रयत्नों" एवं "कोशिशों" की ऊंचाई*
*अधिक होती है,*
*वहाँ "किस्मत" को भी झुकना पड़ता है !
21/06/2024
योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
15/06/2024
*“संगत का असर”*
*‘बारिश’ की एक बूंद गर्म तवे पर पड़ती है,*
*तो एक सेकंड में मिट जाती है !*
*कमल के पत्ते पर पड़ती है,*
*तो मोती की तरह चमकने लगती हैं*
*और*
*अगर सीप में गिरती है,*
*तो खुद मोती बन जाती है !*
*पानी की बूंद वही है, फ़र्क तो बस संगत का है !*
06/06/2024
🏵 🌸 🌼 🦚🌞🦚 🌼 🌸 🏵
*लोग आपके जीवन में आयेंगे,*
*वो आपकी कमजोरी और आपके दुःखों को*
*जानने की कोशिश करेंगे !*
*यदि आपने अपनी आंतरिक बातें उनसे कह दी,*
*तो वो आपका मखौल उड़ायेंगे*
*और*
*आपका इस्तेमाल करना शुरु कर देंगे !*
*इसलिए अगर समाज में इज्ज़त पाना है,*
*तो अपने गुप्त राज किसी को भी मत बतायें !*
*हमेशा अपने नजरिए में सही रहो,*
*दुनिया की परवाह मत करो !*
*दुनिया की नज़रों में तो आपकी सौ अच्छाइयों*
*पर एक गलती भारी है !*
15/05/2024
पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज जी एवं श्री तुलसी पीठ न्यास चित्रकूट के उत्तराधिकारी *परम पूज्य श्री आचार्य रामचंद्र दास जी* को जन्मोत्सव की मंगल बधाई ।।
15/05/2024
https://www.youtube.com/live/ef-YE8C5SSI?si=MEmtrWd_PmDJkwEL
LIVE🔴DAY 5 - श्री शिव महापुराण कथा || परम पूज्य महंत राधे श्याम जी महाराज || हुसैनपुर, फिरोजाबाद LIVE🔴DAY 5 - श्री शिव महापुराण कथा || परम पूज्य महंत राधे श्याम जी महाराज || हुसैनपुर, फिरोजाबाद ...
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