05/10/2026
*औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए - कलेक्टर श्री शिवम वर्मा*
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*अति खतरनाक एवं खतरनाक श्रेणी के कारखानों की नियमित जांच और सेफ्टी ऑडिट के दिए निर्देश*
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*आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण पर दिया जाएगा विशेष ध्यान*
इंदौर, 05 अक्टूबर 2026
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज जिला जोनल सेफ्टी काउंसिल इंदौर की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षा मानकों के पालन, आपातकालीन तैयारियों तथा अति खतरनाक एवं खतरनाक श्रेणी के कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिला जोनल सेफ्टी काउंसिल का प्रमुख उद्देश्य जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कारखानों के सुरक्षा परिदृश्य की नियमित समीक्षा, औद्योगिक दुर्घटनाओं का विश्लेषण, सुरक्षा ऑडिट की स्थिति का आकलन, कमियों की पहचान तथा दुर्घटना निवारण एवं आपातकालीन तैयारियों को सुनिश्चित करना है।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से अति खतरनाक एवं खतरनाक श्रेणी के कारखानों की नियमित जांच करने तथा सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कारखानों में संभावित दुर्घटनाओं के जोखिमों की पहले से पहचान कर उनके प्रभावी निराकरण की कार्ययोजना तैयार रखी जाए। आग, विस्फोट, जहरीली गैस के रिसाव सहित अन्य औद्योगिक आपदाओं से निपटने के लिए संबंधित विभागों एवं औद्योगिक इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय रहे। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया जाए।
*नियमित रूप से हों मॉक ड्रिल*
कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित की जाए। कारखानों में कार्यरत श्रमिकों और संबंधित अमले को आपात स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कार्यशीलता भी समय-समय पर जांची जाए। बैठक के एजेंडे में भी सुरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम, मॉक ड्रिल, क्षमता निर्माण तथा सुरक्षा अवसंरचना एवं प्रतिक्रिया तंत्र को बेहतर बनाने के लिए समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
*इंदौर जिले में 1253 पंजीकृत कारखाने*
बैठक में जानकारी दी गई कि इंदौर जिले में वर्तमान में संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 1253 पंजीकृत कारखाने हैं। इनमें 19 अति खतरनाक, 263 खतरनाक तथा 971 साधारण श्रेणी के कारखाने शामिल हैं। खतरनाक श्रेणी में मुख्य रूप से कोल्ड स्टोरेज, आइस फैक्ट्री, मिल्क चिलिंग एवं मिल्क प्रोडक्ट इकाइयां, फार्मा, पेंट, पेस्टीसाइड, रोलिंग मिल तथा सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन कारखाने शामिल हैं।
बैठक में जिले में स्थापित अति खतरनाक कारखानों और उनमें उपयोग किए जा रहे खतरनाक रसायनों तथा उनसे जुड़े संभावित जोखिमों की भी समीक्षा की गई। इसमें पेट्रोलियम डिपो, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित अन्य इकाइयों में अग्नि, विस्फोट तथा गैस रिसाव जैसे संभावित खतरों के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई।
*फायर वर्क्स इकाइयों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी के निर्देश*
कलेक्टर श्री वर्मा ने फायर वर्क्स से संबंधित इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्वलनशील एवं विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने वाली इकाइयों में भंडारण, संचालन और सुरक्षा से संबंधित निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। नियमों के उल्लंघन अथवा सुरक्षा में गंभीर कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं हो, बल्कि प्रत्येक सुरक्षा बिंदु को गंभीरता से जांचा जाए। जहां कमियां मिलें, वहां समय-सीमा निर्धारित कर सुधार कराया जाए और उसका फॉलोअप भी किया जाए।
बैठक में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करने तथा श्रम कानूनों के पालन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित श्रम स्टार रेटिंग, AROH (Action for Results in Occupational Health and Safety), YES (Yoga Essentials and Surya Namaskar) तथा श्रम प्रहरी जैसी पहलों की जानकारी भी दी गई।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, जिससे दुर्घटना की संभावना को पहले ही न्यूनतम किया जा सके।
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