16/09/2021
जय श्री महाँकाल
तुम्हारा क्या तुम्हें आसाँ बहुत रस्ते बदलना है हमें हर एक मौसम क़ाफ़िले के साथ चलना है
16/09/2021
जय श्री महाँकाल
04/07/2021
कौन कहता है सब कुछ नसीब से ही मिलता है।
मेहनत कर के देखो हार कर भी सुकून मिलता है।।
29/12/2020
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*"“असफलता" अनाथ होती है !*
*जबकि*
*“सफलता" के कई रिश्तेदार होते हैं !!"*
मैं दिया हूँ
मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं
सही बात
14/12/2020
*कोइ हमसा मिले तो बताना हम खुद आयेंगे उसे सलाम करने*