Repairing Laptop and Desktop all aseembling

Repairing Laptop and Desktop all aseembling

Share

A warranty upgrade service such as Onsite (Next Business Day or 24x7x4 response where available)
gives customers fast access to higher levels of response

14/09/2024
14/09/2024

सेवा में
आदरणीय बाबू जी सादर प्रणाम
यहां का हाल चाल सब ठीक है आशा है कि आप भी वहां कुशल मंगल से होगे।
आपका पत्र मिला पढ़कर सब समाचार मालूम हुआ।
आगे समाचार य़ह है कि _________________
बाकी सब ठीक है।
शेष समाचार अगले पत्र में!
पत्र पढ़कर पत्र का जबाब शीघ्र देना।

आपकी बेटी अरूणिमा सिंह ।

कुछ साल पहले इस अंतर्देशीय पत्र में यू ही संबोधित करके एक दूसरे को पत्र लिखा जाता था।
तब आम ज़न तक फोन नहीं आया था। पैसे कमाने के लिए दूसरे राज्य या शहर में गए अपने अपनों से यू ही पत्र लिखकर हाल खबर लिया दिया करते थे।
मेरे बाबू जी मुबई रहते थे। जब तक मैं छोटी थी लिखना नहीं जानती थी तब तक माँ किसी से पत्र लिखवाया करती थी जब मै टेढ़ा मेढ़ा लिखने लगी तबसे पत्र मैं लिखती थी और पता माँ किसी और से लिखवाया करती थी क्योंकि पता सही और साफ लिखा हो तभी गन्तव्य तक पहुंचता था।
पत्र खोलने पर जब बाबू जी मेरी टूटी फूटी भाषा और हेड राइटिंग में लिखा पत्र देखते थे तो खुश हो जाते थे।
एक बार एक पत्र में मैं ने लीक से हटकर बाते लिखी जैसे अब पोस्ट में लिखती हूँ । पत्र में कोई और बात लिखनी थी तो हमने आगे समाचार यह है कि जगह लिखा कि एक बात बताना तो आप को भूल ही गयी _______
बाबू जी जब घर आए तब माँ को मेरे पत्र लिखने के नए तरीके के बारे में बताने लगे मैं सुनकर शर्मिंदा होती जा रही थी।
क्या पता था कि वहीं नया तरीका आज काम आयेगा और आप सबके लिए उसी तरीके से पोस्ट लिखूँगी जो आप सबको मुझसे जोड़े रखेगी।
पत्र का आदान प्रदान महीने में एक ही बार हो पाता था।
यदि कोई ज्यादा आवश्यक कार्य हुआ तब तार तार मार दिया जाता था। यदि पैसे भेजने हो तो मनीआर्डर के माध्यम से भेजा जाता था या कोई शहर से गांव आ रहा हो तो उसके हाथ पैसे, कपड़े, जरूरत की वस्तुए, बच्चों के लिए टॉफ़ी ,बिस्कुट इत्यादि भेजते थे और उसके बदले में गांव से शहर जाते समय घर से सिरका, अचार,भूजा, चुडा,गुड़ भेजा जाता था।
सामान मिलने के बाद पत्र के माध्यम से सूचित किया जाता था कि फलाने आए और आपका भेजा सामान प्राप्त हुआ।
कुछ समय बाद खंबे गड़े जो बिजली के खंबे से थोड़ा छोटे होते थे और उन पर तार खिंची गयी फिर फोन लगे।
ये फोन उनके पास होते थे जो गांव में बड़का लोग यानी अमीर माने जाते थे या फिर पीसीओ बूथ पर लगे।
पहले आम ज़न और फोन के बीच काफी दूरी थी परन्तु जगह जगह पर पीसीओ बूथ खुलने से ये दूरी कम हो गयी और पत्र लिखने और भेजने की दर भी घट गयी लोगों को कुछ पैसे खर्च करके सीधा बात कर लेना ज्यादा आसान लगने लगा था।
फिर मोबाइल का जमाना आया हर हाथ मोबाइल हो गया।
स्मार्ट फोन के आगमन ने तो पूरी दुनिया ही उलट पलट कर दी
आगे की कहानी अब क्या सुनेंगे क्योंकि उसी कहानी के तो अब हम सब पात्र हैं।

पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके अवश्य बतायें।
पोस्ट अच्छी लगे तो लाइक शेयर करें।
तस्वीर फेसबुक साभार

पीयूष उपाध्याय जी के सुझाव पर ये पोस्ट लिखी है। पीयूष जी धन्यवाद आदरणीय
पोस्ट कार्ड पर तो नहीं लिखा है अंतर्देशीय पत्र पर लिखा है।
अरूणिमा सिंह

14/09/2024

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवको द्वारा नित्यप्रति की जाने वाली प्रार्थना का हिंदी अनुवाद 🚩

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे,
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोsहम्।

हे प्यार करने वाली मातृभूमि! मैं तुझे सदा (सदैव) नमस्कार करता हूँ। तूने मेरा सुख से पालन-पोषण किया है।

महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे,
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते।। १।।

हे महामंगलमयी पुण्यभूमि! तेरे ही कार्य में मेरा यह शरीर अर्पण हो। मैं तुझे बारम्बार नमस्कार करता हूँ।

प्रभो शक्ति मन्हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता,
इमे सादरं त्वाम नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयं,
शुभामाशिषम देहि तत्पूर्तये।

हे सर्वशक्तिशाली परमेश्वर! हम हिन्दूराष्ट्र के सुपुत्र तुझे आदर सहित प्रणाम करते है। तेरे ही कार्य के लिए हमने अपनी कमर कसी है। उसकी पूर्ति के लिए हमें अपना शुभाशीर्वाद दे।

अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिम,
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्,
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं,
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत्।। २।।

हे प्रभु! हमें ऐसी शक्ति दे, जिसे विश्व में कभी कोई चुनौती न दे सके, ऐसा शुद्ध चारित्र्य दे जिसके समक्ष सम्पूर्ण विश्व नतमस्तक हो जाये। ऐसा ज्ञान दे कि स्वयं के द्वारा स्वीकृत किया गया यह कंटकाकीर्ण मार्ग सुगम हो जाये।

समुत्कर्षनिःश्रेयसस्यैकमुग्रं,
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा,
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्राsनिशम्।

उग्र वीरव्रती की भावना हम में उत्स्फूर्त होती रहे, जो उच्चतम आध्यात्मिक सुख एवं महानतम ऐहिक समृद्धि प्राप्त करने का एकमेव श्रेष्ठतम साधन है। तीव्र एवं अखंड ध्येयनिष्ठा हमारे अंतःकरणों में सदैव जागती रहे।

विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्,
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम्।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं,
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम्।। ३।। ।।

हे माँ तेरी कृपा से हमारी यह विजयशालिनी संघठित कार्यशक्ति हमारे धर्म का सरंक्षण कर इस राष्ट्र को वैभव के उच्चतम शिखर पर पहुँचाने में समर्थ हो।

भारत माता की जय।.. 🚩

Want your business to be the top-listed Government Service in Indore?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Telephone

Website

Address


A-10 Cidco Kiosk Sanpada RLy, Station Sanpada
Indore
400705