18/02/2021
महाभारतकालीन सोमेश्वरस्वामी मंदिर विदेशी आक्रमणों के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, मूर्तिया खंडित अवस्था मे है । लेकिन् प्रत्येक सनातनी की आज भी इस प्राचीन एवं महान मंदिर को लेकर आस्था अखंड है ।
विशाखापट्नम का सोमेश्वरस्वामी मंदिर
17/02/2021
ंदिर_देवराज_इंद्र_ने_बनवाया_था - करोड़ो साल पहले
मीनाक्षी अम्मा मंदिर - इसी मंदिर में शिव विवाह हुआ था
मीनाक्षी मंदिर, मदुरई - जिसके आगे दुनिया की प्रत्येक सुंदर से सुंदर चीज कुछ नही ...
"कांची तु कामाक्षी, मदुरै मिनाक्षी,
दक्षिणे कन्याकुमारी ममः शक्ति रूपेण भगवती ।।
नमो नमः नमो नमः।।
अर्थात , शक्ति का कांची ने नाम कामाक्षी जी, मदुरई में मीनाक्षी, दक्षिण में कन्याकुमारी ।
यहां के लोगो की मान्यता है, की भगवान शिव का विवाह इसी मंदिर में हुआ था । मां का यह विशाल भव्य मंदिर तमिलनाडू के मदुरै शहर में है। यह मंदिर मीनाक्षी अम्मन मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। माँ मीनाक्षी का यह अम्मन मंदिर को विश्व के नए सात अजूबों के लिए नामित किया गया है।
इस मन्दिर का स्थापत्य एवं वास्तु आश्चर्यचकित कर देने वाला है, जिस कारण यह आधुनिक विश्व के सात आश्चर्यों की सूची में प्रथम स्थान पर स्थित है, एवं इसका कारण इसका विस्मयकारक स्थापत्य ही है। इस इमारत समूह में 12 भव्य गोपुरम हैं, जो अतीव विस्तृत रूप से शिल्पित हैं। इन पर बडी़ महीनता एवं कुशलतापूर्वक रंग एवं चित्रकारी की गई है, जो देखते ही बनती है। यह मन्दिर तमिल लोगों का एक अति महत्वपूर्ण द्योतक है, एवं इसका वर्णन तमिल साहित्य में पुरातन काल से ही होता रहा है।
#पौराणिक_कथा
हिन्दू आलेखों के अनुसार, भगवान शिव पृथ्वी पर #सुन्दरेश्वरर रूप में स्वयं देवी पार्वती पृथ्वी पर #मिनाक्षी से विवाह रचाने अवतरित हुए। इस विवाह को विश्व की सबसे बडी़ घटना माना गया, जिसमें लगभग पूरी पृथ्वी के लोग मदुरई में एकत्रित हुए थे। भगवान विष्णु स्वयं, अपने निवास बैकुण्ठ से इस विवाह का संचालन करने आये। ईश्वरीय लीला अनुसार इन्द्र के कारण उनको रास्ते में विलम्ब हो गया। इस बीच विवाह कार्य स्थानीय देवता कूडल अझघ्अर द्वारा संचालित किया गया। बाद में क्रोधित भगवान विष्णु आये और उन्होंने मदुरई शहर में कदापि ना आने की प्रतिज्ञा की। और वे नगर की सीम से लगे एक सुन्दर पर्वत अलगार कोइल में बस गये। बाद में उन्हें अन्य देवताओं द्वारा मनाया गया, एवं उन्होंने मीनाक्षी-सुन्दरेश्वरर का पाणिग्रहण कराया।
यह विवाह एवं भगवान विष्णु को शांत कर मनाना, दोनों को ही मदुरई के सबसे बडे़ त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, जिसे चितिरई तिरुविझा या अझकर तिरुविझा, यानि सुन्दर ईश्वर का त्यौहार ।
इस दिव्य युगल द्वारा नगर पर बहुत समय तक शासन किया गया। यह वर्णित नहीं है, कि उस स्थान का उनके जाने के बाद्, क्या हुआ? यह भी मना जाता है, कि इन्द्र को भगवान शिव की मूर्ति शिवलिंग रूप में मिली और उन्होंने मूल मन्दिर बनवाया। इस प्रथा को आज भी मन्दिर में पालन किया जाता है ― त्यौहार की शोभायात्रा में इन्द्र के वाहन को भी स्थान मिलता है।
16/02/2021
#वैदिककाल_का_गौरव
ताजमहल भी हिन्दू विरासत है, लेकिन ताजमहल ही एकमात्र हिन्दू विरासत नही है , इसके अलावा भी भारत के चप्पे चप्पे पर महान विरासत की भरमार है ।।
863 मंदिर जहां एक साथ है ..
पालीताना जैन मंदिर ।।
16/02/2021
#ब्रह्माजी की #महाभारतकालीन प्रतिमा
14/02/2021
उदयपुर का 400 वर्ष पुराना #जगदीश_मंदिर । इस मंदिर का निर्माण महाराणा जगतसिंह ने करवाया, ऐसा वर्णन ऐतिहासिक पुस्तको में मिलता है ।
13/02/2021
Ancient Shiv Mandir , Jaisalmer
13/02/2021
जिस तरह हम प्राचीन मंदिरों पर गर्व करते है, आने वाली पीढियां अक्षरधाम मंदिरो पर गर्व करेगी , ओर कहेगी, यह हमारे पूर्वजो के समय की महान कलाकृति है । अक्षरधाम ग्रुप पूरी पृथ्वी ही नही , परलोक में भी अपना नाम अमर कर रहा है ।
11/02/2021
A Golden City And Temple
𝐒𝐨𝐧𝐢 𝐉𝐢 𝐊𝐢 𝐍𝐚𝐬𝐢𝐲𝐚 , 𝐀𝐣𝐦𝐞𝐫
10/02/2021
भारत से लेकर इटली तक वैदिक मंदिर
मगध (अंगप्रदेश ) देश का एक राज्य था " लवप्रदेश " आजकल वही कहलाता है ।वियतनाम तक का क्षेत्र लव प्रदेश ही था। वियतनाम में भी शिवलिंग शिवमूर्तिया काफी ज्यादा मिलती है ।। यह सभी हिन्दू मन्दिर लव देश का है । राहु की ठीक वही एक मूर्ति इटली में भी है । इससे बढ़कर वैदिक धर्म के की प्राचीनता के प्रमाण और क्या हो सकते है ?
लेते हुए बुद्ध श्रीविष्णु है, तपस्या कर रहे साधु श्रीराम ।इन मूर्तियो दूसरे धर्म मे कन्वर्जन हो चुका है
10/02/2021
भगवान श्रीकृष्ण भी कभी सोमनाथ मंदिर में पूजा किया करते थे । वह शिवलिंग और मंदिर तो विदेशी आक्रांताओं ने बार बार ध्वस्त कर दिया ।। यह मंदिर गुजरात के सिंहहपुरुष #सरदार_पटेल जी के अथक प्रयासों के दुबारा बनकर तैयार हुआ ।
। सोमनाथ मंदिर - गुजरात ।
09/02/2021
यह #थाईलैंड के हिन्दू मंदिर है । #नंदी से लेकर #परमात्मा #श्रीविष्णु एवं अन्य सभी देवी देवताओं के उकेरे गए चित्र एवं मूर्तिया आप साफ देख सकते है ।। अगर थाईलैंड के प्राचीन इतिहास की बात करें, तो इस देश का पुराना नाम या #श्याम था ।। श्याम नाम संस्कृत का है, तथा हिंदुओ में विख्यात नाम है ।।
#म्यांमार- #लाओस- #कम्बोडिया- #मलेशिया- #थाईलैंड- #इंडोनेशिया - #वियतनाम आज भले ही अलग अलग देश हो, कभी यह भारत का हिस्सा हुआ करते थे। यह क्षेत्र बिहार-बंगाल उर्फ अंगप्रदेश का ही हिस्सा था । थाईलैंड के शासकों को #ताई कहा जाता था, यह "राय" का अपभ्रंस है । थाईलैंड में #राममंदिर जो भी ताम मंदिर भी कहते है । #रामायणकाल में #थाईलैंड #अयोध्या का ही एक भाग था । बाद में रावण ने इसपर अधिकार कर किया, ओर ताड़का को यहां का शासन दे दिया, यही क्षेत्र संभवतः फिर #ताड़कावन कहलाने लगा ।
इसी #ताई उर्फ #रायवंश की एक शाखा #अहोम_क्षत्रिय थे । जो आसाम पर शासन करते थे, मुगलो को अहोमो ने नाक रगड़वा दी थी । जो ताई भारत मे रह गए, वह हिन्दू रह गए, भारत के बाहर बोद्ध । यह ठीक #पाकिस्तान जैसा ही मामला है , जहां का मूल हिन्दुत्व है, लेकिन वर्तमान #इस्लाम ।
ऐतिहासिक दस्तावेजों से यह भी ज्ञात होता है, की भारत के प्रसिद्ध राजवंश #चालुक्य_वंश का भी इस क्षेत्र पर अधिकार रहा है । थाईलैंड के एक राजवंश का नाम भी है, जो स्पष्ठतः चालुक्यवंश का बिगड़ा हुआ उच्चारण है । इसे #चोलसाम्राज्य या #चोलमण्डल भी कहा जाता है ।
#मंदिर_यात्रा