01/11/2025
इनकी जिम्मेदारी ये रहेगी...
IPS तबादला सूची में 2 नए पद बने
1. डीजी स्पेशल ऑपरेशंस (आनंद श्रीवास्तव)
2. स्पेशल सीपी जयपुर (राहुल प्रकाश)
Police-Mitra Sangathan is an associated hands of Raj Police which helps citizens / society for aware
Police-Mitra Sangathan is an associated hands of Raj Police which helps citizens / society for awareness of crimes like: Bank / ATM fraud, Cyber crime, social media topics, enhancing awareness on human rights and awareness on anti-social elements.
01/11/2025
इनकी जिम्मेदारी ये रहेगी...
IPS तबादला सूची में 2 नए पद बने
1. डीजी स्पेशल ऑपरेशंस (आनंद श्रीवास्तव)
2. स्पेशल सीपी जयपुर (राहुल प्रकाश)
01/11/2025
आम जन में विश्वास एवं अपराधियों में डर, ईमानदार दबंग एवं निष्ठावान पुलिस ऑफिसर
*भूलने वाली दवाई*
मेरी दवा की दुकान थी और उस दिन दुकान पर काफी भीड़ थी।
मैं ग्राहकों को दवाई दे रहा था... दुकान से थोड़ी दूर पेड़ के नीचे एक बुजुर्ग औरत खड़ी थी। मेरी निगाह दो तीन बार उन महिला पर पड़ी तो देखा उनकी निगाह मेरी दुकान की तरफ ही थी।
मैं ग्राहकों को दवाई देता रहा लेकिन मेरे मन में उन बुजुर्ग महिला के प्रति जिज्ञासा भी थी कि वह वहाँ खड़े-खड़े क्या देख रही हैं।
जब ग्राहक कुछ कम हुए तो मैंने दुकान का काउंटर दुकान में काम करने वाले लड़के के हवाले किया और मैं उन महिला के पास गया।
मैंने पूछा... "क्या हुआ माता जी कुछ चाहिए आपको... मैं काफी देर से आपको यहाँ खड़े देख रहा हूँ। गर्मी भी काफी है इसलिए सोचा चलो मैं ही पूछ लेता हूँ, आपको क्या चाहिए?"
बुजुर्ग महिला इस सवाल पर कुछ सक पका-सी गई।
फिर हिम्मत जुटा कर उन्होंने पूछा... "बेटा मेरे दो बेटे हैं। दोनों दूसरे शहर में रहते हैं। हर बार गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के साथ मिलने आ जाते हैं। इस बार उन्होंने कहीं पहाड़ों पर छुट्टियाँ मनाने का निर्णय लिया है।
बेटा इसलिए इस बार वह हमारे पास नहीं आएंगे। यह समाचार मुझे कल शाम को ही मिला... कल सारी रात ये बात सोच-सोच कर परेशान रही...
एक मिनट भी सो नहीं सकी... आज सोचा था तुम्हारी दुकान से दवाई लूंगी लेकिन दुकान पर भीड़ देखकर यहीं खड़ी हो गई, सोचा जब कोई नहीं होगा तब तुमसे दवा पूछूंगी..."
"हाँ-हाँ बताइये ना माँ जी। कौन-सी दवाई चाहिए आपको, अभी ला देता हूँ... आप बताइये।"
"बेटा कोई बच्चों को भूलने की दवाई है क्या...? अगर है तो ला दे बेटा...
भगवान तुम्हारा भला करेगा।"
इससे आगे के शब्द सुनने की मेरी हिम्मत ना थी। मेरे कान सुन्न हो चूके थे। मैं उनकी बातों का बिना कुछ जवाब दिये चुपचाप दुकान की तरफ लौट आया।
क्योंकि उस बुजुर्ग महिला की दवा उनके बेटों के पास थी, ना कि मेरे पास।
जो शायद विश्व के किसी मैडिकल स्टोर पर नहीं मिलेगी... अब मैं काउंटर के पीछेखड़ा था।
मन में विचारों की आंधी चल रही थी लेकिन मैं उस पेड़ के नीचे खड़ी उस माँ से नजरें भी नहीं मिला पा रहा था।
मेरी भरी दुकान भी उस महिला के लिए खाली थी... मैं कितना असहाय था... या तो ये मैं जानता था या मेरा भगवान...!
अब जब भी मैं ये सुनता हूँ कि इस बार गर्मी की छुट्टियों में कोई गाँव न जाकर कहीं और घूमने जा रहा हैं, तो पेड़ के नीचे खड़ी उन माता जी की वेदना अंदर तक झंझोड़ देती है।
💐💐💐💐💐💐💐💐
21/09/2025
13/10/2024
"हम विजय की ओर बढ़ते जा रहे...."
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केशव नगर इकाई द्वारा आयोजित किए पथ संचलन का सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में न्यू सांगानेर रोड़ व सोडाला तिराहे पर पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अनामिकता के भाव के साथ सतत मां भारती की सेवा के लिए कार्य करने वाले स्वयंसेवकों का आचरण और जीवन समाज के लिए आदर्श होता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 99 वर्ष पूर्ण कर अपने शताब्दी में प्रवेश कर रहा है। सभी क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक कदम बढ़ाकर, संघ की सार्थकता सिद्ध कर रहे हैं।
12/10/2024
सन 1925 विजयादशमी के दिन मैंने अपनी यात्रा प्रारंभ की और इस वर्ष विजयादशमी के दिन मैं अपनी यात्रा करते हुए शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा हूं...
मेरा यह मानना है की भारतमाता का हर सपूत मेरी प्राण वायु का एक हिस्सा है...
मेरा यह भी मानना है की संपूर्ण समाज की सेवा संकल्प के माध्यम से जुड़े हुए बंधुओं भगिनियों की आंतरिक शक्तियों में मैं विद्यमान हूं।
मैं कोई आपसे अलग नहीं हूं, मैं आप सब में ही तो हूं...
कोटि-कोटि जन से मिलकर मेरा निर्माण हुआ है, सज्जन शक्ति को बढ़ाने तथा दुर्जन शक्ति से सावधान करने ही तो मैं आप सब में विद्यमान हूं..
मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हूं।
(RSS)
21 अगस्त का 'भारत बंद' किसलिए? समझिए!
प्रश्न 1. *सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिलेयर* लागू करने का फैसला दिया हैं?
उत्तर- नहीं, क्रिमिलेयर पर चीफ जस्टिस चन्द्रचुड की 7 सदस्यीय बैंच के कुछ सदस्यों ने क्रिमिलेयर पर *ओपिनियन* दी थी। वे ओपिनियन *फैसले में शामिल नहीं* थी।
प्रश्न 2. मोदी सरकार क्रिमिलेयर लागू कर रही है ?
उत्तर- नहीं, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सुझावों के बाद कैबिनेट मंत्रियों की बैठक कर *क्रिमिलेयर को लागू नहीं* करने का निर्णय लिया हैं।
प्रश्न 3. क्रिमिलेयर क्या हैं?
उत्तर: क्रिमिलेयर उन परिवारों को माना जाता है, जिनकी हर साल की आय 8 लाख हो और यह 3 साल तक लगातार हो। ऐसे को क्रिमिलेयर मानकर आरक्षण से अलग कर देते है। यह ओबीसी में लागू हैं। इससे IAS-RAS स्तर के अफसरों के बच्चों को आरक्षण मिलने के रास्ते बन्द हो जाते है।
प्रश्न 4. क्या सुप्रीम कोर्ट ने कैटेगरी में कोटा बनाने का फैसला दिया है?
उत्तर- हां, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को अधिकार दिया है कि वे चाहे तो कैटेगरी में कोटा कर सकती है। यह राज्यों के लिए *स्वैच्छिक* हैं।
प्रश्न 5. कैटेगरी में कोटा देने में मोदी सरकार की क्या भूमिका है?
उत्तर- मोदी कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के क्रिमिलेयर के *सुझाव* को रद्द कर दिया। पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा कैटेगरी के वर्गीकरण के राज्यों को दिये अधिकार के *फैसले* पर स्टडी करवाने के लिए विशेषज्ञों को दिया हैं।
प्रश्न 6. सुप्रीम कोर्ट में सबकोटा या वर्गीकरण का केस कैसे आया?
उत्तर: 1975 में *पंजाब की कांग्रेस की ज्ञानी जेल सिंह सरकार* ने SC कैटेगरी में आधा सीटों का कोटा (First preference) मजहबी सिख व वाल्मिकि जातियो को देने का फैसला किया था, यह 2006 तक चला, जब पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट ने रोक लगा दी। तब इसके विरोध में पंजाब में बहुत बड़ा आंदोलन हुआ। वाल्मीकि एवं मजहबी सिख को कोटा रखने के लिए कांग्रेस की अमरिंदर सिंह सरकार The Punjab Scheduled Castes and Backward Classes (Reservation in Services) Act, 2006 कानून लेकर आई। 2010 में चमार महासभा के देविन्दर सिंह के चुनौति देने पर हाइकोर्ट ने 50% कोटा देने की धारा 4(5) पर रोक लगा दी। 2010 में पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। फिर यह केस 5 जजो की बैंच से होता हुआ 7 जजो की बैंच में गया और फरवरी 2024 से इस देविन्दर सिंह बनाम पंजाब सरकार केस की सुनवाई शुरू हुई। इस तरह इस केस में 1 अगस्त को राज्य को वर्गीकरण की स्वतंत्रता देने का निर्णय आया। राज्य द्वारा कोटा दी जाने वाली जातियो की स्थिति की जांच कोर्ट भी कर सकती है।
प्रश्न 7. हरियाणा में बीजेपी सरकार ने एससी में कोटा देने का फैसला किया है?
उत्तर: हां, हरियाणा की कैबिनेट ने यह निर्णय किया है। एससी के 20% आरक्षण में 16 वंचित जातियों को आधा कोटा (first preference) देने का प्रस्ताव हैं। पर हरियाणा में अभी आचार संहिता लग चूकी हैं। अध्यादेश जारी करने के लिए हरियाणा राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है।
प्रश्न 8. हरियाणा सरकार ने एससी में वर्गीकरण का कैसे फैसला किया?
उत्तर- हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति आयोग ने वर्गीकरण पर अपनी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट राज्य सरकार को दी है। इसी के आधार पर यह फैसला किया गया।
प्रश्न 9. यह सबकोटा या वर्गीकरण क्या है?
उत्तर: इसके तहत एक कैटेगरी में कम प्रतिनिधित्व वाली जातियों को कोटा तय किया जाता है। मान लिजिए एससी के 16 प्रतिशत आरक्षण में 4 प्रतिशत पिछड़ी एससी जातियों नायक, मोची, वाल्मिकि, धोबी, बलाई, चाण्डाल, नट आदि के लिए कर दिया जाये!
प्रश्न 10. सब कोटा बनाने का आधार क्या है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार जातियों के प्रतिनिधित्व एवं स्थिति का सर्वेक्षण किया जाता है। सटीक आंकड़े होने पर ही उन जातियों को सबकोटा में लाभ दिया जाता है।
प्रश्न 11. सबकोटा की सीट नहीं भरी गई (NFS) गई, तो क्या वो सीट जनरल हो जायेगी?
उत्तर: नहीं, उसे *एससी में कंवर्ट करके शेष एससी जातियों से भरी जायेगी।* कोटा एक तरह से कुछ सीटों पर वंचित जातियों को first preference की तरह होता हैं। उनसे पद ना भरे जाने पर शेष एससी जातियों से भरे जाते हैं।
प्रश्न 12. सबकोटा का उपयोग राज्य सरकारों ने राजनीतिक फायदे के लिए करके वोट-बैंक के लिए किसी भी जातियो को जोड़ दिया तो?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सबकोटा में उन्हीं जातियो को जोड सकते है जो *सर्वेक्षण के आंकड़ो में एससी की वंचित जातियो* में है। कर्नाटक के ओबीसी वर्गीकरण को में बिना आंकड़ो के कुछ जातियो को अलग कोटा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।
प्रश्न 13. राजस्थान में इसका क्या प्रभाव पड़ना है?
उत्तर: राजस्थान में एससी-एसटी की जातियों का अलग-अलग मत हैं। राजसमंद-चित्तौड़गढ के *भील समाज* लंबे समय से एसटी में कोटे की मांग कर रहा था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का स्वागत किया हैं। वहीं वाल्मीकि समाज की भी कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया रही हैं।
प्रश्न 14. भारत बन्द का आह्वान किस संगठन ने किया?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही अचानक सोशल मीडिया में भारत बंद के पोस्टर और मैसेज आने लग गये, जिस पर आह्वान करने वालों का नाम नहीं था। फिर इसके लिए स्थानीय स्तर समितियां संघर्ष समितियां बनी ! अब क्रिमिलेयर के विरोध के मैसेज आ रहे है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिलेयर का सिर्फ ओपिनियन दिया था और क्रिमिलेयर के उस ओपिनियन को केन्द्र सरकार ने रिजेक्ट कर दिया।
प्रश्न 15. एससी-एसटी की वंचित जातियों की क्या आपत्ति है?
उत्तर: उन जातियों का कहना है कि वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। उन्होने कानूनी लडाइयां लड़ी हैं। जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व उनका हक हैं। उनका कहना है कि विरोध स्वरूप भारत बन्द का आह्वान करने से पहले उनसे सलाह-मशविरा भी नहीं किया।
साभार -
*********************
लोक-मत परिष्कार हेतु उपयोगी हो सकता है।
*सेवा करते समय, व्यापार मत करो*
एक सेठ-जी के पास एक ग्राहक कुछ समान लेने के लिए आया। उसने जितने का समान लिया उसमें 10 रूपये कम पड़ गए तो सेठ-जी ने कहा कुछ समान कम कर देता हूँ, हम उधार नहीं देते।
ग्राहक को सेठ-जी की बात बहुत ही बुरी लगी,
बोला कि मेरे घर में तीन-दिन से खाना नहीं बना
मेरा पूरा परिवार भूखा है और आपको रूपयों की पड़ी है।
सेठ-जी ने कहा 5 मिनट रूको, घर से सेठानी को बोलकर भोजन की एक शानदार थाली लगवाकर ले आए और बोले,
पहले भोजन करो तथा जाते समय कुछ भोजन बच्चों के लिए भी ले जाना।
उस व्यक्ति के जाने के बाद जब सेठ-जी के बच्चों ने पूछा पिता जी ये कैसा व्यवहार, 10 रूपये कम पड़ने पर तो
आपने उनका समान कम कर दिया और बाद में भरपेट भोजन तो करवाया ही साथ में और भोजन भी बांध दिया।
आखिर ऐसा क्यों....???
सेठ भी ख़ानदानी था बोला …… बच्चों हमेशा ये सीख याद रखना....
व्यापार करते समय, दया मत करो और
सेवा करते समय, व्यापार मत करो ||