27/05/2026
मौलाना अब्दुल रहमान को स्पेशल सेशंस कोर्ट ने आतंकवादी संगठन अल-कायदा से कथित संबंधों के आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। उन पर दिल्ली, जमशेदपुर और कटक में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे, जिसके चलते उन्होंने लगभग 14 साल जेल में बिताए।
इस फैसले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मदनी ने कहा कि अदालत के इस आदेश से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि बिना किसी पुख्ता सबूत के मुस्लिम युवाओं को आतंकवाद के झूठे मामलों में फंसाकर उनकी जिंदगी बर्बाद की जा रही है।
22/05/2026
ये लोग सिर्फ विरोध कर रहे थे कह रहे थे हम अरसे से यहाँ रह रहे हैँ हमे यहीं रहने दो बस यही बात सरकार पुलिस को नगवार गुजरी जैसे सामने कोई आतंकवादी होते हैँ उस तरह पुलिस टूट पड़ी जो क़ी संविधान के हिसाब से गलत है इन चाचा क़ी उमर देखो बेचारे सीनियर कोटे मे है इन पर लाठी बरसा कर क़्या मिला??
और कहाँ है वो राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग? प्रदेश आयोग अंतराष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग?? जो रात दिन कहते हैँ हम अल्पसंख्यक समाज क़ी आवाज़ कप उठाते हैँ
बताओ कहाँ है आज वो क़्या ये सही हो रहा है देश मे????
20/05/2026
आज ये कुर्बानी को बंद करने की बात करे रहा कल
बोलगा मक्का मदीना हज उम्हारा करने भी मत जाइये
इनकी सोच दखे करे तरस आ रहा ये लोग अपने बच्चों को किया सिखाते होंगे 😡
20/05/2026
दिल्ली में 22 साल क़े मुस्लिम युवक की गोली मार कर हत्या, मृतक का नाम अमानुल्लाह,
15/05/2026
एक रीट्वीट पर पत्रकार की गिरफ्तारी - क्या यह अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल है?
को चंडीगढ़ पुलिस हजारों KM दूर से लेकर आई। आरोप है कि उन्होंने मधु पूर्णिमा किश्वर का ट्वीट रीट्वीट किया था।
सुप्रीम कोर्ट पहले कह चुका है कि सिर्फ शेयर करना अपराध नहीं जब तक इरादा गलत साबित न हो।
हम उम्मीद करते हैं कि कोर्ट इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (a) के तहत निष्पक्ष फैसला देगा।