04/11/2025
आप सभी प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं।
भगवान श्री विष्णु और माता तुलसी का आशीर्वाद आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल कार्यों की सिद्धि लेकर आए।
इस शुभ पर्व से सबके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हो।
04/11/2025
शीश के दानी, हारे के सहारे, संकट हरने वाले श्री खाटू श्याम जी के पावन जन्मोत्सव पर समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई।
बाबा श्याम जी का आशीर्वाद आपके जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण करे।
उनकी कृपा से हर मनोकामना पूर्ण हो, हर मार्ग प्रशस्त हो और जीवन में सदैव भक्ति, प्रेम और आनंद का प्रवाह बना रहे।
04/11/2025
नारी शक्ति को सलाम!
महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत पर समस्त देशवासियों और सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! 🇮🇳
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अद्भुत प्रदर्शन, अटूट जज़्बे और टीम भावना के बल पर स्वर्णिम इतिहास रचा है। इस ऐतिहासिक विजय ने नारी शक्ति का परचम लहराते हुए भारत का गौरव पूरे विश्व में ऊँचा किया है।
10/07/2025
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं!
योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है। जो तन, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग दिखाता है।
इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आइए संकल्प लें कि योग को अपनी दिनचर्या में अपनाकर एक स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ।
योग अपनाएं, जीवन को संवारें।
स्वस्थ तन, स्थिर मन, यही योग का सार है।
10/07/2025
भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी विचारधारा के पुरोधा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन।
“एक देश, एक संविधान, एक प्रधान” के संकल्प हेतु उनका बलिदान राष्ट्र की एकता और अखंडता का प्रतीक है। उनके विचार, साहस और समर्पण हम सभी को निरंतर राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे।
10/07/2025
25 जून 1975 . . . यह तारीख सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं थी, बल्कि हमारे लोकतंत्र की आत्मा पर हमला था। यह वो काला दिन था जब संविधान को ताक पर रखकर आपातकाल थोपा गया, और एक पूरे राष्ट्र की आवाज़ को कुचलने की कोशिश की गई।
मेरी अम्मा महाराज, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, को बिना अपराध के 9 महीनों तक तिहाड़ जेल में कैद रखा गया। उन्हें तोड़ने की हर कोशिश हुई। लेकिन वे न डरीं, न झुकीं।
उन्होंने प्रार्थना से शक्ति पाई, और हर दिन का उपयोग साथियों का मनोबल बढ़ाने और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा को और गहरा करने में किया।
जेल में उनके और अन्य लोकतंत्र सेनानियों और नेताओं के बीच हुई चर्चाओं ने उस जनआंदोलन की नींव रखी, जिसने इंदिरा गांधी की तानाशाही को चुनौती दी।
आपातकाल के बाद जब लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने का वक्त आया, तब जनता सरकार ने 1977 में शाह आयोग का गठन किया। न्यायमूर्ति जे.सी. शाह के नेतृत्व में इस आयोग ने स्पष्ट रूप से बताया कि किस तरह अधिकार छीने गए, प्रेस पर ताले लगे, और न्यायपालिका को मूक दर्शक बना दिया गया।
शाह आयोग के समक्ष राजमाता सिर्फ एक पीड़ित नहीं, बल्कि सत्य की साक्षी बनकर खड़ी हुईं। उनके साहसिक बयान आज भी गवाही देते हैं कि जब कोई डर के आगे सच बोलता है, तब इतिहास की दिशा बदलती है।
शाह आयोग की रिपोर्ट आज भी हमें आगाह करती है कि लोकतंत्र स्थायी नहीं होता, उसकी रक्षा के लिए हर पीढ़ी को सतर्क और संकल्पित रहना होता है। आज उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को कोटिशः नमन, जिन्होंने अपने साहस से हमें अभिव्यक्ति, अधिकार और आज़ादी का अधिकार दिलाया।
FILE PHOTO : 14 नवम्बर 1977 | शाह आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए दिल्ली पहुँचीं राजमाता विजयाराजे सिंधिया।
10/07/2025
मानवता के सच्चे उपासक, कर्मयोग के प्रतीक,
मेरे आदर्श, मेरे पथप्रदर्शक पूज्य पिता श्रीमंत जीवाजीराव सिंधिया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। आपके सिद्धांत और संस्कार ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी हैं। आपकी प्रेरणा मेरे हर कदम की दिशा है और आपका आदर्श जीवन, मेरा पथ है।
10/07/2025
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की दिव्य रथयात्रा के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मैं प्रार्थना करती हूँ कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की कृपा सभी के जीवन में सुख, सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि का संचार करे।
यह रथयात्रा हम सबके जीवन में नई ऊर्जा, आशा और उत्साह का संचार करे तथा समग्र सृष्टि में मंगल का सृजन हो।
जय जगन्नाथ!
10/07/2025
हर चुनौती और परिस्थिति में निरंतर अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले हमारे डाक कर्मचारी सच्चे सेवा भाव और समर्पण के प्रतीक हैं। वे भावनाओं और भरोसे की डोर को जोड़ते हैं।
मैंने वर्षों पहले अपने भाई को खो दिया था। हर दिन उनकी कमी महसूस होती है, पर रक्षा बंधन के दिन उसकी कलाई पर राखी बाँधने की वह रस्म सबसे ज़्यादा याद आती है। तभी से मैंने सीमाओं पर तैनात अपने वीर भाइयों को राखियाँ भेजनी शुरू कीं और यह सब संभव हो सका हमारे डाक कर्मचारियों की अथक मेहनत और सेवा भावना के कारण।
‘राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस’ के अवसर पर मैं उन सभी डाक कर्मचारियों को सादर नमन और हार्दिक धन्यवाद देती हूँ, जो न केवल हमारे डाक तंत्र को मजबूत बनाते हैं, बल्कि हर कोने में भावनाओं और खुशियों को पहुँचाने का कार्य भी करते हैं।