पंचायती राज सभागार, शासन सचिवालय में माननीय मंत्री श्री मदन दिलावर जी के मुख्य आतिथ्य में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग एवं ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर (AIWC) के बीच MoU हस्ताक्षरित किया गया। इस सहयोग के तहत जल प्रबंधन, भू-संरक्षण और सुरक्षित पेयजल क्षेत्रों में नवीन तकनीकों का आदान-प्रदान होगा।
मंत्री महोदय ने भूजल स्तर में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए नई तकनीकों के उपयोग से इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की बात कही। इस अवसर पर यूनिसेफ के सहयोग से पश्चिमी राजस्थान की जलग्रहण परियोजनाओं पर आधारित बुकलेट का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं AIWC तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
Watershed Development and Soil Conservation, Rajasthan
जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग, राजस्थान सरकार | आधिकारिक पेज
जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय वानस्पतिक बीज बैंक कार्यशाला में घास-चारा की विलुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण, चरागाह विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को लेकर अधिकारियों के साथ सार्थक संवाद एवं मार्गदर्शन दिया गया।
आज जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में पंचायती राज विभाग के जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण निदेशालय द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वानस्पति बीज बैंक कार्यशाला में माननीय मंत्री महोदय जी ने योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों के साथ संवाद किया।
राजस्थान देश का पहला प्रदेश है जिसने वानस्पति बीज बैंक की पहल कर घास-चारा की विलुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रथम चरण में स्थापित 150 बीज बैंकों को और अधिक समृद्ध बनाने के निर्देश दिए गए।
11/03/2026
आज जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में माननीय पंचायती राज, स्कूल एवं संस्कृत शिक्षा विभाग मंत्री श्री मदन दिलावर जी की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय एक दिवसीय वानस्पतिक बीज बैंक कार्यशाला आयोजित की गई।
वर्ष 2024–25 की बजट घोषणा के अंतर्गत प्रदेश में स्थापित 150 बीज बैंकों के प्रभावी संचालन को लेकर विकास अधिकारियों के साथ चर्चा एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। कार्यशाला में निदेशक महोदय श्री मुहम्मद जुनैद ने अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए बीज बैंक के संचालन, मोबाइल ऐप उपयोग और दिशा-निर्देशों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY–2.0) के अंतर्गत जमवारामगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत दंताला मीणा में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने Participatory Rural Appraisal (PRA) टूल्स रिसोर्स मैप, सोशल मैप और सीजनल मैप के माध्यम से ग्रामीणों की सहभागिता से DPR में शामिल किए जाने वाले कार्यों के चयन की प्रक्रिया समझाई।
कार्यशाला के दौरान निदेशक महोदय श्री मुहम्मद जुनैद ने ग्राम पंचायत का दौरा कर ग्रामीणों को परियोजना की गतिविधियों की जानकारी दी और उत्पादन, जीविकोपार्जन तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े अधिक से अधिक कार्यों के चयन के निर्देश दिए, ताकि किसानों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
10/03/2026
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY–2.0) के अंतर्गत जमवारामगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत दंताला मीणा में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यशाला में यूनिसेफ के विषय विशेषज्ञों द्वारा पीआरए (Participatory Rural Appraisal) के टूल्स रिसोर्स मैप, सोशल मैप एवं सीजनल मैप की जानकारी दी गई। इन टूल्स के माध्यम से ग्रामवासियों की सहभागिता से डीपीआर (DPR) में शामिल किए जाने वाले कार्यों के चयन की प्रक्रिया समझाई गई।
अभ्यास के लिए छह दलों का गठन कर उन्हें विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया, जहाँ दिनभर गतिविधियाँ संचालित की गईं। शाम को संबंधित ग्राम पंचायतों में रात्रि चौपाल आयोजित कर दिनभर की गतिविधियों और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा की गई। परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना है। यह परियोजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग (भू संसाधन) द्वारा स्वीकृत है, जिसका कुल क्षेत्रफल 3742 हेक्टेयर तथा लागत 823.24 लाख रुपये है। इसके अंतर्गत 6 ग्राम पंचायतों के 13 गांव शामिल हैं।
निदेशक एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव, निदेशालय जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण, श्री मुहम्मद जुनैद के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला के दौरान उन्होंने स्वयं दंताला मीणा ग्राम पंचायत का दौरा कर ग्रामवासियों को परियोजना की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी तथा उत्पादन, जीविकोपार्जन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े अधिक से अधिक कार्यों के चयन के निर्देश दिए, ताकि किसानों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके। इस अवसर पर यूनिसेफ राजस्थान प्रभारी श्री ऋषभ हिमानी, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्री नरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त निदेशक (CSS-I) श्री राजेन्द्र प्रसाद, पंचायत समिति सदस्य सहित बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY–2.0) के अंतर्गत जमवारामगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत दंताला मीणा में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में जल संरक्षण और कृषि विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई तथा डीपीआर तैयार करने के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में टीमों द्वारा कार्यों का चयन किया गया। ग्रामवासियों से संवाद और योजना की जानकारी साझा करने के लिए रात्रि चौपालों का भी आयोजन किया गया।
निदेशक एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव श्री मुहम्मद जुनैद के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत का दौरा कर किसानों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
10/03/2026
वानस्पतिक बीजों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 11 मार्च 2026 को इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान (IGPRS), जयपुर में बीज बैंक से संबंधित खण्ड विकास अधिकारियों (BDO) की राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में बीजों के संग्रहण के उपयुक्त समय, उनके सुरक्षित रख-रखाव, रिकॉर्ड संधारण तथा बीज बैंक मोबाइल एप मॉड्यूल के संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जाएगी, जिससे बीज बैंकों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सके।
10/03/2026
9 मार्च को पीएमकेएसवाई–2.0 के अंतर्गत जमवारामगढ़ परियोजना हेतु आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान ग्राम पंचायतों में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यशाला के उपरांत छह टीमों द्वारा चिन्हित ग्राम पंचायतों में दिनभर किए गए कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी ग्रामवासियों के साथ साझा की गई।
इस अवसर पर टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों, प्राप्त अनुभवों तथा आगामी कार्ययोजना के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से अवगत कराया।
10/03/2026
9 मार्च 2026 को पीएमकेएसवाई–2.0 के अंतर्गत ग्राम पंचायत दंताला मीणा में कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान यूनिसेफ के विषय विशेषज्ञों द्वारा पीआरए (Participatory Rural Appraisal) अभ्यास के टूल्स रिसोर्स मैप, सोशल मैप एवं सीजनल मैप की जानकारी दी गई।
इन टूल्स के माध्यम से ग्रामवासियों की सहभागिता से डीपीआर (DPR) में शामिल किए जाने वाले कार्यों के चयन की प्रक्रिया समझाई गई। अभ्यास के लिए छह दलों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया, जहाँ शाम को रात्रि चौपाल आयोजित कर दिनभर की गतिविधियों एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा की गई।
08/03/2026
PMKSY 2.0 के अंतर्गत पंचायत समिति जमवारामगढ़ में 9–10 मार्च 2026 को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला में ग्रामवासियों की सहभागिता के साथ डीपीआर की समीक्षा, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन, मॉडल डीपीआर का प्रस्तुतीकरण तथा कृषि, उद्यानिकी और जलग्रहण विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
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