05/06/2026
ll राष्ट्रवादी चिंतक, संगठन पुरुष एवं प्रेरणास्रोत श्री गुरु गोलवलकर जी की महाप्रयाण दिवस पर कोटि-कोटि नमन।
उनका जीवन राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक जागरण और संगठन शक्ति के निर्माण को समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज को एकता, अनुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित करते हैं ll
28/05/2026
"सावरकर का मानना था कि राष्ट्र की स्वतंत्रता याचना से नहीं ,बल्कि संघर्ष और आत्म सम्मान से होती है "
वासुदेव देवनानी अध्यक्ष,राजस्थान विधानसभा
वीर सावरकरः क्रांति, राष्ट्रवाद और सामाजिक चेतना के प्रतीक
भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अनेक वीरों के त्याग, तपस्या और संघर्ष से भरा हुआ है। इन महान सेनानियों में विनायक दामोदर सावरकर का नाम अत्यंत सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है। वीर सावरकर केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, साहित्यकार, समाज सुधारक और दूरदर्शी नेता भी थे। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की स्वतंत्रता और भारतीय समाज के जागरण के लिए समर्पित कर दिया। वीर सावरकर संभवतः विश्व के एकमात्र ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें ब्रिटिश शासन ने दो-दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उनका जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गांव में हुआ।
बचपन से ही उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल थी युवा अवस्था में उन्होंने "मित्र मेला" नामक संगठन बनाया जो बाद में "अपना भारत" क्रांतिकारी संगठन के रूप में विकसित हुआ l 1905 में उन्होंने पुणे में विदेशी वस्त्रों की होली जलाकर अंग्रेजी शासन को खुली चुनौती दी l
इस आंदोलन ने युवाओं में स्वतंत्रता के प्रति नई चेतना पैदा की। 1906 में वे कानून की पढ़ाई के लिए लंदन गए। वहां उन्होंने 'इंडिया हाउस' को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाया और 'फ्री इंडिया सोसाइटी' से जुड़कर भारतीय विद्यार्थियों को संगठित किया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक '1857 का स्वातंत्र्य समर' ने अंग्रेजों की नींद उड़ा दी। इस पुस्तक में उन्होंने 1857 की क्रांति को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम बताया। अंग्रेज सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन यह पुस्तक गुप्त रूप से युवाओं में क्रांति की भावना जगाती रही l 1910 में उन्हें गिरफ्तार कर भारत लाया जा रहा था तब उन्होंने फ्रांस के मार्सिले बंदरगाह पर जहाज से समुद्र में कूद कर अदम्य में साहस का परिचय दिया हालांकि बाद में उन्हें पुन: अंग्रेजों के हवाले कर दिया गया l ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 50 वर्ष की दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुना कर अंडमान निकोबार की कुख्यात सेल्यूलर जेल भेज दिया वह 1911 से 1921 तक उन्होंने अमानवीय यातनाएं झेली l
उन्होंने जेल की दीवारों पर कीलों और पत्थरों से कविताएं लिखीं तथा हजारों पक्तियां कंठस्थ कर ली। यह उनकी असाधारण स्मरण शक्ति और साहित्यिक प्रतिभा का परिचायक था। उनके विचारों में राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान और स्वाधीनता की ज्वाला निरंतर प्रज्वलित होती रही। वीर सावरकर केवल क्रातिकारी ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक भी थे l उन्होंने जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया तथा सामाजिक समरसता पर बल दिया l
उनका मानना था कि जब तक समाज बटा रहेगा, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं बन सकता, वे विज्ञान, आधुनिकता और आत्मनिर्भर भारत के समर्थक थे। सावरकर एक प्रखर लेखक और ओजस्वी वक्ता भी थे। उन्होंने युवाओं संगठन, आत्मबल और राष्ट्रहित के लिए कार्य करने का संदेश दिया। उनका मानना को था कि राष्ट्र की स्वतंत्रता याचना से नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मसम्मान से प्राप्त होती है। 26 फरवरी 1966 को उन्होंने देह त्याग दी, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आज भी प्रेरणा देते हैं। संसद भवन में उनका चित्र स्थापित है और अंडमान की सेल्यूलर जेल राष्ट्रीय स्मारक के रूप में संरक्षित है। उनका जीवन त्याग, साहस,आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की ऐसी प्रेरक गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। उनका जीवन देश के लिए समर्पित और उनकी राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है। वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महान सेनानी थे, जिन्होंने अपने विचारों, लेखनी और संघर्ष से देशभक्ति की नई चेतना जगाई।
वे ऐसे राष्ट्रनायक थे, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जीवन हमें साहस, आत्मसम्मान न संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देता है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनका उल्लेखनीय योगदान भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा l
25/05/2026
ll प्रेस नोट ll
@ "संगठन की मजबूती हेतु श्रमिक,कार्यकर्ता तक हम सभी को प्रवास, प्रयास करने होंगे"... सी. वी. राजेश ,क्षेत्रीय संगठन मंत्री@
@भारतीय मजदूर संघ, राजस्थान प्रदेश की प्रदेश पदाधिकारी एवं प्रदेश कार्यसमिति बैठक 22 से 24 मई 2026 को आदर्श विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल,शास्त्री नगर भीलवाड़ा में सम्पन्न हुई l@
बैठक क्षेत्रीय संगठन मंत्री सी.वी. राजेश, क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री हरि मोहन शर्मा, भा.म.संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, भा.म.संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह डाबी ,भा.म.संघ के नव दायित्ववान प्रदेश महामंत्री विजय सिंह बाघेला ने ली l पूरे राजस्थान से जिला महामंत्री, महासंघों के महामंत्री, संभागीय संगठन मंत्री उपस्थित रहे l
बैठक में मुख्यतौर पर विगत कार्य समिति बैठक दिनांक 8-9 नवम्बर 2025 का वाचन व अनुमोदन ,
संभागीय संगठन मंत्री की प्रवास रिपोर्टिंग,
पेड मैम्बरशिप रजिस्टर, बैंक पास बुक, मैम्बरशिप स्टॉक रजिस्टर, सम्बद्धता शुल्क, वार्षिक रिटर्न व ऑडिट के सम्बन्ध में चर्चा हुई l तहसील प्रवास योजना। (माह अप्रेल जून 2026),नेतृत्व विकास वर्ग अप्रैल 2026 रिपोर्टिंग,सम्भागवार जिले तथा जिलों का प्रतिनिधित्व, महासंघों से प्रतिनिधित्व,महिला प्रतिनिधित्व,जिला बैठक रिपोर्टिंग ,सैक्टर बैठकों की रिपोर्टिंग सैक्टर प्रभारी द्वारा की गयी। महासंघों की रिपोर्टिंग प्रस्तुत कर सभी क्षेत्रों में गतिविधियाँ, नया कार्य खड़ा करने, नयी यूनियन नये महासंघ बनाने में अब तक हुए कार्य एवं आगामी योजना पर कार्ययोजना बनी l
दिनाँक 24.05.2026 को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के अंतिम दिन चित्तौड़गढ़ में होने वाले आगामी त्रैवार्षिक प्रदेश अधिवेशन के सम्बन्ध में विषय रखते हुए क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री श्री हरिमोहन शर्मा ने विस्तार से चर्चा कर विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है l उससे पूर्व सभी जिलों, महासंघों के अधिवेशन सम्पन्न किए जाने हेतु तारीख निश्चित कर कार्यक्रम तय किए गए l
क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री सी. वी. राजेश द्वारा मेरा घर बीएमएस घर, पंच परिवर्तन,स्थापना दिवस कार्यक्रम एवं विश्वकर्मा जयंती हमारा मजदूर दिवस इत्यादि कार्यक्रमों की कार्ययोजना बनाई गयी l मजदूर संघ की पत्रिका "विश्वकर्मा संकेत" की मेंबरशिप बढ़ाने प्रयास करने का आग्रह किया गया l
प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह डाबी द्वारा अध्यक्षीय समारोप उद्बोधन में सभी सहभागी पदाधिकारियों को संगठन हित में समर्पण भाव से उत्कृष्ट कार्य करते हुए संगठन को परम वैभव पर ले जाने हेतु प्रयासरत रहने का संदेश दिया l कार्यक्रम की उत्तम व्यवस्थाओं हेतु स्थानीय कार्यकर्ताओं का भगवा दुपट्टा पहना कर अभिनंदन किया गया l
प्रकाश शर्मा
प्रदेश मीडिया प्रमुख
भारतीय मजदूर संघ, राजस्थान
8104820720
9660653151
25/05/2026
Bharatiya Mazdoor Sangh, Rajasthan की दो दिवसीय कार्यसमिति भीलवाड़ा में सम्पन्न। आगामी 6 महीने की कार्ययोजना पर हुआ विचार। प्रदेश अधिवेशन को लेकर बनी रूपरेखा। विजय सिंह वाघेला के नेतृत्व में होगा प्रदेश अधिवेशन।
#भामस #महामंत्री #अधिवेशन #मजदूर #कार्मिक #यूनियन #लेबर
25/05/2026
विजय सिंह वाघेला, Bharatiya Mazdoor Sangh, Rajasthan प्रदेश के नए महामंत्री। हरिमोहन शर्मा ने सौंपा कार्यभार। आगामी 23-24 जनवरी को होगा प्रदेश अधिवेशन
#भामस #महामंत्री
20/05/2026
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Bhartiya Majdoor Sangh
The circumstances in which BHARATIYA MAZDOOR SANGH (BMS) came into existence in the trade union field of India have shaped its significant role in the trade union movement.