Rajasthan Grameen Aajeevika Vikas Parishad-RGAVP

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Rajasthan Grameen Aajeevika Vikas Parishad-RGAVP RGAVP is a registered society conceiving effective poverty alleviation schemes and implementing livelihood related programs in Rajasthan.

The Government of Rajasthan has set up an Independent society, Rajasthan Grameen Aajeevika Vikas Parishad (RGAVP) under the aegis of Rural Development Department. The objective of the Society is to design and implement poverty alleviation and livelihood related programs with the assistance of State, Central Government & External Agencies. At present, RGAVP is implementing four mega livelihood projects supported by Ministry of Rural Development, Government of India, World Bank and the International Fund for Agriculture Development (IFAD).

एकीकृत खेती से सशक्त होंगी महिला किसानग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में राजीविक...
09/10/2026

एकीकृत खेती से सशक्त होंगी महिला किसान

ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में राजीविका निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आस्था एवं आकाश सीएलएफ के तत्वावधान में शिवगंज ब्लॉक में ब्लॉक स्तरीय आईएफसी (इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर) ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में महिला किसानों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग, विभिन्न कृषि गतिविधियों को एक साथ अपनाने, सामूहिक उत्पादन और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर डीपीएम श्री के.आर. देवासी ने आजीविका इकाइयों को मजबूत बनाने और उनके बेहतर संचालन पर जोर दिया। वहीं, प्रदान संस्था के श्री कमल ने आईएफसी के तहत संचालित गतिविधियों, उनके क्रियान्वयन और उपलब्ध बजट की जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ सीएलएफ के केएस, पीएस, सीसी एवं ईसी सदस्यों ने भाग लिया।

कौशल विकास से स्वरोजगार तक: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बेकरी प्रशिक्षण पहलस्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कौश...
09/10/2026

कौशल विकास से स्वरोजगार तक: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बेकरी प्रशिक्षण पहल

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से राजीविका द्वारा पाँच दिवसीय केक, कपकेक एवं कुकीज़ निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बेकरी में उपयोग होने वाले उपकरणों, सामग्रियों एवं मशीनों की जानकारी देने के साथ विभिन्न प्रकार के बेकरी उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें वनीला, चॉकलेट एवं मार्बल केक, रेड वेलवेट केक व कपकेक, बटरक्रीम आइसिंग, चॉकलेट निर्माण, केक डेकोरेशन और पाइपिंग तकनीकों के साथ वनीला, चॉकलेट, जीरा, नारियल एवं बाजरे की कुकीज़ बनाना शामिल रहा।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को बेकरी उत्पादों के निर्माण में व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया, जिससे वे अपने कौशल को निखारने, स्वरोजगार की संभावनाएँ तलाशने और परिवार की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

सक्षम केंद्रों को मजबूत बनाकर, ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक और कदम।वित्तीय जानकारी और डि...
08/10/2026

सक्षम केंद्रों को मजबूत बनाकर, ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक और कदम।

वित्तीय जानकारी और डिजिटल सेवाओं की समझ आज हर महिला के लिए जरूरी है। इससे वे अपने पैसों से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले सकती हैं, बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।

इसी उद्देश्य से राजीविका की ओर से आईजीपीआरएस, जयपुर में सक्षम केंद्रों के संचालन और स्थायित्व पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन्स द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में जिला टीमों को वित्तीय जागरूकता, डिजिटल वित्तीय साक्षरता, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। साथ ही, सक्षम केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखने पर भी चर्चा की गई।

प्रशिक्षण की एक खास पहल के तहत प्रत्येक सहभागी जिले ने एक सक्षम केंद्र को अपनाया। इस अवसर पर एडॉप्शन सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का समापन श्रीमती प्रीति सिंह, परियोजना निदेशक; डॉ. पूजा शर्मा, राज्य परियोजना प्रबंधक, वित्तीय समावेशन एवं डिजिटल वित्त; राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन्स तथा राजीविका की राज्य टीम की उपस्थिति में हुआ।

सक्षम केंद्रों के माध्यम से प्रयास है कि ग्रामीण महिलाएं वित्तीय सेवाओं को समझें, डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करें और अपने आर्थिक फैसले पूरे आत्मविश्वास के साथ ले सकें।

सही पोषण से जुड़ी जानकारी ही स्वस्थ बचपन की पहली सीढ़ी है।क्या आप जानते हैं कि बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों में पोषण...
08/10/2026

सही पोषण से जुड़ी जानकारी ही स्वस्थ बचपन की पहली सीढ़ी है।
क्या आप जानते हैं कि बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों में पोषण के कौन-कौन से चरण महत्वपूर्ण होते हैं?

सही विकल्प चुनें और पोषण के प्रति जागरूक बनें।

पोषण सिर्फ पेट भरने का नाम नहीं, हर दिन की थाली में सही पोषण शामिल करने की आदत है। हमारे घर-आंगन और खेतों में मिलने वाले...
08/10/2026

पोषण सिर्फ पेट भरने का नाम नहीं, हर दिन की थाली में सही पोषण शामिल करने की आदत है।

हमारे घर-आंगन और खेतों में मिलने वाले स्थानीय व पारंपरिक खाद्य पदार्थ—जैसे मोटे अनाज, दालें, हरी सब्जियां, मौसमी फल और दूध-दही—स्वाद के साथ शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं।

महंगा नहीं, संतुलित और विविध भोजन है अच्छे पोषण की पहचान।

इस पोषण माह, अपनी रोज़ की थाली में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को जगह दें और पूरे परिवार के बेहतर स्वास्थ्य की नींव मजबूत करें।

सही पोषण अपनाएं, स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की ओर कदम बढ़ाएं।

करौली की लक्ष्मी दीदी ने मुश्किल परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया और आत्मनिर्भरता की राह चुनी।आजीविका योजना के तहत ₹5,912...
08/10/2026

करौली की लक्ष्मी दीदी ने मुश्किल परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया और आत्मनिर्भरता की राह चुनी।

आजीविका योजना के तहत ₹5,912 की सीएसजी राशि से उन्होंने सौंदर्य प्रसाधन की दुकान शुरू की और अपने लिए आय का नया जरिया तैयार किया।

उनकी कहानी बताती है—हौसला और मेहनत साथ हो, तो हर चुनौती के बीच आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई जा सकती है।

सिर्फ पेट भरना ही नहीं, शरीर को ताकत और जरूरी पोषण देना भी उतना ही जरूरी है। गांव-घर में आसानी से मिलने वाले मोटे अनाज, ...
07/10/2026

सिर्फ पेट भरना ही नहीं, शरीर को ताकत और जरूरी पोषण देना भी उतना ही जरूरी है।

गांव-घर में आसानी से मिलने वाले मोटे अनाज, दालें, हरी सब्जियां, दूध-दही और मौसमी फल-सब्जियों को अपनी रोज की थाली में शामिल करें।

सादा, स्थानीय और संतुलित भोजन अपनाएं—और अपने साथ पूरे परिवार के बेहतर स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

सही जवाब है — B. गर्भावस्था से लेकर बच्चे के 2 वर्ष की आयु तक का समयमां के गर्भधारण से लेकर बच्चे के 2 वर्ष की आयु तक का...
06/10/2026

सही जवाब है — B. गर्भावस्था से लेकर बच्चे के 2 वर्ष की आयु तक का समय

मां के गर्भधारण से लेकर बच्चे के 2 वर्ष की आयु तक का समय प्रथम 1000 दिवस कहलाता है।

यह वह महत्वपूर्ण दौर है, जब मां और शिशु को अतिरिक्त पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता देखभाल की जरूरत होती है।

06/10/2026

कभी घर संभाला, अब ड्रोन से संवार रहीं खेत

चित्तौड़गढ़ के कपासन ब्लॉक की सुशीला जाट आज ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।

राज्य स्तरीय नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी ने उनसे संवाद कर उनके अनुभव जाने।

‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ के तहत नि:शुल्क ड्रोन प्राप्त करने के बाद उन्होंने ग्वालियर में 17 दिन का प्रशिक्षण लिया।

आज वे ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने और खेती को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

अच्छे पोषण के लिए महंगे खाद्य पदार्थ जरूरी नहीं। हमारे आसपास आसानी से उपलब्ध स्थानीय, मौसमी और संतुलित खाद्य पदार्थ भी श...
06/10/2026

अच्छे पोषण के लिए महंगे खाद्य पदार्थ जरूरी नहीं। हमारे आसपास आसानी से उपलब्ध स्थानीय, मौसमी और संतुलित खाद्य पदार्थ भी शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान कर सकते हैं।

याद रखें—संतुलित आहार, स्थानीय भोजन और सही खान-पान की आदतें ही स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव हैं।

सही पोषण अपनाएं, स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम बढ़ाएं। 🌱

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