19/05/2026
संघ की साधना में शरीर हमारा शस्त्र - संघप्रमुख श्री
(उच्च प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन)
भारतीय संस्कृति में कहा गया है कि - पहला सुख निरोगी काया। हमारी साधना में भी शरीर का स्वस्थ होना बहुत महत्वपूर्ण है। श्री क्षत्रिय युवक संघ का कार्य युद्ध के समान ही है और इस युद्ध में हमारा शरीर हमारा एक शस्त्र है। बिना शस्त्र के कोई युद्ध नहीं जीता जा सकता। हमें अपने शरीर रूपी इस शस्त्र को धारदार बनाना होगा। यह परिश्रम, अनुशासन और संयम से ही संभव है। इनका अभ्यास हम इस शिविर में करेंगे। उपर्युक्त बात माननीय संघप्रमुख श्री लक्ष्मण सिंह बेण्याकाबास ने आज 19 मई को आलोक आश्रम, बाड़मेर में आयोजित हो रहे उच्च प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन अपने प्रभात संदेश में कही। शिविर में देशभर के विभिन्न संभागों व प्रांतों से 500 से अधिक शिविरार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
19/05/2026
प्रस्तुत है समाज में जागृति के संवाहक 'पथ-प्रेरक' का नवीनतम अंक...
इस अंक में पढ़ें...
अंग्रेजों से सशस्त्र संघर्ष एवं राजपूताना ' विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित
संघशक्ति में भगवान बुद्ध वंदन कार्यक्रम का आयोजन
ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार विभिन्न स्थानों पर मनाई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती
वीरवाड़ा (सिरोही) और बिंजासी (सीकर) में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
चित्तौड़गढ़ में राजकीय कार्मिक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के नवचयनित अधिकारियों की उन्मुखीकरण कार्यशाला
EWS जन जागृति मंचः केंद्र में EWS आरक्षण नियमों के सरलीकरण हेतु अभियान
सूरत में श्री प्रताप फाउंडेशन की राजनीतिक चिंतन बैठक आयोजित
प्रविन्द्र सिंह चौहान बने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
दसवीं एवं बारहवीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली समाज की प्रतिभाएं
संपादकीय में "जड़ता का स्वरूप है कट्टरता और हठधर्मिता"
अन्य सामाजिक समाचार
नवीनतम अंक पढ़ने एवं डाउनलोड करने हेतु लिंक पर जाएं..
https://shrikys.org/pathprerak/pp-19-05-2026/
18/05/2026
संघप्रमुख श्री के चुनाव सम्पन्न, माननीय लक्ष्मण सिंह जी बेण्याकाबास अगले पांच वर्ष तक संघप्रमुख निर्वाचित
आलोक आश्रम, बाड़मेर में आज 18 मई को उच्च प्रशिक्षण शिविर के प्रारंभ से पूर्व प्रति पांच वर्ष पर आयोजित होने वाले संघप्रमुख के चुनाव सम्पन्न हुए, जिनमें वर्तमान संघप्रमुख माननीय लक्ष्मण सिंह जी बेण्याकाबास अगले पांच वर्ष के लिए संघप्रमुख निर्वाचित हुए। चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन आयुक्त गजेन्द्र सिंह आऊ के निर्देशन में संपन्न हुई।
18/05/2026
आलोक आश्रम (बाड़मेर) में श्री क्षत्रिय युवक संघ का उच्च प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ
श्री क्षत्रिय युवक संघ का ग्यारह दिवसीय उच्च प्रशिक्षण शिविर बाड़मेर स्थित आलोक आश्रम में आज 18 मई को प्रारंभ हुआ। माननीय संघप्रमुख श्री लक्ष्मण सिंह जी बेण्याकाबास ने शिविरार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस शिविर में हम सभी प्रकार की शक्तियों के अर्जन का अभ्यास करेंगे जिनमें शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक शक्ति शामिल हैं। शक्ति के किसी भी पक्ष को उपेक्षित नहीं किया जा सकता क्योंकि हमें सर्वांगीण रूप से शक्तिशाली बनना है। उन्होंने कहा कि इन शक्तियों का अर्जन आप तभी कर पाएंगे जब आप अपने पात्र को खाली करके इस शिविर में भाग लेंगे। इसलिए अपने अंतर के पात्र को पूरी तरह खाली करके यहां दिए जाने वाले शिक्षण को ग्रहण करें। शिविर में देश भर के विभिन्न संभागों व प्रांतों से 465 शिविरार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
17/05/2026
"हर व्यक्ति का उसकी विशिष्ट योग्यताओं से साक्षात्कार होना आवश्यक है। केवल तभी समाज में सामंजस्य पूर्ण कर्म योजना शुरू की जा सकती है। किसी भी व्यक्ति की विशिष्ट योग्यताएं तब जाग सकती हैं जब उसकी सामान्यताओं का अहंकारी ढांचा वह स्वयं तोड़ने के लिए तैयार हो जाय।"
पूज्य श्री तनसिंह जी की 'डायरी' से साभार
16/05/2026
"गीता ज्ञान के आधार पर जो समाज में जागरण लाना चाहते हैं, उन्हें विशिष्ट साधकों की नहीं, सामान्य साधकों की आवश्यकता है। समाज में विशिष्ट बहुत कम हुआ करते हैं। उनका चरित्र समाज के लिए आदर्श भले ही हो जाय, वह प्रेरणादायक भी बन सकता है, किंतु सामान्य लोगों का वह व्यावहारिक मार्ग-दर्शन नहीं कर सकता।"
पूज्य श्री तनसिंह जी ('गीता और समाज सेवा' पुस्तक से साभार)
15/05/2026
महावीर सिंह जी धोलेरा का देहावसान
श्री क्षत्रिय युवक संघ के स्वयंसेवक श्री महावीर सिंह धोलेरा का देहावसान आज दिनांक 15 मई 2026 को 68 वर्ष की आयु में हो गया । परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देवें एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करें।
15/05/2026
"कोई भी विचार और तर्क उसके व्यावहारिक पहलू बिना अधूरा और हेय है।"
पूज्य श्री तनसिंह जी ('साधक की समस्याएँ' पुस्तक से साभार)
14/05/2026
"हम समझौते से जीवन को दाव पर लगाना पसंद नहीं करते ; हम चाहते हैं भ्रांति से कोई समझौता नहीं किया जाय, अस्पष्टता को सर्वदा निर्वासित किया जायेगा तभी हमें सही रूप से मालूम होगा कि हम कहां जाना चाहते हैं और कहां जा रहे हैं।"
पूज्य श्री तनसिंह जी ('एक भिखारी की आत्म कथा' पुस्तक से साभार)
13/05/2026
"अवसर ! हाँ, यही प्रगति की मंजिल का मुख्य द्वार है। अवसर की ताक ही साधक का निशाना है। एक भी अवसर को चूकने का अर्थ होगा - प्रगति को धक्का देकर स्थगित करना। संयोग तो सभी लोगों के सामने आते हैं, पर भाग्यशाली ही उनका लाभ उठाते हैं। अभागे तो अवसर की उपेक्षा कर भाग्य से ही मुंह मोड़ते हैं।"
पूज्य श्री तनसिंह जी की 'डायरी' से साभार
12/05/2026
"समाज जागरण के लिए पारस्परिक द्वेष मिटाना आवश्यक है। कार्यकर्ता को चाहिए कि समाज के प्रत्येक घटक को अपना ही रूप माने। उनके विकास में निजी उन्नति की कल्पना करनी चाहिए।"
पूज्य श्री तनसिंह जी ('समाज चरित्र' पुस्तक से साभार)