What Makes an Ideal Husband? The Golden Rule of a Successful Marriage
Bhagwati Baldwa
CMD-Ixoreal & Shri Kartikeya Group of Industries, Chairperson Mahesh Bhagwati Baldwa Foundation, Board Member- The Spices Board of India
09/05/2026
हैदराबाद में आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM-2026) के इन्वेस्टर मीट में शामिल होना नई ऊर्जा से लबरेज होने वाला रहा। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में हुए इन्वेस्टर मीट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान अब एक नई औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार है। पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत जी, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार जी, उद्योग विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती मंजू राजपाल जी ने अपने विचारों से जो असीम ऊर्जा प्रदान की है वो निश्चिततौर पर राजस्थान को आगे ले जाने वाली है। मंच से मैंने यही बात साझा की, कि दुनिया में चाहे कितनी भी चमक क्यों न हो, लेकिन जो सुकून अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देकर मिलता है, वह कहीं और नहीं। इसी भावना के साथ, मुझे यह बताते हुए अपार गर्व हो रहा है कि हमारी कंपनी श्री कार्तिकेय फार्मा प्राइवेट लिमिटेड अगले 3 सालों में राजस्थान की पावन धरा पर 500 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। यह निवेश राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य, यहाँ के युवाओं और मेरे राज्य की प्रगति पर हमारा अटूट विश्वास है। मेरी कर्मभूमि का अनुभव अब मेरी जन्मभूमि के काम आएगा।
इस भव्य और दूरदर्शी आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए राजस्थान सरकार के कृषि विभाग, राजस्थान फाउंडेशन और फिक्की (FICCI) को हृदय से साधुवाद एवं हार्दिक बधाई!
नए और विकसित राजस्थान की इस गौरवशाली विकास यात्रा में भागीदार बनने पर मुझे गर्व है। आइए, मिलकर अपनी जड़ों को सींचें और राजस्थान को प्रगति के शिखर पर ले जाएं!
जय जय राजस्थान! जय हिंद! 🇮🇳 🙏✨
The Secret to Problem Solving: Stop Playing the Victim, Be a Warrior in the Face of Failure!
05/05/2026
बंगाल चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत पर मेरा संपादकीय
04/05/2026
महर्षि अरविंद की पावन तपोभूमि और महाकवि सुब्रमण्य भारती की प्रखर राष्ट्रभक्ति से सिंचित पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की यह जीत दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार पर सनातन अस्मिता, सुशासन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एक नए युग का सूर्योदय है।
इस ऐतिहासिक राजनीतिक और सांस्कृतिक विजय के शिल्पी हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पुडुचेरी की जनता के सामने BEST (Business, Education, Spirituality, and Tourism - व्यापार, शिक्षा, आध्यात्म और पर्यटन) का जो शानदार विजन रखा, उसने हर नागरिक के हृदय में आशा की नई किरण जगाई। उनका यह दृष्टिकोण पुडुचेरी को न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि उसके मूल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ विश्व पटल पर स्थापित करने का संकल्प है। देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल चाणक्य नीति, संगठनात्मक कौशल और लौह संकल्प ने दक्षिण के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में राष्ट्रवादी शक्तियों को एकजुट किया। उनकी स्पष्ट रणनीति ने उस वंशवादी किले को ध्वस्त कर दिया जो खुद को अजेय मानता था। भाजपा और गठबंधन के स्थानीय नेताओं का व्यापक जनसंपर्क और जनता के प्रति समर्पण इस जीत का मुख्य आधार बना। उन्होंने केंद्र की कल्याणकारी नीतियों को हर दरवाजे तक पहुँचाया और स्थानीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ा। यह विजय उन असंख्य और निस्वार्थ कार्यकर्ताओं के पसीने और अथक परिश्रम की देन है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों, राजनीतिक उपहास और संसाधनों के अभाव के बावजूद पुडुचेरी की गलियों में कमल खिलाने का संकल्प लिया।
पुडुचेरी की यह जीत सिर्फ एक राज्य की जीत नहीं है, बल्कि यह इस बात का उद्घोष है कि 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की नीति अब भारत के हर कोने में सनातन संस्कृति के उसी समावेशी स्वरूप को स्थापित कर रही है।
वन्दे मातरम्! भारत माता की जय!
04/05/2026
शक्तिपीठ माँ कामाख्या के पावन आशीर्वाद और महाबाहु ब्रह्मपुत्र की लहरों के वीर घोष के बीच, असम में भारतीय जनता पार्टी की यह प्रचंड जीत महज एक चुनावी आंकड़ा नहीं है, यह पूर्वोत्तर भारत में सनातन संस्कृति, राष्ट्रवाद और मूलनिवासियों के स्वाभिमान की एक ऐतिहासिक गर्जना है। यह जीत उस वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के सीने पर प्रहार है, जिसने दशकों तक असम की जनसांख्यिकी (Demography) को बदलने का षड्यंत्र रचा और यहाँ के मूल निवासियों को अपनी ही माटी पर अल्पसंख्यक बनने की कगार पर धकेल दिया था।
इस महाविजय और सांस्कृतिक क्रांति के सूत्रधार हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पूर्वोत्तर को अष्टलक्ष्मी का सम्मान दिया है। देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति ने असम को दशकों पुराने रक्तपात से मुक्ति दिलाई। सनातन धर्म की रक्षा के लिए उनका आक्रामक और बेबाक रुख, घुसपैठ और जिहादी मानसिकता पर जीरो टॉलरेंस असम के जनमानस पर छा गई है। असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा जी इस सांस्कृतिक और राजनीतिक महासमर के प्रखर सेनापति हैं। असम की यह विजय उन हजारों जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खून-पसीने और अटूट तपस्या का फल है, जिन्होंने चाय बागानों से लेकर ब्रह्मपुत्र के सुदूर चपोरी तक राष्ट्रवाद का संदेश पहुँचाया।
जिस तपोभूमि को महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव और श्री माधवदेव जैसे संतों ने अपने नव-वैष्णव आंदोलन से सींचा, और जिस धरती के महान योद्धा वीर लाचित बोरफुकन ने सरायघाट के युद्ध में मुगलों को खदेड़कर असम की संप्रभुता की रक्षा की थी, उस धरती को एक सुनियोजित साजिश के तहत अवैध घुसपैठियों की शरणस्थली बना दिया गया था। दशकों तक कुछ दलों ने सत्ता के लालच में न केवल सीमाओं को खुला छोड़ दिया, बल्कि असम के पवित्र सत्रों (वैष्णव मठों) और काजीरंगा जैसे राष्ट्रीय उद्यानों की भूमि पर भी अतिक्रमणकारियों को बसने की मौन स्वीकृति दी।
लेकिन आज असम की जनता ने बता दिया है कि अपनी 'जाति, माटी और भेटी' (पहचान, भूमि और घर) के साथ कोई भी समझौता उन्हें स्वीकार नहीं है। भाजपा सरकार ने न केवल पवित्र सत्रों और वन भूमियों को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया, बल्कि विकास की वह अविरल धारा भी बहाई जिसने पूर्वोत्तर को भारत के विकास का मुख्य इंजन बना दिया है।
जय माँ कामाख्या! जय आई असोम! भारत माता की जय!
🚩 बंगाल में सत्य सनातन का सूर्योदय 🚩
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की यह ऐतिहासिक और प्रचंड जीत महज एक सत्ता परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह माँ दुर्गा की पावन धरती पर सत्य सनातन संस्कृति की एक विराट सभ्यतागत वापसी का शंखनाद है! यह जीत उस तुष्टिकरण, जिहादी मानसिकता और जहरीली राजनीति के खिलाफ एक प्रचंड जनादेश है, जिसने दशकों से बंगाल के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को दीमक की तरह खोखला कर दिया था।
इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्रांति के मुख्य प्रेरणास्रोत हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हैं। उनका 'सबका साथ, सबका विकास' और सोनार बांग्ला का विजन हर बंगाली के हृदय में उतरा गया है। उनके नेतृत्व ने यह विश्वास जगाया कि बंगाल फिर से अपने प्राचीन गौरव को प्राप्त कर सकता है। यह विजय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की उस अजेय चाणक्य नीति, कुशल संगठन क्षमता और लौह संकल्प का परिणाम है, जिसने बंगाल के चप्पे-चप्पे में राष्ट्रवाद की अलख जगाई और भ्रष्ट तंत्र की चूलें हिला दीं। इस महासंग्राम में सड़क से लेकर सदन तक सीना तानकर लड़ाई लड़ने वाले श्री सुवेंदु अधिकारी जी और केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश इकाई के हर एक नेता और कार्यकर्ता की एकजुटता और अथक परिश्रम का अहम योगदान रहा है। यह प्रचंड जीत उन सभी वीर कार्यकर्ताओं को सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने आज के इस दिन के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
जिस तपोभूमि ने देश को रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, चैतन्य महाप्रभु, बंकिम चंद्र चटर्जी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रभक्त युगदृष्टा दिए, वहाँ की बहुसंख्यक हिन्दू आबादी को अपनी ही जमीन पर उपेक्षित, असुरक्षित और दोयम दर्जे का नागरिक महसूस कराया गया। वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को मूक समर्थन और मूल निवासियों के त्योहारों व परंपराओं पर अघोषित पाबंदियों ने सनातन संस्कृति की जड़ों पर सीधा प्रहार किया। सरकारी नौकरियां चंद रुपयों की खातिर बेची गईं और मेहनत करने वाले बंगाली युवा सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हुए। जिस बंगाल को कभी शिक्षा और रोजगार का केंद्र माना जाता था, वहां युवाओं के पास पलायन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। एक समय में भारत के औद्योगिक विकास का इंजन रहा बंगाल, इस भ्रष्ट तंत्र के कारण निवेशकों के लिए एक डरावना सपना बन गया। कारखाने बंद हुए, व्यापारिक माहौल तबाह हुआ और जो लोग अपना छोटा-मोटा रोजगार चला रहे थे, वे भी वसूली तंत्र से त्रस्त आ गए। राजनीतिक हिंसा, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और आम नागरिक को डराकर रखने की जो परिपाटी बंगाल में स्थापित कर दी गई थी, उसने लोकतंत्र को लहूलुहान कर दिया था । लेकिन अब जनता ने वोट के जरिए बता दिया है कि सांस्कृतिक अस्मिता के साथ समझौता अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी की यह प्रचंड जीत सिर्फ एक राजनीतिक विजय नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के उसी मूल स्वरूप का पुनरुत्थान है, जो सबको साथ लेकर चलने, राष्ट्रवाद और धर्म की रक्षा की बात करता है। यह जीत अधर्म पर धर्म की, और तुष्टिकरण के अंधकार पर सत्य सनातन के सूर्योदय की जीत है!
वन्दे मातरम्! जय श्री राम!
Is Your Smartphone Ruining Your Child's Future? The 10th Grade Parenting Rule
The Secret to a Happy Married Life - Bhagwati Baldwa.
Husband, Wife, and Finances: A Winning Formula
27/04/2026
MVPM (माहेश्वरी विद्या प्रचारक मंडल) के अद्भुत कार्यक्रम "Begin Again - Empowering Women for Their Next Chapter" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना एक बेहद हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायक अनुभव रहा।
पुणे के श्री श्रीकांतजी राठी मेमोरियल हॉल में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से लबरेज हर एक महिला, अपनी सफलता की कहानी फिर से लिखने के लिए आतुर नजर आई। मेरा दृढ़ विश्वास है कि अटूट संकल्प, कड़ी मेहनत और खुद पर भरोसे से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
सभागार में उपस्थित सभी महिलाओं के साथ संवाद करते हुए मैंने इसी बात पर जोर दिया कि अपने जीवन के इस अगले अध्याय की शुरुआत अदम्य साहस, आत्मविश्वास और पूरे जुनून के साथ करें। याद रखें, आपकी क्षमताएं असीमित हैं।
महिलाओं को सशक्त करने वाली इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनने का अवसर देने के लिए MVPM के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का हार्दिक धन्यवाद।
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