Patrkar Sangharsh Morcha

Patrkar Sangharsh Morcha

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Patrkaro ki samasyao k liye 5th september se Dharna aur Anshan

07/07/2020

एक बार फिर आप सबका सहयोग अपेक्षित है...

राजस्थान के प्रमुख समाचार पत्रों और चैनल्स में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार और हमारे युवा कलमकार साथी तनवीर अहमद काफी लम्बे अरसे से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। हफ्ते-दस दिन में जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी। अभी भी नियमित रूप से उनको डायलिसिस प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। आॅपरेशन और दवाईयों पर करीब 10 लाख से अधिक का खर्चा होगा, इससे पहले जो खर्चा हो चुका वह अलग है। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं। उनके परिवार के लोग और परिचित यथासंभव सहयोग कर रहे हैं जो कि नाकाफी है। यहाँ इस बात का जिक्र भी महत्वपूर्ण है कि अपने बेटे की जिन्दगी को रोशन रखने के लिए उनकी माँ उन्हें अपनी किडनी डोनेट कर रही हैं। माँ आखिर माँ ही होती है, जन्म देने से लेकर लालन पालन और बच्चों की जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वस्व दांव पर लगा देती है। ऐसी हर माँ को तहेदिल से सौ सौ बार सलाम...
ऐसे में मानवता के नाते हमारा भी फर्ज बनता है कि हम हमारे कलमकार परिवार के साथी की यथासंभव मदद के लिए आगे आएं। उनकी पत्नी की बैंक डिटेल नीचे दी हुई है। जो भी साथी सहयोग करना चाहे वह उक्त बैंक खाते में अपनी सहयोग राशि भेज सकता है:

NARGIS
a/c no. 30128100004486
IFSC code : BARBOJAWJAI
Bank of baroda
Jawahar Nagar branch,
JAIPUR

टीम कलमकार

एक बार फिर आप सबका सहयोग अपेक्षित है...

राजस्थान के प्रमुख समाचार पत्रों और चैनल्स में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार और हमारे युवा कलमकार साथी तनवीर अहमद काफी लम्बे अरसे से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। हफ्ते-दस दिन में जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी। अभी भी नियमित रूप से उनको डायलिसिस प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। आपरेशन और दवाईयों पर करीब 10 लाख से अधिक का खर्चा होगा, इससे पहले जो खर्चा हो चुका वह अलग है। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं। उनके परिवार के लोग और परिचित यथासंभव सहयोग कर रहे हैं जो कि नाकाफी है। यहाँ इस बात का जिक्र भी महत्वपूर्ण है कि अपने बेटे की जिन्दगी को रोशन रखने के लिए उनकी माँ उन्हें अपनी किडनी डोनेट कर रही हैं। माँ आखिर माँ ही होती है, जन्म देने से लेकर लालन पालन और बच्चों की जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वस्व दांव पर लगा देती है। ऐसी हर माँ को तहेदिल से सौ सौ बार सलाम...
ऐसे में मानवता के नाते हमारा भी फर्ज बनता है कि हम हमारे कलमकार परिवार के साथी की यथासंभव मदद के लिए आगे आएं। उनकी पत्नी की बैंक डिटेल नीचे दी हुई है। जो भी साथी सहयोग करना चाहे वह उक्त बैंक खाते में अपनी सहयोग राशि भेज सकता है:

NARGIS
a/c no. 30128100004486
IFSC code : BARBOJAWJAI
Bank of baroda
Jawahar Nagar branch,
JAIPUR

टीम कलमकार

15/06/2018

लेखकों को गुमराह करने का प्रयास
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कलमकार मंच की ओर से ‘‘बीस लेखक, बीस किताबें’’ योजना के तहत लेखकों को मंच और सम्मान के देने साथ उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाने के इरादों को तोड़ने और लेखकों को दिग्भ्रमित करने का कार्य तथाकथित एकाध प्रकाशकों ने शुरू कर दिया है। कलमकार मंच ने बीस किताबों को प्रकाशित करने की बात कही है। तथाकथित प्रकाशक कतिपय चुनिंदा लोगों के साथ 50 किताबों के प्रकाशन का दावा कर रहा है। इस संबंध में उक्त प्रकाशक ने व्हाट्स अप समूह के जरिए लेखकों को गुमराह करने का कार्य किया है। मजेदार बात यह है कि जो नियम और शर्तें कलमकार मंच ने निर्धारित की हैं। दिल्ली के उक्त प्रकाशक ने उसे काॅपी पेस्ट कर सिर्फ कलमकार की जगह स्वयं का नाम और राॅयल्टी राशि 25 की जगह 20 प्रतिशत देने की बात कही है। बाकी सब यथावत है। अगर वास्तव में उक्त प्रकाशक इतना बड़ा निर्णय लेता है तो कलमकार मंच तहेदिले से उसके इस कदम का स्वागत करेगा, क्योंकि कलमकार मंच का एकमात्र उद्देश्य लेखकों को मंच और सम्मान देने के साथ उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है। चाहे वो किसी भी माध्यम से हो। सवाल यह उठता है कि -
1. जब कलमकार मंच ने घोषणा की तभी उसने क्यों की?
2. अपने नियम शर्तें बनाने की जगह काॅपी पेस्ट की जरूरत क्यों आन पड़ी, क्या नियम-शर्तें बनाने वाले काबिल लोग नहीं हैं उनकी मंडली में?
3. सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करने से क्यों कतरा रहा है उक्त प्रकाशक?
4. प्रकाशक ने कहीं यह जिक्र क्यों नहीं किया कि उसके द्वारा पुस्तकों को प्रकाशन निःशुल्क किया जाएगा?

हम यहां व्हाट्स अप की उस पोस्ट का स्क्रीन शाॅट मात्र इसलिए प्रकाशित नहीं कर रहे, क्योंकि यह कलमकार मंच के किसी शुभचिंतक ने प्रेषित किया है। निर्णय स्वयं लेखक करें। कलमकार की निरन्तर चल रही गतिविधियों और सफल आयोजनों से कुछ लोगों को हैरानी, परेशानी और बेचैनी हो रही है कि इतने कम समय में कलमकार परिवार, जिसमें आप सभी शामिल हैं, इतना बड़ा और मजबूत कैसे हो गया। गौरतलब है कि हम रचनाकारों के हित में उठने वाले हर कदम का स्वागत करेंगे, चाहे वो कोई संस्था उठाए अथवा प्रकाशक, लेकिन हमारे मनोबल को तोड़ने और लेखकों को दिग्भ्रमित करने वाला हर प्रयास हमें और मजबूती प्रदान करेगा।

सादर...

टीम कलमकार

‘‘काव्य कुंभ’’ 02/06/2018

‘‘काव्य कुंभ’’ के साथ शुरू हुई कलमकार की साहित्य यात्रा

कलमकार मंच की ओर से साहित्य सृजकों को मंच और सम्मान देने की कड़ी में देशभर में निरंतर चलने वाली ‘‘साहित्य यात्रा’’ का आगाज शनिवार को जयपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के सभागार में आयोजित हुए ‘काव्य कुंभ’’ से हो गया है। कलमकार मंच की ओर से डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आज का आयोजन सुविख्यात कवि बालकवि बैरागी को समर्पित था, जिनका निधन पिछले माह हो गया।
साहित्य यात्रा के आगाज के साथ ही कलमकार मंच ने प्रकाशक के रूप में प्रकाशित अपनी पहली पुस्तक ‘‘ठुमकते गीत’’ का विमोचन भी कराया। इसकी लेखिका ज्योत्सना सक्सेना हैं। यह बाल गीत संग्रह जल्द ही आॅन लाइन पाठकों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
काव्य कुंभ के विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ शायर लोकेश कुमार सिंह साहिल ने रचना पाठ करने वाले कवियों की रचनाओं की बड़ी साफगोई और बेबाकी से समीक्षा की। जब साहिल ने अपनी गजल ‘मेरे किरदार से अच्छाई की खुशबू आए’ और जाने माने कवि कैलाश मनहर ने अपनी ‘मुरारी’ सीरीज के कुछ अंश सुनाए तो प्रतिभागियों और श्रोताओं से खचाखच भरा पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
इससे पहले कलमकार मंच के संयोजक निशांत मिश्रा ने देशभर में चलने वाली साहित्य यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर से शुरू हो रही यह साहित्य या़त्रा देशभर में विभिन्न राज्यों और शहरों का सफर करेगी और रचनाकारों को इस मुहिम के जरिए कलमकार मंच परिवार से जोड़ेगी।
वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार ने साहित्य यात्रा के शुभारंभ की विधिवत घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कुछ महिनों से जयपुर में जिस तरह से साहित्यिक गतिविधियां बढ़ी हैं यह साहित्यकारों के लिए शुभ संकेत हैं।
‘काव्य कुंभ’ की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि कलमकार मंच ने पिछले कुछ समय से साहित्य के क्षेत्र में सक्रियता पैदा की है। राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ऐसे आयोजन किये जा सकते हैं। साहित्यकारों को संरक्षण की नहीं एक दूसरे के सहयोग की आवश्यकता है।
रचना पाठ करने वाले कवियों में वरिष्ठ कवि कल्याण सिंह शेखावत, शिवानी जयपुर, शाइस्ता मेहजबीन, अनुपमा तिवारी, कविता माथुर, ज्योत्सना सक्सेना, कविता ‘मुखर’, प्रीति जैन, अवनींद्र मान, मीनाक्षी माथुर, पारूल जैन, चित्रा भारद्वाज, संगीता व्यास, नीरा जैन, रानी परी ‘चन्दा’, शैलेश सोनी ‘चिरंजीव’, प्रज्ञा श्रीवास्तव, कमलेश शर्मा, आनंद विद्यार्थी, हरेन्द्र प्रताप सिंह, सूरज शर्मा अविराम, विजेन्द्र प्रजापत ‘पोटर’, सुनीता बिश्नोलिया, ऋषि कुमार दीक्षित, कल्पना गोयल, यादवेन्दर आर्य याद, उर्वशी चैधरी, के.के. सैनी, सुनील कुमार, रेणू शर्मा ‘मुखर’, धीरेन्द्र ठाकोर, निरूपमा चतुर्वेदी, राजकुमार इंद्रेश, ओमप्रकाश शर्मा और डॉ. भव्य सोनी शामिल थे।
मंच संचालन कविता मुखर ने किया। अंत में डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष पवन कुमार पारीक ने सभी आगुन्तकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन में शामिल सभी रचनाकारों और अतिथियों का कलमकार मंच आभारी है। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से साहित्य यात्रा का आगाज बेहतरीन ढंग से संपन्न हुआ और अब अंजाम तक पहुंचने में ऐसा ही सहयोग मिलता रहे, ऐसी कामना है...

टीम कलमकार

‘‘काव्य कुंभ’’ के साथ शुरू हुई कलमकार की साहित्य यात्रा

कलमकार मंच की ओर से साहित्य सृजकों को मंच और सम्मान देने की कड़ी में देशभर में निरंतर चलने वाली ‘‘साहित्य यात्रा’’ का आगाज शनिवार को जयपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के सभागार में आयोजित हुए ‘काव्य कुंभ’’ से हो गया है। कलमकार मंच की ओर से डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आज का आयोजन सुविख्यात कवि बालकवि बैरागी को समर्पित था, जिनका निधन पिछले माह हो गया।
साहित्य यात्रा के आगाज के साथ ही कलमकार मंच ने प्रकाशक के रूप में प्रकाशित अपनी पहली पुस्तक ‘‘ठुमकते गीत’’ का विमोचन भी कराया। इसकी लेखिका ज्योत्सना सक्सेना हैं। यह बाल गीत संग्रह जल्द ही आॅन लाइन पाठकों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
काव्य कुंभ के विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ शायर लोकेश कुमार सिंह साहिल ने रचना पाठ करने वाले कवियों की रचनाओं की बड़ी साफगोई और बेबाकी से समीक्षा की। जब साहिल ने अपनी गजल ‘मेरे किरदार से अच्छाई की खुशबू आए’ और जाने माने कवि कैलाश मनहर ने अपनी ‘मुरारी’ सीरीज के कुछ अंश सुनाए तो प्रतिभागियों और श्रोताओं से खचाखच भरा पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
इससे पहले कलमकार मंच के संयोजक निशांत मिश्रा ने देशभर में चलने वाली साहित्य यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर से शुरू हो रही यह साहित्य या़त्रा देशभर में विभिन्न राज्यों और शहरों का सफर करेगी और रचनाकारों को इस मुहिम के जरिए कलमकार मंच परिवार से जोड़ेगी।
वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार ने साहित्य यात्रा के शुभारंभ की विधिवत घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कुछ महिनों से जयपुर में जिस तरह से साहित्यिक गतिविधियां बढ़ी हैं यह साहित्यकारों के लिए शुभ संकेत हैं।
‘काव्य कुंभ’ की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि कलमकार मंच ने पिछले कुछ समय से साहित्य के क्षेत्र में सक्रियता पैदा की है। राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ऐसे आयोजन किये जा सकते हैं। साहित्यकारों को संरक्षण की नहीं एक दूसरे के सहयोग की आवश्यकता है।
रचना पाठ करने वाले कवियों में वरिष्ठ कवि कल्याण सिंह शेखावत, शिवानी जयपुर, शाइस्ता मेहजबीन, अनुपमा तिवारी, कविता माथुर, ज्योत्सना सक्सेना, कविता ‘मुखर’, प्रीति जैन, अवनींद्र मान, मीनाक्षी माथुर, पारूल जैन, चित्रा भारद्वाज, संगीता व्यास, नीरा जैन, रानी परी ‘चन्दा’, शैलेश सोनी ‘चिरंजीव’, प्रज्ञा श्रीवास्तव, कमलेश शर्मा, आनंद विद्यार्थी, हरेन्द्र प्रताप सिंह, सूरज शर्मा अविराम, विजेन्द्र प्रजापत ‘पोटर’, सुनीता बिश्नोलिया, ऋषि कुमार दीक्षित, कल्पना गोयल, यादवेन्दर आर्य याद, उर्वशी चैधरी, के.के. सैनी, सुनील कुमार, रेणू शर्मा ‘मुखर’, धीरेन्द्र ठाकोर, निरूपमा चतुर्वेदी, राजकुमार इंद्रेश, ओमप्रकाश शर्मा और डॉ. भव्य सोनी शामिल थे।
मंच संचालन कविता मुखर ने किया। अंत में डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष पवन कुमार पारीक ने सभी आगुन्तकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन में शामिल सभी रचनाकारों और अतिथियों का कलमकार मंच आभारी है। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से साहित्य यात्रा का आगाज बेहतरीन ढंग से संपन्न हुआ और अब अंजाम तक पहुंचने में ऐसा ही सहयोग मिलता रहे, ऐसी कामना है...
अंत में- हर बार की तरह इस आयोजन को उमा ने पर्दे के पीछे रहकर मित्र नवल पांडेय, आयुषी, गरिमा, हिमा, भाई रमेश शर्मा के सहयोग से सफल बना दिया। डाॅ. राधाकृष्णन पुस्तकालय के कर्मचारी भी हर कार्य के लिए तत्पर रहे।

टीम कलमकार

30/05/2018

‘‘साहित्य यात्रा’’ : ‘‘काव्य कुंभ’’ बालकवि बैरागी को समर्पित

देशभर के श्रेष्ठ रचनाकारों को ‘कलमकार’ पुरस्कार से नवाजने के बाद साहित्य सृजकों को मंच और सम्मान देने की कड़ी में देशभर में निरंतर चलने वाली ‘‘साहित्य यात्रा’’ का शुभारंभ आगामी 02 जून, 2018 (शनिवार) को दोपहर 03 बजे से राधाकृष्णन पुस्तकालय सभागार, राजस्थान काॅलेज, जे.एल.एन. मार्ग, जयपुर में आयोजित होने वाले ‘काव्य कुंभ’’ से होगा। कलमकार मंच की ओर से राधाकृष्णन पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आयोजन सुविख्यात कवि बालकवि बैरागी को समर्पित होगा। इस आयोजन में 40 से अधिक रचनाकार स्वरचित गीत, कविता और गजल पाठ करेंगे।
इस अवसर पर कलमकार मंच द्वारा प्रकाशित ज्योत्सना सक्सेना के बाल गीत संग्रह ‘‘ठुमकते गीत’’ का विमोचन भी किया जाएगा। आप सभी सादर आमंत्रित है।

टीम कलमकार

16/05/2018

आवश्यक सूचना
******************
कलमकार पत्रिका की प्रति यहां उपलब्ध है:-

- लोकायत प्रकाशन
मुस्लिम हाई स्कूल बिल्डिंग,
शंकर नमकीन वाले के पास,
मोतीडूंगरी रोड, जयपुर

- खण्डेलवाल बुक डिपो
लक्ष्मी मंदिर सिनेमा मोड़,
टोंक फाटक, जयपुर

और

- बुक वर्ल्ड
राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर,
जयपुर

15/05/2018

आवश्यक सूचना
कलमकार पत्रिका की प्रति यहां उपलब्ध है:-

लोकायत प्रकाशन
मुस्लिम हाई स्कूल बिल्डिंग,
शंकर नमकीन वाले के पास,
मोतीडूंगरी रोड, जयपुर

और

बुक वर्ल्ड
राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर,
जयपुर

09/05/2018

कलमकार पुरस्कार समारोह की यादगार झलकियां...

08/05/2018

दौसा जिले की लालसोट तहसील के गाँव बिलौना कलां में प्रलेस के अंचल सृजन यात्रा कार्यक्रम के दौरान ‘कलमकार’ पत्रिका के संपादक निशांत मिश्रा की मौजूदगी में प्रलेस के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि ऋतुराज, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक ईशमधु तलवार, वरिष्ठ कवि कृष्ण कल्पित, जाने माने शायर लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’, वरिष्ठ पत्रकार एवं समीक्षक विनोद भारद्वाज एवं राजाराम भादू, फिल्मकार गजेन्द्र एस. श्रोत्रिय, कथाकार चरणसिंह पथिक, साहित्यकार प्रेमचंद गांधी, डाॅ. जी.सी. बागड़ी, युवा कवि प्रमोद पाठक, युवा शायर कुमार विजय ‘राही’ और दिनेश शर्मा सहित मौजूद साहित्य प्रेमियों ने ‘‘कलमकार’’ पत्रिका और कलमकार संस्था के प्रयासों को सराहा। इस अवसर पर नाट्य और संगीत के धुरंधर कलाकार मुकेश वर्मा और उनकी टीम ने जयपुर के कवि निशांत मिश्रा का एक गीत ‘‘प्रेम की माला जपते-जपते’’ हाथों हाथ कंपोज कर बेहतरीन अंदाज में पेश किया।

04/05/2018

आवश्यक सूचना
***************

"कलमकार" पुरस्कार के सभी विजेताओं को "कलमकार" पत्रिका की एक प्रति निःशुल्क प्रेषित की जा रही है। जो विजेता समारोह में शामिल नहीं हो सके थे उनको प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भी भेजा जा रहा है। सभी विजेताओं को व्यक्तिगत रूप से ईमेल भेजा गया है। कृपया ईमेल देखें।

"कलमकार" प्रतियोगिता के चयनित प्रतिभागी जिनकी रचनाएं "कलमकार" पत्रिका में प्रकाशित की गई हैं, उन्हें भी "कलमकार" पत्रिका की एक प्रति निःशुल्क प्रेषित की जा रही है।

सादर,

टीम कलमकार

Photos 03/05/2018

साहित्यिक पत्रिका ‘कलमकार’ का हुआ विमोचन

जयपुर। कलमकार मंच की ओर से सलीम कागजी फाउंडेशन और रावत एजुकेशनल ग्रुप के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘कलमकार’ पुरस्कार के लिए शामिल देशभर के पुरस्कृत एवं चयनित प्रतिभागी लेखकों की रचनाओं से सुसज्जित ‘कलमकार’ पत्रिका का विमोचन गुरूवार को वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार, लेखिका उमा, भागचंद गुर्जर, राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष हरीश गुप्ता, ‘कलमकार’ के संपादक एवं संयोजक निशांत मिश्रा एवं आयुषी मिश्रा ने सिविल लाइंस स्थित ऐट स्टेप स्टूडियो में किया।
कलमकार मंच द्वारा प्रकाशित 180 पृष्ठ की साहित्यिक पत्रिका ‘कलमकार’ में देशभर के 43 रचनाकारों की कहानी एवं लघुकथा और 59 रचनाकारों की कविताएं, गीत व गजल शामिल की गई है। इस पत्रिका में प्रेम भारद्वाज, प्रो. सत्यनारायण, नंद भारद्वाज, ईशमधु तलवार, मनीषा कुलश्रेष्ठ, चरणसिंह पथिक, प्रदीप जिलवाने जैसे देश के विख्यात लेखकों एवं पत्रकारों के लेख भी समाहित किये गए हैं। पत्रिका का आवरण चित्र गौंडा उत्तर प्रदेश की फरहा नजीर ने तैयार किया है।
पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं का चयन पाखी के संपादक प्रेम भारद्वाज, जय नारायण विश्वविद्यालय के प्रो. सत्यनारायण, दूरदर्शन के पूर्व निदेशक नंद भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार, जानी मानी लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ, कथाकार चरणसिंह पथिक, साहित्यकार डॉ. अनुज, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार बहादुर पटेल, प्रदीप जिलवाने, ज्ञानपीठ से अनुशंसित युवा लेखिका उमा व तसनीम खान एवं स्थानीय लेखक भागचंद गुर्जर ने किया है।
इससे पहले गत 25 मार्च, 2018 को जगतपुरा स्थित सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में आयोजित भव्य समारोह में विजेताओं को ‘कलमकार’ पुरस्कार से नवाजा गया था।

साहित्यिक पत्रिका ‘कलमकार’ का हुआ विमोचन

जयपुर। कलमकार मंच की ओर से सलीम कागजी फाउंडेशन और रावत एजुकेशनल ग्रुप के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘कलमकार’ पुरस्कार के लिए शामिल देशभर के पुरस्कृत एवं चयनित प्रतिभागी लेखकों की रचनाओं से सुसज्जित ‘कलमकार’ पत्रिका का विमोचन गुरूवार को वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार, लेखिका उमा, भागचंद गुर्जर, राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष हरीश गुप्ता, ‘कलमकार’ के संपादक एवं संयोजक निशांत मिश्रा एवं आयुषी मिश्रा ने सिविल लाइंस स्थित ऐट स्टेप स्टूडियो में किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।
कलमकार मंच द्वारा प्रकाशित 180 पृष्ठ की साहित्यिक पत्रिका ‘कलमकार’ में देशभर के 43 रचनाकारों की कहानी एवं लघुकथा और 59 रचनाकारों की कविताएं, गीत व गजल शामिल की गई है। इस पत्रिका में प्रेम भारद्वाज, प्रो. सत्यनारायण, नंद भारद्वाज, ईशमधु तलवार, मनीषा कुलश्रेष्ठ, चरणसिंह पथिक, प्रदीप जिलवाने जैसे देश के विख्यात लेखकों एवं पत्रकारों के लेख भी समाहित किये गए हैं। पत्रिका का आवरण चित्र गौंडा उत्तर प्रदेश की फरहा नजीर ने तैयार किया है।
पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं का चयन पाखी के संपादक प्रेम भारद्वाज, जय नारायण विश्वविद्यालय के प्रो. सत्यनारायण, दूरदर्शन के पूर्व निदेशक नंद भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार, जानी मानी लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ, कथाकार चरणसिंह पथिक, साहित्यकार डॉ. अनुज, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार बहादुर पटेल, प्रदीप जिलवाने, ज्ञानपीठ से अनुशंसित युवा लेखिका उमा व तसनीम खान एवं स्थानीय लेखक भागचंद गुर्जर ने किया है।
इससे पहले गत 25 मार्च, 2018 को जगतपुरा स्थित सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में आयोजित भव्य समारोह में विजेताओं को ‘कलमकार’ पुरस्कार से नवाजा गया था।

24/04/2018

अति आवश्यक सूचना
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सर्वप्रथम ‘‘कलमकार’’ प्रतियोगिताओं के विजेताओं, चयनित रचनाकारों और प्रतिभागियों का आभार.... जिन्होंने इस आयोजन में शरीक होकर टीम कलमकार का मनोबल ऊॅंचा किया। तकनीकी कारणों से हुई देरी के लिए टीम कलमकार को खेद है कि समय पर हम विजेताओं एवं चयनित रचनाकारों को ‘‘कलमकार’’ पत्रिका की प्रति उपलब्ध नहीं करा सके।
कलमकार पुरस्कार के जो विजेता समारोह में शामिल नहीं हो सके थे उनके प्रमाण पत्र, पुरस्कार राशि और स्मृति चिह्न ‘‘कलमकार’’ पत्रिका के साथ डाक द्वारा आगामी एक मई को हमारे कार्यालय से प्रेषित कर दिये जाएंगें। साथ ही विजेताओं और चयनित रचनाकारों जिनकी रचनाएं इस पत्रिका में प्रकाशित की गई हैं, को भी डाक द्वारा ‘‘कलमकार’’ पत्रिका की एक प्रति निःशुल्क प्रेषित कर दी जाएगी।

अधिक जानकारी अथवा पत्रिका की अतिरिक्त प्रति प्राप्त करने के लिए आप हमें ईमेल कर सकते हैं। हमारा ईमेल है: [email protected]

सादर,
टीम कलमकार

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