02/06/2018
‘‘काव्य कुंभ’’ के साथ शुरू हुई कलमकार की साहित्य यात्रा
कलमकार मंच की ओर से साहित्य सृजकों को मंच और सम्मान देने की कड़ी में देशभर में निरंतर चलने वाली ‘‘साहित्य यात्रा’’ का आगाज शनिवार को जयपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के सभागार में आयोजित हुए ‘काव्य कुंभ’’ से हो गया है। कलमकार मंच की ओर से डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आज का आयोजन सुविख्यात कवि बालकवि बैरागी को समर्पित था, जिनका निधन पिछले माह हो गया।
साहित्य यात्रा के आगाज के साथ ही कलमकार मंच ने प्रकाशक के रूप में प्रकाशित अपनी पहली पुस्तक ‘‘ठुमकते गीत’’ का विमोचन भी कराया। इसकी लेखिका ज्योत्सना सक्सेना हैं। यह बाल गीत संग्रह जल्द ही आॅन लाइन पाठकों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
काव्य कुंभ के विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ शायर लोकेश कुमार सिंह साहिल ने रचना पाठ करने वाले कवियों की रचनाओं की बड़ी साफगोई और बेबाकी से समीक्षा की। जब साहिल ने अपनी गजल ‘मेरे किरदार से अच्छाई की खुशबू आए’ और जाने माने कवि कैलाश मनहर ने अपनी ‘मुरारी’ सीरीज के कुछ अंश सुनाए तो प्रतिभागियों और श्रोताओं से खचाखच भरा पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
इससे पहले कलमकार मंच के संयोजक निशांत मिश्रा ने देशभर में चलने वाली साहित्य यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर से शुरू हो रही यह साहित्य या़त्रा देशभर में विभिन्न राज्यों और शहरों का सफर करेगी और रचनाकारों को इस मुहिम के जरिए कलमकार मंच परिवार से जोड़ेगी।
वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार ने साहित्य यात्रा के शुभारंभ की विधिवत घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कुछ महिनों से जयपुर में जिस तरह से साहित्यिक गतिविधियां बढ़ी हैं यह साहित्यकारों के लिए शुभ संकेत हैं।
‘काव्य कुंभ’ की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि कलमकार मंच ने पिछले कुछ समय से साहित्य के क्षेत्र में सक्रियता पैदा की है। राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ऐसे आयोजन किये जा सकते हैं। साहित्यकारों को संरक्षण की नहीं एक दूसरे के सहयोग की आवश्यकता है।
रचना पाठ करने वाले कवियों में वरिष्ठ कवि कल्याण सिंह शेखावत, शिवानी जयपुर, शाइस्ता मेहजबीन, अनुपमा तिवारी, कविता माथुर, ज्योत्सना सक्सेना, कविता ‘मुखर’, प्रीति जैन, अवनींद्र मान, मीनाक्षी माथुर, पारूल जैन, चित्रा भारद्वाज, संगीता व्यास, नीरा जैन, रानी परी ‘चन्दा’, शैलेश सोनी ‘चिरंजीव’, प्रज्ञा श्रीवास्तव, कमलेश शर्मा, आनंद विद्यार्थी, हरेन्द्र प्रताप सिंह, सूरज शर्मा अविराम, विजेन्द्र प्रजापत ‘पोटर’, सुनीता बिश्नोलिया, ऋषि कुमार दीक्षित, कल्पना गोयल, यादवेन्दर आर्य याद, उर्वशी चैधरी, के.के. सैनी, सुनील कुमार, रेणू शर्मा ‘मुखर’, धीरेन्द्र ठाकोर, निरूपमा चतुर्वेदी, राजकुमार इंद्रेश, ओमप्रकाश शर्मा और डॉ. भव्य सोनी शामिल थे।
मंच संचालन कविता मुखर ने किया। अंत में डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष पवन कुमार पारीक ने सभी आगुन्तकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन में शामिल सभी रचनाकारों और अतिथियों का कलमकार मंच आभारी है। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से साहित्य यात्रा का आगाज बेहतरीन ढंग से संपन्न हुआ और अब अंजाम तक पहुंचने में ऐसा ही सहयोग मिलता रहे, ऐसी कामना है...
टीम कलमकार
‘‘काव्य कुंभ’’ के साथ शुरू हुई कलमकार की साहित्य यात्रा
कलमकार मंच की ओर से साहित्य सृजकों को मंच और सम्मान देने की कड़ी में देशभर में निरंतर चलने वाली ‘‘साहित्य यात्रा’’ का आगाज शनिवार को जयपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के सभागार में आयोजित हुए ‘काव्य कुंभ’’ से हो गया है। कलमकार मंच की ओर से डॉ. राधाकृष्णन केंद्रीय पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आज का आयोजन सुविख्यात कवि बालकवि बैरागी को समर्पित था, जिनका निधन पिछले माह हो गया।
साहित्य यात्रा के आगाज के साथ ही कलमकार मंच ने प्रकाशक के रूप में प्रकाशित अपनी पहली पुस्तक ‘‘ठुमकते गीत’’ का विमोचन भी कराया। इसकी लेखिका ज्योत्सना सक्सेना हैं। यह बाल गीत संग्रह जल्द ही आॅन लाइन पाठकों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
काव्य कुंभ के विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ शायर लोकेश कुमार सिंह साहिल ने रचना पाठ करने वाले कवियों की रचनाओं की बड़ी साफगोई और बेबाकी से समीक्षा की। जब साहिल ने अपनी गजल ‘मेरे किरदार से अच्छाई की खुशबू आए’ और जाने माने कवि कैलाश मनहर ने अपनी ‘मुरारी’ सीरीज के कुछ अंश सुनाए तो प्रतिभागियों और श्रोताओं से खचाखच भरा पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
इससे पहले कलमकार मंच के संयोजक निशांत मिश्रा ने देशभर में चलने वाली साहित्य यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर से शुरू हो रही यह साहित्य या़त्रा देशभर में विभिन्न राज्यों और शहरों का सफर करेगी और रचनाकारों को इस मुहिम के जरिए कलमकार मंच परिवार से जोड़ेगी।
वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार ने साहित्य यात्रा के शुभारंभ की विधिवत घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कुछ महिनों से जयपुर में जिस तरह से साहित्यिक गतिविधियां बढ़ी हैं यह साहित्यकारों के लिए शुभ संकेत हैं।
‘काव्य कुंभ’ की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि कलमकार मंच ने पिछले कुछ समय से साहित्य के क्षेत्र में सक्रियता पैदा की है। राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ऐसे आयोजन किये जा सकते हैं। साहित्यकारों को संरक्षण की नहीं एक दूसरे के सहयोग की आवश्यकता है।
रचना पाठ करने वाले कवियों में वरिष्ठ कवि कल्याण सिंह शेखावत, शिवानी जयपुर, शाइस्ता मेहजबीन, अनुपमा तिवारी, कविता माथुर, ज्योत्सना सक्सेना, कविता ‘मुखर’, प्रीति जैन, अवनींद्र मान, मीनाक्षी माथुर, पारूल जैन, चित्रा भारद्वाज, संगीता व्यास, नीरा जैन, रानी परी ‘चन्दा’, शैलेश सोनी ‘चिरंजीव’, प्रज्ञा श्रीवास्तव, कमलेश शर्मा, आनंद विद्यार्थी, हरेन्द्र प्रताप सिंह, सूरज शर्मा अविराम, विजेन्द्र प्रजापत ‘पोटर’, सुनीता बिश्नोलिया, ऋषि कुमार दीक्षित, कल्पना गोयल, यादवेन्दर आर्य याद, उर्वशी चैधरी, के.के. सैनी, सुनील कुमार, रेणू शर्मा ‘मुखर’, धीरेन्द्र ठाकोर, निरूपमा चतुर्वेदी, राजकुमार इंद्रेश, ओमप्रकाश शर्मा और डॉ. भव्य सोनी शामिल थे।
मंच संचालन कविता मुखर ने किया। अंत में डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष पवन कुमार पारीक ने सभी आगुन्तकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन में शामिल सभी रचनाकारों और अतिथियों का कलमकार मंच आभारी है। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से साहित्य यात्रा का आगाज बेहतरीन ढंग से संपन्न हुआ और अब अंजाम तक पहुंचने में ऐसा ही सहयोग मिलता रहे, ऐसी कामना है...
अंत में- हर बार की तरह इस आयोजन को उमा ने पर्दे के पीछे रहकर मित्र नवल पांडेय, आयुषी, गरिमा, हिमा, भाई रमेश शर्मा के सहयोग से सफल बना दिया। डाॅ. राधाकृष्णन पुस्तकालय के कर्मचारी भी हर कार्य के लिए तत्पर रहे।
टीम कलमकार