Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD

Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD

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Registration No. 884 | JAIPUR | 2014-15
असतो मा सद् गमय।
तमसो म?

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 27/03/2020

लोक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियोँ ने लील ली एक आर्टिस्ट की जान
नाम - समीरराज उर्फ समीरुदीन
आयु - 40
स्वर्गवास - 26-03-2020
समीरराज मिलनसार और शान्त स्वभाव के एक थियेटर आर्टिस्ट थे। इन्होंने रविन्द्र मंच पर सैकड़ों कलाकार तैयार किए और कई लघु व बड़ी फिल्मों का निर्देशन भी किया।
इनके परिवार में इनके बुजुर्ग माता पिता और पत्नी फरीदा सहित तीन बच्चे है जो समीरराज पर ही निर्भर थे, आर्थिक हालातों के चलते अपने एक बच्चे की पढ़ाई रुक गयी। इन सब के अलावा समीर एक हार्ट पेसेंट भी था।
राजस्थान में रहकर एक आर्टिस्ट अपनी कला के जरिए अपना घर तो दूर स्वयं का खर्चा तक नहीं निकाल पाता।
इन दिनों अपने परिवार के लालन-पालन के लिए प्रातः 9 से 12 थियेटर पर वर्क शॉप और दोपहर 12 से रात तक ज़ोमेटो डिलीवरी बॉय के रूप में कार्य कर रहे थे।
लेकिन अचानक कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण 21 मार्च को जनता कर्फ्यू और 22 से लॉक डाउन हुवा, मानों समीरराज की दुनिया ही थम गयी।
समीर ने लॉक डाउन का क्या सुना, उसकी दुनिया ही थम गयी 23 मार्च को एक जबरदस्त हार्ट अटेक आ गया दिमाग की सारी नशें ब्लॉक हो गयी, पूरे शरीर को लकवा मार गया, एस एम एस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया, बुजुर्ग माता पिता ने इस बन्द और तंग हालातों में भी हार नहीं मानी और एक उम्मीद से जे एन यू हॉस्पिटल, जगतपुरा, जयपुर ले गए, जहाँ 10 हजार रुपये का प्रतिदिन का खर्च था, आर्थिक परिस्थितियों और बन्द के चलते मददगार भी कुछ नहीं कर पा रहे थे ऐसे हालातों में अस्पताल से 25 मार्च को ही छुट्टी मिल गयी, इस छुट्टी के बाद घर पर समीर ने एक दिन भी नहीं बिताया और 26 मार्च को रात 10 बजे थियेटर जगत और संसार को अलविदा कर गए….
बुजुर्ग माता पिता ने उम्मीद नहीं छोड़ी लेकिन समीर ने 26 मार्च की रात को अपनी साँसें छोड़ दी….. और बूढ़े माता पिता पर पत्नी और 3 बच्चों की जिम्मेदारी।
यह संदेश को पढ़ने वाले सभी थियेटर प्रेमियों से मेरी विनम्र विनती है कि कृपया इस कठिन समय में समीर के परिवार की मदद के लिए आगे आयें।
आपका बूंद बूंद सहयोग किसी का घड़ा भर सकता है।
* समीरराज के परिवार को हमारी जरूरत है *
* पत्नी का नाम - फरीदा पत्नि समीरुदीन*
* खाता संख्या - 61215613793 *
* IFSC कोड - SBIN0031843 *
* शाखा - एस बी आई, बापू बाजार, जयपुर *

- वीरेन्द्र रावणा, धनरूप प्रोडक्शन

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 30/10/2018

जयपुर 29 अक्टूबर 2018
राजीव जैन द्वारा लिखित, समीरराज द्वारा निर्देशित नाटक इंसाफ के लिए रविन्द्र मंच पर उद्घघाटन करते हुवे शासन सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार, रावणा राजपूत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र रावणा और धनरूप लोक कल्याण एवं विकास संस्थान की जिला अध्यक्ष दीपाली अग्रवाल (प्राकृतिक चिकित्सक), सरदार मनमोहन सिंह आदि।

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 28/10/2018

जयपुर 25 अक्टूबर 2018
अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुवे रेल हादसे में असामयिक मारे गए बंधुओं को पंजाबी साझा समाज द्वारा राजापार्क गुरुद्वारा, जयपुर से कैण्डल मार्च कर श्रद्धांजलि दी गयी।
इस अवसर पर धनरूप लोक कल्याण एवं विकास संस्थान की जयपुर जिला अध्यक्ष दीपाली अग्रवाल ने टीम सहित कैण्डल मार्च में भाग लिया।




श्रद्धांजलि
हम सभी परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि इनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें एवं परिवार को सम्बल दे।
- DIPWD

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 25/10/2018

जयपुर 25 अक्टूबर 2018
धनरूप लोक कल्याण एवम विकास संस्थान संगठन का विस्तार करते हुवे अध्यक्ष वीरेन्द्र रावणा ने जयपुर जिला महिला अध्यक्ष के पद पर प्राकृतिक चिकित्सक दीपाली अग्रवाल को नियुक्त किया है।
दीपाली अग्रवाल जयपुर जिला स्तर, विधानसभा और वार्ड वार कार्यकारिणी की घोषणा करेगी। संस्थान द्वारा जयपुर की कच्ची बस्तियों में चिकित्सा शिविर, सफाई अभियान और शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता के कार्य किए जाएंगे।

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 04/07/2018

कुछ श्लोगन

04/07/2018

वित्तीय वर्ष 2017-18 इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़ी पूरी जानकारी

टेक्स स्लैब-
250000/- = Nil
251000-500000 = 5%
500001-1000000= 20%
10लाख से अधिक =30%
*वेतन एवम् भत्ते जो आयकर के अंतर्गत है:-
*मूल वेतन
*महंगाई भत्ता
*विशेष भत्ता
*बोनस
*एरियर
*फ़ूड/मेस भत्ता
*हार्ड ड्यूटी
*आंशिक टेक्सबल भत्ते*
*चिकित्सा पुनर्भरण 15000/- वार्षिक तक
*मकान किराया भत्ता(HRA)
*ट्रांसपोर्ट भत्ता 1600 महीना तक
*LTA
*टेक्स फ्री भत्ते*
*Newspaper/Journal All. Up to 12000/-par year
*टेलीफोन/मोबाइल भत्ता ऑफिस काम आने वाला
भोजन कूपन 2200 हर माह

👉 *इनकम टैक्स रिटर्न*
देश के हर टैक्सपेयर की यह ड्यूटी है कि वह इनकम टैक्स विभाग को हर फाइनैंशल इयर के अंत में उस फाइनैंशल इयर में हुई आमदनी का ब्योरा दे। यह ब्योरा उसे विभाग द्वारा तय फॉर्म में भरकर देना होता है। इस *फॉर्म के जरिये दी गई पूरी जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न* कहलाती है।

👉 *फाइनैंशल इयर*
1 अप्रैल से 31 मार्च तक के समय को फाइनैंशल इयर कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर *1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक* के समय को फाइनैंशल इयर 2017-18 कहा जाएगा।

👉 *असेसमेंट इयर*
असेसमेंट इयर फाइनैंशल इयर से आगे वाला साल होता है, जिस साल उस फाइनैंशल इयर के टैक्स संबंधी मामलों का आकलन किया जाता है। मसलन *फाइनैंशल इयर 2017-18के लिए असेसमेंट इयर 2018-19* होगा

👉 *डिडक्शंस*
विभिन्न तरह के इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स विभाग की ओर से आपको टैक्स में छूट मिलती है। ये कई तरह के आइटम होते हैं, जहां *इन्वेस्टमेंट करके टैक्स में छूट हासिल की जा सकती है। मसलन सेक्शन 80सी से सेक्शन 80यू तक जो भी आइटम हैं, उन्हें डिडक्शन के तहत* माना जाता है।

👉 *ग्रॉस इनकम*
टैक्स फ्री आमदनी और भत्तों को छोड़कर आपकी साल की कुल आमदनी जो भी है, उसे ग्रॉस इनकम कहा जाता है। *ग्रॉस इनकम हमेशा 80 सी से 80 यू तक मिलने वाले डिडक्शन से पहले वाली इनकम* होती है।

👉 *टैक्सेबल इनकम*
ग्रॉस इनकम में से *80 सी से 80 यू तक मिलने वाले डिडक्शन क्लेम कर लेने के बाद जो इनकम आती है, उसे टैक्सेबल इनकम कहते हैं।* यानी डिडक्शन से पहले वाली इनकम ग्रॉस इनकम और डिडक्शन के बाद वाली इनकम को टैक्सेबल इनकम कहते हैं।

👉 *टीडीएस*
आपकी जो भी आमदनी होती है, सरकार उस पर टैक्स काटती है। इसे *टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स* कहा जाता है। जो संस्था आपको पेमेंट कर रही है, वही टैक्स की इस रकम को काटकर बाकी रकम आपको पे करती है। टीडीएस काटने का काम एंम्प्लॉयर या पेमेंट करने वाली संस्था का है।

👉 *इनकम टैक्स रिफंड*
अगर किसी टैक्सपेयर ने सरकार को ज्यादा टैक्स दे दिया है, तो वह उस रकम को सरकार से वापस ले सकता है। इस वापस आई रकम को ही रिफंड कहा जाता है। *टैक्स रिटर्न भरकर आप इस एक्स्ट्रा रकम को इनकम टैक्स विभाग से क्लेम करते हैं। इसके बाद रिफंड की यह रकम आपको इनकम टैक्स विभाग की ओर से आपके अकाउंट में* भेज दी जाती है।

👉 *फॉर्म 16*
*_अगर आप कहीं नौकरी करते हैं तो आपका एम्प्लॉयर आपको एक फॉर्म 16 देता है। यह फॉर्म अब तक आपके एम्प्लॉयर ने आपको दे दिया होगा। यह इस बात को साबित करता है कि एम्प्लॉयर ने आपकी सैलरी से अगर टैक्स बनता है, तो टीडीएस काटा है। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक हर एम्प्लॉयर के लिए जरूरी है कि वह फॉर्म 16 अपने कर्मचारियों को दे। अगर आपका एम्प्लॉयर आपको यह फॉर्म नहीं दे रहा है तो आप इसकी रिक्वेस्ट उसे रजिस्टर्ड डाक से भेजें और इसका सबूत अपने पास रखें। इनकम टैक्स विभाग के पूछताछ करने पर यह सबूत दिखाया जा सकता है।_*

👉 *फॉर्म 16 A*
अगर *सैलरी के साथ-साथ दूसरे जरियों से भी आपको आमदनी हुई हो और उस पर टीडीएस कट चुका हो तो उस संस्था से भी टीडीएस सर्टिफिकेट ले लें। इस सर्टिफिकेट को ही फॉर्म 16ए* कहा जाता है। यहां हम रेंटल इनकम, शेयर, एफडी वगैरह से होने वाली इनकम की बात कर रहे हैं। एफडी के मामले में आपका बैंक आपको यह सर्टिफिकेट देगा।

👉 *फॉर्म 26 AS*
फॉर्म *26एएस एक कंसॉलिडेटेड टैक्स स्टेटमेंट* है। इसमें खासतौर से तीन तरह के ब्योरे होते हैं। पहला टीडीएस का ब्योरा, दूसरा टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स का ब्योरा और तीसरा टैक्सपेयर द्वारा बैंक में जमा कराया गया एडवांस टैक्स/सेल्फ असेसमेंट टैक्स का ब्योरा। फॉर्म 26 एएस से आप यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी या बैंक ने आपका जो टीडीएस काटा है, उसे सरकार के पास जमा कराया भी है या नहीं। इस टीडीएस का ब्योरा आप दो तरह से देख सकते हैं।
पहले incometaxindiaefiling.gov.in* पर जाएं। अगर आप पिछले सालों में रिटर्न भर चुके हैं तो आपके पास यूजर नेम और पासवर्ड होगा। इसी से लॉग-इन करें। अगर पहली बार रिटर्न भर रहे हैं तो Register Yourself पर जाकर रजिस्टर करें। यूजर नेम आपका पैन नंबर होता है और पासवर्ड आप खुद जेनरेट करेंगे। लॉग-इन करने के बाद View Form 26 AS पर क्लिक करें। अगर आप नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते हैं तो बैंक की वेबसाइट पर जाकर View Your Tax Credit पर क्लिक करके फॉर्म 26 एएस देख सकते हैं, लेकिन इससे केवल उस बैंक में चल रही आपकी एफडी, सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज आदि का ही पता चलेगा।

*7 टॉप गलतियां जो हम कर जाते हैं...* 🤔

*1. रिटर्न फाइल न करना*
चूंकि *आप पर टैक्स की कोई देनदारी नहीं है, इसलिए आपको रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है, अगर आपकी ऐसी सोच है तो आप गलत हैं।* रिटर्न भरने से आजादी सिर्फ उन लोगों को है, जिनकी सालाना ग्रॉस इनकम बेसिक एग्जेंप्शन लेवल से कम है। 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए यह सीमा ढाई लाख रुपये है, 60 साल से ज्यादा और 80 साल से कम उम्र के बुजुर्गों के लिए 3 लाख रुपये है और 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए 5 लाख रुपये है। जिस किसी की भी आमदनी इससे ज्यादा है, उसे रिटर्न भरना अनिवार्य है।

*2. गलत फॉर्म चुनना*
किसे कौन-सा फॉर्म भरना है, इसके लिए बाकायदा नियम हैं। कई बार लोग गलत फॉर्म का चुनाव कर लेते हैं। अपनी *कैटिगरी के हिसाब से सही रिटर्न फॉर्म चुनें* और उसे ही भरें।

*3. खाली फॉर्म पर साइन*
जो लोग किसी एजेंट के जरिए रिटर्न भरते हैं, वे अक्सर खाली रिटर्न फॉर्म पर दस्तखत करके एजेंट को दे देते हैं। एजेंट बाद में उस फॉर्म को भरकर जमा कर देता है। खाली फॉर्म पर दस्तखत न करें। फॉर्म भरने में एजेंट से गलती हो गई तो आपको दिक्कत होगी। *भरे हुए रिटर्न फॉर्म पर एक नजर डाल लेने के बाद ही उस पर साइन* करें।

*4. नंबरों पर ध्यान*
रिटर्न फॉर्म में पैन, आईएफएस कोड, अकाउंट नंबर, एम्प्लॉयर का टैन जैसी कुछ फिगर्स ऐसी होती है जिन्हें भरते वक्त गलती होने की आशंका रहती है। इन नंबरों को ध्यान से भरें। फर्ज करें *अगर आपने अपने पैन की एक डिजिट भी गलत भर दी, तो इनकम टैक्स विभाग आपके ऊपर जुर्माना* लगा सकता है।

*5. फॉर्म 16 न लेना*
अगर आपने फाइनैंशल इयर के दौरान नौकरी बदली है तो अपने दोनों एम्प्लॉयर से *फॉर्म 16 जरूर ले लें।* अपने पहले एम्प्लॉयर के साथ काम के दौरान की गई सेविंग्स और उससे हुई आमदनी अगर आपने अपने नए एम्प्लॉयर को नहीं बताई है तो हो सकता है, वह कम टैक्स काटे और बाद में आपको कम काटा गया टैक्स ब्याज सहित भरना पड़े।

*6. ब्याज न बताना*
कई बार लोग फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज का जिक्र अपने इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं करते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि बैंक ने टीडीएस तो काट ही लिया है इसलिए उस आमदनी को आईटीआर में दिखाने की अब उन्हें कोई जरूरत ही नहीं रह गई है। यह धारणा पूरी तरह से गलत है।

*7. इनकम की क्लबिंग को नजरंदाज करना*
कई लोग पत्नी और बच्चों के नाम से भी इन्वेस्टमेंट करते हैं। आप पत्नी को कितनी भी रकम दे सकते हैं, लेकिन गिफ्ट की गई रकम को आप इन्वेस्ट करते हैं तो सेक्शन 64 सामने आ जाता है। इसके मुताबिक, गिफ्ट की गई रकम से कोई आमदनी होती है तो वह आपकी टैक्सेबल इनकम में जोड़ी जाएगी। इससे फर्क नहीं पड़ता कि पार्टनर को आमदनी होती है या नहीं।
👉🏻FY 2017-18 मैं टेक्सबल आय होने पर भी return नहीं भरने पर दिनांक 31.07.18 से 31.12.18 तक 5000/- और 31.12.18 से 31.12.19 तक 10000/-जुमार्ना तय किया है।

*डिडक्शंस की लिस्ट* 🚩
_80 सी, 80 सीसीसी और 80 सीसीडी में इन आइटम में छूट मिलती है। इसकी सीमा फाइनैंशल इयर 2017-18 के लिए 1.5 लाख रुपये है।_

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)
एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF)
पांच साल की बैंक एफडी
दो बच्चों की ट्यूशन फीस
सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम
होम लोन के रीपेमेंट में प्रिंसिपल अमाउंट के तौर पर दी जाने वाली रकम
लाइफ इंशूरंस पॉलिसी प्रीमियम जो आप चुकाते हैं।
NSC viii इश्यू
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम यानी ELSS
सुकन्या समृद्धि योजना में किया गया इन्वेस्टमेंट

*डेढ़ लाख के अलावा*
इन आइटमों में भी छूट मिलती है, जो 1.5 लाख की सीमा से अलग है:
80 D : हेल्थ इंशूरंस पॉलिसी का प्रीमियम 15 हजार की सीमा तक।
24 b : होम लोन के रीपेमेंट में ब्याज की रकम पर। इसकी सीमा दो लाख रुपये है।
★80 E : हायर स्टडीज के लिए लिए गए एजुकेशन लोन के रीपेमेंट में ब्याज की रकम पर। कोई सीमा नहीं।
★80 G : किसी संस्था को दी जाने वाली डोनेशन।
★U/S 87 के तहत् 3.50 लाख तक टेक्सेबल वार्षिक आय पर 2500/-की छूट का प्रावधान किया है।

वितीय साक्षारता अभियान

लेटस गो वेलदी!!!

incometaxindiaefiling.gov

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 05/04/2017

जयपुर 30 मार्च 2017
अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा एवं धनरूप लोक कल्याण विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान स्थापना दिवस एवं प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह रावणा के जन्म दिवस पर 31 युवाओं एवं महिलाओं ने रक्तदान किया !
युवा अध्यक्ष चरण सिंह सांखला और कार्यक्रम संयोजक युवा महामन्त्री शंकर सिंह भाटी सहित सभी युवा पदाधिकारियों भीलवाड़ा , नगौर , टोंक , जोधपुर , बाड़मेर , अजमेर , सीकर , दूदू सहित जयपुर ग्रामीण से मुकेश सिंह जोधा , भगवान सिंह कच्छावा , झोटवाड़ा से प्रताप सिंह धीरावत , सांगानेर से महावीर सिंह , मोहन सिंह , चाकसू से सुरेन्द्र सिंह , फागी से रामरतन सिंह आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वीरेन्द्र सिंह रावणा को जन्मदिन की भी बधाई दी !
प्रात: 10 बजे भगवान महावीर केन्सर हॉस्पिटल एवं शोध संस्थान की टीम ने प्रधान कार्यालय - 807, प्रेम निवास, विष्णु कॉलोनी, हटवाड़ा रोड, जयपुर पर आयोजित रक्तदान शिविर में पहुंच कर व्यवस्थित रूप से रक्तदान शिविर प्रारम्भ कर दिया ! हिमोग्लोबिन की कमी से 17 कार्यकर्ता रक्तदान नहीं कर पाए ! देरी के चलते कुछ कार्यकर्ता रविवार को भी भगवान महावीर... संस्थान में रक्तदान करेंगे !
युवाओं के प्रोत्साहन हेतु ऑल इण्डिया कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव संजय बाफना, पूर्व विधायक एवं जयपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास
ने सम्बोधित किया !
इस अवसर पर श्याम प्रकाशन नें कर्नल टॉड कृत पुस्तक राजस्थान का इतिहास में संशोधन कर समाज को सबसे बड़ा तोहफा दिया !
महासभा के संरक्षक कान सिंह राठौड़ , उपाध्यक्ष नाथू सिंह पोपावास , गणपत सिंह पीडियार , महामन्त्री नन्द सिंह राजावत , संगठन महामन्त्री गोपाल सिंह चौहान , संगठन मन्त्री नन्द सिंह (रेल्वे) , कोषाध्यक्ष दिलीप सिंह शेखावत , जगदीश पँवार ने महासभा और संस्थान की ओर से सभी रक्तदाताओं को अभिशंषा पत्र प्रदान किए !

शंकर सिंह भाटी
महामन्त्री - युवा प्रकोष्ट
अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा

Photos 28/03/2017
Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 01/11/2016

जयपुर 1 नवम्बर 2016
डी आई पी डब्ल्यू डी के तत्वावधान में दीपावली और भाईदोज के अवसर पर संस्थान से जुड़े सभी कार्यकर्ता जवाहर नगर कच्ची बस्ती में मिठाई वितरण करते हुए!
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह रावणा, मार्गदर्शी ईश्वर दत्त शुक्ला, शराबबन्दी आन्दोलन के प्रणेता गुरूशरण छाबड़ा की पुत्र वधु व पुत्र पूनम अंकुर छाबड़ा, फूले ब्रिगेड की संयोजिका ऐडवोकेट ललिता संजीव महरवाल, संस्थान के जिला अध्यक्ष जगदीश पंवार, नन्द सिंह चौहान, विजय सिंह चौहान, गणपत सिंह, मुकुट सिंह आदि ने घर - घर जाकर भी मिठाई वितरण किया!

रविदत्त शुक्ला
महामन्त्री - डी आई पी डब्ल्यू डी

Photos from Dhanroop Institute of Public Welfare & Development / DIPWD's post 23/03/2016

जयपुर २३ मार्च २०१६
डी आई पी डब्ल्यू डी के तत्वावधान में भोजपुरा बस्ती में होलिका दहन और रंग होली का आयोजन सम्पन्न हुआ ।
संस्था के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह रावणा , मार्गदर्शी ईश्वर शुक्ला , सहारा टीवी से श्यामसुन्दर शर्मा , समाजसेवीका रीता पाठक सहित बस्ती के सभी परिवारों ने हर्षोल्लास से त्यौहार का आनन्द लिया ।
समापन पर मिठाई वितरण कर सभी को रंग लगाया ।

रविदत्त शुक्ला
महामन्त्री

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807, B/H Gadwal Sabha Bhawan, Hatwara Raod
Jaipur
302006