09/08/2025
आप सभी को रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं!
भाई-बहन का प्यारा ये रिश्ता हमेशा हंसी, मस्ती और प्यार से भरा रहे। 💖
Viksit Bharat Ambassador I Hindu Nationalist Thinker | Cricket Enthusiast
09/08/2025
आप सभी को रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं!
भाई-बहन का प्यारा ये रिश्ता हमेशा हंसी, मस्ती और प्यार से भरा रहे। 💖
हिन्दू धर्म मानवता का धर्म है आज पूरे विश्व को इसकी आवश्यकता है- मोहन भागवत जी
07/08/2025
अमेरिका के टैरिफ और स्वदेशी उत्पादों की चर्चा चल रही है, तो चलिए जरा इतिहास में झाँकते हैं...
1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था। लोगों ने ब्रिटिश कपड़ों, चीनी और अन्य विदेशी सामानों का बहिष्कार किया और देश में बने सामानों को अपनाया।
तिलक जी और अरबिंदो घोष जैसे नेताओं ने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया। इससे न सिर्फ खादी और हस्तशिल्प को नया जीवन मिला, बल्कि ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को झटका लगा और भारतीयों में एकजुटता आई।
आज हालात फिर वैसे ही लगते हैं। विदेशी निर्भरता और दबाव के बीच फिर एक स्वदेशी आंदोलन की जरूरत महसूस हो रही है।
ये सिर्फ आर्थिक नहीं, आत्मसम्मान की लड़ाई है।
दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में नागरिकों के व्यवहार में यह शामिल है कि वे अपने देश में बनी वस्तुओं के उपभोग पर ज्यादा जोर देते हैं। इससे विदेशी उत्पादों को उनके बाजारों में जगह बनाने में कठिनाई होती है। अपने यहां भी आत्मनिर्भरता की यह संस्कृति पैदा हो..
06/08/2025
हर कदम राष्ट्र को समर्पित - कर्तव्य ही पहचान !
Narendra Modi
उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद का मंजर भयावह है।
अब वक्त है कि हम विकास और विनाश के फर्क को समझें।
05/08/2025
पूर्व राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति
04/08/2025
भारत अब ‘दबाव’ नहीं, ‘राष्ट्रीय हित’ देखता है।
जब अमेरिका ने रूस से तेल न खरीदने का दबाव बनाया,
तो भारत झुका नहीं।
S. जयशंकर जी ने साफ शब्दों में कहा:
“भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है, और हम अपने फैसले राष्ट्रीय हितों के आधार पर लेते हैं।”
भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। चीन का सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स तक भारत के इस रुख की तारीफ कर रहा है। क्योंकि जब अमेरिका जैसे देश भी आपको नहीं झुका पाते, तो दुनिया ध्यान से देखने लगती है।
02/08/2025
भारत के लिए 'स्वदेशी' समय की जरूरत
आज जब दुनिया भर में देश अपने-अपने हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, भारत के लिए स्वदेशी अपनाना वक्त की जरूरत है।
RSS शुरू से मानता रहा है कि अगर भारत को आत्मनिर्भर बनना है, तो पहले खुद पर भरोसा करना होगा। संघ ने हमेशा घरेलू उत्पादों, कुटीर उद्योगों और गांव-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की बात की है। 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' जैसे अभियान उसी सोच की दिशा में हैं।
स्वदेशी सिर्फ सामान खरीदने तक सीमित नहीं है। ये सोच है कि हम क्या खाते हैं, क्या पहनते हैं, और कैसा ज्ञान अपनाते हैं। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हमारा पैसा देश में रहता है, रोजगार बढ़ता है, और विदेशी दबाव घटता है।
अब वक्त है कि हम भी सिर्फ विदेशी ब्रांड की चमक से बाहर निकलें और अपने देश की शक्ति को पहचानें। स्वदेशी अब सिर्फ भावना नहीं, जरूरत है।
01/08/2025
भगवा – त्याग, तप और तेज का प्रतीक है।
जो रंग आत्मबल की पहचान है, वो आतंक का पर्याय नहीं हो सकता!!
01/08/2025
संघ भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतिबिंब है, और पूज्य मोहन भागवत जी उसके प्रतिनिधि हैं।
कांग्रेस की सत्ता हमेशा संघ की बढ़ती ताकत से भयग्रस्त रही है। पूर्व एटीएस अधिकारी महबूब मुजावर के बयान भी इसी भय की पुष्टि करते हैं।
उन्हें मोहन भागवत जी को गिरफ़्तार करने के निर्देश दिए गए, सिर्फ इसलिए ताकि "भगवा आतंकवाद" के झूठे नैरेटिव को मजबूत किया जा सके, और हिंदू समाज में संघ के प्रति घृणा फैलाई जा सके।
लेकिन कांग्रेस भूल जाती है कि - गांधी जी की हत्या के बाद, आपातकाल में, और बाबरी विध्वंस के समय, हर दौर में संघ को मिटाने की कोशिश हुई। लेकिन संघ और मजबूत हुआ। भारत के कोने-कोने में वटवृक्ष की तरह फैला।
आप जितना संघ को दबाने की कोशिश करेंगे, वह उतनी ही शक्ति से उभरेगा।
"ध्वंस का डंका बजाकर मत डराओ तुम मुझे,
भारत नव निर्माण का यह स्वर ना रुकने पाएगा।
यह हिमालय सा उठा मस्तक कभी ना झुकने पाएगा।"