District Administration Jehanabad

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Jehanabad was carved out of old Gaya district on 1st August, 1986. It was a sub-division of Gaya since 1872.

The main aim behind the creation of this district was to accelerate the pace of development in tandem with tackling the problems of extremism, poverty, unemployment and underdevelopment.

04/06/2026

अनजान वीडियो कॉल से रहें सावधान !



Home Department, Govt. of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

03/06/2026

*प्रभारी सचिव डॉ० आशिमा जैन ने बाढ़, सुखाड़, हीट वेव एवं पेयजल व्यवस्था की पूर्व तैयारी की समीक्षा की, जमीनी स्तर पर सतत अनुश्रवण एवं विभागीय समन्वय पर दिया विशेष बल*

आज दिनांक 03 जून 2026 को अपर सदस्य, राजस्व परिषद, बिहार सह प्रभारी सचिव, जहानाबाद डॉ० आशिमा जैन द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में बाढ़, संभावित सुखाड़, हीट वेव/लू एवं पेयजल व्यवस्था से संबंधित पूर्व तैयारी की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की गई।प्रभारी सचिव द्वारा जिला आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, विद्युत एवं संबंधित विभागों की समीक्षा कर सभी को मानसून पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

बैठक के दौरान प्रभारी सचिव द्वारा बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा अधिष्ठापित Automatic Weather Station (AWS) से प्राप्त आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्षा, जलस्तर एवं मौसम से संबंधित आंकड़ों का प्रखंड स्तर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी आपसी समन्वय कर सूचना का प्रचार आम जन तक पहुंचना सुनिश्चित करेंगे।

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने कटाव निरोधक कार्यों, नहरों की स्थिति एवं संवेदनशील स्थलों की तैयारी की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि *सभी कटाव निरोधक कार्य मानसून पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं तथा सभी प्रखंड के वरीय पदाधिकारी इसकी अपने स्तर पर स्थल जांच कर नियमित समीक्षा करेंगे।*

ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सुखाड़ की स्थिति में तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने हेतु 475 मनरेगा योजनाएं है तथा 121 जल संरक्षण योजनाओं का क्रियान्वयन तथा जिले में 2166 जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। *इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सुखाड़ एवं बाढ़ की दृष्टि से महत्वपूर्ण सभी योजनाओं की योजना-वार एवं स्थल-वार जांच प्रखंड स्तरीय वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का सतत अनुश्रवण करें तथा आवश्यकता अनुसार रैंडम निरीक्षण भी उप विकास आयुक्त द्वारा सुनिश्चित किया जाए।*

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग द्वारा बताया गया कि *जिले में कुल 12,127 चापाकल स्थापित हैं तथा 1230 हर घर नल योजनाएं क्रियाशील हैं।* । इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सभी चापाकलों का निरीक्षण प्रखंड स्तरीय वरीय पदाधिकारियों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत स्तरीय कर्मियों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए, ताकि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए तथा पेयजल योजनाओं का स्थल निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

*साथ ही जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से अपील की गई कि खराब चापाकल अथवा पेयजल संबंधी किसी भी समस्या की सूचना जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के 24×7 कार्यरत दूरभाष संख्या 9431805088, 06114-295072 एवं 06114-295071 पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अतिरिक्त अनुमंडल स्तरीय नियंत्रण कक्ष संख्या 06114-223013 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।* साथ ही प्रभारी सचिव ने जिला आपदा प्रभारी को निर्देश दिया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखते हुए तकनीकी उपकरणों एवं संचार व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जल निकासी, नाला उड़ाही एवं शहरी पेयजल व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नगर निकाय मानसून पूर्व नाला उड़ाही कार्य पूर्ण करें तथा शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न होने देने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में संचालित विकासात्मक एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों यथा सड़क निर्माण कार्य, मनरेगा योजनाएं, विद्यालय गतिविधियां, राहत शिविर स्थलों की तैयारी एवं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित रूप से स्थल भ्रमण कर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रभारी सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी विभाग विभागीय SOP एवं निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय निरीक्षण, सतत अनुश्रवण एवं आपसी समन्वय के माध्यम से समग्र रणनीति एवं पूर्व तैयारी को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित करें।

बैठक में जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय, उप विकास आयुक्त डॉ० प्रीति, अपर समाहर्ता स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी भौतिक रूप से तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीसी के माध्यम से उपस्थित थे।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद

Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar

Photos from District Administration Jehanabad's post 03/06/2026

*प्रभारी सचिव डॉ० आशिमा जैन ने बाढ़, सुखाड़, हीट वेव एवं पेयजल व्यवस्था की पूर्व तैयारी की समीक्षा की, जमीनी स्तर पर सतत अनुश्रवण एवं विभागीय समन्वय पर दिया विशेष बल*

आज दिनांक 03 जून 2026 को अपर सदस्य, राजस्व परिषद, बिहार सह प्रभारी सचिव, जहानाबाद डॉ० आशिमा जैन द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में बाढ़, संभावित सुखाड़, हीट वेव/लू एवं पेयजल व्यवस्था से संबंधित पूर्व तैयारी की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की गई।प्रभारी सचिव द्वारा जिला आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, विद्युत एवं संबंधित विभागों की समीक्षा कर सभी को मानसून पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

बैठक के दौरान प्रभारी सचिव द्वारा बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा अधिष्ठापित Automatic Weather Station (AWS) से प्राप्त आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्षा, जलस्तर एवं मौसम से संबंधित आंकड़ों का प्रखंड स्तर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी आपसी समन्वय कर सूचना का प्रचार आम जन तक पहुंचना सुनिश्चित करेंगे।

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने कटाव निरोधक कार्यों, नहरों की स्थिति एवं संवेदनशील स्थलों की तैयारी की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि *सभी कटाव निरोधक कार्य मानसून पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं तथा सभी प्रखंड के वरीय पदाधिकारी इसकी अपने स्तर पर स्थल जांच कर नियमित समीक्षा करेंगे।*

ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सुखाड़ की स्थिति में तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने हेतु 475 मनरेगा योजनाएं है तथा 121 जल संरक्षण योजनाओं का क्रियान्वयन तथा जिले में 2166 जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। *इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सुखाड़ एवं बाढ़ की दृष्टि से महत्वपूर्ण सभी योजनाओं की योजना-वार एवं स्थल-वार जांच प्रखंड स्तरीय वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का सतत अनुश्रवण करें तथा आवश्यकता अनुसार रैंडम निरीक्षण भी उप विकास आयुक्त द्वारा सुनिश्चित किया जाए।*

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग द्वारा बताया गया कि *जिले में कुल 12,127 चापाकल स्थापित हैं तथा 1230 हर घर नल योजनाएं क्रियाशील हैं।* । इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सभी चापाकलों का निरीक्षण प्रखंड स्तरीय वरीय पदाधिकारियों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत स्तरीय कर्मियों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए, ताकि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए तथा पेयजल योजनाओं का स्थल निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

*साथ ही जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से अपील की गई कि खराब चापाकल अथवा पेयजल संबंधी किसी भी समस्या की सूचना जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के 24×7 कार्यरत दूरभाष संख्या 9431805088, 06114-295072 एवं 06114-295071 पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अतिरिक्त अनुमंडल स्तरीय नियंत्रण कक्ष संख्या 06114-223013 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।* साथ ही प्रभारी सचिव ने जिला आपदा प्रभारी को निर्देश दिया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखते हुए तकनीकी उपकरणों एवं संचार व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जल निकासी, नाला उड़ाही एवं शहरी पेयजल व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नगर निकाय मानसून पूर्व नाला उड़ाही कार्य पूर्ण करें तथा शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न होने देने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में संचालित विकासात्मक एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों यथा सड़क निर्माण कार्य, मनरेगा योजनाएं, विद्यालय गतिविधियां, राहत शिविर स्थलों की तैयारी एवं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित रूप से स्थल भ्रमण कर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रभारी सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी विभाग विभागीय SOP एवं निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय निरीक्षण, सतत अनुश्रवण एवं आपसी समन्वय के माध्यम से समग्र रणनीति एवं पूर्व तैयारी को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित करें।

बैठक में जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय, उप विकास आयुक्त डॉ० प्रीति, अपर समाहर्ता स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी भौतिक रूप से तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीसी के माध्यम से उपस्थित थे।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद

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03/06/2026

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने मंडल कारा, जहानाबाद का किया विस्तृत निरीक्षण, बंदियों के कल्याण एवं निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा*

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने अपने तीन दिवसीय जहानाबाद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आज मंडल कारा, जहानाबाद का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के सचिव श्री बृजेश कुमार भी उपस्थित रहे। मंडल कारा पहुंचने पर जेल प्रशासन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया तथा गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने कारा परिसर में संचालित निःशुल्क विधिक सहायता क्लीनिक का अवलोकन किया तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अंतर्गत अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए लंबित मामलों, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता तथा न्याय तक उनकी पहुंच से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में उन्होंने अनेक बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं कानूनी आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना। बंदियों द्वारा उठाए गए विभिन्न विधिक मामलों एवं अन्य समस्याओं पर उन्होंने विशेष संज्ञान लिया तथा मौके पर उपस्थित लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता श्री बैद्यनाथ शरण एवं श्री राजीव कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र बंदी को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा मामलों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव द्वारा कारा अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने महिला बंदी वार्ड का भ्रमण कर महिला बंदियों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। महिला बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के क्रम में कारा के रसोईघर का भी अवलोकन किया गया, जहां बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी मानकों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) एवं अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण करते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने कारा प्रशासन द्वारा किए जा रहे कई सकारात्मक एवं सुधारात्मक कार्यों की सराहना भी की।

इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार द्वारा 50 बंदियों के लिए डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा बंदियों के पुनर्वास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कंप्यूटर शिक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण से बंदियों की प्रतिभा एवं कौशल का विकास होगा तथा रिहाई के पश्चात उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। उन्होंने इस पहल को बंदियों के सामाजिक पुनर्वास एवं सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।संयुक्त सचिव ने कहा कि विधिक सेवा संस्थाओं का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि कारागारों को सुधार एवं पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐसे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

आगे सचिव द्वारा अपने तीन दिवसीय भ्रमण दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, ऑब्जर्वेशन होम (पर्यवेक्षण गृह), बाल संरक्षण से संबंधित संस्थानों तथा अन्य न्यायिक एवं विधिक सेवा इकाइयों का भी निरीक्षण किया जाएगा, जहां बच्चों एवं किशोरों के संरक्षण, पुनर्वास एवं कल्याण हेतु संचालित व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अजीत कुमार, उपाधीक्षक श्री सुधीर सिंह, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता श्री बैद्यनाथ शरण एवं श्री राजीव कुमार सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

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बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने मंडल कारा, जहानाबाद का किया विस्तृत निरीक्षण, बंदियों के कल्याण एवं निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा*

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने अपने तीन दिवसीय जहानाबाद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आज मंडल कारा, जहानाबाद का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के सचिव श्री बृजेश कुमार भी उपस्थित रहे। मंडल कारा पहुंचने पर जेल प्रशासन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया तथा गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार ने कारा परिसर में संचालित निःशुल्क विधिक सहायता क्लीनिक का अवलोकन किया तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अंतर्गत अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए लंबित मामलों, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता तथा न्याय तक उनकी पहुंच से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में उन्होंने अनेक बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं कानूनी आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना। बंदियों द्वारा उठाए गए विभिन्न विधिक मामलों एवं अन्य समस्याओं पर उन्होंने विशेष संज्ञान लिया तथा मौके पर उपस्थित लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता श्री बैद्यनाथ शरण एवं श्री राजीव कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र बंदी को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा मामलों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव द्वारा कारा अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने महिला बंदी वार्ड का भ्रमण कर महिला बंदियों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। महिला बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के क्रम में कारा के रसोईघर का भी अवलोकन किया गया, जहां बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी मानकों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) एवं अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण करते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने कारा प्रशासन द्वारा किए जा रहे कई सकारात्मक एवं सुधारात्मक कार्यों की सराहना भी की।

इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार द्वारा 50 बंदियों के लिए डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा बंदियों के पुनर्वास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कंप्यूटर शिक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण से बंदियों की प्रतिभा एवं कौशल का विकास होगा तथा रिहाई के पश्चात उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। उन्होंने इस पहल को बंदियों के सामाजिक पुनर्वास एवं सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।संयुक्त सचिव ने कहा कि विधिक सेवा संस्थाओं का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि कारागारों को सुधार एवं पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐसे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

आगे सचिव द्वारा अपने तीन दिवसीय भ्रमण दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, ऑब्जर्वेशन होम (पर्यवेक्षण गृह), बाल संरक्षण से संबंधित संस्थानों तथा अन्य न्यायिक एवं विधिक सेवा इकाइयों का भी निरीक्षण किया जाएगा, जहां बच्चों एवं किशोरों के संरक्षण, पुनर्वास एवं कल्याण हेतु संचालित व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अजीत कुमार, उपाधीक्षक श्री सुधीर सिंह, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता श्री बैद्यनाथ शरण एवं श्री राजीव कुमार सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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03/06/2026

स्वच्छ गांव सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत सभी ग्राम पंचायतों में बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान हेतु विशेष अभियान चलाया गया*

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत संचालित “स्वच्छ गांव सुरक्षित जलवायु” कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 03 जून, 2026 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान एवं सूचीकरण हेतु विशेष अभियान चलाया गया।

विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की अवधारणा को समुदाय तक पहुंचाने, चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन एवं अनुरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान सभी संबंधित हितधारकों के साथ बैठक आयोजित कर अधिक मात्रा में अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान एवं सूचीकरण किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत क्षेत्र अंतर्गत चिन्हित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के अंतर्गत उनकी भूमिका एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अभियान के क्रम में यह भी अवगत कराया गया कि यदि किसी संस्थान अथवा परिसर का निर्मित फ्लोर एरिया 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक हो, प्रतिदिन 40,000 लीटर पानी की खपत होती हो अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न किया जा रहा हो, तो ऐसे संस्थानों के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

इस अभियान में सभी स्वच्छता पर्यवेक्षक, प्रखंड समन्वयक, जिला सलाहकार एवं जिला समन्वयक द्वारा क्षेत्र भ्रमण कर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं तथा समुदाय को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद

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Photos from District Administration Jehanabad's post 03/06/2026

स्वच्छ गांव सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत सभी ग्राम पंचायतों में बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान हेतु विशेष अभियान चलाया गया*

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत संचालित “स्वच्छ गांव सुरक्षित जलवायु” कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 03 जून, 2026 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान एवं सूचीकरण हेतु विशेष अभियान चलाया गया।

विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की अवधारणा को समुदाय तक पहुंचाने, चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन एवं अनुरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान सभी संबंधित हितधारकों के साथ बैठक आयोजित कर अधिक मात्रा में अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान एवं सूचीकरण किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत क्षेत्र अंतर्गत चिन्हित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के अंतर्गत उनकी भूमिका एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अभियान के क्रम में यह भी अवगत कराया गया कि यदि किसी संस्थान अथवा परिसर का निर्मित फ्लोर एरिया 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक हो, प्रतिदिन 40,000 लीटर पानी की खपत होती हो अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न किया जा रहा हो, तो ऐसे संस्थानों के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

इस अभियान में सभी स्वच्छता पर्यवेक्षक, प्रखंड समन्वयक, जिला सलाहकार एवं जिला समन्वयक द्वारा क्षेत्र भ्रमण कर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं तथा समुदाय को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

03/06/2026

जिले में पर्याप्त स्टॉक के साथ एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, उपभोक्ता पैनिक बुकिंग करने से बचें*

जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के निर्देशानुसार जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, जहानाबाद द्वारा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों, गैस एजेंसी संचालकों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में कार्यरत 19 गैस एजेंसियों से एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा नागरिकों से अपील की गई है कि जिले में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, अतः किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें एवं पैनिक बुकिंग से बचें। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।

जिले में आज कुल 17997 गैस बुकिंग के विरुद्ध 5713 सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं आज 3412 सिलेंडर एजेंसियों को वितरण हेतु उपलब्ध कराया गया तथा औसत डिलीवरी अवधि 5.48 दिन है।

जिला प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी के तहत आज भी विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया। आज 01 गैस एजेंसी एवं 05 अन्य स्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया। वहीं अब तक कुल 734 स्थानों पर छापेमारी/निरीक्षण किया जा चुका है तथा वर्तमान में किसी भी स्थान से अवैध कालाबाजारी अथवा जमाखोरी की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
जिले में 24×7 कार्यरत जिला नियंत्रण कक्ष दूरभाष संख्या 06114-223013 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन कराया जा रहा है। आज कंट्रोल रूम में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई, जिनका त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। साथ ही वैवाहिक कार्यक्रम हेतु गैस आपूर्ति से संबंधित आज कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

रेस्टोरेंट, होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा बिल में “एलपीजी शुल्क” अथवा अन्य अनुचित शुल्क वसूली पर रोक लगाने हेतु अधिकारियों को सख्त निगरानी का निर्देश दिया गया है। उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

*जन अपील*

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से पुनः अपील की है कि एलपीजी गैस की उपलब्धता पर्याप्त है, अतः घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अफवाहों से बचें एवं किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद

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