Rohit Yadav

Rohit Yadav

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simple living high thinking

10/08/2025

रश्मि पति से लड़कर मायके चली आई थी। उसके पति राकेश को बिजनेस में घाटा हुआ था। इस कारण वह चिड़चिड़ा हो गया था। झगड़े इतने बढ़ गए थे कि दोनों का एक छत के नीचे रहना ही मुश्किल हो गया था। इसलिए रश्मि मायके चली आई। पांच महीने हो गए थे। ना राकेश ने फोन किया ना रश्मि ने फोन करने की कोशिश की। एक दिन अचानक एक कॉल आया उसमें बताया गया कि उसका पति गंभीर रूप से बीमार है और हॉस्पिटल में भर्ती है। इतना सुनते ही रश्मि घबरा गई। बौखलाई हुई हॉस्पिटल पहुंची तो देखा राकेश सूखकर कांटा हो गया था। बेड पर पड़ा सुनी आंखों से छत को निहार रहा था। रश्मि पति के सीने से लगकर रो पड़ी , बोली " ये क्या हाल बना रखा है ? तुम तो कहते थे ना तुम्हारी परेशानी है तुम खुद लड़ लोगे ? राकेश सूखी आंखों से आए आंसुओं को दबाता हुआ बोला मेरी ताकत तो तुम थी। जब तुम ही चली गई तो कैसे लड़ता ? हार गया ! रश्मि को अपनी गलती का अहसास हुआ। वह बोली " अब आ गई हूं ना। दोनों मिलकर लड़ेंगे।" पत्नी के आने से राकेश कुछ दिनों में ही ठीक हो गया। फिर दोनों ने मिलकर संघर्ष किया और जीत गए। पत्नी , पति की अर्धांगिनी होती है जब वह पति के साथ रहती है तो पति की ताकत सौ गुनी हो जाती है।🙏💯❤️

06/07/2025

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