MDIPE, Bundelkhand University, Jhansi - U.P.

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Major Dhyanchand Institute of Physical Education (MDIPE), Bundelkhand University- Jhansi (U.P.)

16/07/2026
Photos from MDIPE, Bundelkhand University, Jhansi - U.P.'s post 21/06/2026

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर योग की गूंज, हजारों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प

झांसी, 21 जून 2026।
मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन “Yoga for Stress Management and Healthy Aging” थीम के अंतर्गत अत्यंत उत्साह एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री ज्ञानेन्द्र कुमार तथा परीक्षा नियंत्रक श्री राजबहादुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है जो मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच अद्भुत सामंजस्य स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि आज का युग तनाव, प्रतिस्पर्धा, भागदौड़ और डिजिटल निर्भरता का युग बन चुका है। मोबाइल और तकनीक के बढ़ते प्रभाव ने लोगों को शारीरिक गतिविधियों से दूर कर दिया है, जिसके कारण अनेक प्रकार की जीवनशैली संबंधी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान पीढ़ी को स्वस्थ, ऊर्जावान और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है तो योग को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। योग न केवल तनाव को दूर करता है, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर व्यक्ति को अनेक बीमारियों से सुरक्षित भी रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगाभ्यास अवश्य करें और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ।

कुलपति महोदय ने कहा कि भारत ने विश्व को योग जैसी अमूल्य जीवन पद्धति प्रदान की है और आज पूरा विश्व योग के महत्व को स्वीकार कर रहा है। योग के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था, मानसिक संतुलन तथा सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय को नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कबिया की विशेष उपस्थिति रही। वहीं मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले के कुशल नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं अथक प्रयासों से कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्राप्त हुआ। उनके निर्देशन में संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने योग दिवस को उत्सव के रूप में मनाया।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योग प्रशिक्षिका डॉ. नीलम मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न प्रकार के योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव प्रबंधन, मानसिक शांति, शारीरिक सुदृढ़ता तथा स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उनके द्वारा कराए गए योगाभ्यास में सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं भावनात्मक क्षण तब आया जब डॉ. नीलम मिश्रा ने “हरे राम हरे कृष्ण” महामंत्र के संगीतमय उच्चारण एवं सामूहिक गायन का आयोजन कराया। सम्पूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित शिक्षक, अधिकारी एवं विद्यार्थी मंत्रोच्चार की मधुर ध्वनि में भाव-विभोर हो गए तथा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो. विनीत कुमार, अधिष्ठाता हिंदी प्रो. पुनीत बिसारिया, संपत्ति अधिकारी प्रो. डी.के. भट्ट, प्रवेश प्रभारी प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. एस.पी. सिंह, उप कुलसचिव सुनील सेन, प्रो.एस के कटियार, प्रो. मुन्ना तिवारी, प्रो. एम.एम. सिंह, प्रो. ऋषि सक्सेना, डॉ धीरेन्द्र यादव, डॉ. अनुपम व्यास, डॉ बी एस भदौरिया, डॉ मुहम्मद नईम, एनसीसी महिला विंग प्रभारी डॉ रश्मि सिंह सेंगर, डॉ कमलेश बिलगैया,डॉ. अतुल खरे, श्री विवेक अग्रवाल, श्री अनिल बोहरे, शारीरिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ उपेन्द्र सिंह तोमर, जी डॉ. स्वप्ना सक्सेना, जी डॉ. रूपम सक्सेना, डॉ. विनोद कुमार बौद्ध, डॉ. रोहित तिवारी, डॉ कृष्णा पांडेय,प्रीति श्रीवास्तव, अरशद अहमद, अनिल वर्मा , हेमंत चंद्र, शशांक चंद्र, कुंडेश्वर बाबू, कुंदन सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक मंच संचालन डॉ. कन्हैया लाल सोनकर ने किया। अंत में मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सफल जीवन जीने की निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। डॉ उपेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का यह आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का एक प्रेरणादायी संदेश देकर संपन्न हुआ तथा उपस्थित सभी प्रतिभागियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

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