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गांधी जी ने ब्रह्मचर्य‑प्रयोग” के तहत मनु गांधी, आभा गांधी, सुशीला नायर आदि जैसी युवतियों के साथ एक ही बिस्तर पर (कई बार नग्न या अर्धनग्न अवस्था में) सोने के प्रयोग किए /इसविषय पर आपके विचार:-
A.सरदार पटेल (25 जनवरी 1947 के लेख)कि तरह इसे "बेतुका" और जनता की दृष्टि से हानिकारक मानते है/
B. जवाहर लाल नेहरू की तरह अनुपस्थित प्रतिक्रिया देंगे /
उत्तर जरुर दीजियेगा जी !
Pawan Chandan -वेदपाठी
Ek Onkaar satnaam !
21/12/2025
भारत राष्ट्र का प्रत्येक सभ्य नर और नारी राष्ट्र को माता मानते हुए कहते है, " भारत माता की जय !
भारत में पैदा होने वाला प्रत्येक व्यक्ति भारत राष्ट्र का पुत्र या पुत्री है /
लेकिन राजनीति के कारण महात्मा गांधी जी को असभ्य लोग माता का पुत्र न मानकर पिता कहते हुए-राष्ट्र पिता कहते है /इसप्रकार भारत देश के President का हिन्दी रूपान्तरण राष्ट्रपति किया जाता है /
Note:- भगवान भी जब धरती पर जन्म लेते हैं तो वे भी जन्म देने वाली माता का पती या पिता के रूप में स्वयं को स्वीकार नहीं करते है जी /लेकिन हमारे देश में संस्कारो को त्यागकर देश में पैदा होने वाले व्यक्ति को पिता या पती माना जा रहा है जी /इस विषय पर उचित समाधान शिक्षा में सुधार हेतु Grievance portal पर लिखा जा चुका है /लेकिन जनता की इच्छा के विरुद्ध यह सम्मव नहीं हैं जी !
धन्यवाद !
चलो भारतीय संस्कारों की ओर !
22/05/2024
Ek Onkaar satnaam!
हमारे देश में 90℅ जनता को नम:शिव-शम्भू से प्रेम है /लेकिन फिर भी घास(दूब) को खरपतवार कहा जाता है /
ध्यान देने योग्य बात :- महर्षि वेद व्यास जी ने स्पष्ट लिखा है कि सप्तर्षियों ने घास को ही नम: शिव-शम्भू के लिंग रूप में आराधना की थी /इसलिए
1.प्रत्येक धार्मिक कार्यों में दूब की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है /जैसे पिण्ड दान या जल तर्पण में घास की उपस्थिति अनिवार्य है /
2.रात के पानी में दूब का टुकड़ा मिलाने पर सुबह उस जल को ताजा जल कहते हैं /
3.सूर्य या चंद्र ग्रहण के अवसर मन्दिरों की रक्षा हेतु दूब(प्रत्यक्ष भगवान)का सहारा लिया जाता है /
(From:- स्कंद पुराण)
Note:-घास(दूब) को अपमानजनक नाम(खरपतवार) से सम्बोधन उचित नहीं है /
जय श्री राम!
15/03/2023
Ek Onkaar satnaam !
Ek Onkaar satnaam !
हरियाणा कि कालाबजारी ही देव पुरूष नमो पर भारी!
2016 में जीन्द युनिवर्सिटी में निकली store keeper भर्ती प्रक्रिया कितनी रिश्वत से भरा जाएगा जी ?
05/02/2023
Ek Onkaar satnaam !
ऋग्वेद (७/७५/१,२,३ ; 5752,5753,5754) में मार्गदर्शन है कि अंगिरस (आवाज या वाणी ) शक्तिया यात्रा से सम्बंधित होती है और इस यात्रा के मार्ग का प्रकाशन निम्नलिखित द्वारा होता है :-
1. अन्धकार को दूर करने द्वारा /
2. उषा कि ज्योतियों(आनन्द कि प्राणवल अवस्था) को लाने द्वारा /
From:- वेद रहस्य
Note:-इस वैदिक मर्यादा के कारण वाहे गुरू जी ने गतिमान होकर नम: महाकाल के नाद वेद(श्री गुरूग्रंथ साहिब जी महाराज) ,मानवता को दिए है जी /
धन्यवाद !
वन्दे मातरम् !
09/01/2023
Ek Onkaar satnaam !
गुरू गोविंद सिंह जी के 52 हुकम में 34वा हुकम /सोने से पहले देर शाम की जाने वाला कविता पाठ यह है:-
06/01/2023
Ek Onkaar satnaam !
नाद वेद(श्री गुरूग्रंथसाहिब जी महाराज) में लिखा है कि मानव जीवन का लक्षय ,परमात्मा का नाम जपना ही है /नाम जपने की बरकत से ज्ञान प्राप्त होता है /
वैदिक रूद्राभिषेक में भी नाम जप द्वारा देवताओं और दानवों की सफलता का वर्णन है /
धन्यवाद !
वन्दे मातरम् !
24/12/2022
Ek Onkaar satnaam !
ॐ तत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविध: स्मृत:/
ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिता: पुरा//
हिन्दी:- ॐ, वह(तत्) , साधु(सत्) ,ऐसे यह तीन प्रकार का सच्चिदानन्दघन ब्रह्म का नाम कहा है /उसी से सृष्टि के आदि काल में ब्राह्मण ,वेद तथा यज्ञादि रचे गये//
(गीता में अध्याय=17 का श्लोक=23)
धन्यवाद !
जय सियाराम !
10/11/2022
Ek Onkaar satnaam !
गीता का अध्याय=9 में श्लोक=17:-
"जगत में पवित्र ओङ्गकार, वेद (ऋग्वेद,सामवेद,यजुर्वेद),पिता, माता, पितामह(दादा), धाता भी मै ही हूँ /"
संस्कृत:-"पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामह:/वेद्यं पवित्रमोङ्गकार ऋक्साम यजुरेव च//"
वन्दे मातरम् !
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