कंडेला खाप - Kandela Khap

कंडेला खाप - Kandela Khap

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28 कंडेले 9 खेड़े ये भिरड़ा के छाते किसन?

06/12/2025

रामकुमार गौतम रामचंद्र जांगड़ा राजकुमार सैनी अर्शखान छिकारा मेवाती सिककम श्योकंद मनोज दुहन रजत कलसन, सुरेश आदि ये गूं के पीपे हैं ! इनके चक्कर में हरियाणा का भाईचारा मत बिगाड़ो हमारी जड़ें एक हैं :- हरयाणवी

23/04/2025

बाबा टिकैत

21/08/2024

खापों को सबसे ज्यादा टारगेट Bollywood, News Agencies और Feminist ने किया था लेकिन जब महिला पहलवानों के साथ उत्पीड़न हुआ तो उन्हें न्याय दिलाने सबसे पहले ये खापें ही आईं और Feminist ढूंढे नहीं पाए !

ये तथाकथित Feminist लड़कियों के शरीर दिखाने, मनमर्जी शादी करने, Instagram पर नाचने, नग्नता फैलाने आदि को क्रांति कहती हैं! Modernity का मकसद ग्रामीण सभ्यता के मजबूत ढांचे को तोड़कर हमें कमजोर करना है, हमें अपनी सभ्यता को सहेज कर रखना होगा!

01/10/2023

प्रधान धर्मपाल कंडेला की अध्यक्षता में 28 कंडेला खाप की बैठक में स्वच्छता अभियान की शुरुआत व पौधरोपण, दिवंगत डॉ स्वामीनाथन को मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी,अन्य मुख्य मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए।

30/08/2023

सभी देशवासियों को कंडेला खाप के प्रधान धर्मपाल कंडेला और कंडेला खाप की ओर से रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

भाई बहन का प्यार सदा सुखी के पलो से भरा रहे

19/08/2023
09/08/2023

बिलकुल सही कहा प्रधान जी ने खापे मुगलों के साथ लड़ने के लिए बनाई गई थीं

08/08/2023

गाँव बेचकर शहर खरीदा, कीमत बड़ी चुकाई है।
जीवन के उल्लास बेच के, खरीदी हमने तन्हाई है॥
बेचा है ईमान धरम तब, घर में शानो शौकत आई है।
संतोष बेच तृष्णा खरीदी, देखो कितनी मंहगाई है॥

बीघा बेच स्कवायर फीट, खरीदा ये कैसी सौदाई है।
संयुक्त परिवार के वट वृक्ष से, टूटी ये पीढ़ी मुरझाई है॥
रिश्तों में है भरी चालाकी, हर बात में दिखती चतुराई है।
कहीं गुम हो गई मिठास, जीवन से कड़वाहट सी भर आई है॥

रस्सी की बुनी खाट बेच दी, मैट्रेस ने वहां जगह बनाई है।
अचार, मुरब्बे आज अधिकतर, शो केस में सजी दवाई है॥
माटी की सोंधी महक बेच के, रुम स्प्रे की खुशबू पाई है।
मिट्टी का चुल्हा बेच दिया, आज गैस पे कम पकी खीर बनाई है॥

पहले पांच पैसे का लेमनजूस था, अब कैडबरी हमने पाई है।
बेच दिया भोलापन अपना, फिर चतुराई पाई है॥
सैलून में अब बाल कट रहे, कहाँ घूमता घर- घर नाई है।
कहाँ दोपहर में अम्मा के संग, गप्प मारने कोई आती चाची ताई है॥

मलाई बरफ के गोले बिक गये, तब कोक की बोतल आई है।
मिट्टी के कितने घड़े बिक गये, अब फ्रीज़ में ठंडक आई है॥
खपरैल बेच फॉल्स सीलिंग खरीदा, जहां हमने अपनी नींद उड़ाई है।
बरकत के कई दीये बुझा कर, रौशनी बल्बों में आई है॥

गोबर से लिपे फर्श बेच दिये, तब टाईल्स में चमक आई है।
देहरी से गौ माता बेची, अब कुत्ते संग भी रात बिताई है॥
ब्लड प्रेशर, शुगर ने तो अब, हर घर में ली अंगड़ाई है।
दादी नानी की कहानियां हुईं झूठी, वेब सीरीज ने जगह बनाई है॥

बहुत तनाव है जीवन में, ये कह के मम्मी ने भी दो पैग लगाई है।
खोखले हुए हैं रिश्ते सारे, कम बची उनमें कोई सच्चाई है॥
चमक रहे हैं बदन सभी के, दिल पे जमी गहरी काई है।
गाँव बेच कर शहर खरीदा, कीमत बड़ी चुकाई है॥
जीवन के उल्लास बेच के, खरीदी हमने तन्हाई है।
कीमत बड़ी चुकाई है।कीमत बड़ी चुकाई है॥
🙏🙏

05/08/2023

हम हिंदू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल के वंशज हैं

04/06/2023

अगर पहलवान लाखों लोगों की पंचायत करना चाहे तो कंडेला खाप से बढ़िया जगह नहीं हो सकती

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VPO. Kandela Distt. Jind Haryana 8km Jind To Kaithal Road
Jind
126102