We-कल्प "A Senior Citizen Forum"

We-कल्प   "A Senior Citizen Forum"

Share

Social group of senior citizens a

Photos from We-कल्प   "A Senior Citizen Forum"'s post 19/09/2025

मेरा यह मानना है कि हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह नही है कि हम जीवन में कितने समृद्ध हुए हैं या हमने अपने पारिवारिक दायित्वों को कितनी सफलता से पूरा किया है , यह तो परिवार के प्रति हमारा कर्तव्य है । असल ज़िंदगी मे हमने समाज को जागरूक करने के लिए या उनके अधूरेपन को पूरा करने के लिये सही मायनों में क्या कदम उठाने का प्रयास किया है वह ज़रूर हमारा समाज के लिये लिया गया एक सार्थक कदम होता है व देश की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण योगदान और जीवन का सही लक्ष्य ।
यह प्रयास अगर निरंतर व बग़ैर रूके प्रतिदिन उठाया गया एक कदम हो तो एक उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद हमेशा जीवित रहेगी ।
We- कल्प नारी शक्ति संस्थान व बाल विकास केंद्र बिठूर मे कन्याओं व बच्चों के पूरे विकास के लिए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक व शारीरिक विकास के लिए व उनको आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के लिए जो कम्प्यूटर ट्रेनिंग, सिलाई, मेहंदी एवं उनके पाठ्यक्रम आदि की निःशुल्क शिक्षा इस दिशा में उठाया गया एक छोटा सा कदम ।

14/07/2025

Celebrating my 8th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you all. 🙏🤗🎉

12/01/2025
Photos from We-कल्प   "A Senior Citizen Forum"'s post 09/01/2025

“ ख़ाली दिमाग़ शैतान का घर होता है “ यह कहावत ही ग़लत है । दिमाग़ कभी ख़ाली बैठता ही नहीं, विचारों की भीड़ से हमेशा घिरा रहता है यह हमारे विचार ही होते हैं जो इसको शैतानी हरकत या creative हरकत के लिए प्रेरित करते है ।

हमारे आसपास का वातावरण, आसपास के लोग , हमारी मौजूदा परिस्थितियाँ, हमारा मूल स्वभाव ( basic nature ) का प्रभाव हमारे विचारों की दिशा व दशा तय करते है ।

एक स्थिति और होती है , जब हमारे अंदर contentment या संतुष्टि का कुछ भाव आने लगता है , या ध्यान ( meditation ) के द्वारा हम अपने को संतुलित कर लेते हैं या हम ईश्वर की लीला व इच्छा मानकर परिस्थितियों को स्वीकार कर लेते हैं तो हमारा दिमाग़ सिर्फ़ और सिर्फ़ सकारात्मक विचारों से ही भरा रहता है और हमे कुछ नया कुछ अच्छा करने को प्रेरित करता रहता है ।

पौधों की तरह हर व्यक्ति की personality व जीवन चक्र ( life-cycle) pre decided होती है । उसके साथ क्या होना है , उसे क्या बनना है , उसकी ज़िंदगी में कया रंग होने है, क्या -२ घटनाएँ होनी हैं सब कुछ तय होता है और सबसे खूबसूरत बात यह होती है कि सब कुछ बहुत अच्छा होना ही लिखा होता है लेकिन उसके चारों तरफ़ का वातावरण, लोगों की नकारात्मकता, उसकी संगत उस अच्छे होने को दूसरी तरफ़ मोड़ सकती हैं और सब कुछ उलटा होने लगता है ।

जब किसी बीज को हम मिट्टी में लगाते हैं वह एक छोटा सा बीज ही होता है लेकिन उस बीज से किस-२ रंग के कैसे कैसे फूल निकलेंगे यह तय रहता है बशर्ते उसको पानी ,खाद, सही वातावरण मिलता रहे उसे सही मिट्टी में ही लगाया गया हो । उस बीज का रंग रूप सब पहले से तय है लेकिन ख़राब वातावरण, ख़राब सगंत ( पानी व खाद का असंतुलन ) जो भविष्य उसके लिए तय था उसको बिगाड़ सकता है ।

यह जो मैंने दो सुंदर पौधे दिखाए हैं वह घर की बालकनी में लगे हैं जब बीज लगाए गये थे तो हमें नहीं मालूम था कि इतने सुंदर रंग के ऐसे फूल निकलेंगे हमने सिर्फ़ पानी,खाद, धूप पर ध्यान दिया पर रंग-रूप सुंदरता यह सब बीज में ही निहित था । यही ईश्वर की लीला है , प्रकृति का खेल है । सही हमारे जीवन के लिये भी सत्य है। इन्हीं फूलों को देखकर विचार शून्य हो गया व यह भाव प्रकट कर सका ।

Photos from We-कल्प   "A Senior Citizen Forum"'s post 03/11/2024

विकल्प की स्थापना के पीछे की सोच थी कि उन सीनियर सिटिज़न को एक भावनात्मक सपोर्ट दिया जाय जिनके बच्चे अपनी जीविका के लिए अपनों से दूर हो और ऐसे सारे साथी अपने इस नये विकल्प परिवार के साथ अपने सुख-दुख बाँटने के साथ ही साथ विभिन्न अवसरों को अपने इस नये परिवार के साथ सेलिब्रिट करे ।
कुछ ख़ास मौक़ों को जैसे अपना या अपने साथी का जन्मदिन या विवाह की वर्षगाँठ या किसी त्योहार पर जब बच्चे व उनका परिवार अपनी नौकरी की व्यस्तता के कारण हमारे बीच नहीं होता है तो यह we-कलप इस कमी को पूरा करे । यह हम सबके लिए बहुत गर्व की बात है कि हम मिलजुल कर we-कल्प के इस मक़सद को पूरा करने की दिशा में हमेशा प्रयासरत है और we-कल्प की परिकल्पना को यथार्थ रूप दे रहे है ।
भाई दूज की सभी साथियों को परिवार सहित बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।

Photos from We-कल्प   "A Senior Citizen Forum"'s post 16/08/2024

We-कल्प शक्ति संस्थान , सीनियर सिटीज़न फ़ोरम के बाद एक और प्रयास गाँव/ देहात की लड़कियों को आत्म निर्भर व स्वावलंबी बनाना व आज के संदर्भ में उनके ज्ञान को बढ़ाने के साथ -२ स्वरोज़गार के नये साधन पैदा करना ।
सबसे ज़रूरी है उनके अंदर आत्मविश्वास पैदा करना कि जुनून व सपने कभी मरने न दे , उन्हें सिखाना कि इस दुनिया में सब सम्भव है ।
हमारे इस मुहीम का मुख्य वाक्य है “मेरे सपने, मेरी मंज़िल “ हमारे सपने ही हमारी प्रेरणा होते है जो हमें हमारे लक्ष्य तक ले जाते है , उन पर विश्वास करे ।
जब आप सपने देखते है और उन पर विश्वास रखते है , कोई न कोई माध्यम इसको साकार करने , मदद करने आ ही जाता है ।
प्रयास ही सफलता की पहली सीढ़ी होता है जो कोठारी समूह के मुखिया श्री दीपक व आरती कोठारी जी ने समझा व सबने मिलकर इसको अपना मिशन बनाया । अपने फ़ार्महाउस में पाँच कमरों का निर्माण कराके इस सपने को एक दिशा दी । सफ़र आसान नहीं था , बच्चों को इकट्ठा करना बहुत कठिन काम था इसमें मेरी धर्मपत्नी का अहम सहयोग मिला व हम लोगों ने आसपास की सभी आंगनबाड़ी में जाकर इसके विषय में महिलाओं को जागरूक करा |
कम्प्यूटर व सिलाई की मशीनों से कुछ बच्चों से शुरुआत करी और आज २०-२५ बच्चियाँ रोज़ सीख रही है । दो दक्ष महिला टीज़र इस मुहीम में जुट गयी । आगे कई स्वरोज़गार की योजनाएँ है जो अभी आगे आनी है । हमारी कोशिश है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो जिससे उनमें आत्मविश्वास व आत्मसम्मान की भावना जागे । खेल-कूद, पेंटिंग, डॉस , संस्कार व समाज व परिवार के प्रति दायित्व पर भी शिक्षा दी जा रही ।
अपने दो माह के अल्प समय में एक नया परिवार विकसित हो गया जहॉ सब इसको सफल बनाने में प्रयास रत है । मंज़िल अभी दूर है पर हमारा विश्वास उसे देख पा रहा है ।

17/02/2024

गठबन्धन-
गठबंधन क्या है, एक जुड़ाव, सुख-दुख की साझेदारी, परस्पर विश्वास व सामूहिक ज़िम्मेदारी का अहसास व इसके प्रति निष्ठा व जवाबदेही । सबसे मुख्य बात यह होती है कि हम कितने disciplined रूप से उसमें भागीदारी रखते है व उसकी स्थापना की भावना व उद्देश्य को अग्रणी रखते है ।
We-कल्प यही है जहां हर गुरुवार-शुक्रवार से मानसिक रूप से we-कल्प मीटिंग की तैयारियाँ शुरू हो जाती है । द्विवेदी जी द्वारा सबसे सम्पर्क की menu क्या हो , किन विषयों पर चर्चा हो,एक दूसरे से उपस्थित के विषय में वार्तालाप व बातचीत एवं वरीयता क्रम में रविवार की सहभागिता ही गठबंधन को मज़बूत बनाने की कढ़ी व ज़िम्मेदारी ।
गठबंधन का एक और हिस्सा, हमारा कुक शनिवार से ही सम्पर्क करके रविवार के लंच के विषय में उत्सुकता दिखाता रहता है व जल्दीबाज़ी करता है कि साहब जल्दी बताय तैयारी में टाईम लगता है और हम लोगों को बना पढ़ता है भाई सब्र करो अभी सबकी सहमति-असहमति नहीं आयी है ।
गठबंधन का तीसरा हिस्सा संजय जो हमारे we-कल्प के रख-रखाव व हम सबकी सुविधा का पूरा-२ ध्यान रखता है पूरी तैयारी से रविवार व हम सबका इंतज़ार करता रहता है व हमारे पहुँचने पर तुरतं चाय- काफ़ी के इन्तज़ाम में जुट जाता है ।
हमारे गठबंधन का चौथा हिस्सा वहाँ का गार्ड जो पूरी तन्मयता से हम सबका स्वागत करता है और हम लोगों की गाड़ियों को पार्क करवाने व निकलवाने में पूरी शिद्दत से मदद करता है ।
किसी भी संस्था की जान , आत्मा उस गठबंधन से जुड़े हर छोटे बढ़े सदस्य से होती है जो उस संस्था मे समर्पित भाव से जुड़े होते हैं व उसको ऊपर ले जाने में हमेशा प्रयासरत रहते है ।
We-कल्प के सदस्य, हमारा कुक किशोरी, संजय, गार्ड यही सब गठबंधन हैं और we-कल्प की परिभाषा ।

03/03/2023

*Fallen Flowers*

Walking is a normal activity. But the beauty of walking is that I see life happening around me. Every morning, I would see an elderly gentleman picking up flowers fallen under a tree and placing them in a basket prepared to visit the temple. His activity was making me curious.

One morning, I saw him again and decided to put my curiosity to rest, about why he picked up fallen flowers while other elderly people pluck fresh flowers.

I asked him, "Sir, I always see you picking up these freshly fallen flowers from the ground. What do you do with them?"

"I offer these flowers at the feet of the deities in the temple at home," he answered very calmly.

This was the first time I had heard something like this. So, I asked him again, "If you don't mind, may I ask why you offer fallen flowers to God when there are so many flowers on the tree?"

"I help the flowers fulfill their purpose - of being with God in their last days. They have life too; like us, they also want to be with God in their final days, don't they?" he asked me. I nodded.

Then he said, "Some people pluck buds that have not yet bloomed and some only pluck buds that have just blossomed, not even letting them release their fragrance or live their lives. Everyone takes what is beautiful and takes away the plant's beauty from it. See then, how these plants look - colorless and deserted."

He continued, "Every flower has a purpose, to be with God. While everyone takes the flowers that are still on the plants, I do not choose those. It is not the flowers' fault that they fell off. They also deserve to be with God. You should try it too, it will give you peace and happiness...just as it gives me. I cannot support anyone in this old age, but I can at least help these flowers achieve their goal."

*Moral 😗
*In life, we always want to be around good and beautiful people. We want to see ourselves with people who are of our stature, and those who are below our stature, we want to see them below us. But, the real satisfaction comes when we help someone, make their life better & help them celebrate abundance of Joy & Happiness - Be it human, animal, bird or any other form of life.So why not flowers? Fallen followers?*

23/11/2022

सबसे अच्छी विरासत आपके विचार, आपकी भावनाएँ एवं सोच होती है , उसे ज़रूर शेयर करना चाहिए ।

दिमाग़ को चलायमान रखना इस उम्र में बहुत ज़रूरी है इसी संदर्भ में एक विचार शेयर कर रहा हूँ , पढ़िए, सोचिए व तर्क -वितर्क करिए व अपने विचार ज़रूर रखिए ।

किसी भी व्यक्ति से डील करने के लिए लोगो का नज़रिया दो तरह का होता है , एक वह जो दिल से सोचते हैं और उसी भावनाओं के अनुसार दिमाग़ से फ़ैसले लेते हैं और एक वह जो दिल अलग रख सिर्फ़ दिमाग़ से सोचते और अपने दिल को उसी अनुसार काम करने के लिए तैयार करते है। ऐसा देखने में आता है कि बहुत से लोग दिमाग़ से दिल पर आते हैं और कुछ दिल से दिमाग़ पर। दोनों में बहुत फ़र्क़ है और ऐसे दोनों की personality मे भी ज़मीन आसमान का अंतर पाया जाता है ।

एक श्रेणी के लोग जो दिमाग़ से दिल में जाते है के बारे में कहा जा सकता है कि दिमाग़ का काम ही है विवेचना करना ,calculate करना और वह लाभ हानि के बारे में ज्ञान लगाने के बाद दूसरे के साथ अपने सम्बन्ध परिभाषित करता है व आगे बनाए रखता है और ऐसे व्यक्तियों का दिल इसी के अनुसार अपने सम्बंधों को परिभाषित करता है और निभाता है । यहाँ भावनाएँ नही दिमाग़ हावी रहता है और भावनाएँ दिमाग़ी ज़रूरत के अनुसार व्यक्त होती है । यहाँ व्यक्तित्व का आकलन न हो कर उपयोगिता / अनुपयोगिता की विवेचना होती है और उसी के अनुसार व्यवहार किया जाता है । दिमाग़ी रूप से कार्यशील व्यक्ति भावनाओं में जल्दी नहीं बहते है और दिल के मज़बूत हो या न हो पर उनको दिमाग़ को 24 घंटे चलायमान रखना पढ़ता है क्यों कि उनका हर कदम किसी न किसी strategy का पार्ट होता है । आज के युग में इन्हें सफल, अवसरवादी या व्यवहारिक ( practical ) किस श्रेणी में रखा जाएगा यह हर व्यक्ति का अपनी परिस्थितियों के अनुसार आँकलन होगा ।

दूसरी श्रेणी के लोग वह है जो जो दिल से दिमाग़ पर जाते है वह व्यक्ति की उपयोगिता/अनुपयोगिता को न देख कर व्यक्ति के प्रति अपनी भावनाओं को ऊपर रखते हैं और उसी के अनुसार अपने दिमाग़ को उसके प्रति निर्देश देते हैं और सम्बन्धों को संवारते है । ऐसे व्यक्ति भावनात्मक रूप से दिल से संचालित होते हैं और अपनी भावनाओं को प्रकट करने में संकोच नहीं करते है । आज के समय में इन्हें नकारा असफल या बहुत भरोसेमंद किस कैटेगरी में रखा जायेगा यह प्रत्येक व्यक्ति की सोच व व्यक्तित्व पर निर्भर करेगा । ।

आपने आसपास चारों तरफ़ देखिये और स्वयं उपरोक्त तथ्य की सत्यता को परखिये ।।

Photos from We-कल्प   "A Senior Citizen Forum"'s post 17/06/2022

आज कोई article पढ़ते समय “rejuvenate “ शब्द आया मतलब पता था पर पता नहीं क्यों Google खोला और हिन्दी में मतलब देखा “ फिर से युवा करना “ एकदम से अपने senior citizen group “ We-कल्प “ के एक हफ़्ता पहले के अमरकण्टक यात्रा का ध्यान आ गया ।
सीनियर सिटीज़न couple अपने we-कल्प centre में एकाएक outing का program बनाते है , कोई अमरकण्टक propose करता है और वही train ढूँढी जाती है travel agent को वही से फ़ोन और 11 couple तैयार । बेतवा एक्सप्रेस में वही Resevation confirm और यात्रा की तैयारी शुरू ।
ये सब अद्भुत लगता है ,उम्र के इस पढ़ाव पर जहां कोई male सदस्य 65-66 साल से कम न हो , जोश और उत्साह देखते बनता है । हर कपल कुछ न कुछ ज़िम्मेदारी लेने के लिंए उत्सुक, एक दूसरे से राय सलाह क्या ले जाना है , रास्ते के खाने का प्रबंध, snacks, वहाँ पूजा के संबंध में चर्चा एक नई ऊर्जा का संचार जहां प्रबंध भी खुद करना है और ज़िम्मेदारी भी खुद उठाना है । सब बहुत सुखद था ।
यात्रा के दिन सब समय पर स्टेशन पहुँच गये । सबको पहले ही सीट बता दी गयी थी कोई संशय नहीं कोई परेशानी नहीं ।
Pantry लगती नहीं रास्ते में चाय की ज़िम्मेदारी नवीन ने ली और भरूआ सूमेरपूर में चाय बिस्कुट किसी परिचित द्वारा स्टेशन पर भेज दिया गया ।यात्रा बहुत अच्छे से पूरी पेन्डरा रोड स्टेशन पर टैक्सी पहले से बोल दी गयी थी । वहाँ से हमारा जत्था पहुँच गया अमरकण्टक ।
तीन दिन कैसे बीते पता ही नहीं चला । सुबह स्नान, फिर दर्शन व घुमना शाम को हाऊजी व गाना बजाना । भरपूर मस्ती , सबके घर से कुछ न कुछ आया था । स्नेकस में variety आनन्द ही आनन्द ।
हम लोगों ने वहाँ मुख्यतः निम्न जगह देखी -
नर्मदा का उदगम
प्राचीन मंदिर (25/- रुपये प्रवेश शुल्क)
कपिलधारा
जैन मंदिर
सोन मुदा (सोन नदी का उद्गम)
जलेश्वर महादेव
अमरेश्वर महादेव
श्रीयंत्र मंदिर (निर्माणाधीन) बाहर से ही देखा जा सकता है)
माई की बगिया (नर्मदा परिक्रमा यहीं से शुरू होती है)
रुचि के स्थान थे जहां हम सबने दर्शन किये ।नर्मदा नदी में सुबह स्नान और सुबह / शाम की आरती
पूरी यात्रा बहुत ही रोचक, आनन्ददायक व adventure से भरपूर थी । सबको अगली outing का बेसब्री से इन्तज़ार है ।
We-कल्प का असली मक़सद ही यह है -
“Life can be enjoyed at any age and together we can do anything.”

Want your business to be the top-listed Government Service in Kanpur?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Website

Address


Kanpur