22/04/2017
on Earth Day lets all come together
We Are The World - Michael Jackson Lionel Richie Cindy Lauper
The goal of Kanpur Book Club is a straight forward one that bring books, culture and co-curricular activities to life. Bhavna Mishra. Kanpur – 208016
Hello Friends,
Warm Welcome from Kanpur Book Club, running under the aegis of ‘Misaal Foundation.’
By launching KBC we wish to create a platform for people who are in love with books, who are creative and have a literary bent. This is a kind of camping community we love- everyone with a vested interest in continuing to find new ways to make reading, cultural expansion and social interaction the a
22/04/2017
on Earth Day lets all come together
We Are The World - Michael Jackson Lionel Richie Cindy Lauper
17/02/2017
In the age of robots, our schools are teaching children to be redundant | George Monbiot A regime of cramming and testing is crushing young people’s instinct to learn and destroying their future
05/09/2016
A child should be thought how to think not what to think
कानपुर बुक क्लब के तत्वाधान में 21मार्च २०१६ को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय कविता पोस्टर प्रतियोगिता को छात्रों के इम्तहान एवेम होली के पावन पर्व के कारण स्थगित कर दिया गया है.
इस प्रतियोगिता की नयी तारीख का निर्णय होते ही आप सबको सूचित किया जाये गा. Rupina Misra Madhu Pradhan Sharad Kumar Saxena Hema Awasthi Anita Misra Bhavna Mishra राजेंद्र अवस्थी Amrik Singh Deep Ritambhara Swaroop Vandana Sharma
21/12/2015
excietd students
14/12/2015
कविता पोस्टर प्रतियोगिता
ये शीर्षक है, कानपुर बुक क्लब के नए कदम का.
कानपुर बुक क्लब के तत्वाधान में, शहर के विभिन्न महाविदायालियो में कविता पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. इस कड़ी मेंसर्वप्रथम डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज में इस प्रतियोगिता काआयोजन किया गया तथा आज दिनांक १४- १२- १५ को प्रतियोगिता में विजयी छात्रों को पुरस्कार वितरण किया गया.
26/11/2015
GESTATION - Training For Better Future: 26th November - An Important day in Indian History
20/11/2015
निठल्ले की डायरी (Nithalle ki diary) हरिशंकर परसाई (Harishankar Parsai) जी के व्यंगों का एक संग्रह है। इसमें उनके २६ व्यंग शामिल है जिसमे समाज में फैले भ्रष्टाचार,दिखावा, दोगलापन और अफसरशाही को उन्होंने अपनी कलम से निशाना बनाया है। परसाई जी ने ये व्यंग एक ऐसे व्यक्ति के माध्यम से कहे हैं जो की निठल्ला कहलाता है। और उसी के डायरी में दर्ज उसके अनुभव ही इस पुस्तक की शक्ल लेते हैं। यह व्यक्ति कोई आम निठल्ला नहीं था ।
यह निठल्ला कुछ भिन्न किस्म का था। पूरी डायरी पढने के बाद मालूम होता है कि वह 'निठल्ला' के नाम से इसलिए बदनाम था कि वो लगातार काम नही करता था ।
वो एक दिन फैसला करता है वो अब दूसरों की मदद करेगा। अब ये मदद उसे किधर और किन किन लोगो से मिलाएगी ये पुस्तक को पढ़िएगा तो पता चलेगा। और क्या वो लोगों का भला कर भी पायेगा ?
परसाई जी ने किसी को भी नहीं छोड़ा है अपनी कलम की धार से। भले ही ये कई साल पहले लिखे गये थे लेकिन आज भी ये उतने ही सच्चाई से समाज की हालत को बयान करते हैं ये व्यंग ।
इन्ही में से कुछ 5 - 6 प्रसंगों को लेकर "अनुभूति नाट्य इकाई" द्वारा "रोटरी क्लब कानपुर वेस्ट" के तत्वाधान में रंगमंच कलाकार श्रीमती ममता सक्सेना के सहायार्थ कल दिनांक २०.11.15 को कानपुर के मर्चेंट चैम्बर हॉल में , निठल्ले की डायरी का मंचन किया गया
कानपुर बुक क्लब के लिए ये गौरव का विषय है कि, क्लब की सम्मानित सदस्या श्रीमती रुपिना मिश्र जी ने इस नाट्य मंचन में प्रमुख भूमिका निभाते हुए, तीन प्रमुख किरदार का मंचन किया
पेश है, इस नाटक की कुछ प्रमुख झलकियाँ
07/10/2015
सभी सदस्य सादर आमन्त्रित हैं
07/10/2015
सब लोग सादर आमंत्रित हैं
03/08/2015
राष्ट्रीय सहारा में ......... कानपुर बुक क्लब
http://www.rashtriyasahara.com/epapermain.aspx?queryed=12
लौटा बुजुगरे का बचपन, जमकर की मस्ती
कानपुर बुक क्लब का आयोजन
दमिसाल फाउंडेशन के तत्वावधान में मोतीझील मैदान में हुआ कार्यक्रमदबुजुगरे ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर इंज्वाय किया
कानपुर (एसएनबी)। मिसाल फाउंडेशन के तत्वावधान में कानपुर बुक क्लब के अंतर्गत मोतीझील मैदान में ‘‘लौट आया बचपन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बुजुगरे ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और जमकर मौज-मस्ती की। वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रात: कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें विभिन्न प्रकाश के खेलों का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिकों ने कागज की नाव बनाकर पानी में तैराया, कंचे खेले, गेंद से मारकर एक बार में सारे गिलास गिराना, म्युजिकल चेयर आदि तमाम खेल खेलकर बचपन की यादों को जिंदा किया। खेल खेलते-खेलते कई बुजुर्ग तो अपने बचपन में चले गये और एक-दूसरे से बचपन की यादों को साझा किया। इसी के साथ बताया कि बचपन में वह कैसे अपने दोस्तों से चीटिंग कर खेल जीत जाते थे। बुजुगरे ने बताया कि कानपुर बुक क्लब के कारण ही बचपन के खेलों से हम दुबारा रूबरू हो सके हैं। वाकई बचपन से अच्छा जीवन और कोई नहीं। बचपन शरारती होता है लेकिन बड़ा ही मिलनसार होता है। इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। मॉर्निंग वाक करने आये बुजुगरे ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर जमकर इंज्वाय किया। कानपुर बुक क्लब की अध्यक्ष रुपिना मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम का संयोजन भावना मिश्रा तथा प्रजना श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने बुजुगरे को खेल खिलाने में सहयोग किया। क्लब के जनरल सेक्रेट्री डा.महफूज अली ने कहा कि क्लब द्वारा समय-समय पर सांस्कृतिक और साहित्यक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा ताकि शहर के लोग एक-दूसरे से जुड़ें।
कार्यक्रम में भाग लेते लोग। फोटो : एसएनबी