01/01/2023
स्वच्छता को ओर असरदार बनाने के लिए नगर निगम की नई पहल, उप निगमायुक्त अरूण भार्गव के काँसेप्ट स्वच्छता चौपाल पर अटल पार्क में गेट टू गेदर कार्यक्रम का आयोजन।
अलग-अलग केटेगरी में बेस्ट सफाई कर्मचारियों को शाल व लोई देकर किया सम्मानित।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की तैयारियों को धार देने के लिए सुझावों पर किया विचार-विमर्श।
कार्यक्रम में गुरू नानक खालसा कॉलेज के विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुती।
करनाल 1 दिसंबर, स्वच्छता को ओर अधिक असरदार बनाने के लिए नगर निगम की ओर से बुधवार सांय शहर के अटल पार्क स्थित ओपन एयर थिएटर में स्वच्छता चौपाल कार्यक्रम से एक नई शुरूआत की गई। उपनिगमायुक्त अरूण भार्गव ने इस काँसेप्ट को लेकर उसे मूर्तरूप दिया। वरिष्ठ उप महापौर राजेश अग्घी के साथ-साथ 3 वार्डों के पार्षद मेघा भंडारी, मुकेश अरोड़ा व वीर विक्रम कुमार तथा वार्ड-6 के पार्षद प्रतिनिधि राजेन्द्र सिरसी की कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति रही, जबकि निगम के स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी, मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश कुमार, सफाई निरीक्षक ऊषा रानी, मनदीप सिंह, सहायक सफाई निरीक्षक प्रवेश कुमार व गुलाब सिंह, सुपरवाईजर के अतिरिक्त सैंकड़ों सफाई कर्मचारियों ने शिरकत की। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की तैयारियों को धार देने के लिए सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
दीप प्रज्जवलन से कार्यक्रम की शुरूआत की गई और फिर उप निगमायुक्त अरूण भार्गव ने उपस्थित सभी का स्वागत कर स्वच्छता चौपाल क्या है, इस बारे विस्तार से तकरीर की। उन्होंने बताया कि वास्तव में स्वच्छता अपने-आप में एक व्यापक शब्द है और इसका क्षेत्र भी वृहद है। भौतिकी के इस युग में विकास के साथ-साथ प्रदूषण में भी काफी इजाफा हुआ। इसे देखते स्वच्छता का महत्व ओर भी बढ़ जाता है और अब यह अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय बन गया है। इसमें ओर अधिक बेहतर तरीके से काम करने के लिए गेट टूगेदर यानि मिल-बैठकर इस पर मंथन करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है, ताकि स्वच्छता से जुड़े सभी हितधारक अपनी समस्याएं और उनके निराकरण के सुझाव दे सकें, ताकि स्वच्छता के कार्य को ओर गतिशील बनाया जा सके।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी हितधारकों का आह्वान किया कि वे इसे अपनी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा समझें और अन्य कार्यों के साथ-साथ इसके लिए भी अवश्य रूप से समय निकालें। उन्होंने एकत्रित सफाई कर्मचारियों को मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि स्वच्छता की निरंतरता बनाए रखने में उनका सहयोग सर्वोपरी है और उन्हें सम्मान की दृष्टि से एक प्रशंसनीय नागरिक की दृष्टि से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह तो एक शुरूआत है, हर महीने स्वच्छता चौपाल कर इस पर मंथन किया जाता रहेगा, ताकि इसे नई परिभाषा देकर जन-जन का कार्यक्रम बनाया जा सके।
इसके पश्चात कार्यक्रम में शहर के गुरू नानक खालसा कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लोक गीतों से उपस्थित सभी का मनोरंजन किया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के अंतर्गत, खुले में शौच मुक्त और गंदगी से तौबा करना, थीम पर एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। नाटिका में भाग ले रहे छात्र-छात्रा कलाकारों ने विषय-वस्तु का बखूबी चित्रण कर इसे अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने संदेश दिया कि खुले में शौच और गंदगी को फैंखना तो अब पुराने दिनो की बात हो गई है, मुनष्य अब 21वीं सदी में जी रहा है। गंदगी से होने वाले नुकसान को वह भली-भांति समझने लगा है। यह बात दीगर है कि वे गंदगी वे गंदगी के अभिशाप को मिटाने के लिए अपना कितना योगदान देता है, इसे उस पर स्वयं चिंतन करने की आवश्यकता है। हमे अपने परिवेश को किस तरह से स्वच्छ बनाना है, यह बात हमें विकसित देशों के तौर-तरीकों से सीखनी चाहिए। लघु नाटिका में भाग ले रहे अंकुश व उनके ग्रुप को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त दिपांशु, हरजोत, तमन्ना, देव, स्नेहा, केशव, रतनजोत व जसप्रीत को भी गीत, गिद्दा व नृत्य की शानदार प्रस्तुती देने पर भी सम्मानित किया गया। वार्ड- 8, 9 व 10 से आए सफाई कर्मचारियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी भागीदारी बनाकर नृत्य से समां बांध दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद स्वच्छ भारत मिशन और कचरा प्रबंधन विषयों पर एक प्रश्रोत्तरी का आयोजन किया गया, सही उत्तर देने वाले सफाई कर्मचारियों को पुरस्कार वितरण किए गए। शहर की सफाई व्यवस्था को ओर बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, इस विषय को लेकर पार्षद/जन प्रतिनिधियों के साथ काफी देर तक विचार-विमर्श किया गया। सफाई को बाधित करने वाले कौन-कौन से कारण हैं और समस्या कहां-कहां आती हैं, इस पर भी खुलकर विचार लिए गए। डीएमसी अरूण भार्गव ने सभी को सुनकर आश्वासन दिया कि जो भी कमियां हैं, उन पर गौर कर उसका समाधान किया जाएगा।
डोर टू डोर कचरा एकत्र करने, परिवहन प्रबंधन और सफाई करते समय स्वयं की सुरक्षा कैसे करनी चाहिए, इन विषयों पर निगम के ट्रीगर मास्टर गुरदेव ने सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर समझाया। उन्होंने बताया कि सफाई के साथ-साथ स्वयं की रक्षा भी जरूरी है, ताकि बीमारियों से बचे रहें।
कार्यक्रम में बेस्ट महिला सफाई कर्मचारियों का मान-सम्मान बढ़ाने के मकसद से उन्हें एक-एक गर्म शाल भेंट की गई। दूसरी ओर अच्छा कार्य करने वाले पुरूष सफाई कर्मचारियों को भी एक-एक लोई भेंट कर सम्मानित किया गया। बता दें कि वार्ड- 8, 9 व 10 में सफाई कर्मचारियों को तीन केटेगरी के आधार पर बांटा गया था। इनमें मुख्य सडक़ों की सफाई, डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण और प्रत्येक वार्ड के तीन भाग बनाए गए, शामिल थे। इन केटेगरी में बेस्ट परफोर्मिंग करने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
यह हुए सम्मानित-
रोड स्वीपिंग टीम से वार्ड-8 की रविता, बीरो, संबिता, अनु व अमन, वार्ड-9 के विकास, जोनी, जितेन्द्र, सुनील, नरेश व राजेश तथा वार्ड-10 से राकेश, सुनील, सोनू व अमर को सम्मानित किया गया।
ब्लॉक स्वीपिंग टीम से वार्ड-8 की संतोष, शिमला, सांझा राम, राम कुमार तथा राजेश, वार्ड-9 से गीता, अजमेर, सीमा, सन्नी, राजन, महिन्द्रो, विक्रम, रीना, कर्मबीर, रमन, दीपक व राकेश और वार्ड-10 से राजेश, सुदेश, राणो, सुरेश, कीर्ती व नानक को सम्मानित किया गया।
बेस्ट टिप्पर केटेगरी से वार्ड-8 के रजत व देवेन्द्र, वार्ड-9 के महेन्द्र व नितिन तथा वार्ड-10 के सागर व कर्ण पाल को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए नगर निगम के सिटी टीम लीडर डॉ. प्रशांत त्योगी, ट्रीगर मास्टर तथा मोटीवेटर ने सक्रियता से सहयोग दिया तथा अंकित ने कुशल मंच-संचालन किया।