MI LIFE STYLE

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Photos from MI LIFE STYLE's post 20/06/2020

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दोस्तों
आज कुछ दिल की बातें करूंगा
आगाह करना मेरा काम है
बाकी निर्णय आपका
नेटवर्क मार्केटिंग क्यों?
और *24 MUDRA* ही क्यों?

👉एक बार जरूर पढ़े......और एक ही वाक्य दो बार पढें |

*आप कहते है...*
*मुझे 24 MUDRA की जरुरत नहीं या मैं 24 MUDRA नहीं कर , या मैं नहीं कर पा रहा हुँ |*

🎯 *1.* दोस्तों *24 MUDRA* की जरुरत आपको नहीं, आपके परिवार को है।

🎯 *2.* कोई काम तभी किया जाता है, जब उसकी जरुरत नहीं हो |
जरुरत होने पर किसी काम को करने पर तत्काल परिणाम नहीं मिलता,
इसके लिए निरंतर सही प्रयास और सही मौके की तलाश होना जरुरी है।

🎯 *3.* यदि आपके पास सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी हो तो आप किसका बीमा करवायेंगे |
*मुर्गी का या अंडे का..*??

🎯 *4.* आप अपनी
कार का बीमा करवाते हैं ..
क्या इससे
आपका परिवार सुरक्षित रहता है ?

🎯 *5.* कार में चार पहिये होते हैं फिर भी पांचवाँ रखना जरुरी क्यों है ??
*रास्ते में सुरक्षा के लिये या फालतू खर्च ?*

🎯 *6.* बच्चा असफल हो जाये तो दुबारा मौका मिल सकता है, पर पिताजी असफल हो जाये तो बच्चों का भविष्य ख़राब हो सकता है।

🎯 *7.*दोस्तों *24 MUDRA* आपकी और आपके परिवार की पीढ़ी दर पीढ़ी भविष्य तय करता है। कुछ ज्यादा प्रयास करने होंगे। कुछ ज्यादा कदम चलने होंगे।

🎯 *8.* आपको *24 MUDRA* करते समय होने वाले challanges देखने से ज्यादा जरुरी सफलता की स्थिति में मिलने वाली राशि, मान सम्मान और आर्थिक आजादी को देखना चाहिये।

🎯 *9.* क्या आपको मालुम है कि आपका जीवन आपके परिवार के लिये कितना अमूल्य व आवश्यक है ?
आप ही बच्चों की शिक्षा तथा भविष्य का प्रबंध करेंगे।

*जरा गौर करें |*
🎯 *10.* जब आप एक महीने के लिए घर से बाहर जाते हैं तो क्या क्या व्यवस्था करके जाते है ?

🎯 *11.* जब भीड़ में
आपका बच्चा आपसे बिछड़ जाता है
तो उसे कितनी परेशानी तथा दर्द होता है ?

🎯 *12.* आपके बाहर जाने पर कितने दिनों तक रिश्तेदार आपके परिवार की मदद कर सकते हैं ?

🎯 *13.* यदि आप अपने पूरी क्षमता के साथ 8 -10 घंटा की व्यवसाय या जॉब करके भी अपने आपको, अपनी फैमिली को संतुष्ट नहीं कर पाते तो आपको इस व्यवसाय की सख्त जरुरत है।

🎯 *14.* एक बार आधी रात को उठ कर अपने परिवार के सदस्यों को सोते हुए देखें,
वो सिर्फ आपके कारण निश्चिन्त भाव से सो रहे होते हैं, तो क्या आपने उनके लिए कुछ ऐसा काम कर रहे हैं जो उनको हमेशा सुकून दे सके ?

🎯 *15.* यहाँ आपके परिवार की सुरक्षा, सपनों को नए आयाम दिए जाते है |
*फिर भी आप कह रहे है*
आपको *24 MUDRA*
की आवश्यकता नहीं । *लेकिन क्यों ?*

🎯 *16.* एकबार अपना बेटा या बीबी या माँ बाप बनकर विचार कीजिये की वो आपको किस रूप में देखना चाहते हैं |

🎯 *17.* दोस्तों *निर्णय आपका है....*
क्योंकि परिवार भी आपका है
*आपका केवल प्रतिदिन 2-4 घंटे, 2-3 साल आपके और आपके परिवार में 'U' टर्न ला सकता है।*
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मेरा काम आपको
*24 MUDRA* के बारे में बताना है,
*24 MUDRA* करना या न करना आपकी अपनी सोच...!

दुनियाँ के लाखों, पुरुष, युवा, बुजुर्ग इस व्यवसाय से आज अपने सपनों की जिंदगी, आर्थिक आजादी, समय की आजादी, मान-सम्मान् पा रहे हैं l
आप भी उन पर *24 MUDRA* से एक कामयाब इंसान बन सकते हैं
Con 9729622012

Photos from MI LIFE STYLE's post 22/08/2018

हम आयुर्वेद को जन जन तक ले जाना चाहते है

आयुर्वेद क्या है
1.आयुर्वेद समझने से पहले ये समझें ये की वेद क्या है ?
@वेद दुनिया के प्रथम धर्मग्रंथ है। इसी के आधार पर दुनिया के अन्य मजहबों की उत्पत्ति हुई
जिन्होंने वेदों के ज्ञान को अपने अपने तरीके से भिन्न भिन्न भाषा में प्रचारित किया। वेद ईश्वर
द्वारा ऋषियों को सुनाए गए ज्ञान पर आधारित है इसीलिए इसे श्रुति कहा गया है। सामान्य
भाषा में वेद का अर्थ होता है ज्ञान। वेद पुरातन ज्ञान विज्ञान का अथाह भंडार है। इसमें मानव
की हर समस्या का समाधान है। वेदों में ब्रह्म (ईश्वर), देवता, ब्रह्मांड, ज्योतिष, गणित, रसायन,
औषधि, प्रकृति, खगोल, भूगोल, धार्मिक नियम, इतिहास, रीति-रिवाज आदि लगभग सभी
विषयों से संबंधित ज्ञान भरा पड़ा है।

अब देखते है आयुर्वेद क्या है
२.आयुर्वेद क्या है? – What is Ayurveda ?
@आयुर्वेदा शब्द दो शब्दों के मेल- आयुष्+वेद से मिलकर बना है
जिसका अर्थ है- ”जीवन विज्ञान’ – “साइन्स ऑफ लाइफ”
आयुर्वेदा सिर्फ़ रोगों के इलाज़ तक ही सिमित नहीं है बल्कि यह
रह्न- सहन , जीवन मूल्यों, स्वस्थ जीवन जीने व निरोगी रहने का सम्पूर्ण
जानकारी प्रदान करता है|

चलिए देखते है आयुर्वेद क्यू सर्वश्रेष्ठ है
3.क्यों सर्वश्रेष्ठ है आयुर्वेद? Why Ayurveda is Best ?
@आयुर्वेद, हमारे ऋषि मुनियों की हजारों वर्षो की कड़ी त्पस्या, मेहनत व अनुभव का नतीजा है !
आयुर्वेद केवल रोगों के इलाज़ तक ही सिमित नहीं है बल्कि निरोगी जीवन जीने के मूल्यों व सुखी एंव
निरोगी जीवन जीने की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करता है ! वास्तव में अगर हम आयुर्वेदा के मूल सिद्धान्तों
को अपनी दिनचर्या में अपना लें तो शरीर कभी जल्दी से बीमार ही ना हो !

tridosha in ayurvedaआयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में मुख्यता तीन दोष (tridosha )-
वात, पित्त, कफ (त्रिधातु) होते हैं। अगर तीनो दोषों में संतुलन रहे, तो कोई भी रोग आप तक नहीं आ सकता, परन्तु
जब इन में से एक का भी संतुलन बिगड़ जाए तो है, तभी कोई रोग हमारे शरीर पर असर करतें है।

आज इसमे कोई संदेह नही की – अँग्रेज़ी चिकित्सा (Allopathy) तुरन्त आराम मिलता है, परन्तु यह
ज़रूरी नहीं कि बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी, क्योंकि ए्लोपैथिक इलाज़ सिफ लक्षण के आधार पर काम करता है
और किसी भी बीमारी के इलाज़ के उपरांत उपयोग होने वाली अँग्रेज़ी दवाइयों के दुष्प्रभाव होना निश्चित हैं- क्योंकि हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से पंच तत्व
– धरती , वायु, आकाश , अग्नि व जल से बना है तो जब आप किसी भी अप्राकृतिक वस्तु (दवाई) का सेवन इलाज़ में करेंगे तो उसका दुष्प्रभाव होना स्वाभाविक है !
इसके विपरीत आयुर्वेद चिकित्सा में बीमारी के इलाज़ में उसके मूल कारण पर केन्द्रित होता है, इसलिए रोग जड़ से ख़त्म हो जाता है और उसकी पुन: होने की संभवना बहुत ही कम रहती है!

आयुर्वेद में इलाज़ करते हुए केवल बीमारी के लक्षणों को ही नहीं देखा जाता अपितु इसके साथ साथ रोगी के मन,
शारीरिक प्रकृति एंव नाड़ी जाँच (Pulse diagnosis ) द्वारा तीनो दोषों की प्रकृति को भी ध्यान में रखा
जाता हैं, यही कारण है आयुर्वेदिक इलाज़ में एक ही रोग होने पर भी अलग-अलग रोगियों के उपचार में अलग- अलग
औषधियों का उपयोग अलग होता है ना की सबके लिए एक सम्मान !

आयुर्वेद के मानता है की कोई भी रोग सिर्फ़ शारीरिक या सिर्फ़ मानसिक नहीं हो सकता ! शारीरिक रोगों का प्रभाव हमारे
मन पर भी पड़ता है एंव मानसिक रोगों का प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है| इसीलिए आयुर्वेदा में सभी रोगों को मनो-दैहिक मानते हुए ही रोगी की चिकित्सा की जाती है !

आयुर्वेदिक इलाज में किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थों या अप्राकृतिक पदार्थों का प्रयोग नहीं किया जाता इसलिए इन
आयुर्वेदिक औषधियों का हमारे शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता और यही कारण है की आयुर्वेदिक इलाज़ सुरक्षित व दुष्प्रभाव रहित मान जाता है !

असल में आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने पर बहुत बल दिया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार का रोग
न हो इसी लिए रोग के इलाज़ के दोरान रोगी को मूल चिकित्सा के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधियों का भी सेवन करवाया जाता है !

आयुर्वेद, पंचकर्मा एंव योग से असाध्य बीमारियों का सफल व सुरक्षित उपचार किया जाता है एंव ऐसे रोग भी ठीक हो सकते है
जिनका किसी अन्य चिकित्सा पद्धतियों में कोई उपचार उपलब्ध नहीं है ! जैसे की- चर्म रोग (सोराइसिस), यकृत संबन्धित रोग, कैंसर, किडनी के रोग आदि !

आज सिर्फ़ भारत में ही नही अपितु पूरी दुनिया भारतीय चिकित्सा पद्द्ति आयुर्वेदा को महतव दे रही है,
और इस पद्द्ति को अपना रहे हैं !

ये था आयुर्वेद
आज का जीवन में देखे तो हम आयुर्वेद से कितनी दुरी बना चुके है
अगर हम अपना इतिहास देखे तो हमारे पूर्वज 100 साल से ज़्यादा अपनी जिंदिगी जीते थे
और आज हमारी जिंदिगी ४० से ६० में सिमट के रह गई है ऐसा क्यों है ? जरा सोचिये

आयुर्वेद हमें रोगों से लड़ने की ताकत देता है .

4.हमारी इस हालत का दोषी कौन है ? क्या किसी ने सोचा है
@आज हमारी ये हालत प्रदूषण और लगातार केमिकल के सेवन से हो रही है

5.हम क्या कर सकते है प्रदूषण और केमिकल से बचने के लिए ?
@हम प्रदूषण और केमिकल से बच सकते है आयुर्वेद की सहायता से
आयुर्वेद हमे एहतियात प्रदान करता है हमारी शरीर को हमेशा बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रखता है
और इसका उपयोग हमे लम्बी आयु देता है हम इंसानों के अन्दर एक प्रतिरक्षा प्रणाली होती है
जो हमे सारी बीमारियों से बचाती है पर जब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली काम नहीं करती तो हम बीमार होने लगते है
आयुर्वेद सबसे पहले प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करता है और बीमारी पे नियंत्रण करता है
हमने allopathy की दवाये सभी ने खाई है और ये सभी जानते है की तुरंत राहत तो देते है
पर इसके बहुत सारे रिएक्शन होते है और आयुर्वेद में कोई नुकसान नहीं है

6.तो हम क्या करे ?
@मैंने Mi Life Style Marketing Global Private Limited कम्पनी के आयुर्वेद के प्रोडक्ट को इस्तेमाल किया है
जो पूरी तरह से स्वदेसी है आयुर्वेद पे आधारित है जिसमे किसी भी तरह की केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता
तो हम सभी इस्तेमाल कर सकते है

7.आयुर्वेद कौन कौन सी बीमारिया ठीक कर सकता है
@आयुर्वेद में सभी बीमारियों का इलाज़ है
और आपसे अनुरोध है की मैंसेज या फ़ोन कर के एक बार ज़रूर बात कर ले .

8. आप हमे मैसेज या फोन क्यों करे ?
@ हम यह सुविधा पुरे भारत में देना चाहते है पूरे भारत को स्वस्थ रखना चाहते है
हमारे एसोसिएट आपको सही सलाह दे सकते है
जो आपके आजीवन तक फायदा हो
अधिक जानकारी के लिए आप हमे संमपक की जीये
मौ 9729622012....

Photos from MI LIFE STYLE's post 09/08/2018

Haryana ke purv mukhyamantri shree Kuldeep Bishnoi ji kamp ka doran 9e5helt drink lata hu mi lifestyle marketing

Photos from MI LIFE STYLE's post 01/08/2018

Blasting news 🌷🌷👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍Vimal sir ke birthday per , kal Satinder sir ne 10 min main decision kiya or Apne guru Vimal sir ki gaadi ko kahin bahar nhi sale hone diya , Satinder ji Abhi Abhi apna 1.5 cr ka ghar bnaya hai lekin Apne Guru ke ashirwaad ko kahin or na jane diya or kal Vimal sir ke Birthday per Toyota Fortuner ko purchase kiya , ये एक dream ही तो हैं। एक 18000 कि job करने वाला इंसान आज 1.5 Crore ka अपना घर और Toyota Fortuner गाड़ी , हुम् सब के लिए रोल मॉडल का दायित्व निभाते हुए , Prism Tycoons

24/07/2018

अगर आप #नेटवर्कमार्केटिंग में कुछ बड़ा और शानदार करना चाहते हैं तो नए लोगों के साथ काम करें ।

यह रास्ता कठिन रहेगा और अड़चने ज्यादा आएंगी और सीखना और सिखाना ज्यादा पड़ेगा परन्तु इसी रास्ते से आप #विश्वविजयी बन सकते हैं ।

आज बहुत से पुराने लोग हैं जो खुद को कहते हैं परन्तु सच यह है कि उनमें एक कदम भी बिना के चलने का दम नहीं होता ।

नए लोगों के साथ काम करके आपको अपना रास्ता खुद बनाना होगा । कुछ मित्र बनेंगे और बहुत से विरोधी । परन्तु जब उन विरोधियों को समझ आएगा कि आप सबल हैं,सक्षम हैं तब वह आपके सामने नतमस्तक हो जाएंगे ।

उठिए और िर्माण को शुरू कीजिए । नए युग में नए लोगों के साथ काम कीजिये । नई ऊर्जा से सराबोर रहें और बड़ी सफलता प्राप्त करें ।

जय सप्तरऋषि
WhatsApp 8570000377

Photos from MI LIFE STYLE's post 19/07/2018

हो गई सुरु वात आयुष के पहले प्रोडक्ट थे अब हॉस्पिटल भी
बनने लगे है दोस्तो 21 सदी आर्युवेद पे है सरकार जो टारगेट रखती है वो पूरा जरूर होता है अब भलाई इसी में है कि अपनी समझ दरी को साइड में रखना ही होगा मोदी जी ने बोल दिया है कि पांच सौ हजार के नोट बंद} तो बंद और हो भी गये अब मोदी जी बोल दिया है आने वाला समय आर्युवेद का है तो है इस मे कोई संका नही है विश्वाश न हो तो देख लो और हमसे संपर्क करें।
व्हाट्सएप:- 8570000377

19/07/2018
Photos from MI LIFE STYLE's post 11/07/2018

👉 *घास और बाँस* 👈
*Motivational story !*

ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो एक Business man था लेकिन उसका business डूब गया और वो पूरी तरह hopeless हो गया। अपनी life से बुरी तरह थक चुका था। अपनी life से frustrate चुका था।

एक दिन परेशान होकर वो जंगल में गया और जंगल में काफी देर अकेले बैठा रहा। कुछ सोचकर भगवान से बोला – मैं हार चुका हूँ, मुझे कोई एक वजह बताइये कि मैं क्यों ना हताश होऊं, मेरा सब कुछ खत्म हो चुका है।

मैं क्यों ना frustrate होऊं?

*Please help me God*

*भगवान का जवाब*

तुम जंगल में इस घास और बांस के पेड़ को देखो- जब मैंने घास और इस बांस के बीज को लगाया। मैंने इन दोनों की ही बहुत अच्छे से देखभाल की। इनको बराबर पानी दिया, बराबर Light दी।

घास बहुत जल्दी बड़ी होने लगी और इसने धरती को हरा भरा कर दिया लेकिन बांस का बीज बड़ा नहीं हुआ। लेकिन मैंने बांस के लिए अपनी हिम्मत नहीं हारी।

दूसरी साल, घास और घनी हो गयी उसपर झाड़ियाँ भी आने लगी लेकिन बांस के बीज में कोई growth नहीं हुई। लेकिन मैंने फिर भी बांस के बीज के लिए हिम्मत नहीं हारी।

तीसरी साल भी बांस के बीज में कोई वृद्धि नहीं हुई, लेकिन मित्र मैंने फिर भी हिम्मत नहीं हारी।

चौथे साल भी बांस के बीज में कोई growth नहीं हुई लेकिन मैं फिर भी लगा रहा।

पांच साल बाद, उस बांस के बीज से एक छोटा सा पौधा अंकुरित हुआ……….. घास की तुलना में ये बहुत छोटा था और कमजोर था लेकिन केवल 6 महीने बाद ये छोटा सा पौधा 100 फ़ीट लम्बा हो गया।
मैंने इस बांस की जड़ को grow करने के लिए पांच साल का समय लगाया। इन पांच सालों में इसकी जड़ इतनी मजबूत हो गयी कि 100 फिट से ऊँचे बांस को संभाल सके।

जब भी तुम्हें life में struggle करना पड़े तो समझिए कि आपकी जड़ मजबूत हो रही है। आपका संघर्ष आपको मजबूत बना रहा है जिससे कि आप आने वाले कल को सबसे बेहतरीन बना सको।

मैंने बांस पर हार नहीं मानी,
मैं तुम पर भी हार नहीं मानूंगा,
किसी दूसरे से अपनी तुलना(comparison) मत करो
घास और बांस दोनों के बड़े होने का time अलग अलग है दोनों का उद्देश्य अलग अलग है।

तुम्हारा भी समय आएगा। तुम भी एक दिन बांस के पेड़ की तरह आसमान छुओगे। मैंने हिम्मत नहीं हारी, तुम भी मत हारो !
*अपनी life में struggle से मत घबराओ, यही संघर्ष हमारी सफलता की जड़ों को मजबूत करेगा।*
लगे रहिये, आज नहीं तो कल आपका भी दिन आएगा।

Photos from MI LIFE STYLE's post 09/07/2018

What a event... Wonder Grand celebration and Dubai promo program in delhi all Milifestyle Management and top leaders of North India.. Now time to work harder and create maximum Dubai achievers in North India... Chalo Dubai

03/07/2018

अपने डॉक्टर खुद बने
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1= नमक केवल सेन्धा प्रयोग करें।थायराइड, बी पी, पेट ठीक होगा।

2=कुकर स्टील का ही काम में लें। एल्युमिनियम में मिले lead से होने वाले नुकसानों से बचेंगे

3=तेल कोई भी रिफाइंड न खाकर केवल तिल, सरसों, मूंगफली, नारियल प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं जो शरीर में कई तरह की बीमारियाँ पैदा करते हैं ।

4=सोयाबीन बड़ी को 2 घण्टे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।

5= रसोई में एग्जास्ट फैन जरूरी है, प्रदूषित हवा बाहर करें।

6= काम करते समय स्वयं को अच्छा लगने वाला संगीत चलाएं।खाने में अच्छा प्रभाव आएगा और थकान कम होगी।

7= देसी गाय के घी का प्रयोग बढ़ाएं।अनेक रोग दूर होंगे, वजन नहीं बढ़ता।

8=ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।

9=ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।

10=भोजन का समय निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा। भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा पोषण देगा।

11=नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन, फाइबर मिलेंगें।

12=सुबह के खाने के साथ देशी गाय के दूध का बना ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।

13=चीनी कम से कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी।

14=चीनी की जगह बिना मसले का गुड़ या देशी शक्कर लें।

15= छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।

16= चाय के समय, आयुर्वेदिक पेय की आदत बनाएं व निरोग रहेंगे.

17- डस्ट बिन एक रसोई में एक बाहर रखें, सोने से पहले रसोई का कचरा बाहर के डस्ट बिन में डालें।

18- रसोई में घुसते ही नाक में घी या सरसों तेल लगाएं, सर और फेफड़े स्वस्थ रहेंगें।

19- करेले, मैथी, मूली याने कड़वी सब्जियां भी खाएँ, रक्त शुद्ध रहेगा।

20- पानी मटके वाले से ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।

21- प्लास्टिक, एल्युमिनियम रसोई से हटाये, केन्सर कारक हैं।

22- माइक्रोवेव ओवन का प्रयोग केन्सर कारक है।

23- खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएँ, पेट और दांत को खराब करती हैं।

24- बाहर का खाना बहुत हानिकारक है, खाने से सम्बंधित ग्रुप से जुड़कर सब घर पर ही बनाएं।

25- तली चीजें छोड़ें, वजन, पेट, एसिडिटी ठीक रहेंगी।

26- मैदा, बेसन, छौले, राजमां, उड़द कम खाएँ, गैस की समस्या से बचेंगे।

27- अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।

28- बिना कलौंजी वाला अचार हानिकारक होता है।

29- पानी का फिल्टर R O वाला हानिकारक है। U V वाला ही प्रयोग करें, सस्ता भी और बढ़िया भी।

30- रसोई में ही बहुत से कॉस्मेटिक्स हैं, इस प्रकार के ग्रुप से जानकारी लें।

31- रात को आधा चम्मच त्रिफला एक कप पानी में डाल कर रखें, सुबह कपड़े से छान कर इस जल से आंखें धोएं, चश्मा उतर जाएगा। छान कर जो पाउडर बचे उसे फिर एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। रात को पी जाएं। पेट साफ होगा, कोई रोग एक साल में नहीं रहेगा।

32- सुबह रसोई में चप्पल न पहनें, शुद्धता भी, एक्यू प्रेशर भी।

33- रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खतम।

34- एक्यूप्रेशर वाले पिरामिड प्लेटफार्म पर खड़े होकर खाना बनाने की आदत बना लें तो भी सब बीमारी शरीर से निकल जायेगी।

35- चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।

36- रसोई के मसालों से बना चाय मसाला स्वास्थ्यवर्धक है।

37- सर्दियों में नाखून बराबर जावित्री कभी चूसने से सर्दी के असर से बचाव होगा।

38- सर्दी में बाहर जाते समय 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए, सर्दी से नुकसान नहीं होगा.

39. रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रख कर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा

40- कभी-कभी नमक-हल्दी में 2 बून्द सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक नहीं सकता।

41- बुखार में 1 लीटर पानी उबाल कर 250 ml कर लें, साधारण ताप पर आ जाने पर रोगी को थोड़ा थोड़ा दें, दवा का काम करेगा।

42- सुबह के खाने के साथ घर का जमाया देशी गाय के ताजा दही जरूर शामिल करें, प्रोबायोटिक का काम करेगा.
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*हृदय की बीमारी आयुर्वेदिक इलाज*

हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे, उनका नाम था महाऋषि वागवट जी !!

उन्होने एक पुस्तक लिखी थी, जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!!
(Astang hrudayam)

इस पुस्तक मे उन्होने
बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे ! यह उनमे से ही एक सूत्र है !!

वागवट जी लिखते है कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है ! मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे acidity (अम्लता) बढ़ी हुई है !
अम्लता आप समझते है !
जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !! अम्लता दो तरह की होती है !

एक होती है पेट कि अम्लता ! और एक होती है रक्त (blood) की अम्लता.
आपके पेट मे अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है.
खट्टी खट्टी डकार आ रही है ! मुंह से पानी निकाल रहा है और अगर ये अम्लता (acidity) और बढ़ जाये तो hyperacidity होगी !
और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अम्लता (blood acidity) होती hai और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता और नलिया मे blockage कर देता है !
तभी heart attack होता है ! इसके बिना heart attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं ! क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!

*इलाज क्या है ??*

वागबट जी लिखते है कि जब रक्त (blood) मे अम्लता (acidity) बढ़ गई है ! तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय है !
आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !
अम्लीय और क्षारीय !!
acidic and alkaline

अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो क्या होता है ?
acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है ?
neutral होता है सब जानते है !!

तो वागबट जी लिखते है
कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (alkaline) चीजे खाओ !
तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी और रक्त मे अम्लता neutral हो गई ! तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं !
ये है सारी कहानी !!

अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो क्षारीय है और हम खाये?

आपके रसोई घर मे ऐसी बहुत सी चीजे है जो क्षारीय है ! जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए और अगर आ गया है !
तो दुबारा न आए !
सबसे ज्यादा आपके घर मे क्षारीय चीज है वह है लौकी ! जिसे दुधी भी कहते है !
English मे इसे कहते है bottle gourd ! जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है !
इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो
या कच्ची लौकी खायो !
वागवतट जी कहते है रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ज्यादा ताकत लौकी मे ही है ! तो आप लौकी के रस का सेवन करे !

*कितना सेवन करे*

रोज 200 से 300 ग्राम पियो !
कब पिये ?
सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद) पी सकते है.
या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते है !
इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते है ! इसमे 7 से 10 पत्ते के तुलसी के डाल लो
तुलसी बहुत क्षारीय है !
इसके साथ आप पुदीने से 7 से 10 पत्ते मिला सकते है. पुदीना बहुत क्षारीय है.
इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले !
ये भी बहुत क्षारीय है !
लेकिन याद रखे नमक काला या सेंधा ही डाले !
वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले !

ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है.

तो मित्रों आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करे 2 से 3 महीने आपकी सारी heart की blockage ठीक कर देगा. 21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा !
कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी !
घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा और आपका अनमोल शरीर और लाखो रुपए आपरेशन के बच जाएँगे और पैसे बच जाये तो किसी गौशाला मे दान कर दे ! डाक्टर को देने से अच्छा है किसी गौशाला दान दे ! हमारी गौ माता बचेगी तो भारत बचेगा !!

*हल्दी का पानी*

पानी में हल्दी मिलाकर पीने से होते है यह 7 फायदें.....

1. गुनगुना हल्दी वाला पानी पीने से दिमाग तेज होता है. सुबह के समय हल्दी का गुनगुना पानी पीने से दिमाग तेज और उर्जावान बनता है.

2. रोज यदि आप हल्दी का पानी पीते हैं तो इससे खून में होने वाली गंदगी साफ होती है और खून जमता भी नहीं है. यह खून साफ करता है और दिल को बीमारियों से भी बचाता है.

3. लीवर की समस्या से परेशान लोगों के लिए हल्दी का पानी किसी औषधि से कम नही है. हल्दी के पानी में टाॅक्सिस लीवर के सेल्स को फिर से ठीक करता है. हल्दी और पानी के मिले हुए गुण लीवर को संक्रमण से भी बचाते हैं.

4. हार्ट की समस्या से परेशान लोगों को हल्दी वाला पानी पीना चाहिए. हल्दी खून को गाढ़ा होने से बचाती है. जिससे हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है.

5. जब हल्दी के पानी में शहद और नींबू मिलाया जाता है तब यह शरीर के अंदर जमे हुए विषैले पदार्थों को निकाल देता है जिसे पीने से शरीर पर बढ़ती हुई उम्र का असर नहीं पड़ता है. हल्दी में फ्री रेडिकल्स होते हैं जो सेहत और सौंदर्य को बढ़ाते हैं.

6. शरीर में किसी भी तरह की सजून हो और वह किसी दवाई से ना ठीक हो रही हो तो आप हल्दी वाला पानी का सेवन करें. हल्दी में करक्यूमिन तत्व होता है जो सूजन और जोड़ों में होने वाले असहय दर्द को ठीक कर देता है. सूजन की अचूक दवा है हल्दी का पानी.

7. कैंसर खत्म करती है हल्दी. हल्दी कैंसर से लड़ती है और उसे बढ़ने से भी रोक देती है. हल्दी एंटी-कैंसर युक्त होती है. यदि आप सप्ताह में तीन दिन हल्दी वाला पानी पीएगें तो आपको भविष्य में कैंसर से हमेशा बचे रहेगें.

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हमारे वेदों के अनुसार स्वस्थ रहने के १५ नियम

१- खाना खाने के १.३० घंटे बाद पानी पीना है .

२- पानी घूँट घूँट करके पीना है जिससे अपनी मुँह की लार पानी के साथ मिलकर पेट में जा सके, पेट में acid बनता है और मुँह में छार, दोनो पेट में बराबर मिल जाए तो कोई रोग पास नहीं आएगा.

३- पानी कभी भी ठंडा (फ़्रीज़ का) नहीं पीना है।

४- सुबह उठते ही बिना क़ुल्ला किए २ ग्लास पानी पीना है ,रात भर जो अपने मुँह में लार है वो अमूल्य है उसको पेट में ही जाना ही चाहिए ।

५- खाना, जितने आपके मुँह में दाँत है उतनी बार ही चबाना है ।

६ -खाना ज़मीन में पलोथी मुद्रा या उखड़ूँ बैठकर ही भोजन करे ।

७ -खाने के मेन्यू में एक दूसरे के विरोधी भोजन एक साथ ना करे जैसे दूध के साथ दही, प्याज़ के साथ दूध, दही के साथ उड़द दlल .

८ -समुद्री नमक की जगह सेंधl नमक या काला नमक खाना चाहिए.

९- रीफ़ाइन तेल, डालडा ज़हर है इसकी जगह अपने इलाक़े के अनुसार सरसों, तिल, मूँगफली, नारियल का तेल उपयोग में लाए । सोयाबीन के कोई भी प्रोडक्ट खाने में ना ले इसके प्रोडक्ट को केवल सुअर पचा सकते है , आदमी में इसके पचाने के एंज़िम नहीं बनते है ।

१०- दोपहर के भोजन के बाद कम से कम ३० मिनट आराम करना चाहिए और शाम के भोजन बाद ५०० क़दम पैदल चलना चाहिए.

११- घर में चीनी (शुगर ) का उपयोग नहीं होना चाहिए क्योंकि चीनी को सफ़ेद करने में १७ तरह के ज़हर (केमिकल ) मिलाने पड़ते है इसकी जगह गुड़ का उपयोग करना चाहिए और आजकल गुड बनाने में कॉस्टिक सोडा (ज़हर) मिलाकर गुड को सफ़ेद किया जाता है इसलिए सफ़ेद गुड ना खाए । प्राकृतिक गुड ही खाये । और प्राकृतिक गुड चोकलेट कलर का होता है।

१२ - सोते समय आपका सिर पूर्व या दक्षिण की तरफ़ होना चाहिए।

१३- घर में कोई भी अलूमिनियम के बर्तन, कुकर नहीं होना चाहिए। हमारे बर्तन मिट्टी, पीतल लोहा, काँसा के होने चाहिए .

१४ -दोपहर का भोजन ११ बजे तक अवम शाम का भोजन सूर्यास्त तक हो जाना चाहिए .

१५- सुबह भोर के समय तक आपको देशी गाय के दूध से बनी छाछ (सेंधl नमक और ज़ीरा बिना भुना हुआ मिलाकर) पीना चाहिए ।
यदि आपने ये नियम अपने जीवन में लागू कर लिए तो आपको डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और देश के ८ लाख करोड़ की बचत होगी । यदि आप बीमार है तो ये नियमों का पालन करने से आपके शरीर के सभी रोग (BP, शुगर ) अगले ३ माह से लेकर १२ माह में ख़त्म हो जाएँगे।

*सर्दियों में उठायें मेथी दानों से भरपूर लाभ*

➡ मेथीदाना उष्ण, वात व कफनाशक, पित्तवर्धक, पाचनशक्ति व बलवर्धक एवं ह्रदय के लिए हितकर है | यह पुष्टिकारक, शक्ति, स्फूर्तिदायक टॉनिक की तरह कार्य करता है | सुबह–शाम इसे पानी के साथ निगलने से पेट को निरोग बनाता है, कब्ज व गैस को दूर करता है | इसकी मूँग के साथ सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं | यह मधुमेह के रोगियों के लिए खूब लाभदायी हैं |
➡ अपनी आयु के जितने वर्ष व्यतीत हो चुके हैं, उतनी संख्या में मेथीदाने रोज धीरे–धीरे चबाना या चूसने से वृद्धावस्था में पैदा होने वाली व्याधियों, जैसे– घुटनों व जोड़ों का दर्द, भूख न लगना, हाथों का सुन्न पड़ जाना, सायटिका, मांसपेशियों का खिंचाव, बार-बार मूत्र आना, चक्कर आना आदि में लाभ होता है | गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भुने मेथी दानों का चूर्ण आटे के साथ मिला के लड्डू बना के खाना लाभकारी है |

*शक्तिवर्धक पेय*

दो चम्मच मेथीदाने एक गिलास पानी में ४–५ घंटे भिगोकर रखें फिर इतना उबालें कि पानी चौथाई रह जाय, इसे छानकर २ चम्मच शहद मिला के पियें
*औषधीय प्रयोग*
1. कब्ज : २० ग्राम मेथीदाने को २०० ग्राम ताजे पानी में भिगो दें. ५-६ घंटे बाद मसल के पीने से मल साफ़ आने लगता है. भूख अच्छी लगने लगती है और पाचन भी ठीक होने लगता है |
2. जोड़ों का दर्द : १०० ग्राम मेथीदाने अधकच्चे भून के दरदरा कूट लें | इसमें २५ ग्राम काला नमक मिलाकर रख लें | २ चम्मच यह मिश्रण सुबह- शाम गुनगुने पानी से फाँकने से जोड़ों, कमर व घुटनों का दर्द, आमवात
(गठिया) का दर्द आदि में लाभ होता है | इससे पेट में गैस भी नहीं बनेगी |
3. पेट के रोगों में : १ से ३ ग्राम मेथीदानों का चूर्ण सुबह, दोपहर व शाम को पानी के साथ लेने से अपच, दस्त, भूख न लगना, अफरा, दर्द आदि तकलीफों में बहुत लाभ होता है |
4. दुर्बलता : १ चम्मच मेथीदानों को घी में भून के सुबह–शाम लेने से रोगजन्य शारीरिक एवं तंत्रिका दुर्बलता दूर होती है |
5. मासिक धर्म में रुकावट : ४ चम्मच मेथीदाने १ गिलास पानी में उबालें | आधा पानी रह जाने पर छानकर गर्म–गर्म ही लेने से मासिक धर्म खुल के होने लगता है |
6. अंगों की जकड़न : भुनी मेथी के आटे में गुड़ की चाशनी मिला के लड्डू बना लें | १–१ लड्डू रोज सुबह खाने से वायु के कारण जकड़े हुए अंग १ सप्ताह में ठीक हो जाते हैं तथा हाथ–पैरों में होने वाला दर्द भी दूर होता है |
7. विशेष : सर्दियों में मेथीपाक, मेथी के लड्डू, मेथीदानों व मूँग–दाल की सब्जी आदि के रूप में इसका सेवन खूब लाभदायी हैं |

*IMPORTANT*

HEART ATTACK &
गर्म पानी पीना

यह भोजन के बाद गर्म पानी पीने के बारे में ही नहीं Heart Attack
के बारे में भी एक अच्छा लेख है। चीनी और जापानी अपने भोजन के बाद गर्म चाय पीते हैं, ठंडा पानी नहीं। अब हमें भी उनकी यह आदत अपना लेनी चाहिए। जो लोग भोजन के बाद ठंडा पानी पीना पसन्द करते हैं यह लेख उनके लिए ही है।

भोजन के साथ कोई ठंडा पेय या पानी पीना बहुत हानिकारक है क्योंकि ठंडा पानी आपके भोजन के तैलीय पदार्थों को जो आपने अभी अभी खाये हैं ठोस रूप में बदल देता है। इससे पाचन बहुत धीमा हो जाता है। जब यह अम्ल के साथ क्रिया करता है तो यह टूट जाता है और जल्दी ही यह ठोस भोजन से भी अधिक तेज़ी से आँतों द्वारा सोख लिया जाता है। यह आँतों में एकत्र हो जाता है। फिर जल्दी ही यह चरबी में बदल जाता है और कैंसर के पैदा होने का कारण बनता है।
इसलिए सबसे अच्छा यह है कि भोजन के बाद गर्म सूप या गुनगुना पानी पिया जाये। एक गिलास गुनगुना पानी सोने से ठीक पहले पीना चाहिए। इससे खून के थक्के नहीं बनेंगे और आप हृदयाघात से बचे रहेंगे।
एक हृदय रोग विशेषज्ञ का कहना है कि यदि इस संदेश को पढ़ने वाला प्रत्येक व्यक्ति इसे १० लोगों को भेज दे, तो वह कम से कम एक जान बचा सकता है।
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02/07/2018

भारत के हर डॉक्टर को भेजो ताकि डॉक्टर को भी वीडियो देख कर शर्म आ जाय ।

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