18/09/2026
सरकारी परिसंपत्तियां जनता की धरोहर हैं, इन्हें बेचने से पहले सरकार जवाब दे
उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी परिसंपत्तियों को नीलामी अथवा निजी उपयोग के लिए दिए जाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं। विशेषकर चोपता-दुगलबिट्टा का बंगला, गुप्तकाशी का डाक बंगला और फाटा का डाक बंगला जैसे स्थान केवल भवन नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन व्यवस्था, प्रशासनिक जरूरतों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण संसाधन हैं।
सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन परिसंपत्तियों की नीलामी की आवश्यकता क्यों पड़ी, इनका वर्तमान मूल्यांकन क्या है, नीलामी की प्रक्रिया क्या है और इससे राज्य तथा स्थानीय जनता को दीर्घकाल में क्या लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पहाड़ की महत्वपूर्ण सरकारी परिसंपत्तियों को बेचने के बजाय उनका पारदर्शी तरीके से संरक्षण, आधुनिकीकरण और जनहित में उपयोग किया जाना चाहिए।
जनता की संपत्ति पर जनता को जानकारी मिलना उसका अधिकार है। सरकार को पूरी सूची, मूल्यांकन रिपोर्ट, नीलामी की शर्तें और प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए।
सरकारी संपत्ति किसी सरकार की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की धरोहर है।