17/05/2026
*गो-आधारित प्रशिक्षण शिविर में कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट की प्रशिक्षण*
*“गोसेवा परिवार”* द्वारा आयोजित द्वितीय 25 दिवसीय गो-आधारित प्रशिक्षण शिविर में आज प्रशिक्षण के लिए आए प्रशिक्षणार्थियों को कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट बनाने की व्यावहारिक प्रशिक्षण दी गई। इस दौरान उन्हें वर्मी कम्पोस्ट बेड तैयार करना, जैविक खाद बनाना तथा उसे सही तरीके से उपयोग करना सिखाया गया।
प्रशिक्षकों ने सभी प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया और स्वयं करके दिखाया, ताकि प्रशिक्षणार्थी इसे अच्छी तरह सीख सकें और अपने गाँव तथा गौशालाओं में इसका उपयोग कर सकें। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों और गौशाला से जुड़े लोगों को जैविक एवं गौ-आधारित खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रशिक्षण में सभी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और इसे खेती, मिट्टी की उर्वरता तथा ग्रामीण विकास के लिए बहुत उपयोगी बताया। “गोसेवा परिवार” का यह प्रयास ग्रामीण विकास और प्राकृतिक खेती को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
18/04/2026
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गौशाला में होगी नियुक्ति।
30 दिवसीय
*गोबर-गोमूत्र-उपयोगिता कार्यशाला* (निःशुल्क)
कार्यशाला दिनांक
प्रारंभ 1 मई 2026, सुबह 11 बजे से
समापन 31 मई सुबह 7 बजे
आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026
अधिक जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें
https://forms.gle/wz4XRggWGDiT5Z3r7
आयोजक : गोसेवा परिवार,
प्रशिक्षण स्थान: चाकुलिया, झारखंड
संपर्क सूत्र : परिमल - 7063558925
20/03/2026
*गोसेवा परिवार के चाकुलिया प्रशिक्षण केंद्र में 30 दिवसीय राष्ट्रीय शिविर का गरिमामय समापन, प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान*
गोसेवा परिवार के चाकुलिया प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित 30 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आज अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायक वातावरण में भव्य समापन हुआ। यह शिविर ज्ञान, कौशल, अनुशासन और आत्मनिर्भरता के मूल्यों का सशक्त संगम बनकर उभरा, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य, सतत प्रगति और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान की कामना की गई। प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जो उनके द्वारा अर्जित ज्ञान, कौशल एवं समर्पण का सम्मान है।
पूरे शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने अनुशासन, समर्पण और सीखने की गहरी लगन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें गौ-आधारित आजीविका, प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पाद निर्माण एवं आत्मनिर्भर जीवनशैली के प्रति न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यावहारिक रूप से सक्षम भी बनाया।
यह समापन केवल एक कार्यक्रम का अंत नहीं, बल्कि प्रतिभागियों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है—जहाँ से वे अपने-अपने क्षेत्रों में ज्ञान, संस्कार और स्वावलंबन के संदेश को आगे बढ़ाते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में अग्रसर होंगे।
19/03/2026
*गोसेवा परिवार के चाकुलिया प्रशिक्षण केंद्र में 30 दिवसीय शिविर का भव्य समापन, “मिट्टी सुपोषण अभियान” बना आकर्षण का केंद्र*
गोसेवा परिवार के चाकुलिया प्रशिक्षण केंद्र में संचालित 30 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आज गरिमामय एवं भावपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। इस विशेष अवसर पर “मिट्टी सुपोषण अभियान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे समारोह को एक नई ऊर्जा और उद्देश्य से जोड़ दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न गाँवों से आए किसान अपने-अपने खेतों की मिट्टी साथ लेकर पहुँचे। सभी मिट्टी को एकत्र कर सामूहिक रूप से मिलाया गया और विधिवत पूजन किया गया। यह पूजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भूमि के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उर्वरता बढ़ाने के संकल्प का प्रतीक बना। पूजन के पश्चात इस पवित्र मिश्रित मिट्टी को किसान अपने-अपने खेतों में छिड़केंगे, जिससे मिट्टी की उर्वरता एवं उत्पादकता में वृद्धि होगी।
इस कार्यक्रम में आसपास के गाँवों के किसान भाइयों-बहनों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को जीवंत और प्रेरणादायक बना दिया। पूरे कार्यक्रम में सामूहिकता, परंपरा, विज्ञान और प्रकृति के प्रति सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समापन अवसर पर प्रसाद वितरण किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आत्मीयता और संतोष का भाव और भी प्रबल हुआ। मिट्टी सुपोषण अभियान की कुछ विशेष झलकियाँ (चित्र) आपके साथ साझा की जा रही हैं, जो इस गरिमामय और प्रेरणादायक आयोजन को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं।