28/05/2026
निःशुल्क संग्रहालय भ्रमण हेतु विद्यालय सादर आमंत्रित हैं। अधिक जानकारी हेतु ईमेल: [email protected] पर संपर्क करें।
#𝐄𝐝𝐮𝐜𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥𝐓𝐨𝐮𝐫
Established in 1863 by Col. Abbott
Archaeology section,
Numismatic section,
Art Section
Natural History
28/05/2026
निःशुल्क संग्रहालय भ्रमण हेतु विद्यालय सादर आमंत्रित हैं। अधिक जानकारी हेतु ईमेल: [email protected] पर संपर्क करें।
#𝐄𝐝𝐮𝐜𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥𝐓𝐨𝐮𝐫
28/05/2026
विशिष्ट उपलब्धि-वर्ष 2025-26
माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री जयवीर सिंह जी के निर्देशानुसार, अपर मुख्य सचिव, संस्कृति एवं पर्यटन, श्री अमृत अभिजात जी के मार्गदर्शन एवं डा. सृष्टि धवन जी, निदेशक, उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय के निर्देशन में चलाए गए विद्यालयों के संग्रहालय भ्रमण अभियान के अंतर्गत गत वित्तीय वर्ष में कुल 1054 विद्यालयों के 84602 छात्र-छात्राओं एवं उनके गुरुजनों द्वारा राज्य संग्रहालय, लखनऊ का भ्रमण किया गया।
2024-25 की तुलना में 2025-26 में छात्र-छात्राओं की संख्या में रिकॉर्ड 35% की वृद्धि दर्ज की गई।
25/05/2026
गंगा दशहरा
(ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी)
गंगा
10वीं शती ई.
राज्य संग्रहालय लखनऊ
जीवनदायिनी सदानीरा नदियों को भारतीय संस्कृति में पूजनीय एवं देवी स्वरूपा माना गया है। देवी के रूप में मकरवाहिनी गंगा एवं कूर्मवाहिनी यमुना के पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। शिल्प में इनका अंकन अनेक रूपों में किया गया है। संभवतया प्रथमतया इनकी प्रतिमाओं का निर्माण गुप्त काल में किया गया था। अग्नि पुराण में गंगा का वर्णन कमल एवं कलश धारिणी तथा मकर पर आरूढ़ स्वरूप में किया गया है। मंदिरों की द्वार शाखाओं पर भी गंगा एवं यमुना का अंकन किए जाने की परंपरा रही है। प्रायः कटिहस्त मुद्रा में गंगा के साथ एक उपासिका को भी दर्शाया जाता है। ऋग्वेद, महाभारत, रामायण एवं पुराणों में गंगा को पुण्य सलिला, पाप-नाशिनी, मोक्ष प्रदायिनी, सरित्श्रेष्ठा एवं महानदी कहा गया है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को राजा भगीरथ नदी देवी गंगा को पृथ्वी पर लेकर आए थे। इसी कारण इस तिथि को गंगा दशहरा भी कहा जाता है। भविष्य पुराण एवं स्कंद पुराण में गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस (गंगा दशहरा) की महत्ता का वर्णन प्राप्त होता है।
#गंगा
22/05/2026
सूर्य, उन देवताओं में से हैं, जिनका हम प्रकृति के अंग के रूप में साक्षात अवलोकन कर सकते हैं। स्वास्तिक के रूप में घरों में सूर्य के अंकन की परंपरा वर्तमान में भी विद्यमान है। सूर्य के रथ के सात घोड़े प्रकाश के दृश्य स्पेक्ट्रम (Visible Spectrum) का प्रतिनिधित्व करते हैं। भौतिकी में इसे VIBGYOR के रूप में जाना जाता है। ठीक इसी प्रकार सूर्य प्रतिमाओं में सूर्य के साथ अंकित की जाने वाली ऊषा, सूर्योदय से ठीक पहले के उस समय की द्योतक हैं, जब आसमान में हल्की लालिमा या प्रकाश दिखाई देने लगता है। इस समय को ऊषा काल कहा जाता है। इसी प्रकार प्रत्यूषा, सायं काल में सूर्य की ढलती किरण को कहा जाता है। कुछ वैदिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, 'उषा' और 'प्रत्यूषा' को भगवान सूर्य की दो पत्नियां या उनकी शक्तियां माना जाता हैं। ठीक इसी प्रकार सूर्य के सारथी अरुण के नामानुसार अरुणिमा शब्द है। सूर्य की रथारूढ़ प्रतिमाओं के आलोक में देखें तो आते हुए रथ पर पहले सारथी अरुण दिखाई देते हैं, सूर्य उनके बाद। ठीक इसी प्रकार सूर्य के उदय से पहले अरुण (अरुणिमा/लालिमा) दिखाई देते है।
प्रदर्शित सूर्य प्रतिमा के दोनों हाथों में एक-एक पूर्ण विकसित कमल है। वे एक ऊँचा मुकुट (mukuṭa), मुक्ता-यज्ञोपवीत (mukta-yajnopavita) और अन्य आभूषण धारण किए हुए हैं। प्रतिमा में सूर्य भारतीय शैली की पोशाक धारण किए हैं, यहाँ तक किदेवता को एक साथ घोड़ों के रथ में खड़े सूर्य के परंपरागत जूते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनके बाईं ओर लटकती हुई तलवार दिखाई देती है। पैरों के सामने उनके सारथी अरुण हैं और पीठिका पर सात घोड़े हैं। उनके बगल में खड़े अधीनस्थ देवी/देवताओं में धनुष हाथ में लिए उषा और प्रत्यूषा को देखा जा सकता है। दो परिचारक दण्ड और पिंगल हैं—जिनमें से पूर्व (दण्ड) भाला लिए हुए है और उत्तर (पिंगल) एक कलम और दवात पकड़े हुए है। इन दोनों के पैर भी रथ में छिपे हुए दिखाए गए हैं। प्रतिमा के मूर्तिकार ने सूर्य एवं दंड और पिंगल के पैरों में ऊंचे जूतों के चित्रण से बचने का हर संभव प्रयास किया है।
dk
19/05/2026
राज्य संग्रहालय, लखनऊ में धूमधाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
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माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, श्री जयवीर सिंह जी ने किया नवनिर्मित मूर्तिकला दीर्घा का लोकार्पण और 'आदियोगी शिव' टेक्सटाइल प्रदर्शनी का उद्घाटन।
प्रदेश के सभी राजकीय संग्रहालयों में 30 जून तक दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क।
संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित स्कूली प्रश्नोत्तरी, निबंध प्रतियोगिता तथा विश्वविद्यालय स्तरीय कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिता के सफल और विजेता प्रतिभागियों को माननीय मंत्री जी ने पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में प्रो. मांडवी सिंह जी, कुलपति, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, प्रो. राजीव नयन, संकायाध्यक्ष, दृश्य कला विभाग, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, सुश्री संगीता गुप्ता, आर्टिस्ट की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर श्री संजय कुमार सिंह, विशेष सचिव, संस्कृति विभाग, उ०प्र० शासन, राज्य अभिलेखागार के निदेशक श्री अमित अग्निहोत्री, संस्कृति निदेशालय के सहायक निदेशक श्री तुहिन द्विवेदी एवं सुश्री रीनू रंगभारती सहित भारी संख्या में कलाप्रेमी, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में डा. सृष्टि धवन, निदेशक, उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के विषय व महत्व की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मीनाक्षी खेमका, सहायक निदेशक द्वारा किया गया। समारोह के समापन पर डॉ. विनय कुमार सिंह, निदेशक, राज्य संग्रहालय लखनऊ ने मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य अतिथियों और आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
17/05/2026
Invitation
Date 19/05/2026
State Museum, Lucknow
17/05/2026
International Museum Day is celebrated every year on 18 May to highlight the importance of museums in preserving history, culture, art, and heritage for future generations. Organized by the International Council of Museums, this day encourages people to explore museums as centers of education, cultural exchange, and social harmony. Museums play a vital role in connecting communities with their rich past and inspiring awareness about heritage conservation and cultural diversity.
Best wishes on International Museum Day.
14/05/2026
राज्य संग्रहालय, लखनऊ एवं लोक कला संग्रहालय, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में विविध विद्यालयों में आयोजित की जा रही प्रतियोगिताओं की श्रृंखला के तृतीय दिवस आज दिनांक 14 मई, 2026 को महात्मा बुद्ध इंटर कॉलेज, अलीगंज, लखनऊ में निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में 50 छात्राओं द्वारा प्रतिभागिता की गई।
14/05/2026
माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री जयवीर सिंह जी के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सभी राजकीय संग्रहालयों में दिनांक 15 मई, 2026 से 30 जून, 2026 तक प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
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आइए इस अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर निकटस्थ राजकीय संग्रहालयों का निःशुल्क भ्रमण कर अपने गौरवशाली अतीत से साक्षात्कार करें।