06/04/2026
राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम (NFDP)
सरकार को मछली पालन योजनाओं से लाभ उठाएं
* आज हीं अपना NFDP पंजीकरण करवाएं!
* सरकारी योजनाओं पर लाभ
* रोजगार एवं रोज़गार के अवसर
* फिशिंग व नौका के लिए वित्तीय सहायता
* आधुनिक तकनीक एवं प्रशिक्षण
* मत्स्य पालकों के लिए बीमा सुरक्षा
NFDP पंजीकरण |
अपने नज़दीकी CSC केंद्र पर संपर्क करें
05/04/2026
मछुआरों और मछली पालकों की बाजार तक बढ़ेगी पहुंच.
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से मछली पालन में बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी.
पंजीकरण के लिए, यहां जाएं: https://nfdp.dof.gov.in/nfdp/ #/registration
अन्य प्रश्नों के लिए, 14599 पर कॉल करें और [email protected] पर लिखें.
31/03/2026
समाचार पत्रों के माध्यम से मत्स्य विभाग की योजनाए
29/03/2026
एक्वाकल्चर बीमा से मछुआरों को सुरक्षा
NFDP पर आसान आवेदन 40% तक प्रीमियम सहायता और DBT से सीधा लाभ।
23/03/2026
समाचार पत्रों के माध्यम से
21/03/2026
अब जनजातीय लाभार्थी
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) के तहत मत्स्य पालन और जलकृषि गतिविधियों के लिए 90% तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
19/03/2026
जलीय कृषि सुरक्षित करें जलीय कृषि बीमा पीएम-एमकेएसएसवाई के तहत
प्रधानमंत्री - मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना
एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में ₹ 1,00,000 तक प्राप्त करें
जलकृषि बीमा की खरीद पर किसान को डीबीटी के माध्यम एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में सहायता का स्वरूप
जलीय कृषि फार्म
प्रोत्साहन : प्रीमियम की लागत का 40%
( अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए अतिरिक्त 10% प्रोत्साहन)
सीमा: जल प्रसार क्षेत्र के लिए ₹25,000 प्रति हेक्टेयर
अधिकतम प्रोत्साहन : 4 हेक्टेयर तक के लिए ₹1,00,000
एक हेक्टेयर से कम फार्म प्रो-राटा आधार पर प्रोत्साहन का भुगतान किया गया
गहन जलीय कृषि फार्म
प्रोत्साहन : प्रीमियम की लागत का 40%
( अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए अतिरिक्त 10% प्रोत्साहन)
कल्चर के प्रकार : केज कल्चर, आरएएस (RAS), बायो-फ्लॉक, रेसवे आदि
अधिकतम प्रोत्साहन: ₹1,00,000
पात्र अधिकतम इकाई आकार: 1800 m²
बीमा कंपनियों द्वारा प्रदान किया जाने वाला कवरेज
मूल बीमा :
सभी प्राकृतिक आपदाओं, दंगों एवं तृतीय पक्षों के दुर्भावनापूर्ण कृत्यों से होने
वाले नुकसान कवर किए जाते हैं (पॉलिसी की शर्तों के अनुसार)
व्यापक बीमा :
मूल बीमा के अंतर्गत कवर जोखिमों के साथ-साथ रोग आदि से होने वाले
अतिरिक्त जोखिम भी शामिल हैं (पॉलिसी की शर्तों के अनुसार)
15/03/2026
Fishermen Welfare Fund Scheme
Agra & Aligarh Divisions
30 Fish Farmers & 2 Departmental Officials
Five-Day Exposure Visit Program
Organized in Collaboration with
Central Institute of Brackishwater Aquaculture (CIBA)
Chennai, Tamil Nadu
ICAR-CIBA MUTTUKADU EXPERIMENTAL STATION
Five-Day Exposure Visit Program
Held from : 08th March, 2026 to 16th March, 2026
Key Activities
* Scientific Training on
* Shrimp & Brackishwater Fish Farming
* Visit to Fish Grow-Out Tanks & Aeration Systems
* Fish Feed Plant & Quality Feed Production
* Field Visit - Shrimp/Milkfish/Mullet/Seabass (Bhetki) Farms
* Colorful Fish Unit & Fish Market Visit
Program Successfully Completed
14/03/2026
जलीय कृषि किसानों के लिए खुशखबरी!
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना
जलीय कृषि बीमा
किसानों को अप्रत्याशित नुकसान सें सुरक्षा
मुख्य विशेषताएं:
* वीमा प्रीषियम पर 40% तक वन-टाइम इलंटिव (OTI)
* SC/ST एवं महिला किसानों को अविरिक्त 10% प्रोत्साहन
* अधिकतम ₹1,00,000 तक DBT के माध्यम से सहायता
* प्रति ठेवटेयर जल क्षेत्र पर ₹25,000 तक प्रोत्साहन
* केज कल्चर, RAS, वायो-पलॉक, रेसये आदि शामिल
* प्राकृतिक आपदाएं, रोग, प्रदुप्राण, वाढ़, चक्रवात आदि नोखिमों से कवरेज
07/03/2026
निषाद राज बोट योजना के लाभार्थियों को वितरित की गई नाव
घाघराघाट में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निषाद राज बोट योजना के तहत मछुआरों को नावें वितरित की गई। इस दौरान लाभार्थियों को सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
04/03/2026
मत्स्य क्षेत्र में 30 कंपनियां करेंगी 1400 करोड़ का निवेश
बाराबंकी, अमेठी और वाराणसी समेत कई जिलों में लगेंगे फिश प्लांट, दो हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार
01/03/2026
विगत दो दिनों 27 व 28 फरवरी 2026, से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मा. मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से तथा मा. मंत्री जी डॉ. संजय कुमार निषाद जी के मार्गदर्शन में लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो 2026 का कल 28 फरवरी 2026 को महानिदेशक मत्स्य श्रीमती धनलक्ष्मी के. की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
दोनों दिन कार्यक्रम में भारी जनसैलाब रहा । 27–28 फरवरी को आयोजित इस महोत्सव में प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 5000 मत्स्य पालकों, हितग्राहियों, उद्यमियों, निवेशकों एवं वैज्ञानिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन एवं निवेश संभावनाओं को सशक्त मंच प्रदान किया गया।
महोत्सव के दौरान मत्स्य विभाग द्वारा आयोजित विशेष निवेशक बैठक में लगभग 1250 करोड़ रुपये के निवेश का आश्वासन भी प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 1400 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 8 सत्र आयोजित किए गए, उत्पादन वृद्धि के उपायों पर विस्तृत संवाद किया। जिसमे विभिन्न राज्यों के विशेषज्ञ असम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, बिहार एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे थे।
कार्यक्रम के दोनों दिन लगभग 50 प्रतिष्ठित स्टॉल कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए, जिनमें आधुनिक उपकरण, फीड, हैचरी तकनीक, प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। बैनर, पोस्टर, स्टैंडी, हैंडबिल, ब्रोशर, पम्पलेट, एलसीडी प्रोजेक्टर एवं पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम का वेबकास्टिंग एवं यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सीधा प्रसारण किया गया, जिससे हजारों मत्स्य पालकों एवं उद्यमियों को लाभ मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मा. राज्य मंत्री मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और पंचायती राज भारत सरकार प्रोफेसर एस.पी.सिंह बघेल, मां मत्स्य मंत्री उ.प्र. सरकार, चेयरमैन उ.प्र. मत्स्य विकास निगम लि., श्री रमाकान्त निषाद, चेयरमैन उ.प्र. मत्स्य जीवी सहकारी संघ लि., श्री वीरू साहनी, मा. मुख्यमंत्री उ.प्र. सरकार के मुख्य सलाहकार, श्री अवनीश कुमार अवस्थी, मा. मुख्यमंत्री उ.प्र. सरकार के आर्थिक सलाहकार, श्री के.वी. राजू, मा. मुख्यमंत्री उ.प्र. सरकार के सलाहकार श्री जे.एन.सिंह, अपर मुख्य सचिव मत्स्य पशुपालन एवं दुग्ध विकास श्री मुकेश कुमार मेश्राम, महानिदेशक मत्स्य श्रीमती धनलक्ष्मी के. सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, देश-प्रदेश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
मा. मंत्री जी डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो 2026 कराया गया। मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो 2026 की अभूतपूर्व सफलता एवं प्रदेश में उपलब्ध अपार मत्स्य संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए आगामी दिनों में मा. मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में मीन महाकुंभ का आयोजन कराया जाएगा, जो मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।