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11/11/2025

Jay shree Ram

30/10/2022

*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳*

*💐💐सबसे बड़ा धन💐💐*

एक बार एक शक्तिशाली राजा घने वन में शिकार खेल रहा था। अचानक आकाश में बादल छा गए और मूसलाधार वर्षा होने लगी। सूर्य अस्त हो गया और धीरे-धीरे अँधेरा छाने लगा। अँधेरे में राजा अपने महल का रास्ता भूल गया और सिपाहियों से अलग हो गया। भूख प्यास और थकावट से व्याकुल राजा जंगल के किनारे एक टीले पर बैठ गया। थोड़ी देर बाद उसने वहाँ तीन बालकों को देखा।

तीनों बालक अच्छे मित्र थे। वे गाँव की ओर जा रहे थे। सुनो बच्चों! ‘जरा यहाँ आओ।’ राजा ने उन्हें बुलाया। बालक जब वहाँ पहुंचे तो राजा ने उनसे पूछा – ‘क्या कहीं से थोड़ा भोजन और जल मिलेगा?’ मैं बहुत प्यासा हूँ और भूख भी बहुत लगी है।

बालकों ने उत्तर दिया – ‘अवश्य ‘। हम घर जा कर अभी कुछ ले आते है। वे गाँव की ओर भागे और तुरंत जल और भोजन ले आये। राजा बच्चों के उत्साह और प्रेम को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ।

राजा बोला – “प्यारे बच्चों! तुम लोग जीवन में क्या करना चाहते हो? मैं तुम सब की सहायता करना चाहता हूँ।”

कुछ देर सोचने के बाद एक बालक बोला – ‘ मुझे धन चाहिए। मैंने कभी दो समय की रोटी नहीं खायी है। कभी सुन्दर वस्त्र नहीं पहने है इसलिए मुझे केवल धन चाहिए। राजा मुस्कुरा कर बोले – ठीक है। मैं तुम्हें इतना धन दूँगा कि जीवन भर सुखी रहोगे। यह शब्द सुनते ही बालकों की ख़ुशी का ठिकाना न रहा।

दूसरे बालक ने बड़े उत्साह से पूछा – “क्या आप मुझे एक बड़ा-सा बँगला और घोड़ागाड़ी देंगे?’ राजा ने कहा – अगर तुम्हे यही चाहिए तो तुम्हारी इच्छा भी पूरी हो जाएगी।

तीसरे बालक ने कहा – “मुझे न धन चाहिए न ही बंगला-गाड़ी। मुझे तो आप ऐसा आशीर्वाद दीजिए जिससे मैं पढ़-लिखकर विद्वान बन सकूँ और शिक्षा समाप्त होने पर मैं अपने देश की सेवा कर सकूँ। तीसरे बालक की इच्छा सुनकर राजा बहुत प्रभावित हुआ। उसने उसके लिए उत्तम शिक्षा का प्रबंध किया। वह परिश्रमी बालक था इसलिए दिन-रात एक करके उसने पढाई की और बहुत बड़ा विद्वान बन गया और समय आने पर राजा ने उसे अपने राज्य में मंत्री पद पर नियुक्त कर लिया।

एक दिन अचानक राजा को वर्षों पहले घटी उस घटना की याद आई। उन्होंने मंत्री से कहा, ” वर्षों पहले तुम्हारे साथ जो दो और बालक थे, अब उनका क्या हाल-चाल है… मैं चाहता हूँ की एक बार फिर मैं एक साथ तुम तीनो से मिलूं, अतः कल अपने उन दोनों मित्रों को भोजन पर आमंत्रित कर लो।”

मंत्री ने दोनों को संदेशा भिजवा दिया और अगले दिन सभी एक साथ राजा के सामने उपस्थित हो गए।

‘आज तुम तीनो को एक बार फिर साथ देखकर मैं बहुत प्रसन्न हूँ। इनके बारे में तो मैं जानता हूँ…पर तुम दोनों अपने बारे में बताओ। “, राजा ने मंत्री के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा।

जिस बालक ने धन माँगा था वह दुखी होते हुए बोला, “राजा साहब, मैंने उस दिन आपसे धन मांग कर बड़ी गलती की। इतना सारा धन पाकर मैं आलसी बन गया और बहुत सारा धन बेकार की चीजों में खर्च कर दिया, मेरा बहुत सा धन चोरी भी हो गया ….और कुछ एक वर्षों में ही मैं वापस उसी स्थिति में पहुँच गया जिसमे आपने मुझे देखा था।”

बंगला-गाडी मांगने वाले बालक भी अपना रोना रोने लगा, ” महाराज, मैं बड़े ठाट से अपने बंगले में रह रहा था, पर वर्षों पहले आई बाढ़ में मेरा सबकुछ बर्वाद हो गया और मैं भी अपने पहले जैसी स्थिति में पहुँच गया।

उनकी बातें सुनने के बाद राजा बोले, ” इस बात को अच्छी तरह गाँठ बाँध लो धन-संपदा सदा हमारे पास नहीं रहते पर ज्ञान जीवन-भर मनुष्य के काम आता है और उसे कोई चुरा भी नहीं सकता। शिक्षा ही मानव को विद्वान और बड़ा आदमी बनाती है, इसलिए सबसे बड़ा धन “विद्या” ही है

🙏🙏🙏🙏🌳🌳🌳🙏🙏🙏🙏🙏

19/02/2022

बहुत साल बाद दो दोस्त रास्ते में मिले .
धनवान दोस्त ने
उसकी आलिशान
गाड़ी पार्क की और गरीब मित्र से बोला
चल इस गार्डन में बेठकर बात करते है . चलते चलते अमीर दोस्त ने गरीब
दोस्त से
कहा
तेरे में और मेरे में बहुत फर्क है . हम दोनों साथ में पढ़े साथ में बड़े हुए
मै कहा पहुच गया और तू कहा रह गया ?
चलते चलते गरीब दोस्त अचानक
रुक गया .
अमीर दोस्त ने पूछा क्या हुआ ? गरीब दोस्त ने कहा तुझे कुछ आवाज
सुनाई
दी?
अमीर दोस्त पीछे मुड़ा और पांच
का सिक्का उठाकर बोला
ये तो मेरी जेब से गिरा पांच के सिक्के
की आवाज़ थी।
गरीब दोस्त एक कांटे के छोटे से पोधे
की तरफ गया
जिसमे एक तितली पंख फडफडा रही थी .
गरीब दोस्त ने उस तितली को धीरे से
बहार निकल और आकाश में आज़ाद कर
दिया .
अमीर दोस्त ने आतुरता से पुछा तुझे
तितली की आवाज़ केसे सुनाई दी?
गरीब दोस्त ने नम्रता से कहा "
तेरे में और मुझ में यही फर्क है
तुझे "धन" की सुनाई दी और मुझे "मन"
की आवाज़ सुनाई दी .
"यही सच है "

("" MAN"" )

17/02/2022

*कविता*
चर्चों से चिठ्ठी निकल पड़ी,
मस्जिद का फतवा बोल रहा।
यदि मंदिर अब खामोश रहे,
समझो फिर खतरा डोल रहा।
वो देश चलाएं फतवे से,
तुम तेल सूंघते ही रहना।
जब घर में घुसकर मारेंगे,
तब हाथ रगड़ते ही रहना।
वो काल-खण्ड हम याद करें,
जब बंटे हुए थे जाति में।
पराधीन यह देश हुआ,
व घाव मिला था छाती में।
हिन्दू विघटन के कारण हीं,
परतन्त्र रहे हम सदियों तक।
अगर अभी न हम चेते,
फिर करो तैयारी जन्मों तक।
परिदृश्य वही फिर आज यहां,
सबको मिलकर चलना होगा।
नहीं जातिवाद, अब राष्ट्रवाद,
की धारा में ही बहना होगा।
एकत्र हो रहे फ्यूज बल्ब,
सूरज को दिया दिखाने को।
नहीं हैं दाने जिनके घर,
वो अम्मा चली भुनाने को।
हुंकार भरें जब एक अरब,
सारी दुनियाँ हिल जाएगी।
चोरों की गठबंधन नीती,
सब धरी पड़ी रह जाएगी।
हम लाखों वीर शहीदों का,
अपमान नहीं कर सकते हैं।
हो उनके सपनों का भारत,
संकल्प तो हम कर सकते हैं।
धन्य देश की है जनता,
सरकार बनाई मोदी की।
औलादें बाहर निकल रहीं,
बाबर खिलजी व लोदी की।
है पीएम की बारात बड़ी,
फिर दूल्हा किसे बनाएंगे।
वो अभी वोट लेकर सबका,
सन अस्सी को दोहराएंगे।
देश की सत्ता गद्दारों को,
नहीं सौंपने अब दूंगा।
मेरे तन में शक्ती जितनी,
सब कुछ अर्पण मैं कर दूंगा।
गठबंधन जाली टोपी का,
सड़कों पर रौंदा जाएगा।
बाइस तो आने दो मित्रों,
फिर घर-घर भगवा छाएगा।
दी आज चुनौती है उनको,
जो चले हैं देश मिटाने को।
हम भी कट्टर हिन्दू ठहरे,
हिन्दू को चले जगाने को।
वो आग से लड़ने है निकला,
अंगारों से अब डरना क्या।
वो शेर है भारत माता का,
गद्दारों से अब डरना क्या।
गठबंधन करके सारे दल,
देश को दलदल कर देंगे।
जो भरा खजाना मोदी ने,
वो लूट के खाली कर देंगे।
है देश तुम्हारे हाथों में,
निज भाग्य तुम्हारे हाथों में।
अब देश की भावी पीढ़ी का,
निर्माण तुम्हारे हाथों में।
चहुँ ओर से फतवा निकल रहा,
क्या अपनी हंसी कराओगे।
बन जायेंगे गीदड़ एक अरब,
क्या फतवा सरकार बनाओगे।
अब बड़ी चुनौती बाइस की,
मिलकर विजयी होना होगा।
नव स्वर्णिम भारत के खातिर,
फिर से हिंदुत्व के प्रतीकों पर गर्व करने वालों को लाना होगा

भारत माता की जय !


*अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाने का कष्ट करें*
🙏🙏🚩🚩🚩

15/02/2022

Heart Touching Story...
एक प्यारे से couple को करीब 10 साल बाद एक बच्ची हुई, वो सभी आपस में
खुश थे, एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे. और बच्ची तो उनकी दुलारी थी.
एक सुबह, जब बच्ची करीब कुछ दो सालो की थी, तो पति ने टेबल पर एक बोतल देखि जिसका ढ़क्कन खुला हुआ था.
वो काम के लिए late हो रहा था. इसलिए उसने पत्नी को बोतल का ढ़क्कन लगाने और उसे अलमारी में रखने के लिए कह कर चला गया.
पत्नी जो की kitchen में अपने काम में busy थी. वो भूल ही गयी. उसका ध्यान
नहीं गया.
छोटी लड़की ने उस बोतल को देखा और खेल खेल में उसके पास जाकर उसे उठा लिया. उसके रंगीन रंग को देख कर खुश होते हुए उससे खेलने लगी. और उसे
पूरा पी गयी… वो बोतल एक दवा की थी,
जो adults के लिए वो भी कम dosages के लिए थी. उस दवा से बच्ची की हालत बहुत ख़राब हो गयी. दवा जहर की तरह असर कर रही थी.
क्योंकि उसका छोटा सा शरीर सह नहीं पा रहा था.. जब उसकी माँ ने यह
देखा तो वो तुरंत उसे अस्पताल ले गयी,
जहाँ उसकी मृत्युहो गयी.. उसकी माँ बहुत ही डर गयी, और सदमे में आ गयी. वो अपने पति का सामना कैसे करेगी.. खबर पाते ही, पति जब आये और
अपनी बच्ची को इस हालत में देखा तो वो सह नहीं पाए, उन्हें दर्द हुआ. उन्होंने
अपनी पत्नी की तरफ नजर उठा के देखा, वो सहमी हुई थी, और कहा, “ मैं तुम्हे बहुत ही ज्यादा चाहता हूँ.”
और पत्नी को गले लगाकर उसे सहारा दिया, अपने बच्चे को खोने के गम में वो बिलख पड़ी… पति के ऐसे reaction की उम्मीद नहीं थी, पर उसके मन में बस
एकबात आई. अगर वो खुद ही बोतल बंद कर देता तो, और अपनी पत्नी, जिसने अभी अभी अपनी मासूम सी बच्ची खोयी है,
उसे दिलासे की जरुरत है, आरोप-प्रत्यारोप से कुछ नहीं होने वाला था… उसने
वो किया जो समय और स्तिथि के अनुरूप था. कई बार हमारे जीवन में भी ऐसे पल आ जाते है, जब हम आसानी से किसी पर अपना काम थोप देते है,
जबकि हम स्वयं ही उन्हें करने के काबिल हैं. हम दूसरो पर
असफ़लता का ठीकरा भी फोड़ देते है. और हम मौके की नज़ाकत
को भी नहीं समझते है.
कितनी ही बार ऐसे मौके आये है, और ऐसा फिर होगा. पर हम उस समय
क्या करते है, ये भविष्य सुनिश्चित करता है… कई बार हमारे अपनों से
भी छोटी छोटी बातो पर हमारे मत भेद हो जाते है. चाहे माफ़ी देना हो,
या माफ़ी लेना.
ये हमारे रिश्तो को मजबूत ही करता है, कमज़ोर नहीं.
अपनों की गलतियों को अगर माफ़ कर दिया जाए,
तो दुनिया में रंगीनिया बढ़ जाएगी और खुशिया भी....
***********************************
पोस्ट अच्छा लगा तो आगे Share कीजिए.......

Jay Shree Ram
02/03/2021

Jay Shree Ram

Jay Shree Ram........
28/02/2021

Jay Shree Ram........

08/06/2020

किसी ने हाथी बनवाएं किसी ने हज हाउस बनवाया..मगर हमारे
योगी महाराज जी ने राम मंदिर बनवाया...
🙏जय जय श्रीराम🙏

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