ज्यादातर म्लेच्छ ये कहते हैं कि उन्होंने 1000 साल तक हिंदुओं पर शासन किया में उन सब को बता देना चाहता हूँ कि 5118 वर्ष पूर्व सम्राट युदिष्ठर ने अंतिम राजसूय यज्ञ करके भारत के अतिरिक्त समस्त भूलोक को जीत लिया था।पूरी पृथ्वी हमारे शासन में आ गयी थी (वैसे तो पूरी पृथ्वी पहले से ही हमारी थी पर कुछ लोग सर उठाते रहते थे जैसे जरासंध आदि)।सभी भारत को स्वेच्छा से कर देते थे।यह स्थित जनमेजय के नागयज्ञ तक रही।उसके बाद किसी ने ऐसा कोई यज्ञ नही किया जिससे सम्पूर्ण धरा एक रहती।फल स्वरूप यह राष्ट्र खंडित होता गया।वेद के ज्ञाता ऋषि मुनि कम होते गए।विश्व का केंद्र भारत नही रहा।सबने अपने आप से वेदों( बिना पढ़े-देखे) की व्याख्या की चाहे वो जरस्थहुत,अरस्तु,सुकरात हों या बुध,ईशा या मुहम्मद लिहाज संसार मे कई मत सम्प्रदाय बन गए।भारत का अधिकार जिसतरह विश्व से हटा वैसे ही भारत मे भी केंद्रीय सत्ता का नाश और विकेंद्रिये सत्ता पर आधारित के राजवंशों,रजवाड़ों का उदय हुवा।उन्ही में से राजा दाहिर और पृथ्वीराज चौहान को जीतने पर मुसलमान चिल्लाते हैं कि हमने भारत पर राज्य किया पर यह भूल जाते हैं कि जो केवल अफगानिस्तान और दिल्ली का शासक है वो पूरे भारत का शासक कैसे हो सकता है।पृथ्वीराज को सभी सम्राट नही मानते थे।पूरा mp, south और कलिंग तथा बंगाल आदि फिर भी आजाद थे और जहां वैदिक धर्म अनुन्यायियों का शासन था।और तो और जीते हुवे प्रदेशों में भी बगावत के बिगुल बजते रहते थे और वहां हिंदुओं का शासन हो काट था।हम लोगों ने कभी भी मुस्लिमों को हमारे ऊपर शासन नही करने दिया जब तक कि अंग्रेज न आ गए और हिंदुओं को दबाने के लिए मुसलमानों को उंचे पद न देने लगे।उसके बाद कि कहानी तो आप सब को मालूम है।वर्तमान में राजसूय यज्ञ सिर्फ मोदी जी कर रहे हैं जिसमे आप सब का सहयोग चाहिये।अगली पोस्ट में उनको प्रमाण के साथ जवाब दूंगा जो महाभारत को केवल कल्पना कहता हैं जी आर्यवर्त।
Laxmanawati Year 1280
Laxmanawati Year 1280 is dedicated to established the real Hindu Glory of Lucknow city.We work on true and on true information with all true evidence.
02/05/2014
02/05/2014
यह गणेश और कमल का निशान है जो राम (रूमी) दरवाजे पर और छोटे नीम बाड़े पर मैन गेट से अंदर आने पर बाई तरफ बना हुआ है ,मुसलमानो के भवन पर यह हिन्दू चिन्ह क्या कर रहा है ?इससे जाहिर होता है की इन्होने बनाया कुछ नहीं बस हमारा कब्जाया है
म्लेच्छों कि येही चाल है कि पहले हमारे घर में घुसेंगे फिर उसे अपना बातएंगे और फिर हमसे खाली करवा लेंगे। वर्त्तमान में येही काश्मीर में चल रहा है और कश्मीर भी हमको इनके रहनुमा पाकिस्तान को देना होगा। पहले इन्होने राम मंदिर को अपनी बाबरी मस्ज़िद बताया फिर उस पर हक़ जताने लगे, वोह तो सिर्फ हिन्दू ही था जिसने ६ दिसम्बर को अपने मंदिर को तोड़ कर सच्चे धर्म निरपेछ होने का सबूत दिया है क्या कोई म्लेच्छ ऐसा कर सकता है। लखनऊ के इमामबाड़े,लछमन टीला और सभी प्राचीन इमारतें हिन्दू वास्तुकला हैं और हिंदुओं कि है जिन्हे राजपूतों ने बनवाया था जिन पर म्लेच्छ कब्ज़ा किये हुवे हैं और उसे अपना कहते हैं। य़ेह हमें वापस लेनी हैं। ज़ै आर्यावर्त
जब मैं मुस्लिम आक्रमणकारी लिखता हूँ तो मेरे मतलब सिर्फ सं १२०० से लेकर सं १८०० के बीच हुवे वेदेशी मुस्लिम आक्रमणकारियों से होता है वर्तमान में जो हमारे मुस्लिम भाई हैं उनसे नहीं क्योंकि यह तो बेचारे तकदीर के मारे वो हिन्दू हैं जिन्हे जोर जबरदस्ती और लालच से भ्रमित करके उपर लिखे समय में इस्लाम कबूल करवाया गया है यह मुझे वैसे ही प्रिय हैं जैसे एक आदमी को उसके दोनों हाथ होते हैं मेरी कोई भी पोस्टिंग इन मेरे भाईयों के विरुद्ध नहीं है इसका आप हमेशा ध्यान रखें और तहेदिल से सत्य को स्वीकार करें ....
The every building which is built before 300 years from today is ancient Hindu structure and built by Hindu Kings whose all records were destroyed by Muslim invaders.But old buildings are self singing their past glory.The all main eveidance were throw in the water of Bawali and many more still are in underground sub ways of Rambada (Im+ambada).Very soon I will put the complete list of buildings and their belongings which may be in Underground...
The One and Only great Man who started work on this brave Issue
https://www.facebook.com/pages/Purushottam-Nagesh-Oak/110951245623212?ref=ts&fref=ts&rf=187078458025058
Purushottam Nagesh Oak Purushottam Nagesh Oak, commonly referred to as P. N. Oak, was an Indian writer, notable for his Hindu-centric brand of historical revisionism. Oak's "Institute for Rewriting Indian History" issued a quarterly periodical called Itihas Patrika in the 1980s.
बहुत कम लोग जानते हैं की लखनऊ को मूल रूप से श्री लछमन ने त्रेता युग में आज से लगभग ९,००,००० साल पूर्व श्री राम के आदेश से बसाया था ,यहाँ से अयोध्या तक एक राजमार्ग और कई छोटी छोटी नगरियाँ बसी थीं.यह सम्पूर्ण सिटी साल १२८० के बाद पूर्ण रूप से मुस्लिम आक्रमणकारियों के हाथ आ गया था,उन लोगों ने कत्ले आम के साथ साथ इस शहर की हिन्दू भवनों को भी लूटा और उनका मुस्लिम नामकरण कर दिया और सभी में कब्रे बना दी जिनसे आने वाले कल में हिन्दू उसे अपना न कह सकें और न ही ब्रिटिश सरकार उन्हे अपना कार्यालय बना सके ,साजिश के तहत हिन्दू भवनों के कई चिन्ह,इतिहास और संस्कृत अभिलेखों को नस्ट कर दिया गया और लखनऊ की जनता के दिमाग में यह बात बिठा दी गयी की मुस्लिमों से पहले लखनऊ का कोई अस्तित्व नहीं था,हमारा प्रयाश है की हम लछमनावती के पुराने गौरव को वापस लायें और कह सकें की लछमन की नगरी में आपका स्वागत है .
My aim and whole remaining life is, to bring back the ancient glory of Laxmanawati and to free it from the Islamic culture because people of Lucknow understand that there was nothing before arrival of Muslims
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Neembada
Lucknow
226001
