30/05/2026
With Cop Sanjay Kanojiya – I'm on a streak! I've been a top fan for 8 months in a row. 🎉
Officer Indian Information Service
30/05/2026
With Cop Sanjay Kanojiya – I'm on a streak! I've been a top fan for 8 months in a row. 🎉
30/05/2026
हिंदी पत्रकारिता दिवस के पावन अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं, संपादकों, संवाददाताओं, मीडिया कर्मियों एवं हिंदी भाषा के संवाहकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
हिंदी पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसारण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने, जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाने तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एक सशक्त संस्था है। हिंदी पत्रकारिता ने सदैव सत्य, निष्पक्षता, नैतिकता और जनसेवा के मूल्यों को अपनाकर समाज को सही दिशा देने का कार्य किया है।
आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं, फिर भी हिंदी पत्रकारिता अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है। पत्रकारों की निष्ठा, साहस और समर्पण लोकतंत्र की मजबूती का आधार है।
इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि पत्रकारिता की गरिमा, विश्वसनीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा सत्य, न्याय और जनहित के पक्ष में अपनी कलम और वाणी को सदैव समर्पित रखेंगे।
पत्रकार बंधुओ से प्रार्थना है कि हिंदी पत्रकारिता निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे, समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बने तथा राष्ट्रहित और मानवता की सेवा में अपनी अमूल्य भूमिका निभाती रहे।
हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई।
"कलम की शक्ति से जन-जन का उत्थान हो,
सत्य और न्याय का सदैव सम्मान हो।
हिंदी पत्रकारिता यूँ ही बढ़ती रहे आगे,
राष्ट्र निर्माण में इसका अमूल्य योगदान हो।"
— सादर शुभकामनाओं सहित
जय सिंह, आईआईएस
वरिष्ठ समाजसेवी एवं कैरियर काउंसलर
उत्तर प्रदेश।
24/05/2026
With Amit Kumar Kanoujiya – I'm on a streak! I've been a top fan for 6 months in a row. 🎉
23/05/2026
अति के बाद क्षति निश्चित है.....
03/05/2026
Thanks for being a top engager and making it on to my weekly engagement list! 🎉 Rita Gautam, Rajesh Kumar Diwakar, Pradeep Yadav, Jitendra Kumar, Govind Kashyap, Sunil Kumar, Vishal Kannaujiya, Usha Kushwaha, Soni Rajak, Punit Sagar, Satyaveer Diwakar, Vishal Prabhakar Vishal Prabhakar, Subhash Kumar Suman, Prem Bhai, Pavan Kumar, Charan Singh, Suresh Rajak, Rahul Chowdhary, Cop Sanjay Kanojiya, Pawan Kumar Kanaujiya, Anchit Prasad Chaudhary, Manoj Diwakr
03/05/2026
02/05/2026
30/04/2026
मेरे दोस्त,,
जंजीर नहीं कटती तो टांगे काट लो,
लंगड़ाकर चलो मगर आजाद चलो...!!
30/04/2026
बुद्ध पूर्णिमा.....
बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि) और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व न केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए, बल्कि समस्त मानव जाति के लिए शांति, प्रेम और करुणा का संदेश लेकर आता है।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व.....
बुद्ध पूर्णिमा वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने संसार को अलविदा कहा। इस दिन का महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह हमें सच्चाई, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। बुद्ध के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।
भगवान बुद्ध का जीवन परिचय.......
भगवान गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था। उनका बचपन का नाम सिद्धार्थ था। उन्होंने संसार के दुखों को देखकर राजमहल का त्याग किया और कठोर तपस्या के बाद बोधगया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन मानव कल्याण और सत्य के प्रचार में समर्पित कर दिया।
बुद्ध पूर्णिमा का उत्सव......
इस दिन लोग मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और बुद्ध की प्रतिमा के सामने दीप जलाते हैं। बौद्ध भिक्षु और अनुयायी ध्यान और प्रार्थना करते हैं। लोग गरीबों को दान देते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। कई स्थानों पर शोभायात्राएं भी निकाली जाती हैं। बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर जैसे पवित्र स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
बुद्ध की शिक्षाएँ......
भगवान बुद्ध ने चार आर्य सत्य और अष्टांग मार्ग का उपदेश दिया। उन्होंने बताया कि जीवन दुखों से भरा है, लेकिन सही मार्ग अपनाकर इन दुखों से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने अहिंसा, करुणा, प्रेम और सहिष्णुता पर जोर दिया। उनके अनुसार मनुष्य को लोभ, क्रोध और मोह से दूर रहना चाहिए।
बुद्ध पूर्णिमा हमें यह सिखाती है कि सच्चा सुख भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि मानसिक शांति और संतोष में है। यह पर्व हमें एक बेहतर इंसान बनने और समाज में शांति तथा सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। हमें भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर एक सुखी और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करना चाहिए।