01/10/2026
आज महानिदेशक- आयुष, श्री जी.एस. प्रियदर्शी जी द्वारा आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी के निदेशकों के साथ प्रदेश में सभी तीनों विधाओं के महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रगति की समीक्षा।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:-
1. महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों में शिक्षकों, चिकित्सकों एवं स्टाफ की नियमित उपस्थिति के लिए सभी कार्मिकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाए।
2. आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी औषधियों का पर्याप्त स्टॉक और नियमित विवरण रखा जाए।
3. ओपीडी, आईपीडी, प्रसव, सर्जरी, पंचकर्म और लैब जांच सेवाओं की मरीजों के लिए निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
4. स्नातक एवं स्नातकोत्तर सीटों की वर्तमान स्थिति में सुधार किया जाए तथा सीटों में वृद्धि के प्रयासों में आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान हो।
5. छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति की समीक्षा कर इसे समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए।
6. आयुष सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
आयुष सेवाओं के सुचारु संचालन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभागीय प्राथमिकता होनी चाहिए
- श्री जी.एस. प्रियदर्शी, महानिदेशक आयुष विभाग उत्तर प्रदेश
Chief Minister Office Uttar Pradesh Government of UP All India Institute of Ayurveda, New Delhi Asian News International (ANI)