AISA - Lucknow University

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Official page of the University of Lucknow (LU) unit of the All India Students Association (AISA).

20/09/2024

Today when Indian Democracy is facing the fascist onslaught of BJP-RSS forces; working class, minorities, farmers and other marginalised groups of Society have been pushed to the margins, we remember the revolutionary legacy of Comrade Chandu on his 60th birth anniversary. Let's resolve to fight for a secular-democratic-egalitarian India, which would be tribute in real sense to memories of Comrade Chandu!!

Laal Salaam Comrade Chandu!!

Photos from AISA - Lucknow University's post 11/09/2024

आज लखनऊ विश्वविद्यालय में शोध छात्रों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी के खिलाफ़ एवं नॉन नेट फेलोशिप के साथ शोध से संबंधित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग के लिए चल रहे आंदोलन पर आगे की रणनीति पर संवाद करने के लिए विश्वविद्यालय के शोध छात्रों के साथ संयुक्त छात्र मोर्चा की बैठक।

संयुक्त छात्र मोर्चा

Photos from AISA - Lucknow University's post 11/09/2024

JNU छात्र संघ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति के खिलाफ़ एवं नॉन नेट फेलोशिप की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।*

इस लड़ाई में JNU छात्र संघ हमारे साथ खड़ा है।

छात्र एकता जिंदाबाद!
हमारी लड़ाई जिंदाबाद!

07/09/2024

वाइस चांसलर ऑफिस के घेराव के साथ शोध छात्रों का प्रदर्शन जारी है।

शोध छात्र अपनी मांगों के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

उनकी मुख्य मांगें:

• बायो मैट्रिक अटेंडेंस वापस लो!

• सभी शोध छात्रों को नॉन नेट फेलोशिप सुनिश्चित करो!

• सभी विभागीय पुस्तकालय/वाचनालय खोले जाएं।

• शोध छात्रों को महत्वपूर्ण पत्रिकाएं/शोध पत्रक उपलब्ध कराए जाय।

• छात्रावास में बेहतर रीडिंग हॉल की व्यवस्था की जाए।

• विभागों एवम छात्रावास में फास्ट वाई फाई इंटरनेट की सुविधा की जाए।

Photos from AISA - Lucknow University's post 08/06/2024

सयुंक्त छात्र मोर्चा, लखनऊ विश्वविद्यालय ने आम चुनावों में लोकतंत्र व संविधान के पक्ष में आए जनादेश का किया स्वागत।

सयुंक्त छात्र मोर्चा संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में आए जनादेश के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय में निकाला मार्च।

आज लखनऊ विश्वविद्यालय में सयुंक्त छात्र मोर्चा द्वारा 2024 के आम चुनाव में इंडिया गठबंधन की सफलता और तानाशाही के खिलाफ संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में आए जनादेश के स्वागत में मार्च कर व एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया गया।

इस मौके पर सयुंक्त छात्र मोर्चा ने कहा कि भारतीय जनता का यह जनादेश नरेन्द्र मोदी सरकार की अथाह तानाशाही के खिलाफ है, चुनाव आयोग समेत तमाम संस्थाओं को नियंत्रित करने के बावजूद इंडिया गठबंधन की उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सफलता आश्वश्तकारी है। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत न मिलना यह दर्शाता है कि देश की जनता मोदी सरकार की वादाखिलाफी और कॉरपरेटपरस्ती से त्रस्त रहीं हैं और अब BJP जनादेश की अवमानना करते हुए सरकार भले बना ले पर मजबूत विपक्ष की सदन से लेकर सड़क तक जबरदस्त उपस्थिति उसे अब और जनविरोधी नीतियां नहीं लागू करने देगी।

सभा को सम्बोधित करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत चंदन ने कहा है कि इस बार के लोकसभा के चुनाव में लोकतंत्र और संविधान की जीत हुई है। और हम लोग उम्मीद करते हैं कि आगामी समय में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की लड़ाई में और मजबूती मिलेगी। लूट, झूठ और नफरत की राजनीति को उत्तर की जनता ने खारिज कर दिया है।

जनादेश का स्वागत करते हुए समाजवादी छात्र-सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र यादव ने कहा कि विषम परिस्थितियों के बीच सम्पन्न हुए आम चुनाव में कैसे उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी-योगी की झूठ, लूट और नफ़रत की राजनीति को सिरे से ख़ारिज किया है। ख़ासकर अयोध्या की जनता ने यह साफ तौर पर संदेश दे दिया है कि इस देश में सांप्रदायिक नफ़रत की राजनीति नहीं चलेगी, बल्कि यह देश PDA के लिए समर्थित सामाजिक न्याय और बाबा साहब के संविधान को लेकर आगे बढ़ेगा।

वहीं AISA के प्रदेश अध्यक्ष आयुष श्रीवास्तव का कहना था कि ― INDIA गठबंधन के इस परिणाम के साथ, छात्रहित और छात्र राजनीति को ध्यान में रखते हुए, लखनऊ का संयुक्त छात्र मोर्चा कैम्पस लोकतंत्र, बेरोज़गारी, झूठे मुक़दमे में फँसाये गए राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए, एकबद्ध हो कर संघर्षरत रहेगा।

NSUI छात्र नेता प्रिंस प्रकाश ने कहा कि, भाजपा जो 400 पार का नारा और संविधान को बदलने की आवाज़ उठा रही थी आज वह अपने दम पर सरकार बनाने में विफल साबित हुई। यह जनमत साफ तौर पर दर्शाता है कि इस देश की जनता ने मोदी और शाह की तानाशाही वाली राजनीति को सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

SFI, BBAU राज्य कमेटी सदस्य अभिषेक का कहना था कि, यह जनादेश लोकतंत्र में जीवन फूंकने वाला जनादेश है। सभी प्रगतिशील छात्र-संगठन इस समय अपनी ज़िम्मेदारी को समझते हुए आने वाले दिनों में देश और समाज के मुद्दों पर होने वाले जनांदोलनों की अग्रिम पंक्ति में रहने की अपनी भूमिका को और मज़बूती से निभाएंगे।

संयुक्त छात्र मोर्चा ने हाल में आए NEET परिणाम और उसमें हुई धांधली को लेकर NTA की घोर निंदा की , जिसने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया है। जिसमें यह माँग की गई कि NEET परीक्षा परिणाम में हुई धांधलेबाज़ी की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता एडवोकेट ज्योति राय का कहना है कि इस बार के चुनाव अंबेडकर, गांधी, फूले, पेरियार और भगत सिंह के विचारो की जीत है। भाजपा की सांप्रदायिक और कॉरपोरेट परस्त राजनीति को जनता ने खारिज कर दिया है।

इस मौके पर समाजवादी छात्र-सभा से धीरज दार्शनिक, अतुल शुक्ला, हरीश रावत हेम सिंह , तौक़ील ग़ाज़ी, नवनीत, इरफ़ान खान उदित मिश्रा मोहन शुक्ला, गौरव यादव, अभिनंदन, गोविन्द यादव, त्रिभुवन सिंह, प्रेम प्रकाश , NSUI से प्रिंस, अहमद रज़ा, शुभम खरवार, उत्कर्ष मिश्रा, AISA से निखिल राज, हर्षवर्धन, समर, शिवेन्द्र, पंकज विश्वजीत अर्पित, अंकित , तुषार, SFI से अभिषेक व अखिलेश यादव, मुकेश आनन्द, कुमार वीरेन्द्र एवं विश्वविद्यालय के अन्य सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।

द्वारा जारी
संयुक्त छात्र मोर्चा, लखनऊ

Photos from AISA - Lucknow University's post 07/06/2024

सयुंक्त छात्र मोर्चा, लखनऊ विश्वविद्यालय ने आम चुनावों में लोकतंत्र व संविधान के पक्ष में आए जनादेश का किया स्वागत।

सयुंक्त छात्र मोर्चा संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में आए जनादेश के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय में निकालेगा मार्च।

आज लखनऊ विश्वविद्यालय में सयुंक्त छात्र मोर्चा द्वारा 2024 के आम चुनाव में इंडिया गठबंधन की सफलता और तानाशाही के खिलाफ संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में आए जनादेश का स्वागत किया गया।

इस मौके पर सयुंक्त छात्र मोर्चा ने कहा कि भारतीय जनता का यह जनादेश नरेन्द्र मोदी सरकार की अथाह तानाशाही के खिलाफ हैं, चुनाव आयोग समेत तमाम संस्थाओं को नियंत्रित करने के बावजूद इंडिया गठबंधन की उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सफलता आश्वश्तकारी हैं। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत न मिलना यह दर्शाता हैं कि देश की जनता मोदी सरकार की वादाखिलाफी और कॉरपरेटपरस्ती से त्रस्त रहीं हैं और अब BJP जनादेश की अवमानना करते हुए सरकार भले बना लें पर मजबूत विपक्ष की सदन से लेकर सड़क तक जबरदस्त उपस्थिति उसे अब और जनविरोधी नीतियां नहीं लागू करने देगी।

कल दिनांक 08 जून को विश्वविद्यालय के गेट नम्बर-1, भगत सिंह प्रतिमा से अम्बेडकर पार्क होते हुए गाँधी प्रतिमा तक मार्च करने एवं सभा के आयोजन का निर्णय लिया गया है।

जनादेश का स्वागत करते हुए, समाजवादी छात्र-सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र यादव ने कहा ― कि विषम परिस्थितियों के बीच सम्पन्न हुए आम चुनाव में कैसे उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी-योगी की झूठ, लूट और नफ़रत की राजनीति को सिरे से ख़ारिज किया है। ख़ासकर अयोध्या की जनता ने यह साफ तौर पर संदेश दे दिया है कि इस देश में सांप्रदायिक नफ़रत की राजनीति नहीं चलेगी, बल्कि यह देश PDA के लिए समर्थित सामाजिक न्याय और बाबा साहब के संविधान को ले कर आगे बढ़ेगा।

वहीं AISA के प्रदेश अध्यक्ष आयुष श्रीवास्तव का कहना था कि ― INDIA गठबंधन के इस परिणाम के साथ, छात्रहित और छात्र राजनीति को ध्यान में रखते हुए, लखनऊ का संयुक्त छात्र मोर्चा कैम्पस लोकतंत्र, बेरोज़गारी, झूठे मुक़दमे में फँसाये गए राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए, एकबद्ध हो कर संघर्षरत रहेगा।

NSUI छात्र नेता विशाल सिंह ने कहा कि, भाजपा जो 400 पार का नारा और संविधान को बदलने की आवाज़ उठा रही थी आज वह अपने दम पर सरकार बनाने में विफल साबित हुई। यह जनमत साफ तौर पर दर्शाता है कि इस देश की जनता ने मोदी और शाह की तानाशाही वाली राजनीति को सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

SFI, BBAU इकाई सचिव अब्दुल वहाब का कहना था कि, यह जनादेश लोकतंत्र में जीवन फूंकने वाला जनादेश है। सभी प्रगतिशील छात्र-संगठन इस समय अपनी ज़िम्मेदारी को समझते हुए आने वाले दिनों में देश और समाज के मुद्दों पर होने वाले जनांदोलनों की अग्रिम पंक्ति में रहने की अपनी भूमिका को और मज़बूती से निभाएंगे।

संयुक्त छात्र मोर्चा ने सम्पन्न हुई इस बैठक में हाल में आए NEET परिणाम और उसमें हुई धांधली को लेकर NTA की घोर निंदा की , जिसने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया है। जिसमें यह माँग की गई कि NEET परीक्षा परिणाम में हुई धांधलेबाज़ी की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।

इस मौके पर समाजवादी छात्र-सभा से धीरज, तौक़ील ग़ाज़ी, नवनीत, इरफ़ान खान, NSUI से प्रिंस, अहमद रज़ा, शुभम खरवार, उत्कर्ष मिश्रा, AISA से निखिल राज, हर्षवर्धन, समर, शिवेन्द्र, पंकज विश्वजीत, तुषार, SFI से अभिषेक व अखिलेश यादव, मुकेश आनन्द, कुमार वीरेन्द्र एवं विश्वविद्यालय के अन्य छात्र मौजूद रहें।

द्वारा जारी
संयुक्त छात्र मोर्चा, लखनऊ

13/05/2024

आज आइसा संयोजक समिति लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा परास्नातक के विभिन्न कोर्स में लिए जा रहे निराधार प्रयोगशाला शुल्क को लेकर कुलसचिव को ज्ञापन दिया गया है।

कुलसचिव महोदय ने यह आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण छात्र हित में किया जाएगा।

Photos from AISA - Lucknow University's post 04/05/2024

Comrades from AISA paid tributes to Com. Atul Kumar 'Anjaan', departed leader of communist movement & former president of Lucknow University Students' Union. Comrade Atul was National secretary of CPI & former GS of AIKS. Popular among youth, he led students' movement in late 70s and served as National President of AISF.

Defeating the current fascist regime of BJP-RSS, that has continuously worked against the interests of farmer & student and deteriorated their future, will be true tribute to Comrade Atul.

07/03/2024

Welcome Back Professor!

After 10 long years of unjust incarceration under false UAPA case, Bombay HC acquits Prof GN Saibaba & others!

Remember Pandu Narote, killed by the UAPA!

Repeal UAPA!
Release All Political Prisoners!

Photos from AISA - Lucknow University's post 15/02/2024

Yogi Adityanath scared to face student activists?

Comrade Nikhil, along with other student activists, have been detained by Lucknow police prior to Yogi Adityanath's program in Lucknow University

Has this become a new norm to detain student activists before Modi & Yogi's program in universities? Why is CM Yogi so scared to face student's question on continuous paper leak in UP?

UP under Yogi Adityanath has established a dangerous trend of violating human rights & suppressing of democratic voice.

We condemn this repressive state action & demand that student activists be immediately released.

-AISA UP

छात्र कार्यकर्ताओं का सामना करने से डरते हैं योगी आदित्यनाथ?

लखनऊ विश्वविद्यालय में योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से पहले कॉमरेड निखिल समेत अन्य छात्र कार्यकर्ताओं को लखनऊ पुलिस ने हिरासत में ले लिया है

क्या विश्वविद्यालयों में मोदी और योगी के कार्यक्रम से पहले छात्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना एक नया नियम बन गया है? यूपी में लगातार पेपर लीक पर छात्रों के सवाल का सामना करने से क्यों डर रहे हैं सीएम योगी?

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने की एक खतरनाक प्रवृत्ति स्थापित की है।

हम राज्य की इस दमनकारी कार्रवाई की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि छात्र कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए।

-आइसा यूपी

Photos from AISA - Lucknow University's post 09/02/2024

RESULT DECLARED!

Around 3000 students participated in Young India Referendum in Lucknow University.

Photos from AISA - Lucknow University's post 09/02/2024

लखनऊ विश्वविद्यालय में बैलट की गिनती शुरू हो गई है।

गिनती के लिए विश्वविद्यालय के शोध छात्रों के साथ एक 5 सदस्यीय समिति बनाई गई है।

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